"अब चुप नहीं बैठेंगे!" – अनिल वाल्मीकि की चेतावनी, मांगे नहीं मानी तो जयपुर तक होगा कूच वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में आज नीमराना जिला कोटपुतली बहरोड़ में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और ठेका प्रथा बंद को लेकर एसडीएम साहब को सौंपा गया ज्ञापन।।। जिस दौरान वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि , संजय जयपुर,, प्रदीप सिंगेलिया,, विनोद वाल्मीकि , संजय वाल्मीकि ,, मनोज पार्षद बहरोड़,, चौखराम वाल्मीकि आदि वाल्मीकिसेना के लोग मौजूद रहे नीमराना नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और ठेका प्रथा बंद की मांग को लेकर आज कर्मचारियों एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, साथ ही ईपीएफ कटौती, साप्ताहिक अवकाश, और अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेका व्यवस्था के तहत शोषण हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि: समय पर पूरा वेतन दिया जाए ईपीएफ और अन्य सरकारी सुविधाएं लागू की जाएं साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए और ठेका प्रथा बंद की जाय। समस्त कर्मचारियों ने वाल्मीकि सेना को आश्वाशन दिया कि अगर सरकार ने हमारी ठेका प्रथा बंद की मांग जल्द से जल्द नही मानी तो हमे चाहे जयपुर जाना पड़े या कहीं भी जाना पड़े हम चलने को तैयार है और ठेका प्रथा बंद करके ही दम लेंगे वाल्मीकि सेना ने भी ये ठान लिया है कि ठेका प्रथा बंद करवाने के लिए किसी भी हद तक गुजरना पड़े ठेका प्रथा कोबंद करवाके ही दम लेंगे,, वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि ने चेतावनी दि कि अगर मांग को जल्दी से जल्दी नही मानी गई तो आन्दोलन को और तेज किया जाएगा
"अब चुप नहीं बैठेंगे!" – अनिल वाल्मीकि की चेतावनी, मांगे नहीं मानी तो जयपुर तक होगा कूच वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में आज नीमराना जिला कोटपुतली बहरोड़ में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और ठेका प्रथा बंद को लेकर एसडीएम साहब को सौंपा गया ज्ञापन।।। जिस दौरान वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि , संजय जयपुर,, प्रदीप सिंगेलिया,, विनोद वाल्मीकि , संजय वाल्मीकि ,, मनोज पार्षद बहरोड़,, चौखराम वाल्मीकि आदि वाल्मीकिसेना के लोग मौजूद रहे नीमराना नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान और ठेका प्रथा बंद की मांग को लेकर आज कर्मचारियों एवं उनके प्रतिनिधियों द्वारा उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है, साथ ही ईपीएफ कटौती, साप्ताहिक अवकाश, और अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेका व्यवस्था के तहत शोषण हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की कि: समय पर पूरा वेतन दिया जाए ईपीएफ और अन्य सरकारी सुविधाएं लागू की जाएं साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए और ठेका प्रथा बंद की जाय। समस्त कर्मचारियों ने वाल्मीकि सेना को आश्वाशन दिया कि अगर सरकार ने हमारी ठेका प्रथा बंद की मांग जल्द से जल्द नही मानी तो हमे चाहे जयपुर जाना पड़े या कहीं भी जाना पड़े हम चलने को तैयार है और ठेका प्रथा बंद करके ही दम लेंगे वाल्मीकि सेना ने भी ये ठान लिया है कि ठेका प्रथा बंद करवाने के लिए किसी भी हद तक गुजरना पड़े ठेका प्रथा कोबंद करवाके ही दम लेंगे,, वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि ने चेतावनी दि कि अगर मांग को जल्दी से जल्दी नही मानी गई तो आन्दोलन को और तेज किया जाएगा
- श्री बाला जी के दरबार नारायण पुर में दुर्गा माता मूर्ति स्थापना की जाएगी इस पावन अवसर पर 25 मार्च को ज्योति प्रचलित करने आ रहे है मुख्य अतिथि रेवाड़ी जिला प्रमुख मनोज यादव, अनिल रायपुर, रेवाड़ी ब्लॉक चैयरमेन रविंद्र खोला, व वार्ड नंबर 15 से रेखा भाड़ावास जिला पार्षद इस अवसर पर भजन कीर्तन होंगे आप सभी से प्रार्थना है माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करे1
- Post by Rajbala1
- रेवाड़ी से माजरा एम्स में केंद्र सरकार ने एमबीबीएस की शिक्षा के 50 सीटों के लिए हरी झंडी दे दिया इसके बाद आसपास के क्षेत्रवासियों में खुशी की लहरें राव इंद्रजीत समर्थ को उन्हें मिठाई बताकर खुशियां मनाएं |1
- 23 मार्च को। 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु की शहादत को याद करने के लिए है। इन तीनों क्रांतिकारियों को 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फांसी दी गई थी शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के बंगा में हुआ था। वह एक महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी थे, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपनी जान की बाजी लगाई थी क्या आपको शहीद भगत सिंह के बारे में और जानकारी चाहिए या उनके जन्मदिन से जुड़ी कोई विशेष बात जाननी है?1
- पत्रकार रोहिताश कुमार जाटव स्थान अलवर हैडिंग *आम आदमी पार्टी की हुई बैठक*। गौरतलब है कि प्रदेश पर भारी श्री धीरज टोकस के आदेश अनुसार आम आदमी पार्टी की एक जिला अध्यक्ष जगन्नाथ गोयल के नेतृत्व में बैठक संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता और रोहिताश कुमार जाटव ने की जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व विधायक श्री महेंद्र गोयल लोकसभा प्रभारी अलवर और अनिल अनिल मित्तल और विजय मित्तल दिल्ली से पधारे जिसमें प्रदेश प्रभारी ने कहा आम आदमी पार्टी आने वाले दिनों में पंचायती राज विभाग के चुनाव बखूबी तरीके से लड़ेगी और आने वाले दिनों में कांग्रेस और बीजेपी को धूल चटाएगी प्रभारी ने कहा कि सरकार पूरी तरह नाकाम है जिस तरह गलगोटिया यूनिवर्सिटी से लाया गया एक डॉग और लोकसभा में विपक्ष को पूरी तरह नहीं बोलने देना यह लोकतंत्र का हनन है आने वाले दिनों में और आने वाले पांच राज्यों के चुनाव में जनता सब देख रही है और जवाब देगी जिसमें उपस्थित एडवोकेट महावीर राजोरिया जगन्नाथ गोयल देवेंद्र शर्मा नितेश शर्मा राकेश शर्मा कान सिंह चौहान महेश सैनी विनोद कुमार रोहिताश कुमार जाटव लोकेश कुमार रविंद्र कुमार देवेंद्र सैनी भगवान सहाय मीणा कमलेश कुमार प्रेमचंद प्रेमी आदि लोग मौजूद रहे4
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- मुंडावर: मसानी माता मेले में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, रागनी कॉम्पिटिशन में जमकर झूमे श्रद्धालु मुंडावर। मुंडावर उपखंड के समीपवर्ती गांव में स्थित प्रसिद्ध मसानी माता मंदिर के प्रांगण में वार्षिक मेले का भव्य आयोजन किया गया। आस्था और लोक संस्कृति के इस संगम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहा। धार्मिक अनुष्ठान और आस्था की डगर श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में मत्था टेककर क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर 'माता के जयकारों' से गुंजायमान रहा। दर्शन के पश्चात श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। मेले में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। रागनी कॉम्पिटिशन ने बांधा समां मेले का मुख्य आकर्षण 'रागनी कॉम्पिटिशन' रहा। इस प्रतियोगिता में दूर-दराज से आए कलाकारों ने अपनी लोक कला और मधुर भजनों के जरिए उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। रागनी गायकों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा और उनके कटाक्षों का ग्रामीणों ने भरपूर आनंद लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर ग्रामीण झूमने को मजबूर हो गए। बच्चों के लिए रहा मनोरंजन का संगम मेले में सजी रंग-बिरंगी दुकानों पर बच्चों और महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। बच्चों ने जहां एक ओर मिट्टी और प्लास्टिक के खिलौनों की खरीदारी की, वहीं दूसरी ओर झूलों का जमकर आनंद उठाया। मेले में गुब्बारों, चाट-पकौड़ी और घरेलू सामान की दुकानों पर दिनभर रौनक बनी रही। ग्रामीणों की रही गरिमामय उपस्थिति इस अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। ग्रामीणों ने बताया कि मसानी माता के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा है और यह मेला आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का एक बड़ा माध्यम है।1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- मदर लिट्रेसी प्रोग्राम में हजारों महिलाओं की भागीदारी, बेटियों की शिक्षा पर दिया गया जोर1