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सावन में एक माह तक गूंजेगा महामंत्र, कुण्डेश्वर धाम में शुरू हुआ अखंड जाप भिंड। श्रावण मास के शुभ अवसर पर शहर के सिटी कोतवाली के सामने स्थित श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत दयानन्द महाराज नें पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रावण मास के शुभ अवसर पर गुरुवार से एक माह तक चलने वाले 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र अखंड जाप और असंख्ययक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा।आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में 2 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन अखंड महामंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि श्रावण मास में श्रद्धालु परिवार सहित किसी भी समय आकर जाप और संकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी जाप एवं रात्रि जागरण की व्यवस्था की गई है। सोमवार को विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आश्रम समिति ने सभी शिवभक्तों से आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।

3 hrs ago
user_Praveen parihar
Praveen parihar
भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

सावन में एक माह तक गूंजेगा महामंत्र, कुण्डेश्वर धाम में शुरू हुआ अखंड जाप भिंड। श्रावण मास के शुभ अवसर पर शहर के सिटी कोतवाली के सामने स्थित श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत दयानन्द महाराज नें पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रावण मास के शुभ अवसर पर गुरुवार से एक माह तक चलने वाले 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र अखंड जाप और असंख्ययक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा।आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में 2 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन अखंड महामंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि श्रावण मास में श्रद्धालु परिवार सहित किसी भी समय आकर जाप और संकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी जाप एवं रात्रि जागरण की व्यवस्था की गई है। सोमवार को विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आश्रम समिति ने सभी शिवभक्तों से आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।

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  • पण्डोखर सरकार धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न प्रकाशनार्थ / प्रसारार्थ समाचार पण्डोखर सरकार धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की कानमंत्र दीक्षा, देर रात्रि तक चलता रहा गुरुपूजन एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों का क्रम, देश-विदेश से पहुँचे भक्तों ने श्री गुरुशरण जी महाराज का पूजन कर प्राप्त किया आशीर्वाद पण्डोखर (दतिया) - पण्डोखर सरकार धाम के पीठाधीश्वर परम पूज्य त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत श्री गुरुशरण जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में बुधवार को आयोजित श्रीगुरुपूर्णिमा महोत्सव एवं मंत्र दीक्षा समारोह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर देश के अनेक राज्यों एवं अन्य देशों से पहुँचे हजारों श्रद्धालुओं, शिष्यों एवं भक्तों ने अपने सद्गुरुदेव का विधिवत पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं वर्षों से मंत्र दीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हजारों श्रद्धालुओं को श्री गुरुशरण जी महाराज के श्रीमुख से कानमंत्र दीक्षा ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के एक दिन पूर्व से ही पण्डोखर सरकार धाम में देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था। बुधवार को प्रातःकाल से ही धाम परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ने लगी। शाम तक भी दूर-दराज से आने वाले शिष्य एवं भक्त गुरुपूजन, सद्गुरुदेव के दर्शन तथा मंत्र दीक्षा प्राप्त करने के लिए पण्डोखर धाम पहुँचते रहे। पूरे दिन धाम परिसर “जय गुरुदेव” के जयघोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर रहा। श्री गुरुशरण जी महाराज के शिष्य एवं पण्डोखर धाम ट्रस्ट के संस्थापक मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रातः श्री गुरुशरण जी महाराज ने अपने गुरुधाम बरहा पहुँचकर पूज्य श्री हाथीवान जी महाराज का विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात पण्डोखर सरकार धाम पहुँचकर धाम स्थित सभी मंदिरों में विधि-विधान से अभिषेक पूजन एवं विशेष आरती सम्पन्न की गई। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत गुरुपूजन एवं मंत्र दीक्षा कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। पण्डोखर धाम के मुख्य आचार्य पंडित उमाशंकर शास्त्री के निर्देशन में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, अनुष्ठान एवं हवन सम्पन्न कराया गया। मंत्र दीक्षा प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं ने गुरुमंत्र का जप कर वैदिक विधि-विधान के अनुसार हवन में आहुतियाँ अर्पित कीं। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों तथा अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी पण्डोखर धाम पहुँचकर श्री गुरुशरण जी महाराज का पूजन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए ट्रस्टियों, शिष्यों और भक्तों ने भी गुरुपूजन में सहभागिता करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त किया। मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि अनेक श्रद्धालु लंबे समय से गुरु मंत्र दीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे थे। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उन्हें श्री गुरुशरण जी महाराज के श्रीमुख से मंत्र दीक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। दीक्षा प्राप्त करने के बाद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का वातावरण दिखाई दिया। गुरुपूजन एवं मंत्र दीक्षा का क्रम देर रात्रि तक अनवरत जारी रहा। वहीं पण्डोखर सरकार धाम में आयोजित भण्डारा महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं, शिष्यों एवं क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आयोजन के दौरान पण्डोखर धाम परिवार एवं सेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। गुरु पूर्णिमा के इस दिव्य आयोजन ने एक बार फिर भारतीय सनातन संस्कृति की प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा, श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक समर्पण का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत किया। जारीकर्ता : मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) संस्थापक/ सचिव, पण्डोखर धाम ट्रस्ट पण्डोखर (दतिया)  दिनांक : 29 जुलाई 2026
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    पण्डोखर सरकार धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न
प्रकाशनार्थ / प्रसारार्थ समाचार
पण्डोखर सरकार धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की कानमंत्र दीक्षा, देर रात्रि तक चलता रहा गुरुपूजन एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों का क्रम, देश-विदेश से पहुँचे भक्तों ने श्री गुरुशरण जी महाराज का पूजन कर प्राप्त किया आशीर्वाद
पण्डोखर (दतिया) - पण्डोखर सरकार धाम के पीठाधीश्वर परम पूज्य त्रिकालदर्शी गृहस्थ संत श्री गुरुशरण जी महाराज के दिव्य सान्निध्य में बुधवार को आयोजित श्रीगुरुपूर्णिमा महोत्सव एवं मंत्र दीक्षा समारोह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर देश के अनेक राज्यों एवं अन्य देशों से पहुँचे हजारों श्रद्धालुओं, शिष्यों एवं भक्तों ने अपने सद्गुरुदेव का विधिवत पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं वर्षों से मंत्र दीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हजारों श्रद्धालुओं को श्री गुरुशरण जी महाराज के श्रीमुख से कानमंत्र दीक्षा ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के एक दिन पूर्व से ही पण्डोखर सरकार धाम में देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशों से श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था। बुधवार को प्रातःकाल से ही धाम परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ने लगी। शाम तक भी दूर-दराज से आने वाले शिष्य एवं भक्त गुरुपूजन, सद्गुरुदेव के दर्शन तथा मंत्र दीक्षा प्राप्त करने के लिए पण्डोखर धाम पहुँचते रहे। पूरे दिन धाम परिसर “जय गुरुदेव” के जयघोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर रहा।
श्री गुरुशरण जी महाराज के शिष्य एवं पण्डोखर धाम ट्रस्ट के संस्थापक मुकेश कुमार गुप्ता (सागर) ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रातः श्री गुरुशरण जी महाराज ने अपने गुरुधाम बरहा पहुँचकर पूज्य श्री हाथीवान जी महाराज का विशेष पूजन-अर्चन किया। इसके पश्चात पण्डोखर सरकार धाम पहुँचकर धाम स्थित सभी मंदिरों में विधि-विधान से अभिषेक पूजन एवं विशेष आरती सम्पन्न की गई।
उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अंतर्गत गुरुपूजन एवं मंत्र दीक्षा कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया गया। पण्डोखर धाम के मुख्य आचार्य पंडित उमाशंकर शास्त्री के निर्देशन में विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, अनुष्ठान एवं हवन सम्पन्न कराया गया। मंत्र दीक्षा प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं ने गुरुमंत्र का जप कर वैदिक विधि-विधान के अनुसार हवन में आहुतियाँ अर्पित कीं।
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों तथा अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी पण्डोखर धाम पहुँचकर श्री गुरुशरण जी महाराज का पूजन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए ट्रस्टियों, शिष्यों और भक्तों ने भी गुरुपूजन में सहभागिता करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण व्यक्त किया।
मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि अनेक श्रद्धालु लंबे समय से गुरु मंत्र दीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे थे। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उन्हें श्री गुरुशरण जी महाराज के श्रीमुख से मंत्र दीक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। दीक्षा प्राप्त करने के बाद श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का वातावरण दिखाई दिया।
गुरुपूजन एवं मंत्र दीक्षा का क्रम देर रात्रि तक अनवरत जारी रहा। वहीं पण्डोखर सरकार धाम में आयोजित भण्डारा महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं, शिष्यों एवं क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे आयोजन के दौरान पण्डोखर धाम परिवार एवं सेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
गुरु पूर्णिमा के इस दिव्य आयोजन ने एक बार फिर भारतीय सनातन संस्कृति की प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा, श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक समर्पण का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत किया।
जारीकर्ता : मुकेश कुमार गुप्ता (सागर)
संस्थापक/ सचिव,  पण्डोखर धाम ट्रस्ट
पण्डोखर (दतिया) 
दिनांक : 29 जुलाई 2026
    user_विनोद राजपूत
    विनोद राजपूत
    Local News Reporter भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रदेश में बढ़ी बाघों की दहाड़, संरक्षण प्रयासों से लगातार बढ़ रही संख्या भोपाल। मध्यप्रदेश देश में बाघों का सबसे सुरक्षित आवास बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिससे मध्यप्रदेश ने एक बार फिर अपनी पहचान "टाइगर स्टेट" के रूप में मजबूत की है।यह बात टाइगर दिवस पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में माध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ, मोहन यादव नें कहीउन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, शिकार पर प्रभावी रोक लगाने, वन क्षेत्रों का विस्तार करने और बाघों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, वहीं स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी संरक्षण अभियान को मजबूती दे रही है।प्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना और संजय-डुबरी जैसे टाइगर रिजर्व बाघ संरक्षण की सफलता के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। इन प्रयासों से न केवल वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि वन पर्यटन को भी नई गति मिली है। बढ़ती बाघों की संख्या मध्यप्रदेश के समृद्ध वन संसाधनों और प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन का प्रमाण मानी जा रही है। वन विभाग का लक्ष्य भविष्य में भी बाघों के सुरक्षित आवास और जैव विविधता के संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाना है।
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    प्रदेश में बढ़ी बाघों की दहाड़, संरक्षण प्रयासों से लगातार बढ़ रही संख्या
भोपाल। मध्यप्रदेश देश में बाघों का सबसे सुरक्षित आवास बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। प्रदेश में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिससे मध्यप्रदेश ने एक बार फिर अपनी पहचान "टाइगर स्टेट" के रूप में मजबूत की है।यह बात टाइगर दिवस पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में माध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ, मोहन यादव नें कहीउन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, शिकार पर प्रभावी रोक लगाने, वन क्षेत्रों का विस्तार करने और बाघों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, वहीं स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी संरक्षण अभियान को मजबूती दे रही है।प्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना और संजय-डुबरी जैसे टाइगर रिजर्व बाघ संरक्षण की सफलता के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। इन प्रयासों से न केवल वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हुआ है, बल्कि वन पर्यटन को भी नई गति मिली है। बढ़ती बाघों की संख्या मध्यप्रदेश के समृद्ध वन संसाधनों और प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन का प्रमाण मानी जा रही है। वन विभाग का लक्ष्य भविष्य में भी बाघों के सुरक्षित आवास और जैव विविधता के संरक्षण को और अधिक सशक्त बनाना है।
    user_Praveen parihar
    Praveen parihar
    भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भिंड दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग पूर्ण नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड/दतिया। दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र भिंड जिले की लहार विधानसभा से सात बार के विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने दतिया जिले में प्रस्तावित निर्वाचन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है। डॉ. गोविंद सिंह ने अपने पत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं को बिना किसी दबाव, प्रलोभन या भय के मतदान करने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की है कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या हस्तक्षेप की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके और प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे। डॉ. गोविंद सिंह के इस पत्र को दतिया के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निर्वाचन आयोग इस पत्र पर क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है।
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    भिंड 
दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग पूर्ण नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र
भिंड/दतिया।
दतिया में निष्पक्ष चुनाव की मांग, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र
भिंड जिले की लहार विधानसभा से सात बार के विधायक एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने दतिया जिले में प्रस्तावित निर्वाचन को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।
डॉ. गोविंद सिंह ने अपने पत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं को बिना किसी दबाव, प्रलोभन या भय के मतदान करने का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से अपेक्षा की है कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या हस्तक्षेप की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सके और प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे।
डॉ. गोविंद सिंह के इस पत्र को दतिया के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निर्वाचन आयोग इस पत्र पर क्या कदम उठाता है, इस पर राजनीतिक दलों और आम जनता की नजर बनी हुई है।
    user_श्री राम श्री राम
    श्री राम श्री राम
    Voice of people भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन भिण्ड, 28 जुलाई 2026। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती क्षमा शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया। सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।" उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ— "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण।" सुप्रयास ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और जीवनशैली में परिवर्तन से ही संभव है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, हरित और संतुलित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
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    पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण"

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन
"पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण"
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर सुप्रयास का प्रेरक आयोजन
भिण्ड, 28 जुलाई 2026।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती क्षमा शर्मा  ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।
प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया।
सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।"
उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा।
डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ।
इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ—
"पांच महाभूतों का रोकें क्षरण,
तभी होगा प्रकृति संरक्षण।"
सुप्रयास ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रकृति संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और जीवनशैली में परिवर्तन से ही संभव है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, हरित और संतुलित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट
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    नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट 
नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बॉलीवुड स्टार श्री करिश्मा कपूर ने कहा कल्याण ज्वेलर्स के नए शोरूम के उद्घाटन के मौके पर आज यहां पर आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है कल्याण ज्वेलर्स ने उत्तर प्रदेश में बढ़ाया अपना दायरा; इटावा में भव्य शोरूम का किया शुभारंभ नया शोरूम परंपरा और आधुनिक ट्रेंड का एक अनूठा संगम है, जो ग्राहकों को ज्वेलरी खरीदारी का एक बेहतरीन अनुभव प्रदान करेगा इटावा, 29 जुलाई, 2026: भारत की सबसे भरोसेमंद और अग्रणी ज्वेलरी कंपनियों में से एक, कल्याण ज्वेलर्स ने आज इटावा में अपने नए शोरूम का शुभारंभ किया। इसका उद्घाटन बॉलीवुड स्टार सुश्री करिश्मा कपूर द्वारा किया गया। इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और अधिक मज़बूत करने के उद्देश्य से ब्रांड ने यह अगला कदम बढ़ाया है। यह उत्तर प्रदेश में कल्याण ज्वेलर्स का 38वां शोरूम है। यहाँ ग्राहकों को शानदार माहौल के साथ कल्याण ज्वेलर्स की विभिन्न सिग्नेचर ज्वेलरी लाइन्स से डिज़ाइनों का विस्तृत संग्रह मिलेगा। नया शोरूम इस क्षेत्र के लोगों को खरीदारी का एक बेजोड़ और बेहतरीन अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, बॉलीवुड स्टार सुश्री करिश्मा कपूर ने कहा, "कल्याण ज्वेलर्स के नए शोरूम के उद्घाटन के मौके पर आज यहाँ आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। कल्याण ज्वेलर्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है, जिसकी बुनियाद भरोसा, पारदर्शिता और ग्राहकों की संतुष्टि जैसे मज़बूत मूल्यों पर टिकी है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहाँ के लोग कल्याण ज्वेलर्स को ढेर सारा प्यार देंगे। वे न केवल हमारी बेहतरीन सेवाओं की तारीफ करेंगे, बल्कि यहाँ पेश किए गए शानदार ज्वेलरी कलेक्शन्स को भी बेहद पसंद करेंगे।" नए शोरूम के शुभारंभ पर टिप्पणी करते हुए, कल्याण ज्वेलर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, श्री रमेश कल्याणरमन ने कहा, "इटावा में हमारे नए शोरूम की शुरूआत के साथ, हमारा उद्देश्य एक समग्र इकोसिस्टम तैयार करना और अपने ग्राहकों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उनके शॉपिंग अनुभव को बेहतर बनाना है। हम कंपनी के भरोसे और पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों पर कायम रहते हुए, ग्राहकों को विश्व स्तरीय माहौल प्रदान करने और समय के साथ खुद को लगातार अपग्रेड करने की इच्छा रखते हैं।" इस शुभारंभ की ख़ुशी में, कल्याण ज्वेलर्स ने 1 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर 0% मेकिंग चार्ज (वैल्यू एडिशन) की घोषणा की है। इसके साथ ही, मेकिंग चार्ज पर 30% तक की छूट और स्टोन वैल्यू पर 15% तक की छूट* भी दी जा रही है। इन ज्वेलरी खरीदारियों पर 'कल्याण स्पेशल गोल्ड बोर्ड रेट' भी लागू होगा, जो कि बाज़ार में सबसे कम है और कंपनी के सभी शोरूमों में एक समान (स्टैंडर्डाइज्ड) है। ये सभी ऑफर्स केवल एक सीमित अवधि के लिए ही वैध हैं। कल्याण ज्वेलर्स में बेची जाने वाली सभी ज्वेलरी बीआईएस हॉलमार्क प्रमाणित होती है और कई शुद्धता जांचों से गुज़रती है। इसके साथ ही, ग्राहकों को 'कल्याण ज्वेलर्स 4-लेवल एश्योरेंस सर्टिफिकेट' भी मिलेगा, जो शुद्धता, गहनों के मुफ्त लाइफटाइम मेंटेनेंस, उत्पाद की विस्तृत जानकारी, और पारदर्शी एक्सचेंज व बाय-बैक पॉलिसियों की गारंटी देता है। यह सर्टिफिकेशन अपने वफादार ग्राहकों को सबसे बेहतरीन सेवाएं और उत्पाद देने की ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शोरूम में कल्याण ज्वेलर्स के लोकप्रिय हाउस ब्रांड्स भी उपलब्ध होंगे, जिनमें मुहूरत (शादी के शानदार आभूषणों की विशेष श्रेणी), मुद्रा (हाथों से बनी एंटीक ज्वैलरी), निमाह (टेंपल ज्वैलरी), ग्लो (डांसिंग डायमंड्स), ज़िया (सॉलिटेयर जैसे हीरों के आभूषण), अनोखी (अनकट हीरे), अपूर्वा (विशेष अवसरों के लिए हीरों के आभूषण), अंतरा (शादी के लिए हीरों के खास आभूषण), हेरा (हीरे, जिन्हें आप हर दिन पहन सकती हैं), रंग (कीमती रत्नों के आभूषण) और हाल ही में लॉन्च किया गया लीला (रंगीन स्टोन और हीरे के आभूषण) शामिल हैं।
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    वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बॉलीवुड स्टार श्री करिश्मा कपूर ने कहा कल्याण ज्वेलर्स के नए शोरूम के उद्घाटन के मौके पर आज यहां पर आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है
कल्याण ज्वेलर्स ने उत्तर प्रदेश में बढ़ाया अपना दायरा; इटावा में भव्य शोरूम का किया शुभारंभ
नया शोरूम परंपरा और आधुनिक ट्रेंड का एक अनूठा संगम है, जो ग्राहकों को ज्वेलरी खरीदारी का एक बेहतरीन अनुभव प्रदान करेगा 
इटावा, 29 जुलाई, 2026:  भारत की सबसे भरोसेमंद और अग्रणी ज्वेलरी कंपनियों में से एक, कल्याण ज्वेलर्स ने आज इटावा में अपने नए शोरूम का शुभारंभ किया। इसका उद्घाटन बॉलीवुड स्टार सुश्री करिश्मा कपूर द्वारा किया गया। इस क्षेत्र में अपनी  उपस्थिति को और अधिक मज़बूत करने के उद्देश्य से ब्रांड ने यह अगला कदम बढ़ाया है। यह उत्तर प्रदेश में कल्याण ज्वेलर्स का 38वां शोरूम है। यहाँ ग्राहकों को शानदार माहौल के साथ कल्याण ज्वेलर्स की विभिन्न सिग्नेचर ज्वेलरी लाइन्स से डिज़ाइनों का विस्तृत संग्रह मिलेगा। नया शोरूम इस क्षेत्र के लोगों को खरीदारी का एक बेजोड़ और बेहतरीन अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, बॉलीवुड स्टार सुश्री करिश्मा कपूर ने कहा, "कल्याण ज्वेलर्स के नए शोरूम के उद्घाटन के मौके पर आज यहाँ आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। कल्याण ज्वेलर्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है, जिसकी बुनियाद भरोसा, पारदर्शिता और ग्राहकों की संतुष्टि जैसे मज़बूत मूल्यों पर टिकी है। मुझे पूरा विश्वास है कि यहाँ के लोग कल्याण ज्वेलर्स को ढेर सारा प्यार देंगे। वे न केवल हमारी बेहतरीन सेवाओं की तारीफ करेंगे, बल्कि यहाँ पेश किए गए शानदार ज्वेलरी कलेक्शन्स को भी बेहद पसंद करेंगे।"
नए शोरूम के शुभारंभ पर टिप्पणी करते हुए, कल्याण ज्वेलर्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, श्री रमेश कल्याणरमन ने कहा, "इटावा में हमारे नए शोरूम की शुरूआत के साथ, हमारा उद्देश्य एक समग्र इकोसिस्टम तैयार करना और अपने ग्राहकों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उनके शॉपिंग अनुभव को बेहतर बनाना है। हम कंपनी के भरोसे और पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों पर कायम रहते हुए, ग्राहकों को विश्व स्तरीय माहौल प्रदान करने और समय के साथ खुद को लगातार अपग्रेड करने की इच्छा रखते हैं।"
इस शुभारंभ की ख़ुशी में, कल्याण ज्वेलर्स ने 1 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर 0% मेकिंग चार्ज (वैल्यू एडिशन) की घोषणा की है। इसके साथ ही, मेकिंग चार्ज पर 30% तक की छूट और स्टोन वैल्यू पर 15% तक की छूट* भी दी जा रही है। इन ज्वेलरी खरीदारियों पर 'कल्याण स्पेशल गोल्ड बोर्ड रेट' भी लागू होगा, जो कि बाज़ार में सबसे कम है और कंपनी के सभी शोरूमों में एक समान (स्टैंडर्डाइज्ड) है। ये सभी ऑफर्स केवल एक सीमित अवधि के लिए ही वैध हैं। कल्याण ज्वेलर्स में बेची जाने वाली सभी ज्वेलरी बीआईएस हॉलमार्क प्रमाणित होती है और कई शुद्धता जांचों से गुज़रती है। इसके साथ ही, ग्राहकों को 'कल्याण ज्वेलर्स 4-लेवल एश्योरेंस सर्टिफिकेट' भी मिलेगा, जो शुद्धता, गहनों के मुफ्त लाइफटाइम मेंटेनेंस, उत्पाद की विस्तृत जानकारी, और पारदर्शी एक्सचेंज व बाय-बैक पॉलिसियों की गारंटी देता है। यह सर्टिफिकेशन अपने वफादार ग्राहकों को सबसे बेहतरीन सेवाएं और उत्पाद देने की ब्रांड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शोरूम में कल्याण ज्वेलर्स के लोकप्रिय हाउस ब्रांड्स भी उपलब्ध होंगे, जिनमें मुहूरत (शादी के शानदार आभूषणों की विशेष श्रेणी), मुद्रा (हाथों से बनी एंटीक ज्वैलरी), निमाह (टेंपल ज्वैलरी), ग्लो (डांसिंग डायमंड्स), ज़िया (सॉलिटेयर जैसे हीरों के आभूषण), अनोखी (अनकट हीरे), अपूर्वा (विशेष अवसरों के लिए हीरों के आभूषण), अंतरा (शादी के लिए हीरों के खास आभूषण), हेरा (हीरे, जिन्हें आप हर दिन पहन सकती हैं), रंग (कीमती रत्नों के आभूषण) और हाल ही में लॉन्च किया गया लीला (रंगीन स्टोन और हीरे के आभूषण) शामिल हैं।
    user_शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    शिवा ठाकुर जिला अध्यक्ष
    Animal rescue service इटावा, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उप्र
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    दलीप नगर मढैयन तहसील चकर नगर इटावा उप्र
    user_Shuru User, satendra kevat
    Shuru User, satendra kevat
    Farmer चाकरनागर, इटावा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सावन में एक माह तक गूंजेगा महामंत्र, कुण्डेश्वर धाम में शुरू हुआ अखंड जाप भिंड। श्रावण मास के शुभ अवसर पर शहर के सिटी कोतवाली के सामने स्थित श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत दयानन्द महाराज नें पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रावण मास के शुभ अवसर पर गुरुवार से एक माह तक चलने वाले 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र अखंड जाप और असंख्ययक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा।आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में 2 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन अखंड महामंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि श्रावण मास में श्रद्धालु परिवार सहित किसी भी समय आकर जाप और संकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी जाप एवं रात्रि जागरण की व्यवस्था की गई है। सोमवार को विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आश्रम समिति ने सभी शिवभक्तों से आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।
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    सावन में एक माह तक गूंजेगा महामंत्र, कुण्डेश्वर धाम में शुरू हुआ अखंड जाप
भिंड। श्रावण मास के शुभ अवसर पर शहर के सिटी कोतवाली के सामने स्थित श्री कुण्डेश्वर धाम उदासीन आश्रम में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। मंदिर के महंत दयानन्द महाराज नें पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि श्रावण मास के शुभ अवसर पर गुरुवार से एक माह तक चलने वाले 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र अखंड जाप और असंख्ययक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण का शुभारंभ किया जाएगा।आश्रम के महंत दयानंदजी महाराज के सान्निध्य में 2 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रतिदिन अखंड महामंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि श्रावण मास में श्रद्धालु परिवार सहित किसी भी समय आकर जाप और संकीर्तन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए भी जाप एवं रात्रि जागरण की व्यवस्था की गई है। सोमवार को विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना को समर्पित इस आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आश्रम समिति ने सभी शिवभक्तों से आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।
    user_Praveen parihar
    Praveen parihar
    भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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