गणगौर पर्व पर उमड़ी आस्था, भक्ति में सराबोर दिखीं महिलाएं गणगौर पर्व पर उमड़ी आस्था, भक्ति में सराबोर दिखीं महिलाएं बामनवास क्षेत्र में गणगौर पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पूरे इलाके में भक्ति और परंपरा का रंग देखने को मिला, जहां महिलाएं पूरी तरह धार्मिक आस्था में लीन नजर आईं। बामनवास मुख्यालय सहित आसपास के गांवों और कस्बों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर कलश और गणगौर की प्रतिमाएं लेकर समूहों में गीत गाती हुई पूजा स्थलों तक पहुंचीं। “गौरा-ईसर” के मधुर गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ ईसर-गौरा की पूजा कर अपने सुहाग की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पारंपरिक कथाएं सुनीं और रीति-रिवाजों का पालन किया। गांव-गांव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली, जिसने इस पर्व को और खास बना दिया। गणगौर के अवसर पर बामनवास क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हर ओर गूंजते भक्ति गीतों और उत्सव के माहौल ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह पर्व नारी शक्ति, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर एक बार फिर लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ गया।
गणगौर पर्व पर उमड़ी आस्था, भक्ति में सराबोर दिखीं महिलाएं गणगौर पर्व पर उमड़ी आस्था, भक्ति में सराबोर दिखीं महिलाएं बामनवास क्षेत्र में गणगौर पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पूरे इलाके में भक्ति और परंपरा का रंग देखने को मिला, जहां महिलाएं पूरी तरह धार्मिक आस्था में लीन नजर आईं। बामनवास
मुख्यालय सहित आसपास के गांवों और कस्बों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर कलश और गणगौर की प्रतिमाएं लेकर समूहों में गीत गाती हुई पूजा स्थलों तक पहुंचीं। “गौरा-ईसर” के मधुर गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ ईसर-गौरा
की पूजा कर अपने सुहाग की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पारंपरिक कथाएं सुनीं और रीति-रिवाजों का पालन किया। गांव-गांव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली, जिसने इस पर्व को और खास बना दिया। गणगौर के अवसर पर बामनवास
क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हर ओर गूंजते भक्ति गीतों और उत्सव के माहौल ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह पर्व नारी शक्ति, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर एक बार फिर लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ गया।
- गंगापुर सिटी के रिद्धि सिद्धि हॉस्पिटल में कैलाश के दौरान महिला की मृत्यु महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने लगाई गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप और कहा कि महिला स्वास्थ थी तब भर्ती करवाई थी महिला के पेट की सफाई करवाने के लिए करवाई गई थी शाम को 7:00 बजे भारती पर डॉक्टर की लापरवाही कर लगाया परिजनों ने आरोप कहा कि 9:00 बजे तक हमें यह नहीं बताया कि महिला की हालत कैसी है1
- गंगापुर सिटी से रिपोर्ट: गंगापुर सिटी में इन दिनों बाजार में बिक रही आइसक्रीम को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर मिल रही कई सस्ती आइसक्रीम में असली दूध और क्रीम की जगह पोम ऑयल (Palm Oil) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोम ऑयल का अधिक सेवन शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, जिससे दिल की बीमारियों, मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में इसका असर और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी और पाचन तंत्र अभी विकसित हो रहा होता है। शहर के कई इलाकों में सस्ती आइसक्रीम खुलेआम बेची जा रही है, जिन पर न तो किसी तरह की ब्रांडिंग है और न ही सामग्री की सही जानकारी दी जाती है। यह आइसक्रीम देखने में आकर्षक और स्वाद में मीठी जरूर होती है, लेकिन अंदर से यह सेहत के लिए “धीमा जहर” साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की जांच में ढिलाई बरती जा रही है, जिससे ऐसे उत्पाद आसानी से बाजार में बिक रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।1
- गणगौर पर्व पर उमड़ी आस्था, भक्ति में सराबोर दिखीं महिलाएं बामनवास क्षेत्र में गणगौर पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पूरे इलाके में भक्ति और परंपरा का रंग देखने को मिला, जहां महिलाएं पूरी तरह धार्मिक आस्था में लीन नजर आईं। बामनवास मुख्यालय सहित आसपास के गांवों और कस्बों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं सिर पर कलश और गणगौर की प्रतिमाएं लेकर समूहों में गीत गाती हुई पूजा स्थलों तक पहुंचीं। “गौरा-ईसर” के मधुर गीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ ईसर-गौरा की पूजा कर अपने सुहाग की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पारंपरिक कथाएं सुनीं और रीति-रिवाजों का पालन किया। गांव-गांव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली, जिसने इस पर्व को और खास बना दिया। गणगौर के अवसर पर बामनवास क्षेत्र में आस्था, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। हर ओर गूंजते भक्ति गीतों और उत्सव के माहौल ने पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह पर्व नारी शक्ति, समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर एक बार फिर लोगों के दिलों में अपनी छाप छोड़ गया।4
- नादौती पंचायत रौंसी में किसान को खेत में जंगली बिल्ली के तीन बच्चे दिखाई दिए। शुरुआत में इन्हें तेंदुए के शावक समझा गया, लेकिन बाद में वन विभाग ने स्पष्ट किया कि ये जंगली बिल्ली के बच्चे हैं।यह घटना तब हुई जब किसान सुबह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने खेत पर गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत के बीच खेल रहे बच्चों पर पड़ी। उन्हें देखकर वह घबरा गया और तुरंत ग्रामीणों को फोन कर सूचना दी।सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना और वन विभाग को दी गई। सूचना पर गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना से एएसआई प्रेम सिंह गुर्जर अपनी टीम के साथ पहुंचे। वहीं, गुढ़ाचन्द्रजी वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोइया भी टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोड्या ने रविवार दोपहर 3:00 बजे ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि बच्चों को वहीं रहने दिया जाए, ताकि उनकी मां आकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जा सके।1
- श्री महावीर जी। कस्बा स्थित मा चम्पा लाल उच्च माध्यमिक विद्यालय में भारतीय जनता पार्टी मंडल श्री महावीर जी की पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल प्रशिक्षण वर्ग आयोजित हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारत माता पंडित श्याम प्रसाद मुखर्जी के चित्रपट पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की, प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं ने सात विषयों पर चर्चा की, सात वक्ताओं ने सात विषय पर प्रकाश डाला, सोशल मीडिया विषय पर जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन ने , केंद्रीय में राज्य सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां एवं विशेषज्ञ पर पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव साथ ही पार्टी की वैचारिक अधिष्ठान पर पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्र मीणा ने साथ ही पार्टी की कार्य पद्धति पर पूर्व विधायक रमेश मीणा ने , भाजपा का इतिहास व विकास पर भाजपा प्रदेश का समिति सदस्य धर्मा डागुर ने, कार्य विस्तार की हमारी दृष्टि पर जिला महामंत्री दिलीप गुप्ता ने , बूथ प्रबंधन टिफिन बैठक पर विभांशु मोदी ने प्रकाश डाला। साथ ही सभी सत्रों में एक-एक विषय पर कार्यकर्ताओं ने सत्र की अध्यक्षता की, इस दौरान मंडल अध्यक्ष कपलेश शर्मा , पूर्व मंडल अध्यक्ष ईश्वर सिंह, मंडल महामंत्री दिगंबर सिंह युवराज बोहरा, रमेश प्रेमी, सुरेश लक्षकर मंडल उपाध्यक्ष वैद्य विजय कृष्ण शर्मा , मुंशी गुर्जर,रूप सिंह,मंत्री कमल जांगिड़, अजय योगी पीपलहेड़ा आशीष चौधरी जगदीश जांगिड़ वीरेंद्र प्रजापत महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष जोली गोयल पूजा जाटव अभिलाषा शर्मा अनिता कुमारी, पारुल शर्मा सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- आंगनबाड़ी केंद्र कल्याणी, करौली की भवन की छत काफी समय से खराब स्थिति में है और बरसात या पानी आने पर छत से पानी टपकता है। इस कारण केंद्र में आने वाले छोटे बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छत टपकने के कारण बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है तथा इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। इस समस्या के बारे में पहले भी जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है।1
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- गंगापुर सिटी के वजीरपुर उपखंड क्षेत्र स्थित बजरंगपुरा गांव में अज्ञात चोरों ने मंदिर की दानपेटी तोड़कर लाखों रुपए की नकदी चोरी कर ली। चोरी हुई दानपेटी बाद में गांव के पीछे एक खेत में टूटी हुई अवस्था में मिली। मंदिर के पुजारी रघुवीर ने बताया कि वे रोजाना की तरह रात को पूजा के बाद घर चले गए थे। सुबह करीब 5 बजे जब वे मंदिर पहुंचे, तो दानपेटी गायब मिली। मंदिर परिसर में तलाश के बाद, पीछे खेत में दानपेटी टूटी हुई हालत में पड़ी मिली।1