लखीमपुर-खीरी के निघासन तहसील की ग्राम पंचायत दुबहा में रविवार को तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित ठंडे शरबत से बड़ी राहत मिली। क्षेत्र के सबसे व्यस्त दुबहा चौराहे पर सुबह करीब 11:00 बजे से यह व्यापक शरबत वितरण अभियान चलाया गया। इस मौके पर भाजपा समर्थक और संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता राजेश मिश्रा और दिनेश कुमार पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने न केवल वितरण का नेतृत्व किया बल्कि ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ भी सुनीं। आयोजकों ने बताया कि लगभग 800 से अधिक शरबत की बोतलें और ग्लास तैयार रखे गए थे, जिसमें बच्चों, वृद्धों और राहगीरों को प्राथमिकता दी गई। शरबत के साथ-साथ स्थानीय विद्यालयों से लौट रहे बच्चों और बाजार आने वाले मजदूरों को भी जलपान दिया गया। राजेश मिश्रा और दिनेश कुमार पटेल ने इस पहल को जनता की भलाई और गर्मी के मौसम में सहज राहत उपलब्ध कराने का संगठन का प्राथमिक लक्ष्य बताया। उन्होंने इसे एक अपरंपरागत सामाजिक पहल बताया, जिसका उद्देश्य केवल पानी पहुँचाना नहीं बल्कि समुदाय में एकता और सेवा भाव को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में कई महिला कार्यकर्ता, युवा स्वयंसेवक और स्थानीय दुकानदार भी सहभागिता कर व्यवस्था में मदद करते दिखे। स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन की जमकर प्रशंसा की। एक दुकानदार ने कहा कि इतनी गर्मी में शरबत से सचमुच राहत मिली और ऐसे कार्यक्रमों से समाज में अच्छा संदेश जाता है। एक वृद्धा ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से पानी की कमी महसूस हो रही थी, जिससे आज के आयोजन से उनकी परेशानियाँ कुछ कम हुईं। राहगीरों ने भी ठंडे शरबत से मन प्रसन्न होने की बात कही। आयोजकों ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन किया; वितरण के समय हाथ साफ करने के साधन उपलब्ध कराए गए और शरबत को स्वच्छ ढंग से पैक करके बांटा गया। राजेश मिश्रा ने घोषणा की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर समय-समय पर लगाए जाएंगे और किसी भी आपात स्थिति में पीने के पानी व शरबत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बजरंग दल के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समाज सेवा की दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम बताया। संगठन के स्थानीय नेतृत्व ने गर्मियों के दिनों में निरंतर शरबत व पेय वितरण के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए पानी के पोर्टेबल स्टेशन लगवाने की भी पहल करने की घोषणा की। साथ ही, ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आगामी सप्ताहों में मेडिकल चेक-अप कैम्प और साफ-सफाई अभियान की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब जनपद लखीमपुर-खीरी में स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों द्वारा गर्मी राहत कार्यक्रमों पर ध्यान बढ़ रहा है, और यह पूरी तरह से मानवीय और सेवा-प्रधान पहल रही।
लखीमपुर-खीरी के निघासन तहसील की ग्राम पंचायत दुबहा में रविवार को तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित ठंडे शरबत से बड़ी राहत मिली। क्षेत्र के सबसे व्यस्त दुबहा चौराहे पर सुबह करीब 11:00 बजे से यह व्यापक शरबत वितरण अभियान चलाया गया। इस मौके पर भाजपा समर्थक और संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता राजेश मिश्रा और दिनेश कुमार पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने न केवल वितरण का नेतृत्व किया बल्कि ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ भी सुनीं। आयोजकों ने बताया कि लगभग 800 से अधिक शरबत की बोतलें और ग्लास तैयार रखे गए थे, जिसमें बच्चों, वृद्धों और राहगीरों को प्राथमिकता दी गई। शरबत के साथ-साथ स्थानीय विद्यालयों से लौट रहे बच्चों और बाजार आने वाले मजदूरों को भी जलपान दिया गया। राजेश मिश्रा और दिनेश कुमार पटेल ने इस पहल को जनता की भलाई और गर्मी के मौसम में सहज राहत उपलब्ध कराने का संगठन का प्राथमिक लक्ष्य बताया। उन्होंने इसे एक अपरंपरागत सामाजिक पहल बताया, जिसका उद्देश्य केवल पानी पहुँचाना नहीं बल्कि समुदाय में एकता और सेवा भाव को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में कई महिला कार्यकर्ता, युवा स्वयंसेवक और स्थानीय दुकानदार भी सहभागिता कर व्यवस्था में मदद करते दिखे। स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन की जमकर प्रशंसा की। एक दुकानदार ने कहा कि इतनी गर्मी में शरबत से सचमुच राहत
मिली और ऐसे कार्यक्रमों से समाज में अच्छा संदेश जाता है। एक वृद्धा ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से पानी की कमी महसूस हो रही थी, जिससे आज के आयोजन से उनकी परेशानियाँ कुछ कम हुईं। राहगीरों ने भी ठंडे शरबत से मन प्रसन्न होने की बात कही। आयोजकों ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन किया; वितरण के समय हाथ साफ करने के साधन उपलब्ध कराए गए और शरबत को स्वच्छ ढंग से पैक करके बांटा गया। राजेश मिश्रा ने घोषणा की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर समय-समय पर लगाए जाएंगे और किसी भी आपात स्थिति में पीने के पानी व शरबत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बजरंग दल के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समाज सेवा की दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम बताया। संगठन के स्थानीय नेतृत्व ने गर्मियों के दिनों में निरंतर शरबत व पेय वितरण के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए पानी के पोर्टेबल स्टेशन लगवाने की भी पहल करने की घोषणा की। साथ ही, ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आगामी सप्ताहों में मेडिकल चेक-अप कैम्प और साफ-सफाई अभियान की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब जनपद लखीमपुर-खीरी में स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों द्वारा गर्मी राहत कार्यक्रमों पर ध्यान बढ़ रहा है, और यह पूरी तरह से मानवीय और सेवा-प्रधान पहल रही।
- लखीमपुर-खीरी के निघासन तहसील की ग्राम पंचायत दुबहा में रविवार को तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित ठंडे शरबत से बड़ी राहत मिली। क्षेत्र के सबसे व्यस्त दुबहा चौराहे पर सुबह करीब 11:00 बजे से यह व्यापक शरबत वितरण अभियान चलाया गया। इस मौके पर भाजपा समर्थक और संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता राजेश मिश्रा और दिनेश कुमार पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने न केवल वितरण का नेतृत्व किया बल्कि ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएँ भी सुनीं। आयोजकों ने बताया कि लगभग 800 से अधिक शरबत की बोतलें और ग्लास तैयार रखे गए थे, जिसमें बच्चों, वृद्धों और राहगीरों को प्राथमिकता दी गई। शरबत के साथ-साथ स्थानीय विद्यालयों से लौट रहे बच्चों और बाजार आने वाले मजदूरों को भी जलपान दिया गया। राजेश मिश्रा और दिनेश कुमार पटेल ने इस पहल को जनता की भलाई और गर्मी के मौसम में सहज राहत उपलब्ध कराने का संगठन का प्राथमिक लक्ष्य बताया। उन्होंने इसे एक अपरंपरागत सामाजिक पहल बताया, जिसका उद्देश्य केवल पानी पहुँचाना नहीं बल्कि समुदाय में एकता और सेवा भाव को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में कई महिला कार्यकर्ता, युवा स्वयंसेवक और स्थानीय दुकानदार भी सहभागिता कर व्यवस्था में मदद करते दिखे। स्थानीय नागरिकों ने इस आयोजन की जमकर प्रशंसा की। एक दुकानदार ने कहा कि इतनी गर्मी में शरबत से सचमुच राहत मिली और ऐसे कार्यक्रमों से समाज में अच्छा संदेश जाता है। एक वृद्धा ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों से पानी की कमी महसूस हो रही थी, जिससे आज के आयोजन से उनकी परेशानियाँ कुछ कम हुईं। राहगीरों ने भी ठंडे शरबत से मन प्रसन्न होने की बात कही। आयोजकों ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन किया; वितरण के समय हाथ साफ करने के साधन उपलब्ध कराए गए और शरबत को स्वच्छ ढंग से पैक करके बांटा गया। राजेश मिश्रा ने घोषणा की कि भविष्य में भी ऐसे शिविर समय-समय पर लगाए जाएंगे और किसी भी आपात स्थिति में पीने के पानी व शरबत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बजरंग दल के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समाज सेवा की दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम बताया। संगठन के स्थानीय नेतृत्व ने गर्मियों के दिनों में निरंतर शरबत व पेय वितरण के साथ-साथ जरूरतमंदों के लिए पानी के पोर्टेबल स्टेशन लगवाने की भी पहल करने की घोषणा की। साथ ही, ग्रामीण स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आगामी सप्ताहों में मेडिकल चेक-अप कैम्प और साफ-सफाई अभियान की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब जनपद लखीमपुर-खीरी में स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों द्वारा गर्मी राहत कार्यक्रमों पर ध्यान बढ़ रहा है, और यह पूरी तरह से मानवीय और सेवा-प्रधान पहल रही।2
- लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व की मझगईं वन रेंज अंतर्गत खालेपुरवा और रामपुर गांवों में दहशत का पर्याय बने एक बाघ को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से ग्रामीणों में व्याप्त भय और आक्रोश के बीच की गई, क्योंकि इस बाघ ने इलाके में आतंक मचा रखा था। इस सफल अभियान के साथ, मझगईं लखीमपुर खीरी जिले की ऐसी पहली वन रेंज बन गई है जहाँ अब तक रिकॉर्ड तीन बाघ और कई तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ा जा चुका है। ग्रामीणों में यह दहशत इसलिए भी गहरी थी क्योंकि कुछ दिन पहले ही इसी क्षेत्र में एक हिंसक वन्यजीव ने एक महिला को अपना निवाला बना लिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में बेहद गुस्सा और भय व्याप्त था। स्थिति को देखते हुए और ग्रामीणों की लगातार मांग पर, वन विभाग ने क्षेत्र में तत्काल तीन पिंजरे स्थापित किए थे, जिनमें मवेशियों को चारे के रूप में बांधा गया था ताकि हिंसक जानवर को फंसाया जा सके। कई दिनों तक चली कड़ी और छकाती निगरानी के बाद, जैसे ही बाघ शिकार के लालच में पिंजरे के करीब पहुंचा, मौके पर पहले से तैनात डब्ल्यूटीआई के वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे ट्रेंकुलाइज कर दिया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, बाघ को सुरक्षित तरीके से मझगईं वन रेंज कार्यालय ले जाया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों से अगले आदेश मिलने के बाद ही इस बाघ को किसी अन्य अनुकूल प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा।1
- पलिया नगर के बाईपास रोड पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि ठेकेदार इंटरलॉकिंग बिछाने के बाद केवल एक तरफ मसाला लगा रहा है, जबकि सड़क की ओर वाली साइड को बिना मसाले के छोड़ दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप इंटरलॉकिंग और मुख्य सड़क के बीच एक नालीनुमा चौड़ी दरार बन रही है, जिसके बरसात में और चौड़ी होने और सड़क की मजबूती तथा राहगीरों की सुरक्षा को प्रभावित करने की आशंका है। नागरिकों ने यह भी शिकायत की है कि निर्माण कार्य में लेवलिंग का उचित ध्यान नहीं रखा गया है, जिसके कारण कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग ऊंची-नीची दिखाई दे रही है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो दुर्घटनाएं निश्चित रूप से होंगी। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने निर्माण में खामियों के बारे में संबंधित कर्मचारियों को सूचित किया था, लेकिन अभी तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। पलिया विधायक रोमी साहनी ने इस इंटरलॉकिंग कार्य का भूमिपूजन किया था, और जनता का मानना है कि यह कार्य विधायक के अथक प्रयासों से शुरू हुआ है। ऐसे में ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही से विधायक की छवि धूमिल हो रही है। नगरवासियों ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इस निर्माण कार्य की तत्काल जांच कराने, मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने और अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।4
- अलीगंज में हुए एक कोचिंग हादसे में पंद्रह छात्रों की जलकर मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद, सभी से आग्रह किया गया है कि वे मृत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का समय निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करें।1
- लखीमपुर खीरी जिले के पढ़ुआ थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर गांव के संपर्क मार्ग पर नीचे झूल रही हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक डीसीएम चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया है, वहीं परिजन गहरे सदमे में हैं। जानकारी के अनुसार, ऊंच गांव निवासी मेंड़ाई उर्फ वारिस (लगभग 40 वर्ष) अपनी डीसीएम (संख्या UP 83 AT 8507) से सुबह करीब 9:15 बजे प्रमोधापुर क्षेत्र में खेतों से केले लादने जा रहे थे। इसी दौरान खरवहिया नंबर दो और प्रमोधापुर के बीच सड़क पर काफी नीचे झूल रही हाई टेंशन लाइन उनके वाहन से टकरा गई, जिससे करंट लगने से चालक वारिस की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पढ़ुआ प्रभारी मोहित पुंडीर अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को लंबे समय से इस हाई टेंशन लाइन के नीचे होने की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने इस दुखद घटना को पूरी तरह से विभागीय लापरवाही का परिणाम बताया। मृतक वारिस अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, 18 वर्षीय पुत्र नियाज़ अहमद और दो पुत्रियां— 23 वर्षीय सना (विवाहित) और 14 वर्षीय सबा शामिल हैं। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में लगी आग की घटना वाली जगह का निरीक्षण किया। घटना स्थल का दौरा करने के बाद, मुख्यमंत्री सीधे अस्पताल के लिए रवाना हुए। अस्पताल पहुँचने के बाद, उन्होंने वहाँ भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।1
- लखीमपुर खीरी के रामापुर में एक ट्रक ने बाइक सवार को रौंद दिया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक माँ और उसका बेटा शामिल हैं। घटना के समय बाइक पर दो बच्चों समेत कुल चार लोग सवार थे।1