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नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट

4 hrs ago
user_मुकेश सिंह भदौरिया
मुकेश सिंह भदौरिया
Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट

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  • नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट
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    नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट 
नयागांव थाना क्षेत्र में करंट लगने से बड़ा हादसा की मौत कूलर में काम करते समय लगा करंट
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई से निकलेगी देशभर में कलश यात्रा पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य ने दी जानकारी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई से उत्तरप्रदेश से विशाल कलश यात्रा निकाली जायेगी।जो रथ के माध्यम से देशभर में भ्रमण करेगी। वहीं रथ में रखे हुए कलश का जगह जगह पूजन किया जायेगा। उक्त जानकारी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने मीडिया के माध्यम से दी।जिसका वीडियो भी मंगलवार को लगभग 4 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है
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    गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई से निकलेगी देशभर में कलश यात्रा पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य ने दी जानकारी
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 29 जुलाई से उत्तरप्रदेश से विशाल कलश यात्रा निकाली जायेगी।जो  रथ के माध्यम से देशभर में भ्रमण करेगी। वहीं रथ में रखे हुए कलश का जगह जगह पूजन किया जायेगा। उक्त जानकारी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने मीडिया के माध्यम से दी।जिसका वीडियो भी मंगलवार को लगभग 4 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है
    user_Devendra jain
    Devendra jain
    Local News Reporter गोहद, भिंड, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पोरसा में दूध डेयरियों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, चार प्रतिष्ठानों से 6 दूध के नमूने लिए मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान जारी, जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई पोरसा। मुरैना जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यालय आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्य प्रदेश के निर्देश तथा कलेक्टर मुरैना के मार्गदर्शन में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह परिहार ने पोरसा क्षेत्र की दूध डेयरियों एवं चिलिंग सेंटरों का निरीक्षण कर नमूना संग्रहण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सिद्ध कृपा डेयरी (भिंड रोड) से मिश्रित दूध का एक नमूना, शिवा डेयरी से दो नमूने, श्री श्याम जी डेयरी से दो नमूने तथा ग्राम भदावली निवासी दूध विक्रेता श्यामू सिंह राजावत से एक नमूना लिया गया। इस प्रकार कुल 6 दूध के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों को मानक परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विभाग की चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला एवं मैजिक बॉक्स के माध्यम से मौके पर ही दूध की प्राथमिक जांच भी की गई। साथ ही दूध विक्रेताओं को मिलावट की पहचान करने के सामान्य तरीके बताए गए तथा पंपलेट वितरित कर खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूक किया गया।
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    पोरसा में दूध डेयरियों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, चार प्रतिष्ठानों से 6 दूध के नमूने लिए

मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान जारी, जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
पोरसा। मुरैना जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यालय आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्य प्रदेश के निर्देश तथा कलेक्टर मुरैना के मार्गदर्शन में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह परिहार ने पोरसा क्षेत्र की दूध डेयरियों एवं चिलिंग सेंटरों का निरीक्षण कर नमूना संग्रहण की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान सिद्ध कृपा डेयरी (भिंड रोड) से मिश्रित दूध का एक नमूना, शिवा डेयरी से दो नमूने, श्री श्याम जी डेयरी से दो नमूने तथा ग्राम भदावली निवासी दूध विक्रेता श्यामू सिंह राजावत से एक नमूना लिया गया। इस प्रकार कुल 6 दूध के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों को मानक परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विभाग की चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला एवं मैजिक बॉक्स के माध्यम से मौके पर ही दूध की प्राथमिक जांच भी की गई। साथ ही दूध विक्रेताओं को मिलावट की पहचान करने के सामान्य तरीके बताए गए तथा पंपलेट वितरित कर खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूक किया गया।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पोरसा में हर बुधवार रहेगा साप्ताहिक अवकाश📢,,,,,,,,,,,,, 🛑 नगर पालिका ने मुनादी कर व्यापारियों और नागरिकों को किया जागरूक। ✅ अब प्रत्येक बुधवार नगर की सभी दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखना अनिवार्य होगा। ⚠️ नियम का उल्लंघन करने पर गुमास्ता अधिनियम के तहत जुर्माना एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 🙏 नगर पालिका ने सभी व्यापारियों से नियमों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है
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    पोरसा में हर बुधवार रहेगा साप्ताहिक अवकाश📢,,,,,,,,,,,,,
🛑 नगर पालिका ने मुनादी कर व्यापारियों और नागरिकों को किया जागरूक।
✅ अब प्रत्येक बुधवार नगर की सभी दुकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखना अनिवार्य होगा।
⚠️ नियम का उल्लंघन करने पर गुमास्ता अधिनियम के तहत जुर्माना एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
🙏 नगर पालिका ने सभी व्यापारियों से नियमों का पालन कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण" विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षत क्षमा शर्मा ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया। सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।" उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा। डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ—
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    "पांच महाभूतों का रोकें क्षरण, तभी होगा प्रकृति संरक्षण"
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा न्यू ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, भिण्ड में "प्रकृति संरक्षण : हमारी संस्कृति, हमारी जिम्मेदारी" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षत क्षमा शर्मा  ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली रहे। इस अवसर पर सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन, प्रतिभा भदौरिया एवं अमन राजावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर इकबाल अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई "छिति जल पावक गगन समीरा, पंच तत्व मिलि बना शरीरा" केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का शाश्वत वैज्ञानिक सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—ये पंचमहाभूत केवल मानव शरीर के ही नहीं, बल्कि अमीबा जैसे सूक्ष्म जीव से लेकर विशाल ब्लू व्हेल तक सम्पूर्ण जीव-जगत के अस्तित्व का आधार हैं। यदि इन पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ा, तो मानव सभ्यता का भविष्य भी संकट में पड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। भवन निर्माण से पहले भूमि पूजन कर पृथ्वी का सम्मान किया जाता है। धार्मिक आयोजनों में कलश के माध्यम से जल का पूजन होता है। श्राद्ध और तर्पण में जल का विशेष महत्व है। हवन के माध्यम से अग्नि की आराधना की जाती है। भागवत कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में नवग्रह पूजन के माध्यम से आकाश का स्मरण किया जाता है तथा कलियुग में वायुपुत्र भगवान हनुमान की आराधना वायु तत्व के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक संस्कार हमें प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।
प्रोफेसर अली ने कहा कि पृथ्वी का अंधाधुंध दोहन, अवैध रेत खनन, नदियों का प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा करेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि पृथ्वी का अनावश्यक छेदन एवं भेदन रोका जाए तथा वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रकृति से प्राप्त जल पुनः प्रकृति को लौटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि वन हमारी प्राणवायु के स्रोत हैं। वनों का संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा एवं सोलर कुकर जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाएँ तथा भोजन बनाने से पहले दाल और चावल को भिगोकर ऊर्जा की बचत करें।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन का उपयोग करता है, उसका सबसे बड़ा स्रोत वृक्ष हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस, मातृ दिवस, पितृ दिवस, जन्मदिन तथा अन्य शुभ अवसरों पर पौधे उपहार में देने की परंपरा विकसित करने का सुझाव दिया।
सुप्रयास के सचिव डॉ. मनोज जैन ने कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है। प्रकृति हमारी माता है, जो हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, अन्न और जीवन प्रदान करती है। महात्मा गांधी का यह कथन आज भी उतना ही प्रासंगिक है कि "प्रकृति मनुष्य की हर आवश्यकता पूरी कर सकती है, लेकिन उसके लालच को नहीं।"
उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, घटते वन, प्रदूषित नदियाँ और प्लास्टिक प्रदूषण पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। यदि हमने अभी से प्रकृति की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी मूल्य चुकाना पड़ेगा।
डॉ. जैन ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाएँ—हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएँ और उसकी देखभाल करें, जल की प्रत्येक बूंद बचाएँ, वर्षा जल संचयन अपनाएँ, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें, आवश्यकता न होने पर बिजली के उपकरण बंद रखें, सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाएँ तथा Reduce, Reuse और Recycle के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ।
इस अवसर पर प्रतिभा भादौरिया एवं अमन राजावत ने भी प्रकृति संरक्षण के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचमहाभूतों की रक्षा करेंगे, जल बचाएँगे, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, ऊर्जा की बचत करेंगे, प्लास्टिक के उपयोग को कम करेंगे तथा प्रकृति के साथ संतुलित और जिम्मेदार जीवन जीने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम का समापन सुप्रयास के इस संदेश के साथ हुआ—
    user_कृष्ण कांत शर्मा
    कृष्ण कांत शर्मा
    Media company भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मजिस्ट्रेट सरकार हनुमान जी महाराज श्री कांक्षी सरकार की आज के मंगलवार की आरती के दिव्य दर्शन लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं मजिस्ट्रेट सरकार हनुमान जी महाराज श्री कांक्षी सरकार की आज के मंगलवार की आरती के दिव्य दर्शन लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं
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    मजिस्ट्रेट सरकार हनुमान जी महाराज श्री कांक्षी सरकार की आज के मंगलवार की आरती के दिव्य दर्शन लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं
मजिस्ट्रेट सरकार हनुमान जी महाराज श्री कांक्षी सरकार की आज के मंगलवार की आरती के दिव्य दर्शन लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं
    user_Dinesh soni
    Dinesh soni
    Television Channel भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • निष्पक्ष चुनाव पर ख़तरा? चुनाव आयोग तुरंत ध्यान दे!, बोले पूर्व नेता प्रतिपक्ष 🚨 निष्पक्ष चुनाव पर ख़तरा? चुनाव आयोग तुरंत ध्यान दे! 🚨 ​मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (नई दिल्ली) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (भोपाल) को पत्र लिखकर 22-दतिया विधानसभा उपचुनाव में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई है। ​📌 प्रमुख बिंदु: ​पक्षपात का आरोप: चंबल रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर भिंड जिले के पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी दतिया उपचुनाव (30.07.2026) में लगाई जा रही है। ​चुनावी धांधली की साज़िश: आरोप है कि पुलिस अधिकारियों को अच्छी पोस्टिंग का प्रलोभन देकर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान कराने की योजना बनाई गई है। ​मांग: चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के लिए भिंड जिले के पुलिस अधिकारियों की दतिया उपचुनाव में ड्यूटी न लगाई जाए! ​लोकतंत्र को बचाने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग तुरंत सख्त कदम उठाए! ⚖️👇 ​#DatiaBypoll #MadhyaPradesh #ElectionCommission #DrGovindSingh #FreeAndFairElections #MPPolitics Collector Office Datia
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    निष्पक्ष चुनाव पर ख़तरा? चुनाव आयोग तुरंत ध्यान दे!, बोले पूर्व नेता प्रतिपक्ष
🚨 निष्पक्ष चुनाव पर ख़तरा? चुनाव आयोग तुरंत ध्यान दे! 🚨
​मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (नई दिल्ली) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (भोपाल) को पत्र लिखकर 22-दतिया विधानसभा उपचुनाव में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई है।
​📌 प्रमुख बिंदु:
​पक्षपात का आरोप: चंबल रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर भिंड जिले के पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी दतिया उपचुनाव (30.07.2026) में लगाई जा रही है।
​चुनावी धांधली की साज़िश: आरोप है कि पुलिस अधिकारियों को अच्छी पोस्टिंग का प्रलोभन देकर बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान कराने की योजना बनाई गई है।
​मांग: चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के लिए भिंड जिले के पुलिस अधिकारियों की दतिया उपचुनाव में ड्यूटी न लगाई जाए!
​लोकतंत्र को बचाने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग तुरंत सख्त कदम उठाए! ⚖️👇
​#DatiaBypoll #MadhyaPradesh #ElectionCommission #DrGovindSingh #FreeAndFairElections #MPPolitics  Collector Office Datia
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कूलर सुधारते समय करंट लगा, 60 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर की मौत भिंड। नयागांव थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम कूलर सुधारते समय करंट लगने से बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी तोफिक खान (60) मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे अपने घर पर कूलर ठीक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कूलर के बिजली के तार को मुंह से छीलने का प्रयास किया।तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों नें पीएम कराने से माना कर दिया है।बताया गया कि तोफिक खान अहमदाबाद में मजदूरी का काम करते थे और करीब आठ दिन पहले ही अपने घर नयागांव आए थे।
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    कूलर सुधारते समय करंट लगा, 60 वर्षीय बुजुर्ग मजदूर की मौत
भिंड। नयागांव थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम कूलर सुधारते समय करंट लगने से बुजुर्ग की मौत हो गई। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी तोफिक खान (60) मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे अपने घर पर कूलर ठीक कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कूलर के बिजली के तार को मुंह से छीलने का प्रयास किया।तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों नें पीएम कराने से माना कर दिया है।बताया गया कि तोफिक खान अहमदाबाद में मजदूरी का काम करते थे और करीब आठ दिन पहले ही अपने घर नयागांव आए थे।
    user_Praveen parihar
    Praveen parihar
    भिंड, भिंड, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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