सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मंगलवार, 23 जून, 2026 को हमीरपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को नशे का विरोध करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शपथ लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर, तहसील कल्याण अधिकारी पवन कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य समाज में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाना, युवाओं, महिला मंडलों, युवक मंडलों और नशा मुक्त मित्रों के माध्यम से आम लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और नशे के आदी व्यक्तियों को उचित परामर्श प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान, स्कूल की छात्राओं शिवानी, काजल और त्रिवशु ने भी नशे की समस्या पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसके लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। इस कार्यशाला में प्रधानाचार्य सीमा देवी, भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक एवं नशा निवारण अभियान के नोडल अधिकारी सुनील कुमार, अन्य शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी, तथा तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से संदीप कुमार और दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मंगलवार, 23 जून, 2026 को हमीरपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को नशे का विरोध करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शपथ लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर, तहसील कल्याण अधिकारी पवन कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य समाज में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाना, युवाओं, महिला मंडलों, युवक मंडलों और नशा मुक्त मित्रों के माध्यम से आम लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और नशे के आदी व्यक्तियों को उचित परामर्श प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान, स्कूल की छात्राओं शिवानी, काजल और त्रिवशु ने भी नशे की समस्या पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसके लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया गया। इस कार्यशाला में प्रधानाचार्य सीमा देवी, भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक एवं नशा निवारण अभियान के नोडल अधिकारी सुनील कुमार, अन्य शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी, तथा तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय से संदीप कुमार और दिनेश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- आज मंगलवार, 23 जून को ऊना जिले की अख़बारों की मुख्य सुर्खियां जारी की गई हैं। इन सुर्खियों में बंगाना, मैहतपुर, चिंतपूर्णी, अंब और गगरेट जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित खबरें शामिल की गई हैं।1
- बाबा वीर नाथ राम चंद ठाकुर के एक कुल्लवी गीत के बारे में जानकारी दी गई है, जो 2026 से संबंधित है। इस गीत के संबंध में 'एचपी कॉल' (hp call) के लिए 7018646780 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- ग्राम पंचायत सेऊ के गाँव सेऊ, घुमारवीं में एक पीपल पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर स्थानीय लोग उपस्थित रहे। यह पूजन कार्यक्रम सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पारंपरिक तरीके से संपन्न हुआ।2
- रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने पंचायत क्षेत्र में NHPC पार्वती परियोजना की डंपिंग साइट्स से उत्पन्न होने वाले खतरे का मुद्दा उठाया है। प्रधान ठाकुर ने परियोजना अधिकारी के टाल-मटोल भरे जवाबों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और इस गंभीर विषय पर उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित करने की मांग रखी।1
- बिलासपुर के मल्टीपर्पज़ कल्चरल कॉम्प्लेक्स में सोमवार को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक उच्च शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने की। जनसुनवाई में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान समग्र शिक्षा योजना के कार्यान्वयन, विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, तथा उपस्थित प्रतिभागियों से कई सुझाव और शिकायतें प्राप्त की गईं। उपनिदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) निशा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों से शिक्षा से संबंधित समस्याओं, सुझावों एवं शिकायतों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया, ताकि उन्हें उचित स्तर पर विचार के लिए भेजा जा सके। इस अवसर पर, रिसोर्स पर्सन एवं प्रधानाचार्य-अन्वेषक डॉ. रणधीर रंटा ने सामाजिक अंकेक्षण की पूरी प्रक्रिया और उसके मुख्य निष्कर्षों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अंकेक्षण के तहत जिले के लगभग 20 प्रतिशत विद्यालयों का निरीक्षण किया गया है, और इसी निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट को जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया। डॉ. रंटा ने विद्यालयों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद किया और उनके प्रश्नों तथा जिज्ञासाओं का समाधान किया। डॉ. रणधीर रंटा ने आगे बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी सुझावों, शिकायतों और अभिमतों को संकलित कर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। यह प्रतिवेदन आवश्यक कार्रवाई और नीति निर्माण के लिए सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि सामाजिक अंकेक्षण का दोहरा उद्देश्य है: योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में जनभागीदारी को बढ़ावा देना। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मीडिया कोऑर्डिनेटर नागेंद्र, ऑब्जर्वर राकेश कुमार, वित्त अधिकारी देवांश सलोत्रा, उप-प्रधानाचार्य कुलदीप शर्मा, कार्यक्रम समन्वयक सोमदत्त, मीडिया कोऑर्डिनेटर दिग्विजय मल्होत्रा, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा समन्वयक अतुल शर्मा और रीता कुमारी सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- सैंज पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ के कारण पार्वती बांध के आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस स्थिति के बीच, बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। आपदा प्रबंधन के तहत, नदी किनारे स्थित खतरे वाले गांवों को भी खाली करा लिया गया है।1
- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना पर पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध तोड़ दिया है। सांख्यान के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा करने में सबसे बड़े रणनीतिकार साबित हुए हैं और उन्होंने भविष्य में प्रदेश का राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। संदीप सांख्यान ने बताया कि लगभग पंद्रह हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह बहुद्देश्यीय परियोजना प्रदेश की आर्थिकी में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जबकि प्रदेश सरकार का वित्तीय निवेश इसमें न के बराबर होगा। इसे मुख्यमंत्री की रणनीति की एक बड़ी जीत करार दिया गया है। सांख्यान के अनुसार, इस योजना से भविष्य में प्रदेश को लगभग 225 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलेगी, जिसमें प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट से भी अधिक बिजली का उत्पादन होगा, जिससे प्रदेश जगमग करेगा। साथ ही, प्रदेश के राजस्व में प्रतिवर्ष करीब 600 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने टोंस नदी, जो कि यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी है, पर बनने वाली इस बहुद्देश्यीय योजना को अमलीजामा पहनाना मुख्यमंत्री का मास्टर स्ट्रोक बताया।1
- किन्नौर के उरनी में एक लोहे का पुल टूट गया, जिसके परिणामस्वरूप एक डंपर वाहन पुल सहित नीचे खाई में जा गिरा। इस घटना में डंपर का चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है, जिससे किन्नौर में एक बड़ा हादसा टल गया।1
- रामपुर बुशैहर में विद्युत विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अहम मुद्दों पर चर्चा की।1