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आंगनवाड़ी केन्द्र कल्याणी - 1 करौली की भवन की छत काफी समय से खराब स्थिति में है और बरसात या पानी आने पर छत से पानी टपकता है आंगनबाड़ी केंद्र कल्याणी, करौली की भवन की छत काफी समय से खराब स्थिति में है और बरसात या पानी आने पर छत से पानी टपकता है। इस कारण केंद्र में आने वाले छोटे बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छत टपकने के कारण बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है तथा इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। इस समस्या के बारे में पहले भी जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है।
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आंगनवाड़ी केन्द्र कल्याणी - 1 करौली की भवन की छत काफी समय से खराब स्थिति में है और बरसात या पानी आने पर छत से पानी टपकता है आंगनबाड़ी केंद्र कल्याणी, करौली की भवन की छत काफी समय से खराब स्थिति में है और बरसात या पानी आने पर छत से पानी टपकता है। इस कारण केंद्र में आने वाले छोटे बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छत टपकने के कारण बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है तथा इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। इस समस्या के बारे में पहले भी जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है।
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- नादौती पंचायत रौंसी में किसान को खेत में जंगली बिल्ली के तीन बच्चे दिखाई दिए। शुरुआत में इन्हें तेंदुए के शावक समझा गया, लेकिन बाद में वन विभाग ने स्पष्ट किया कि ये जंगली बिल्ली के बच्चे हैं।यह घटना तब हुई जब किसान सुबह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने खेत पर गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत के बीच खेल रहे बच्चों पर पड़ी। उन्हें देखकर वह घबरा गया और तुरंत ग्रामीणों को फोन कर सूचना दी।सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना और वन विभाग को दी गई। सूचना पर गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना से एएसआई प्रेम सिंह गुर्जर अपनी टीम के साथ पहुंचे। वहीं, गुढ़ाचन्द्रजी वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोइया भी टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोड्या ने रविवार दोपहर 3:00 बजे ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि बच्चों को वहीं रहने दिया जाए, ताकि उनकी मां आकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जा सके।1
- आंगनबाड़ी केंद्र कल्याणी, करौली की भवन की छत काफी समय से खराब स्थिति में है और बरसात या पानी आने पर छत से पानी टपकता है। इस कारण केंद्र में आने वाले छोटे बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छत टपकने के कारण बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है तथा इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। इस समस्या के बारे में पहले भी जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है।1
- Post by SNG NEWS LIVE 📺 RAJSTHAN.2
- गंगापुर सिटी के रिद्धि सिद्धि हॉस्पिटल में कैलाश के दौरान महिला की मृत्यु महिला की मृत्यु के बाद परिजनों ने लगाई गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप और कहा कि महिला स्वास्थ थी तब भर्ती करवाई थी महिला के पेट की सफाई करवाने के लिए करवाई गई थी शाम को 7:00 बजे भारती पर डॉक्टर की लापरवाही कर लगाया परिजनों ने आरोप कहा कि 9:00 बजे तक हमें यह नहीं बताया कि महिला की हालत कैसी है1
- ब्रेकिंग न्यूज... हिंडौन में फिर दिखाई दी पैंथर की हलचल ... जाट की सराय बस्ती में सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिया पैंथर... सूचना पर वन कर्मी लोकेश बेनीवाल और अर्जुन सिंह पहुंचे मौके पर... वन कर्मियों के साथ स्थानीय लोग भी जूटे पैंथर की तलाश में......1
- Post by मनोज तिवाड़ी1
- गंगापुर सिटी से रिपोर्ट: गंगापुर सिटी में इन दिनों बाजार में बिक रही आइसक्रीम को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर मिल रही कई सस्ती आइसक्रीम में असली दूध और क्रीम की जगह पोम ऑयल (Palm Oil) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोम ऑयल का अधिक सेवन शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है, जिससे दिल की बीमारियों, मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में इसका असर और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी और पाचन तंत्र अभी विकसित हो रहा होता है। शहर के कई इलाकों में सस्ती आइसक्रीम खुलेआम बेची जा रही है, जिन पर न तो किसी तरह की ब्रांडिंग है और न ही सामग्री की सही जानकारी दी जाती है। यह आइसक्रीम देखने में आकर्षक और स्वाद में मीठी जरूर होती है, लेकिन अंदर से यह सेहत के लिए “धीमा जहर” साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की जांच में ढिलाई बरती जा रही है, जिससे ऐसे उत्पाद आसानी से बाजार में बिक रहे हैं। नागरिकों ने मांग की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।1
- श्रीमहावीरजी स्थित दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र के चंद्रावली सिद्धोमल अस्पताल एवं प्रसूति केंद्र में आधुनिक नेत्र चिकित्सा उपकरणों का समर्पण और उद्घाटन किया गया।यह पहल महावीर इंटरनेशनल दिल्ली के प्रबंधन और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत की गई है। पंडित मुकेश शास्त्री ने शाम 4:00 बजे बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत अस्पताल में फेको इमल्सिफिकेशन मशीन, ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, स्लिट लैम्प, ऑटो-रिफ्रैक्टर और केरेटोमीटर जैसे अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं। इन नई सुविधाओं से क्षेत्र के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और सटीक नेत्र चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें मोतियाबिंद जैसी सर्जरी के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इस अवसर पर IRCTC के वरिष्ठ अधिकारी, दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र के पदाधिकारी और महावीर इंटरनेशनल दिल्ली के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1