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# मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में **कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई** # मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में **कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई** **उमरिया/मानपुर।** मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्राम गुरुवाही में आयोजित कार्यक्रम से पहले क्षेत्रीय जनसमस्याओं को लेकर मांगपत्र सौंपने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पत्रकार रवि सेन सहित उनके साथियों को मानपुर पुलिस ने बस स्टैंड पर रोककर थाने ले जाकर हिरासत में ले लिया। रवि सेन के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और मांगपत्र सौंपने के लिए पूर्व में कलेक्टर उमरिया को आवेदन दिया था। इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। रवि सेन ने सवाल उठाया कि जब वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, तो उन्हें बीच रास्ते में रोककर थाने क्यों ले जाया गया? उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को सुरक्षा संबंधी कोई आपत्ति थी, तो इसकी जानकारी नियमानुसार दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि **जनसमस्याओं को सरकार के सामने रखना लोकतांत्रिक अधिकार है।** कलेक्टर को पहले ही आवेदन देने के बावजूद कार्यक्रम में जाने से रोकना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि उन्हें गुरुवाही जाने से क्यों रोका गया और क्षेत्र की समस्याओं का मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर कब दिया जाएगा। रवि सेन ने कहा कि वे प्रशासन और न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

1 hr ago
user_Ashutosh tripathi
Ashutosh tripathi
Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

# मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में **कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई** # मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में **कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई** **उमरिया/मानपुर।** मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्राम गुरुवाही में आयोजित कार्यक्रम से पहले क्षेत्रीय जनसमस्याओं को लेकर मांगपत्र सौंपने

जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पत्रकार रवि सेन सहित उनके साथियों को मानपुर पुलिस ने बस स्टैंड पर रोककर थाने ले जाकर हिरासत में ले लिया। रवि सेन के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और मांगपत्र सौंपने के लिए पूर्व में कलेक्टर उमरिया को आवेदन दिया था। इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। रवि सेन ने सवाल उठाया कि जब वे

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शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, तो उन्हें बीच रास्ते में रोककर थाने क्यों ले जाया गया? उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को सुरक्षा संबंधी कोई आपत्ति थी, तो इसकी जानकारी नियमानुसार दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि **जनसमस्याओं को सरकार के सामने रखना लोकतांत्रिक अधिकार है।** कलेक्टर को पहले ही आवेदन देने के बावजूद कार्यक्रम में जाने से रोकना कई सवाल खड़े करता

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है। उन्होंने जिला प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि उन्हें गुरुवाही जाने से क्यों रोका गया और क्षेत्र की समस्याओं का मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर कब दिया जाएगा। रवि सेन ने कहा कि वे प्रशासन और न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

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  • *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन* *जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता* उमरिया, 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया। जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या? जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी— 1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए। 4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। 5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए। सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है? जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू,  हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे। जारीकर्ता: जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)
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    *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन*
*जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता*
उमरिया, 14 अक्टूबर 2026।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया।
जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे।
इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।
इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।
उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस
जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी—
1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए।
3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए।
4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए।
सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार
इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है?
जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा।
जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू,  हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे।
जारीकर्ता:
जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर विजय कल सहित सैकड़ो कांग्रेस कर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन *मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन* रिपोर्टर- बाल्मीक यादव स्वतंत्रत भारत 24 जिला ब्यूरो *जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता* उमरिया, 14 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया। जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या? जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी— 1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए। 4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। 5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए। सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है? जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए। जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू,  हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे। जारीकर्ता: जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)
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    मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजीनियर विजय कल सहित सैकड़ो कांग्रेस कर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन 
*मुख्यमंत्री के उमरिया प्रवास के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया डिटेन*
रिपोर्टर- बाल्मीक यादव स्वतंत्रत भारत 24 जिला ब्यूरो 
*जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने से रोकने का आरोप, मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक पुलिस की निगरानी में रखे गए कांग्रेस कार्यकर्ता*
उमरिया, 14 अक्टूबर 2026।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिला प्रवास के दौरान जिले की गंभीर जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया के अध्यक्ष इंजी. विजय कोल सहित जिले भर के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन डिटेन कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष को उनके कार्यालय में ही रोक दिया गया, जबकि अनेक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के उमरिया से रवाना होने तक बाहर निकलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजी विजय कोल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उमरिया जिले की जनता की वर्षों से लंबित समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के उद्देश्य से अपनी आवाज उठाना चाहते थे। लेकिन जनसमस्याओं पर संवाद करने का अवसर देने के बजाय पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का रास्ता अपनाया।
जनता की समस्याएं उठाना अपराध है क्या?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने कहा कि मुख्यमंत्री का जिले में आगमन जनता के लिए अपनी समस्याएं रखने का महत्वपूर्ण अवसर था। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक दिन पूर्व ही प्रेस वार्ता आयोजित कर जिले की छह प्रमुख जनसमस्याओं को सार्वजनिक किया था और अपेक्षा की थी कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेंगे।
इंजी विजय कोल ने कहा है कि जिले के आदिवासी परिवार अपनी जमीन और अधिकारों की सुरक्षा के लिए न्याय की अपेक्षा कर रहे हैं। जिले का युवा हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आम नागरिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग और बदहाल सड़कों की समस्या से परेशान हैं। किसान खरीफ फसल पंजीयन और सिंचाई के लिए बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि विद्यार्थी लगातार बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, नवनिर्मित अस्पताल का लोकार्पण नहीं होने से जिले के मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।
इन समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखने की तैयारी करना यदि अपराध है, तो जनता की आवाज उठाने वाले प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।
उमरिया की छह प्रमुख समस्याओं पर मुख्यमंत्री से जवाब चाहती है कांग्रेस
जिला कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखने की तैयारी की थी—
1. आदिवासियों की जमीन पर कथित जबरन कब्जे की निष्पक्ष जांच: बजरंग कोल माइंस एवं अन्य कोल माइंस से संबंधित भूमि विवादों की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय एवं उनके कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
2. हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ मैदान का निर्माण: पूर्व में घोषित 13.26 करोड़ रुपये की परियोजना की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक कर निर्माण कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए।
3. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे ओवरब्रिज की समस्या: वर्ष 2014 से लंबित बताए जा रहे रेलवे ओवरब्रिज संबंधी कार्य की स्थिति स्पष्ट की जाए तथा बदहाल सड़क की मरम्मत कराकर नागरिकों को राहत दी जाए।
4. किसानों के खरीफ फसल पंजीयन की समस्या: पंजीयन से वंचित पात्र किसानों को दोबारा अवसर देकर उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
5. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक: विद्यार्थियों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त एवं नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
6. नवनिर्मित अस्पताल का शीघ्र संचालन: अस्पताल के लोकार्पण में हो रही देरी के कारण स्पष्ट कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं और अस्पताल को शीघ्र आम जनता के लिए शुरू किया जाए।
सवालों से बचने के बजाय जनता को जवाब दे सरकार
इंजी. विजय कोल ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच संवाद होना चाहिए। मुख्यमंत्री का दायित्व केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने तथ्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लेने से न तो जिले की समस्याएं समाप्त होंगी और न ही जनता की आवाज को दबाया जा सकेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार उमरिया जिले में विकास और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, तो आदिवासियों की जमीन, किसानों की परेशानी, युवाओं के खेल संसाधन, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों को सुनने में परहेज क्यों किया जा रहा है?
जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी
जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया ने पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस ने मांग की कि भविष्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का उचित अवसर दिया जाए तथा इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष इंजी. विजय कोल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी उमरिया जिले की जनता के अधिकारों, आदिवासी परिवारों के न्याय, किसानों की समस्याओं, युवाओं के भविष्य और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रहेगी। पुलिस की कार्रवाई से कांग्रेस का जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कमजोर नहीं होगा, बल्कि जनता की आवाज को और मजबूती से उठाया जाएगा।
जिला कांग्रेस कमेटी उमरिया का स्पष्ट संदेश है—जनता की आवाज को पुलिस के पहरे में कैद नहीं किया जा सकता। उमरिया की समस्याओं का समाधान होने तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया जिले में आगमन से पहले *जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के कार्यालय उमरिया में* जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष इंजी विजय कोल, पुष्पराज सिंह, मिथलेश राय, वीरेंद्र सिंह सेंगर, शिशुपाल यादव, दुर्गेश साहू *थाना नौरोज़ाबाद* में अनुराग सिंह अंबुज जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस, अजय सिंह सोमवंशी, रविंद्र कुमार संत, नवीन कठौतिया, भरत नामदेव, श्रेयांस तिवारी, हिमांशु कुशवाहा, आयुष सिंह, सोमचंद साहू, महेंद्र मोहोबिया *थाना चौकी घुनघुटी* आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, छोटी बाई, सुमित्रा, सुमन सिंह, सुशीला, ऊषा सिंह, अरुण सिंह *थाना मानपुर* उमाशंकर पटेल, रोशनी सिंह, विजय गौतम, रवि सेन, ऋतिक पयाशी, पंकज गौतम, कृष्ण कुमार पटेल, कुश परिहार, राम नरेश सिंह *थाना कोतवाली उमरिया* एनएस यूआई अध्यक्ष असलम शेर *थाना चंदिया* शोयब रज्जब खान, मुकीम अहमद अल्लू,  हिमांशु सिंह लकी, अमित द्विवेदी, अशब खान, अख्तर खान, साजन रावत, आनंद प्रजापति, घनश्याम प्रजापति, शेषमणि कोल, विक्रम प्रताप सिंह, संजय अग्रवाल, गजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कांग्रेसजन रहे।
जारीकर्ता:
जिला कांग्रेस कमेटी, उमरिया (मध्य प्रदेश)
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवाही हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवाही हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत उमरिया, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उमरिया जिले के गुरुवाही (ताला) हेलीपैड पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त अंतरित करने के लिए मानपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुरुवाही में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान भी मौजूद रहे। इस अवसर पर शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, मानपुर विधायक मीना सिंह, बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, उपाध्यक्ष ओम नारायण सिंह, पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह, शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता, आईजी एन. चैत्रा, डीआईजी विवेक सिंह, कलेक्टर राखी सहाय, जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय, वनमंडलाधिकारी विवेक सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत-अभिनंदन किया।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवाही हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवाही हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
उमरिया, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उमरिया जिले के गुरुवाही (ताला) हेलीपैड पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त अंतरित करने के लिए मानपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुरुवाही में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, मानपुर विधायक मीना सिंह, बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, उपाध्यक्ष ओम नारायण सिंह, पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह, शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता, आईजी एन. चैत्रा, डीआईजी विवेक सिंह, कलेक्टर राखी सहाय, जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय, वनमंडलाधिकारी विवेक सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत-अभिनंदन किया।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ने जिले के 187111 महिलाओं के खाते में राशि की अंतरित .... शहडोल 14 अक्टूबर 2026:- नवरात्रि के पावन अवसर पर आज उमरिया जिले से 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' अंतर्गत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में ₹1,834 करोड़ से अधिक राशि एवं ₹450 में गैस सिलेंडर रीफिल योजना अंतर्गत 23 लाख से अधिक पात्र बहनों को दो माह की ₹115.10 करोड़ की अनुदान राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत शहडोल जिले के 187111 महिलाओं के लिए 273258300 रूपये की राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण जिला पंचायत शहडोल के सभागार में आयोजित किया गया।
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    मुख्यमंत्री ने जिले के 187111 महिलाओं के खाते में राशि की अंतरित
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शहडोल 14 अक्टूबर 2026:- नवरात्रि के पावन अवसर पर आज उमरिया जिले से 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' अंतर्गत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में ₹1,834 करोड़ से अधिक राशि एवं ₹450 में गैस सिलेंडर रीफिल योजना अंतर्गत 23 लाख से अधिक पात्र बहनों को दो माह की ₹115.10 करोड़ की अनुदान राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत शहडोल जिले के 187111 महिलाओं के लिए 273258300 रूपये की राशि अंतरित की गई। 
कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण जिला पंचायत शहडोल के सभागार में आयोजित किया गया।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया के गुरुवाही में आयोजित "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना" राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम परिसर में लगी प्रदर्शनी के दौरान आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना अंतर्गत आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह की महिलाओं को वाहन की चाबियां भेंट कीं।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया के गुरुवाही में आयोजित "मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना" राशि अंतरण एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम परिसर में लगी प्रदर्शनी के दौरान आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना अंतर्गत आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह की महिलाओं को वाहन की चाबियां भेंट कीं।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी जिला उमरिया में दो कमरों में चल रही है तीन कक्षाएं l मुकेश कुमार दुबे मास्टर ऑफ जर्नलिस्ट संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश l उमरिया जिला उमरिया मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कोलारी है जहां शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित है जिसमें कुल कक्षा 6 ,7 ,8 तीनों मिलकर कल 66 बच्चे हैं l पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी में वर्तमान में तीन कक्षाएं प्रारंभ है l तीन कक्षा संचालित करने के लिए शासन को कम से कम तीन कमरे ही स्कूल को देने चाहिए किंतु वर्तमान में पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी के कक्षा 6 से लेकर 8 तक के बच्चों की कक्षाएं 2 दो कमरे में ही लगाई जा रही हैl
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    शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी जिला उमरिया में दो कमरों में चल रही है तीन कक्षाएं l
मुकेश कुमार दुबे मास्टर ऑफ जर्नलिस्ट संवाददाता जिला उमरिया मध्य प्रदेश l
उमरिया जिला उमरिया मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कोलारी है जहां शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित है जिसमें कुल कक्षा 6 ,7 ,8 तीनों मिलकर कल 66 बच्चे हैं l पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी में वर्तमान में तीन कक्षाएं प्रारंभ है l तीन कक्षा संचालित करने के लिए शासन को कम से कम तीन कमरे ही स्कूल को देने चाहिए किंतु वर्तमान में पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोयलारी के कक्षा 6 से लेकर 8 तक के बच्चों की कक्षाएं 2 दो कमरे में ही लगाई जा रही हैl
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गांवों में सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे 50 लाख परिवारों को उनकी जमीन की रजिस्ट्री निःशुल्क प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रामराज्य के संकल्प को साकार करते हुए हर बहन को पक्का मकान और इज्जत घर उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। अब गांव के गरीब और आदिवासी भाई-बहनों को उनके मकान का मालिकाना हक देकर उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान की जाएगी। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरित होकर हमारी सरकार धरतीपुत्रों के कल्याण और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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    गांवों में सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे 50 लाख परिवारों को उनकी जमीन की रजिस्ट्री निःशुल्क प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रामराज्य के संकल्प को साकार करते हुए हर बहन को पक्का मकान और इज्जत घर उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
अब गांव के गरीब और आदिवासी भाई-बहनों को उनके मकान का मालिकाना हक देकर उन्हें सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान की जाएगी। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरित होकर हमारी सरकार धरतीपुत्रों के कल्याण और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • # मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में **कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई** # मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में **कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई** **उमरिया/मानपुर।** मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्राम गुरुवाही में आयोजित कार्यक्रम से पहले क्षेत्रीय जनसमस्याओं को लेकर मांगपत्र सौंपने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पत्रकार रवि सेन सहित उनके साथियों को मानपुर पुलिस ने बस स्टैंड पर रोककर थाने ले जाकर हिरासत में ले लिया। रवि सेन के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और मांगपत्र सौंपने के लिए पूर्व में कलेक्टर उमरिया को आवेदन दिया था। इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया। रवि सेन ने सवाल उठाया कि जब वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, तो उन्हें बीच रास्ते में रोककर थाने क्यों ले जाया गया? उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को सुरक्षा संबंधी कोई आपत्ति थी, तो इसकी जानकारी नियमानुसार दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि **जनसमस्याओं को सरकार के सामने रखना लोकतांत्रिक अधिकार है।** कलेक्टर को पहले ही आवेदन देने के बावजूद कार्यक्रम में जाने से रोकना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि उन्हें गुरुवाही जाने से क्यों रोका गया और क्षेत्र की समस्याओं का मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर कब दिया जाएगा। रवि सेन ने कहा कि वे प्रशासन और न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
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    # मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में
**कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई**

# मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में
**कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद गुरुवाही जाने से रोका, मानपुर बस स्टैंड से पुलिस थाने ले गई**
**उमरिया/मानपुर।** मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्राम गुरुवाही में आयोजित कार्यक्रम से पहले क्षेत्रीय जनसमस्याओं को लेकर मांगपत्र सौंपने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पत्रकार रवि सेन सहित उनके साथियों को मानपुर पुलिस ने बस स्टैंड पर रोककर थाने ले जाकर हिरासत में ले लिया।
रवि सेन के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराने और मांगपत्र सौंपने के लिए पूर्व में कलेक्टर उमरिया को आवेदन दिया था। इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंचने दिया गया।
रवि सेन ने सवाल उठाया कि जब वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याएं मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे, तो उन्हें बीच रास्ते में रोककर थाने क्यों ले जाया गया? उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को सुरक्षा संबंधी कोई आपत्ति थी, तो इसकी जानकारी नियमानुसार दी जा सकती थी।
उन्होंने कहा कि **जनसमस्याओं को सरकार के सामने रखना लोकतांत्रिक अधिकार है।** कलेक्टर को पहले ही आवेदन देने के बावजूद कार्यक्रम में जाने से रोकना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि उन्हें गुरुवाही जाने से क्यों रोका गया और क्षेत्र की समस्याओं का मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर कब दिया जाएगा।
रवि सेन ने कहा कि वे प्रशासन और न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन जनता की आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि जनसमस्याओं को लेकर उनका संघर्ष शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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