भिंड दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग पूर्ण नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड/दतिया। दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड जिले की लहार विधानसभा से सात बार के विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने दतिया जिले में प्रस्तावित निर्वाचन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। डॉ. गोविंद सिंह ने अपने पत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं को बिना किसी दबाव, प्रलोभन या भय के मतदान करने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की है कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या हस्तक्षेप की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके और प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे। डॉ. गोविंद सिंह के इस पत्र को दतिया के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निर्वाचन आयोग इस पत्र पर क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है।
भिंड दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग पूर्ण नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड/दतिया। दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड जिले की लहार विधानसभा से सात बार के विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने दतिया जिले में प्रस्तावित निर्वाचन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। डॉ. गोविंद सिंह ने अपने पत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं को बिना किसी दबाव, प्रलोभन या भय के मतदान करने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की है कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या हस्तक्षेप की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके और प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे। डॉ. गोविंद सिंह के इस पत्र को दतिया के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निर्वाचन आयोग इस पत्र पर क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है।
- सावन में एक माह तक गूंजेगा महामंत्र, कुण्डेश्वर धाम में शुरू हुआ अखंड जाप भिंड। श्रावण मास के शुभ अवसर पर शहर के सिटी कोतवाली के सामने स्थित श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत दयानन्द महाराज नें पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रावण मास के शुभ अवसर पर गुरुवार से एक माह तक चलने वाले 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र अखंड जाप और असंख्ययक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा।आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में 2 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन अखंड महामंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि श्रावण मास में श्रद्धालु परिवार सहित किसी भी समय आकर जाप और संकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी जाप एवं रात्रि जागरण की व्यवस्था की गई है। सोमवार को विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आश्रम समिति ने सभी शिवभक्तों से आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।1
- भिंड दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग पूर्ण नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड/दतिया। दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड जिले की लहार विधानसभा से सात बार के विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने दतिया जिले में प्रस्तावित निर्वाचन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। डॉ. गोविंद सिंह ने अपने पत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं को बिना किसी दबाव, प्रलोभन या भय के मतदान करने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की है कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या हस्तक्षेप की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके और प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे। डॉ. गोविंद सिंह के इस पत्र को दतिया के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निर्वाचन आयोग इस पत्र पर क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है।1
- पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन भिण्ड, 28 जुलाई 2026। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती क्षमा शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया। सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।" उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ— "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण।" सुप्रयास ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और जीवनशैली में परिवर्तन से ही संभव है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, हरित और संतुलित भारत का निर्माण किया जा सकता है।4
- नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट1
- *अखिलेश समझ गए 'वास्तेगुना हुइंया':* बृजभूषण के बेटे ने बनाया 3 करोड़ से दबदबा; सरकारी शादी में बंटे ममता दीदी के गद्दे1
- गुरु पूर्णिमा पर पीएम श्री कन्या विद्यालय में संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं सम्मान समारोह आयोजित दैनिक पुष्पांजलि टुडे मौ (भिंड)गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मौ में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संगीतमय सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं पूज्य परीत बाबा के पूजन-अर्चन से हुआ, जिसे संस्था के प्राचार्य एम.एल. वर्मा ने विधि-विधान से संपन्न कराया। इस अवसर पर पंडित श्याम सुंदर शास्त्री एवं उनकी संगीत मंडली द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ प्रस्तुत किया गया। सुंदरकांड की चौपाइयों एवं भजनों से विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम एवं संकटमोचन हनुमान जी का स्मरण करते हुए धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से स्थानांतरित हुए शिक्षकों का सम्मान एवं भावभीनी विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। अतिथियों एवं विद्यालय परिवार ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान की सराहना की तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।समारोह में नगर के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें दिलासाराम यादव (नेताजी), राम अख्तर सिंह गुर्जर (मंडल अध्यक्ष भाजपा, मौ), रघुवीर सिंह पवैया, उदयभान सिंह यादव, राजू मिश्रा (मंडल उपाध्यक्ष भाजपा, मौ), शैलेंद्र मिश्रा, डॉ. बृजेंद्र सिंह गुर्जर, सतपाल सिंह यादव (दीपू), दिनेश भटेले, विकास पांडे, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, मुकेश कौशल, शीशपाल सिंह यादव, इंद्र सिंह राणा, रवि रजक, संजय गोले, अहिबरान सिंह मारवाड़ी, राजाराम सिंह यादव, सतीश कदम, अशोक किशन, कैप्टन महबूब खान, विनोद सिंह यादव (सोरा), रमेश सिंह चौहान, नरेश सिंह यादव, बृजेश सिंह यादव, बृज नारायण श्रीवास्तव, आलोक सिंह, वीरेंद्र गोयल, संतोष सोनी, कमलेश प्रजापति, नितिन यादव, आकाश वर्मा, अरविंद तोमर, जैतवार सर, अखिलेश सिंह यादव, उमेश कुमार गोयल, करण सहित दोनों विद्यालयों का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- *गुरु पूर्णिमा पर नीलकंठ महादेव मंदिर में हुआ भोले बाबा का भव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं ने किया गुरु वंदन* अषाढ़ शुक्ल की गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर शहर के प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर पर आज आज भोले बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर हजारों भक्तों ने भोले बाबा की पूजा अर्चना कर दर्शन किये। तथा सनातन हिन्दू परम्पराओं के अनुसार मंदिर पर स्थित सिद्ध नेपाली बाबा की प्रतिमा पर गुरु परम्पराओं को मानते हुए उनकी मूर्ति पर पुष्प चढ़ाकर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। तथा उनके सैकड़ों शिष्यों ने नेपाली बाबा की सेवा व उनकी परम्पराओं के आदेशों का कार्य करीब 50 वर्षों से उनके आश्रम से सेवा कर रहे हैं। गुरु बाजपेई जी दादा का चरण स्पर्श कर गुरु दक्षिणा ली। आपकों बताते चलें कि गुरु पूर्णिमा के दिन हिन्दू परम्पराओं के अनुसार श्रृद्धालु मंदिरों व आश्रमों में जाकर अपने गुरुओं का सम्मान करते हैं। क्योंकि गुरु का सम्मान भक्तों के लिए सर्वोपरि है। रजत यादव पत्रकार मो.74171970641
- गुरु पूर्णिमा पर मंदिरों और आश्रमों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जगह-जगह हुए भंडारे भिंड। गुरु पूर्णिमा पर्व पर बुधवार को शहर के मंदिरों,आश्रमों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ गुरु पूजन और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंची। श्रद्धालुओं ने अपने गुरुओं का पूजन-अर्चन कर उनके चित्रों पर माल्यार्पण किया तथा जीवन में सदैव उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ भंडारों का भी आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण की।इटावा रोड स्थित कुण्डेश्वर मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां श्रद्धालुओं ने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं धार्मिक प्रवचनों का आयोजन भी हुआ, जिसमें गुरु की महिमा और भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला गया।शहर के अन्य मंदिरों और आश्रमों में भी दिनभर पूजा-अर्चना, सत्संग और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और समाज में सद्भाव की कामना की। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित भंडारों में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन धार्मिक आस्था और उत्साह का वातावरण बना रहा।3