logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के रमयापुर गांव में एक भाई ने अपने ही भाई की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है, जिसके चलते पीड़ित पिछले चार सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ित गौरीशंकर, जो परमहंश द्विवेदी के पुत्र हैं और रमयापुर के निवासी हैं, बाहर रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका आरोप है कि उनके सगे भाई पुष्पराज द्विवेदी ने कुछ अज्ञात मददगारों की सहायता से मौजा रमयापुर स्थित गाटा संख्या 3158 मि० के 0.088 हेक्टेयर रकबे में से उनके 1/4 हिस्से को अपने मकान में मिलाकर उस पर कब्जा कर लिया है। इस संबंध में गौरीशंकर की पत्नी सुधा देवी ने पहाड़ी थाने, 112 नंबर पुलिस हेल्पलाइन और उप जिलाधिकारी महोदय, कर्वी को लिखित शिकायत भी दी थी। इसके बावजूद, पिछले चार सालों से इस मामले में कोई कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई है, जिसके कारण गौरीशंकर और उनकी पत्नी कई सालों से मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उनके हक और कब्जे पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है, लेकिन उन्हें कानून या शासन-प्रशासन से कोई मदद या न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। गौरीशंकर ने यह भी आशंका जताई है कि उनके परिवार पर किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है, हालांकि वे स्वयं कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते। न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुके गौरीशंकर ने अब अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शासन-प्रशासन से न्याय नहीं मिला, तो वे अपने परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे।

1 hr ago
user_सरस्वती सिंह कुशवाहा
सरस्वती सिंह कुशवाहा
करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के रमयापुर गांव में एक भाई ने अपने ही भाई की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है, जिसके चलते पीड़ित पिछले चार सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ित गौरीशंकर, जो परमहंश द्विवेदी के पुत्र हैं और रमयापुर के निवासी हैं, बाहर रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका आरोप है कि उनके सगे

भाई पुष्पराज द्विवेदी ने कुछ अज्ञात मददगारों की सहायता से मौजा रमयापुर स्थित गाटा संख्या 3158 मि० के 0.088 हेक्टेयर रकबे में से उनके 1/4 हिस्से को अपने मकान में मिलाकर उस पर कब्जा कर लिया है। इस संबंध में गौरीशंकर की पत्नी सुधा देवी ने पहाड़ी थाने, 112 नंबर पुलिस हेल्पलाइन और उप जिलाधिकारी महोदय, कर्वी को लिखित शिकायत भी दी थी। इसके बावजूद, पिछले चार सालों

से इस मामले में कोई कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई है, जिसके कारण गौरीशंकर और उनकी पत्नी कई सालों से मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उनके हक और कब्जे पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है, लेकिन उन्हें कानून या शासन-प्रशासन से कोई मदद या न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उनकी सुनवाई नहीं हो

रही है। गौरीशंकर ने यह भी आशंका जताई है कि उनके परिवार पर किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है, हालांकि वे स्वयं कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते। न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुके गौरीशंकर ने अब अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शासन-प्रशासन से न्याय नहीं मिला, तो वे अपने परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के रमयापुर गांव में एक भाई ने अपने ही भाई की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है, जिसके चलते पीड़ित पिछले चार सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ित गौरीशंकर, जो परमहंश द्विवेदी के पुत्र हैं और रमयापुर के निवासी हैं, बाहर रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका आरोप है कि उनके सगे भाई पुष्पराज द्विवेदी ने कुछ अज्ञात मददगारों की सहायता से मौजा रमयापुर स्थित गाटा संख्या 3158 मि० के 0.088 हेक्टेयर रकबे में से उनके 1/4 हिस्से को अपने मकान में मिलाकर उस पर कब्जा कर लिया है। इस संबंध में गौरीशंकर की पत्नी सुधा देवी ने पहाड़ी थाने, 112 नंबर पुलिस हेल्पलाइन और उप जिलाधिकारी महोदय, कर्वी को लिखित शिकायत भी दी थी। इसके बावजूद, पिछले चार सालों से इस मामले में कोई कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई है, जिसके कारण गौरीशंकर और उनकी पत्नी कई सालों से मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उनके हक और कब्जे पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है, लेकिन उन्हें कानून या शासन-प्रशासन से कोई मदद या न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। गौरीशंकर ने यह भी आशंका जताई है कि उनके परिवार पर किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है, हालांकि वे स्वयं कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते। न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुके गौरीशंकर ने अब अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शासन-प्रशासन से न्याय नहीं मिला, तो वे अपने परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे।
    4
    चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के रमयापुर गांव में एक भाई ने अपने ही भाई की जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है, जिसके चलते पीड़ित पिछले चार सालों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ित गौरीशंकर, जो परमहंश द्विवेदी के पुत्र हैं और रमयापुर के निवासी हैं, बाहर रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका आरोप है कि उनके सगे भाई पुष्पराज द्विवेदी ने कुछ अज्ञात मददगारों की सहायता से मौजा रमयापुर स्थित गाटा संख्या 3158 मि० के 0.088 हेक्टेयर रकबे में से उनके 1/4 हिस्से को अपने मकान में मिलाकर उस पर कब्जा कर लिया है। इस संबंध में गौरीशंकर की पत्नी सुधा देवी ने पहाड़ी थाने, 112 नंबर पुलिस हेल्पलाइन और उप जिलाधिकारी महोदय, कर्वी को लिखित शिकायत भी दी थी।

इसके बावजूद, पिछले चार सालों से इस मामले में कोई कार्रवाई या सुनवाई नहीं हुई है, जिसके कारण गौरीशंकर और उनकी पत्नी कई सालों से मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि उनके हक और कब्जे पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है, लेकिन उन्हें कानून या शासन-प्रशासन से कोई मदद या न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। गौरीशंकर ने यह भी आशंका जताई है कि उनके परिवार पर किसी भी समय कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है, हालांकि वे स्वयं कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं चाहते। न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक चुके गौरीशंकर ने अब अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उन्हें शासन-प्रशासन से न्याय नहीं मिला, तो वे अपने परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएंगे।
    user_सरस्वती सिंह कुशवाहा
    सरस्वती सिंह कुशवाहा
    करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • चित्रकूट से मिली जानकारी के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज की पहल के तहत एक विद्यालय को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। इसी संदर्भ में, बाबूलाल यादव हत्याकांड का भी उल्लेख किया गया है।
    2
    चित्रकूट से मिली जानकारी के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज की पहल के तहत एक विद्यालय को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। इसी संदर्भ में, बाबूलाल यादव हत्याकांड का भी उल्लेख किया गया है।
    user_BHARAT PUBLIC NEWS
    BHARAT PUBLIC NEWS
    Local News Reporter करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नमामि गंगे योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पहाड़ी टंकी का जायजा लिया और पेयजल समस्या से संबंधित गांवों का भी दौरा किया। इस दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था एलएनटी को अविलंब पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से चालू करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर एसपी अरुण कुमार सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता अनिल, और एलएनटी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रोविंस कटियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    1
    चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नमामि गंगे योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पहाड़ी टंकी का जायजा लिया और पेयजल समस्या से संबंधित गांवों का भी दौरा किया। इस दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था एलएनटी को अविलंब पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से चालू करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर एसपी अरुण कुमार सिंह, जल निगम के अधिशासी अभियंता अनिल, और एलएनटी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रोविंस कटियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_दिनेश सिंह कुशवाहा
    दिनेश सिंह कुशवाहा
    Classified ads newspaper publisher करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सतना में जेल प्रहरी, वन रक्षक और क्षेत्र रक्षक भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने से आक्रोशित छात्रों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। सुबह से ही आदित्य कॉलेज में एकत्र हुए छात्रों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, डिंडोरी जिले के एक छात्र सचिन की आँखों से आँसू छलक पड़े, जो रद्द हुई परीक्षाओं के कारण छात्रों की निराशा और पीड़ा को दर्शाता है।
    1
    सतना में जेल प्रहरी, वन रक्षक और क्षेत्र रक्षक भर्ती परीक्षाओं के रद्द होने से आक्रोशित छात्रों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया। सुबह से ही आदित्य कॉलेज में एकत्र हुए छात्रों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, डिंडोरी जिले के एक छात्र सचिन की आँखों से आँसू छलक पड़े, जो रद्द हुई परीक्षाओं के कारण छात्रों की निराशा और पीड़ा को दर्शाता है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    48 min ago
  • आज चित्रकूट जिलाधिकारी ने कामदगिरि महाआरती स्थल पर चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कार्य की गुणवत्ता और प्रगति में कई गंभीर कमियाँ मिलीं। इन अनियमितताओं पर उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। यह परियोजना राज्य सेक्टर के तहत पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत है और इसका निर्माण यू०पी० प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, परियोजना को 20 फरवरी 2025 को शासनादेश संख्या 65/2025/आई०एफ०-887225/001-41-2002-002-4-2025-सीजन-1890451 के माध्यम से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली है, जिसकी कुल स्वीकृत लागत ₹260.68 लाख है। कार्य जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में मल्टीपरपज हॉल, महाआरती स्थल प्लेटफार्म, सजावटी स्तम्भ, कोबल स्टोन पाथवे, प्लम्बिंग, म्यूरल वॉल निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण, तथा बाह्य विद्युतीकरण जैसे विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि स्थल पर लगाई जा रही वॉल पेंटिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके लिए उन्होंने इसे व्यवस्थित ढंग से स्थापित करने के निर्देश दिए। रेड स्टोन और अन्य पत्थरों की बिछाई में भी कोई निर्धारित पैटर्न विकसित नहीं किया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने गलत लगे पत्थरों को हटाकर स्वीकृत डिज़ाइन के अनुरूप आकर्षक पैटर्न विकसित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, ग्रेनाइट कार्य के निरीक्षण में पता चला कि नीचे का बेस ठीक से तैयार नहीं था, जिससे कई जगहों पर ग्रेनाइट में दरारें आ रही थीं। जिलाधिकारी ने इसे 'अत्यंत गंभीर लापरवाही' बताते हुए संबंधित संस्था और ठेकेदार पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने म्यूरल वॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों को दूर करने तथा परियोजना को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए संबंधित संस्था को 15 दिवस का अंतिम अवसर प्रदान किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कमियों का निस्तारण कर कार्य को अगले 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जून 2026 की निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए, साथ ही लगाए जा रहे पौधों के चारों ओर उचित घेराबंदी की जाए ताकि उन्हें बंदरों एवं अन्य जानवरों से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी दोहराया कि निर्धारित अवधि के बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा और संतोषजनक प्रगति न पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि कामदगिरि महाआरती स्थल जनपद का एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है और इसके विकास कार्यों में गुणवत्ता, सौन्दर्य एवं समयबद्धता से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।
    1
    आज चित्रकूट जिलाधिकारी ने कामदगिरि महाआरती स्थल पर चल रहे पर्यटन विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कार्य की गुणवत्ता और प्रगति में कई गंभीर कमियाँ मिलीं। इन अनियमितताओं पर उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई।

यह परियोजना राज्य सेक्टर के तहत पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत है और इसका निर्माण यू०पी० प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, परियोजना को 20 फरवरी 2025 को शासनादेश संख्या 65/2025/आई०एफ०-887225/001-41-2002-002-4-2025-सीजन-1890451 के माध्यम से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिली है, जिसकी कुल स्वीकृत लागत ₹260.68 लाख है। कार्य जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में मल्टीपरपज हॉल, महाआरती स्थल प्लेटफार्म, सजावटी स्तम्भ, कोबल स्टोन पाथवे, प्लम्बिंग, म्यूरल वॉल निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण, तथा बाह्य विद्युतीकरण जैसे विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि स्थल पर लगाई जा रही वॉल पेंटिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके लिए उन्होंने इसे व्यवस्थित ढंग से स्थापित करने के निर्देश दिए। रेड स्टोन और अन्य पत्थरों की बिछाई में भी कोई निर्धारित पैटर्न विकसित नहीं किया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने गलत लगे पत्थरों को हटाकर स्वीकृत डिज़ाइन के अनुरूप आकर्षक पैटर्न विकसित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, ग्रेनाइट कार्य के निरीक्षण में पता चला कि नीचे का बेस ठीक से तैयार नहीं था, जिससे कई जगहों पर ग्रेनाइट में दरारें आ रही थीं। जिलाधिकारी ने इसे 'अत्यंत गंभीर लापरवाही' बताते हुए संबंधित संस्था और ठेकेदार पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने म्यूरल वॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों को दूर करने तथा परियोजना को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए संबंधित संस्था को 15 दिवस का अंतिम अवसर प्रदान किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कमियों का निस्तारण कर कार्य को अगले 10 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जून 2026 की निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए, साथ ही लगाए जा रहे पौधों के चारों ओर उचित घेराबंदी की जाए ताकि उन्हें बंदरों एवं अन्य जानवरों से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी दोहराया कि निर्धारित अवधि के बाद पुनः निरीक्षण किया जाएगा और संतोषजनक प्रगति न पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि कामदगिरि महाआरती स्थल जनपद का एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है और इसके विकास कार्यों में गुणवत्ता, सौन्दर्य एवं समयबद्धता से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा।
    user_छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    छोटेलाल पत्रकार चित्रकूट
    Reporter मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'होटल फ्लोरिश' में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनज़र, उत्तर प्रदेश शासन तथा पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० अग्निशमन एवं आपात सेवा, लखनऊ के निर्देशों के पालन में जनपद चित्रकूट में एक विशेष सतर्कता अभियान शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आग से जुड़े जोखिमों को कम करना है। इसी कड़ी में, दिनांक 4 जून 2026 को मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) श्री यदुनाथ सिंह के नेतृत्व में जनपद मुख्यालय स्तर पर विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों का सघन निरीक्षण किया गया। इस अभियान के तहत रामकृपा इन होटल कर्वी, होटल कान्हा भवन रामघाट सीतापुर, होटल बिन्दीराम रामघाट सीतापुर, सागर भवन यू०पी०टी० तिराहा, कान्हा होटल एण्ड फैमिली रेस्टोरेन्ट बेडीपुलिया, मदन ऊषा होटल रामघाट सीतापुर और ऊषा मदन होटल रामघाट सीतापुर जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के साथ-साथ आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन प्रतिष्ठानों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदुनाथ सिंह ने इस दौरान ज़ोर दिया कि आपातकालीन स्थितियों में जान-माल की हानि रोकने के लिए केवल अग्निशमन उपकरणों का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों का मानसिक और व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के त्वरित संचालन, आपातकालीन पलायन की प्रक्रियाओं और प्राथमिक नियंत्रण के तौर-तरीकों से अवगत कराया गया है। अग्निशमन विभाग ने प्रतिष्ठान स्वामियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करें, अन्यथा किसी भी स्तर पर पाई गई शिथिलता या लापरवाही के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा।
    1
    देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'होटल फ्लोरिश' में हुए भीषण अग्निकांड के मद्देनज़र, उत्तर प्रदेश शासन तथा पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० अग्निशमन एवं आपात सेवा, लखनऊ के निर्देशों के पालन में जनपद चित्रकूट में एक विशेष सतर्कता अभियान शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आग से जुड़े जोखिमों को कम करना है।

इसी कड़ी में, दिनांक 4 जून 2026 को मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) श्री यदुनाथ सिंह के नेतृत्व में जनपद मुख्यालय स्तर पर विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों का सघन निरीक्षण किया गया। इस अभियान के तहत रामकृपा इन होटल कर्वी, होटल कान्हा भवन रामघाट सीतापुर, होटल बिन्दीराम रामघाट सीतापुर, सागर भवन यू०पी०टी० तिराहा, कान्हा होटल एण्ड फैमिली रेस्टोरेन्ट बेडीपुलिया, मदन ऊषा होटल रामघाट सीतापुर और ऊषा मदन होटल रामघाट सीतापुर जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के साथ-साथ आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन प्रतिष्ठानों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण और मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री यदुनाथ सिंह ने इस दौरान ज़ोर दिया कि आपातकालीन स्थितियों में जान-माल की हानि रोकने के लिए केवल अग्निशमन उपकरणों का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों का मानसिक और व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के त्वरित संचालन, आपातकालीन पलायन की प्रक्रियाओं और प्राथमिक नियंत्रण के तौर-तरीकों से अवगत कराया गया है। अग्निशमन विभाग ने प्रतिष्ठान स्वामियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करें, अन्यथा किसी भी स्तर पर पाई गई शिथिलता या लापरवाही के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा।
    user_Chitrakootnewslive
    Chitrakootnewslive
    News Anchor मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • चित्रकूट के पहाड़ी ब्लॉक मुख्यालय पर बीते दिनों पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और एडीएम नमामि गंगे ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन से जुड़े विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में पेयजल संकट का समाधान एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि वर्तमान में प्रभावित ग्रामीणों को तीन टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिसे बढ़ाकर अतिरिक्त टैंकर भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी ग्रामीण को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल जीवन मिशन की कई टीमें लगातार क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम चल रहा है, जिससे जल्द ही पेयजल व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगी और ग्रामीणों को राहत मिलेगी। इसी क्रम में, दिनांक 06.06.2026 को ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग, ब्लॉक पहाड़ी में जिलाधिकारी द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, 3 जेसीबी के अतिरिक्त कुल 32 कार्यबल अलग-अलग 6 स्थानों पर गैप क्लोजिंग और नए नल कनेक्शन का कार्य करते हुए पाए गए। ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग में कुल 1415 कनेक्शनों में से अब तक 815 कनेक्शन किए जा चुके हैं, और 247 कनेक्शनों में पानी पहुंचा दिया गया है। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया है कि सात दिवस में समस्त कार्य पूर्ण कर गांव के समस्त मजरों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ कराई जाए। जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक पानी के टैंकर के माध्यम से जल आपूर्ति जारी रहेगी।
    1
    चित्रकूट के पहाड़ी ब्लॉक मुख्यालय पर बीते दिनों पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और एडीएम नमामि गंगे ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन से जुड़े विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में पेयजल संकट का समाधान एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि वर्तमान में प्रभावित ग्रामीणों को तीन टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, जिसे बढ़ाकर अतिरिक्त टैंकर भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी ग्रामीण को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल जीवन मिशन की कई टीमें लगातार क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम चल रहा है, जिससे जल्द ही पेयजल व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगी और ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

इसी क्रम में, दिनांक 06.06.2026 को ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग, ब्लॉक पहाड़ी में जिलाधिकारी द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान, 3 जेसीबी के अतिरिक्त कुल 32 कार्यबल अलग-अलग 6 स्थानों पर गैप क्लोजिंग और नए नल कनेक्शन का कार्य करते हुए पाए गए। ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग में कुल 1415 कनेक्शनों में से अब तक 815 कनेक्शन किए जा चुके हैं, और 247 कनेक्शनों में पानी पहुंचा दिया गया है। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया है कि सात दिवस में समस्त कार्य पूर्ण कर गांव के समस्त मजरों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ कराई जाए। जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक पानी के टैंकर के माध्यम से जल आपूर्ति जारी रहेगी।
    user_सरस्वती सिंह कुशवाहा
    सरस्वती सिंह कुशवाहा
    करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • चित्रकूट जिले के अर्की गांव में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर 11,000 वोल्ट के बिजली खंभे से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक खेत से वापस लौट रहा था और तेज रफ्तार के कारण संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का खंभा और उस पर लगा ट्रांसफार्मर दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं बिजली के तार ट्रैक्टर पर गिर गए। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन इस टक्कर के कारण सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
    1
    चित्रकूट जिले के अर्की गांव में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर 11,000 वोल्ट के बिजली खंभे से टकरा गया, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक खेत से वापस लौट रहा था और तेज रफ्तार के कारण संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का खंभा और उस पर लगा ट्रांसफार्मर दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं बिजली के तार ट्रैक्टर पर गिर गए। इस हादसे में ट्रैक्टर चालक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन इस टक्कर के कारण सैकड़ों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
    user_Umesh Chandra
    Umesh Chandra
    Local News Reporter राजापुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.