खड्डी स्कूल के होनहारों का बजा डंका; प्रदीप शुक्ला और दिग्गज नेताओं ने नवाजा! : सफलता का 'शतक' करीब: 12वीं में 97% और 10वीं में 87% रहा स्कूल का दबदबा सीधी। शिक्षा के क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (शा. उ. मा. वि.) खड्डी ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज 16 अप्रैल 2026 को विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य 'छात्र सम्मान समारोह' के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीधी के सहकारिता एवं उद्योग अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश मिश्रा, भाजपा मंडल महामंत्री राजीव पांडेय, जनपद सदस्य एवं जिला मंत्री भाजपा उर्मिला साकेत तथा अभिभावक और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सब-हेडिंग 2: टॉपरों की चमक: ऋषभ और जागृति ने मारी बाजी, नि:शुल्क सायकल पाकर खिले चेहरे इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में ऋषभ सिंह (पिता अशोक सिंह, मौरा) ने कक्षा 10वीं में 91.7% अंक लाकर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 12वीं में जागृति सिंह (पिता मान सिंह) ने 91% अंकों के साथ टॉप किया, जबकि बालक वर्ग में साहिल सिंह (पिता आशीष सिंह) ने 86% अंक हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। सम्मान समारोह के साथ-साथ शासन की कल्याणकारी योजना के तहत कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क सायकल का वितरण भी किया गया। अपनी नई सायकल पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर जो उत्साह दिखा, उसने कार्यक्रम की रौनक दोगुनी कर दी। सब-हेडिंग 3: प्राचार्य की 'रेमेडियल' रणनीति लाई रंग; छुट्टी के दिनों में भी नहीं थमी पढ़ाई इस शानदार सफलता के पीछे संस्था के प्राचार्य धीरेन्द्र कुमार सिंह और उनकी टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्राचार्य के नेतृत्व में न केवल नियमित कक्षाएं चलीं, बल्कि अवकाश के दिनों में भी 'रेमेडियल क्लासेज' का संचालन कर कठिन विषयों की बारीकियां समझाई गईं। प्राचार्य का धमाकेदार वक्तव्य: "हमने अपने शिक्षक साथियों के साथ मिलकर पठन-पाठन का एक मजबूत सिस्टम तैयार किया। जिला शिक्षा अधिकारी सीधी एवं एपीसी रमशा के मार्गदर्शन में हमने अवकाश के दिनों में भी विशेष कक्षाएं लगाईं। इसी कड़ी मेहनत और सटीक मॉनिटरिंग का परिणाम है कि आज हमारे छात्र ऊंचाइयों को छू रहे हैं।" रिपोर्ट: विंध्य बलराम न्यूज
खड्डी स्कूल के होनहारों का बजा डंका; प्रदीप शुक्ला और दिग्गज नेताओं ने नवाजा! : सफलता का 'शतक' करीब: 12वीं में 97% और 10वीं में 87% रहा स्कूल का दबदबा सीधी। शिक्षा के क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (शा. उ. मा. वि.) खड्डी ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज 16 अप्रैल 2026 को विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य 'छात्र सम्मान समारोह' के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीधी के सहकारिता एवं उद्योग अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश मिश्रा, भाजपा मंडल महामंत्री राजीव पांडेय, जनपद सदस्य एवं जिला मंत्री भाजपा उर्मिला साकेत तथा अभिभावक और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सब-हेडिंग 2: टॉपरों की चमक: ऋषभ और जागृति ने मारी बाजी, नि:शुल्क सायकल पाकर खिले चेहरे इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में ऋषभ सिंह (पिता अशोक सिंह, मौरा) ने कक्षा 10वीं में 91.7% अंक लाकर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 12वीं में जागृति सिंह (पिता मान सिंह) ने 91% अंकों के साथ टॉप किया, जबकि बालक वर्ग में साहिल सिंह (पिता आशीष सिंह) ने 86% अंक हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। सम्मान समारोह के साथ-साथ शासन की कल्याणकारी योजना के तहत कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क सायकल का वितरण भी किया गया। अपनी नई सायकल पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर जो उत्साह दिखा, उसने कार्यक्रम की रौनक दोगुनी कर दी। सब-हेडिंग 3: प्राचार्य की 'रेमेडियल' रणनीति लाई रंग; छुट्टी के दिनों में भी नहीं थमी पढ़ाई इस शानदार सफलता के पीछे संस्था के प्राचार्य धीरेन्द्र कुमार सिंह और उनकी टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्राचार्य के नेतृत्व में न केवल नियमित कक्षाएं चलीं, बल्कि अवकाश के दिनों में भी 'रेमेडियल क्लासेज' का संचालन कर कठिन विषयों की बारीकियां समझाई गईं। प्राचार्य का धमाकेदार वक्तव्य: "हमने अपने शिक्षक साथियों के साथ मिलकर पठन-पाठन का एक मजबूत सिस्टम तैयार किया। जिला शिक्षा अधिकारी सीधी एवं एपीसी रमशा के मार्गदर्शन में हमने अवकाश के दिनों में भी विशेष कक्षाएं लगाईं। इसी कड़ी मेहनत और सटीक मॉनिटरिंग का परिणाम है कि आज हमारे छात्र ऊंचाइयों को छू रहे हैं।" रिपोर्ट: विंध्य बलराम न्यूज
- Ham aapko Bata Dena chahte Hain ki Rewa jile ke Rewa gaon mein Bhari barish Hui Hai aur aap log video dekh sakte hain Ole bhi pade Hain pathra1
- Post by Bablu Namdev1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 रेल लाइन के किनारे खड़े बच्चे को गाय द्वारा बचाने का AI-generated वीडियो वायरल सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो में कई ऐसी खामियां हैं जो इसके असली न होने की पुष्टि करती हैं, वीडियो में बारीकी से देखने पर कुछ गड़बड़ियाँ नजर आती हैं, जैसे बच्चे के पैरों का धुंधला दिखना, गाय के पैरों के पास उड़ने वाली धूल का अचानक गायब हो जाना या ट्रेन के डिब्बों की संख्या में विसंगति। सोशल मीडिया पर इसे 'चमत्कार' या 'कुदरत का करिश्मा' बताकर शेयर किया जा रहा है, लेकिन यह कोई वास्तविक घटना नहीं है।1
- सिद्ध पीठ श्री हनुमान मंदिर मार्केट नं 1 के प्रधान राजेश भाटिया जी को Public Media News channel की तरफ से जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 🙏बालाजी महाराज हमेशा अपना आशीर्वाद बनाए रखें !!!....🙏1
- सिंगरौली | मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी सनसनीखेज वारदात सामने आ रही है। कोतवाली थाना क्षेत्र के विंध्यनगर रोड स्थित 'टाइगर इन' होटल के पास बैंक ऑफ महाराष्ट्र में दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। आरोपियों ने बैंक कर्मियों पर कट्टा तानकर उनके साथ मारपीट की और करोड़ों रुपए के कैश व सोने के जेवर लूटकर फरार हो गए। सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी, हवाई फायरिंग की खबर। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है, जिसमें आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से बैंक से बाहर निकलकर बाइक पर सवार होकर भागते नजर आ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लुटेरों की संख्या 4 से 5 थी। बैंक के भीतर दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी बातें: स्थान: विंध्यनगर रोड, टाइगर इन होटल के पास, बैंक ऑफ महाराष्ट्र। वारदात: बंदूक की नोक पर करोड़ों की डकैती। आरोपी: 4 से 5 नकाबपोश बदमाश। पुलिस एक्शन: कोतवाली पुलिस और आला अधिकारी मौके पर, नाकेबंदी जारी। बैंक कर्मियों के साथ की हाथापाई। बताया जा रहा है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे। बैंक में घुसते ही उन्होंने बैंक स्टाफ को हथियार सटा दिया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद स्ट्रांग रूम और कैश काउंटर को अपने कब्जे में लेकर भारी मात्रा में नकदी और बैंक में गिरवी रखी ज्वेलरी समेट ली। पुलिस महकमे में मचा हड़कंप। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूट के बाद सिंगरौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। शहर के सभी एग्जिट पॉइंट्स पर नाकेबंदी कर दी गई है। साइबर सेल और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर साक्ष्य जुटाने में लगी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मध्य प्रदेश पुलिस को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- Post by Md Sarfaraj1
- सीधी। शिक्षा के क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (शा. उ. मा. वि.) खड्डी ने एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहराया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आज 16 अप्रैल 2026 को विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य 'छात्र सम्मान समारोह' के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सीधी के सहकारिता एवं उद्योग अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश मिश्रा, भाजपा मंडल महामंत्री राजीव पांडेय, जनपद सदस्य एवं जिला मंत्री भाजपा उर्मिला साकेत तथा अभिभावक और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। सब-हेडिंग 2: टॉपरों की चमक: ऋषभ और जागृति ने मारी बाजी, नि:शुल्क सायकल पाकर खिले चेहरे इस वर्ष के परीक्षा परिणामों में ऋषभ सिंह (पिता अशोक सिंह, मौरा) ने कक्षा 10वीं में 91.7% अंक लाकर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं कक्षा 12वीं में जागृति सिंह (पिता मान सिंह) ने 91% अंकों के साथ टॉप किया, जबकि बालक वर्ग में साहिल सिंह (पिता आशीष सिंह) ने 86% अंक हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। सम्मान समारोह के साथ-साथ शासन की कल्याणकारी योजना के तहत कक्षा 9वीं के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क सायकल का वितरण भी किया गया। अपनी नई सायकल पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर जो उत्साह दिखा, उसने कार्यक्रम की रौनक दोगुनी कर दी। सब-हेडिंग 3: प्राचार्य की 'रेमेडियल' रणनीति लाई रंग; छुट्टी के दिनों में भी नहीं थमी पढ़ाई इस शानदार सफलता के पीछे संस्था के प्राचार्य धीरेन्द्र कुमार सिंह और उनकी टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्राचार्य के नेतृत्व में न केवल नियमित कक्षाएं चलीं, बल्कि अवकाश के दिनों में भी 'रेमेडियल क्लासेज' का संचालन कर कठिन विषयों की बारीकियां समझाई गईं। प्राचार्य का धमाकेदार वक्तव्य: "हमने अपने शिक्षक साथियों के साथ मिलकर पठन-पाठन का एक मजबूत सिस्टम तैयार किया। जिला शिक्षा अधिकारी सीधी एवं एपीसी रमशा के मार्गदर्शन में हमने अवकाश के दिनों में भी विशेष कक्षाएं लगाईं। इसी कड़ी मेहनत और सटीक मॉनिटरिंग का परिणाम है कि आज हमारे छात्र ऊंचाइयों को छू रहे हैं।" रिपोर्ट: विंध्य बलराम न्यूज1
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- रीवा के संजय गांधी मेमोरियल* *हॉस्पिटल से सामने आई यह खबर *बेहद गंभीर और संवेदनशील है* । बताया जा रहा है कि एक महिला अस्पताल के बाथरूम में पड़ी मिली, लेकिन उसे तत्काल बेड पर भर्ती कराने के बजाय गार्ड द्वारा परिजनों पर दबाव बनाया गया और महिला को “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही गई। ऐसे मामले कई बड़े सवाल खड़े करते हैं: क्या अस्पताल प्रशासन ने समय पर चिकित्सा सहायता दी? गार्ड को इतना अधिकार किसने दिया कि वह मरीज की स्थिति पर फैसला करे? क्या यह मानवीय संवेदनाओं और मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन नहीं है? अगर यह मामला सही है, तो यह सीधे-सीधे लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की श्रेणी में आता है। सरकारी अस्पतालों में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ सिस्टम पर सवाल उठाती हैं, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।। आरोप है कि गार्ड ने महिला को बेड पर भर्ती कराने की जगह उसे “लावारिस” घोषित कर भेजने की बात कही… सोचिए, जहां मरीजों को जीवनदान मिलना चाहिए, वहीं अगर इस तरह का व्यवहार हो, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? सबसे बड़ा सवाल ये है कि— क्या अस्पताल में इंसानियत खत्म हो चुकी है? क्या एक गार्ड अब तय करेगा कि मरीज का इलाज होगा या नहीं? इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है… और क्या पीड़ित महिला को न्याय मिल पाएगा या नहीं…❗ सवाल ये है: क्या अब अस्पतालों में इलाज से ज्यादा “कागजी प्रक्रिया” मायने रखती है? क्या एक गार्ड तय करेगा कि मरीज का क्या होगा? 👉 अगर यह सच है, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत के खिलाफ अपराध है। *प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए*1