अलवर के रैणी में ओवरलोड टैंपो से गिरकर 5 वर्षीय मासूम दिक्षित की मौत पर सियासत गरमा गई है। अलवर के रैणी में ओवरलोड टैंपो से गिरकर 5 वर्षीय मासूम दिक्षित की मौत पर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को हादसा नहीं, बल्कि "व्यवस्था की हत्या" करार दिया है। जूली ने कहा, तीन बहनों का इकलौता भाई दिक्षित एक मजदूर पिता का बेटा था, जिसे अच्छी शिक्षा के लिए रैणी भेजा जाता था। उन्होंने बताया कि 19 साल पुराने टैंपो की फिटनेस एक्सपायर थी, बॉडी जर्जर थी और 5 की क्षमता में 20 बच्चे ठूंसे गए थे। जूली का आरोप है कि यह सब रोजाना पुलिस और परिवहन विभाग की आंखों के सामने चल रहा था। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया, जब यह टैंपो एनसीआर में नहीं चल सकता था, तो स्कूली बच्चों को ढोने की छूट किसने दी? नेता प्रतिपक्ष ने स्कूल प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। टीकाराम जूली ने पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच का अभियान चलाने की भी मांग की। उनका कहना है, ताकि कोई और मां-बाप अपना बेटा न खोए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
अलवर के रैणी में ओवरलोड टैंपो से गिरकर 5 वर्षीय मासूम दिक्षित की मौत पर सियासत गरमा गई है। अलवर के रैणी में ओवरलोड टैंपो से गिरकर 5 वर्षीय मासूम दिक्षित की मौत पर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को हादसा नहीं, बल्कि "व्यवस्था की हत्या" करार दिया है। जूली ने कहा, तीन बहनों का इकलौता भाई दिक्षित एक मजदूर पिता का बेटा था, जिसे अच्छी शिक्षा के लिए रैणी भेजा जाता था। उन्होंने बताया कि 19 साल पुराने टैंपो की फिटनेस एक्सपायर थी, बॉडी जर्जर थी और 5 की क्षमता में 20 बच्चे ठूंसे गए थे। जूली का आरोप है कि यह सब रोजाना पुलिस और परिवहन विभाग की आंखों के सामने चल रहा था। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया, जब यह टैंपो एनसीआर में नहीं चल सकता था, तो स्कूली बच्चों को ढोने की छूट किसने दी? नेता प्रतिपक्ष ने स्कूल प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। टीकाराम जूली ने पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच का अभियान चलाने की भी मांग की। उनका कहना है, ताकि कोई और मां-बाप अपना बेटा न खोए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
- 🚨 "न्याय दो!" की गूंज से गूंजा ESIC मेडिकल कॉलेज, मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र अलवर "ESIC मेडिकल कॉलेज अलवर से सामने आया एक ऐसा शिकायत पत्र, जिसने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों ने नई सिक्योरिटी एजेंसी पर रिश्वतखोरी, फर्जी लिस्ट तैयार करने और दस्तावेज़ों में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस शिकायत पर कई कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, पूरे सिस्टम का मामला बन सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल—क्या होगी निष्पक्ष जांच? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?1
- gurjar samaj nahi pata hai ki nahi pata hai ki nahi pata hai ki nahi pata y1
- मेहंदीपुर बालाजी प्रेस क्लब 2026 की नई कार्यकारिणी का गठन मेहंदीपुर बालाजी प्रेस क्लब की वार्षिक कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। गठन के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों एवं सदस्यों की मौजूदगी में विभिन्न पदाधिकारियों की घोषणा की गई। नई कार्यकारिणी में सुरेश तिवाड़ी, राघवेंद्र सिंह एवं गिरधारीलाल को संरक्षक बनाया गया है। वहीं प्रदीप जैमन को क्लब का अध्यक्ष, राजेश शर्मा एवं भरत सिंह राजपूत को उपाध्यक्ष, अनंत शर्मा को महासचिव, सुमित शर्मा को कोषाध्यक्ष तथा राजेन्द्र सिंह राजपूत को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में राजेश भारद्वाज, प्रवेश भालपुर, चेतन गुर्जर, रितिक तिवाड़ी और सूरज पोषवाल को शामिल किया गया है। वहीं चुनाव प्रक्रिया पवनसिंह राजपूत की देखरेख में संपन्न हुई।बालाजी प्रेस क्लब की नवीन कार्यकारिणी का मौजूद सदस्यों ने माला और रामनामी पटका पहनाकर बालाजी महाराज की तस्वीर भेंट की।इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए निष्पक्ष, सकारात्मक एवं जनहित की पत्रकारिता को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही प्रेस क्लब को और अधिक सक्रिय एवं संगठित बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का भरोसा दिलाया।1
- हींगवा में नाथ संप्रदाय के आसन मंदिर पर शिव महापुराण कथा का आयोजन सिकराय | हींगवा में नाथ संप्रदाय के आसन मंदिर पर चल रही शिव महापुराण कथा में सोमवार को कथावाचक राकेश नाथा ने श्रद्धालुओं को दुःख व कष्ट दूर करने के लिए निष्काम भक्ति को एकमात्र उपाय बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अहंकार त्यागकर नियमित रूप से भगवान शिव की भक्ति करनी चाहिए। इससे सभी कष्टों से जल्द मुक्ति मिलती है। मंदिर महंत लक्ष्मण नाथ महाराज के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा का महत्व बताते हुए कथावाचक नाथा ने कहा कि विश्वास, समर्पण व निष्काम भाव की गई उपासना को मनुष्य के सभी दुखों व कष्टों को दूर करने का एकमात्र उपाय माना गया है1
- खाना खिलाने वाले जुनैद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे! | CJP प्रोटेस्ट से जुड़ा बड़ा मामला | Latest Hindi News CJP प्रोटेस्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले मोहम्मद जुनैद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। जुनैद ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें करीब 6 घंटे तक हिरासत में रखा और उनके परिवार को भी परेशान किया जा रहा है।1
- अलवर के रैणी में ओवरलोड टैंपो से गिरकर 5 वर्षीय मासूम दिक्षित की मौत पर सियासत गरमा गई है। अलवर के रैणी में ओवरलोड टैंपो से गिरकर 5 वर्षीय मासूम दिक्षित की मौत पर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को हादसा नहीं, बल्कि "व्यवस्था की हत्या" करार दिया है। जूली ने कहा, तीन बहनों का इकलौता भाई दिक्षित एक मजदूर पिता का बेटा था, जिसे अच्छी शिक्षा के लिए रैणी भेजा जाता था। उन्होंने बताया कि 19 साल पुराने टैंपो की फिटनेस एक्सपायर थी, बॉडी जर्जर थी और 5 की क्षमता में 20 बच्चे ठूंसे गए थे। जूली का आरोप है कि यह सब रोजाना पुलिस और परिवहन विभाग की आंखों के सामने चल रहा था। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया, जब यह टैंपो एनसीआर में नहीं चल सकता था, तो स्कूली बच्चों को ढोने की छूट किसने दी? नेता प्रतिपक्ष ने स्कूल प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। टीकाराम जूली ने पूरे प्रदेश में स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच का अभियान चलाने की भी मांग की। उनका कहना है, ताकि कोई और मां-बाप अपना बेटा न खोए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।1
- अलवर जिले की तहसील रैणी के ग्राम बैरेर में भारी बारिश के बाद हालात अलवर जिले की तहसील रैणी के ग्राम बैरेर में भारी बारिश के बाद हालात PWD की सड़क पर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पूरी सड़क नदी में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर 100 से 200 मीटर तक घुटने-घुटने पानी भर गया है। पानी घरों में घुसने से मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल की बसें और साइकिल सवार भी पानी में फंसकर रह गए हैं। छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने सिर्फ मलबा पटक कर खानापूर्ति की, स्थायी समाधान नहीं किया। राजेन्द्र बैरेर का कहना है कि पैदल निकलना भी असंभव है, किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। जनसेवक राजेंद्र बैरेर ने PWD और SDM से तुरंत मौके पर आकर निकासी की मांग की है फिलहाल बैरेर के ग्रामीण जलभराव और प्रशासन की अनदेखी के बीच जीने को मजबूर हैं।1