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10 hrs ago
user_Hemraj lodha
Hemraj lodha
Business-to-Business service बारां, बारां, राजस्थान•
10 hrs ago

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Hemraj lodha
    1
    Post by Hemraj lodha
    user_Hemraj lodha
    Hemraj lodha
    Business-to-Business service बारां, बारां, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
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    अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
    user_विरेन्द्र कुमारशर्मा
    विरेन्द्र कुमारशर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सफाई का टेंडर, फिर भी गंदगी बरकरार: हाट बाजार के बाद 3-4 दिन तक नहीं उठता कचरा कवाई. कस्बे में सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और बारिश होते ही कई गलियों में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। सबसे खराब स्थिति तालाब की पाल की है, जहां सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार के बाद बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और तीन से चार दिन तक वहीं पड़ा रहता है। करीब दो साल पहले 11 करोड़ रुपए की लागत से तालाब की पाल का सौंदर्यीकरण कराया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन नियमित साफ-सफाई के अभाव में पाल पर गंदगी फैल रही है। हाट बाजार के बाद सब्जियों के अवशेष और अन्य कचरा पड़ा रहने से बदबू की स्थिति बन जाती है। तेज हवा चलने पर पॉलीथिन और कचरा आसपास के घरों तक पहुंच रहा है। '''''कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई मोहल्लेवासियों भवानी शंकर मेहता, रामचरण सोनी सहित अन्य लोगों ने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि कई बार मृत मवेशियों को भी तालाब में डाल दिया जाता है, जिससे दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। कांग्रेस नेता रामचरण सोनी और अन्य मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि पंचायत की ओर से सफाई के लिए लाखों रुपए का टेंडर किया गया है, लेकिन मौके पर नियमित सफाई नहीं दिखाई देती। उनका आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा। '''''नालियां जाम, बारिश से पहले नहीं हुई सफाई कस्बे की सफाई व्यवस्था की दूसरी बड़ी समस्या जाम नालियां हैं। कस्बा निवासी निर्मल मित्तल ने बताया कि कई नालियों में मलबा जमा है और लंबे समय से सफाई नहीं हुई। पहले हर साल बारिश से पहले नालियों और नालों की सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसका असर बारिश के दौरान दिखाई देता है। थोड़ी बारिश में ही कई गलियों में पानी भर जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कस्बेवासियों और प्रबुद्धजनों का कहना है कि सरकार ने सफाई व्यवस्था के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया लागू की है, लेकिन कवाई में इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है। लोगों ने पंचायत प्रशासन से हाट बाजार के बाद तत्काल कचरा उठाने, जाम नालियों की सफाई कराने, नालियों से मलबा निकालने और पूरे कस्बे में नियमित सफाई व्यवस्था की निगरानी कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर हो चुका है तो फिर कस्बे में जगह-जगह गंदगी के ढेर और जाम नालियां क्यों नजर आ रही हैं।
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    सफाई का टेंडर, फिर भी गंदगी बरकरार: हाट बाजार के बाद 3-4 दिन तक नहीं उठता कचरा
कवाई. कस्बे में सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और बारिश होते ही कई गलियों में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। सबसे खराब स्थिति तालाब की पाल की है, जहां सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार के बाद बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और तीन से चार दिन तक वहीं पड़ा रहता है।
करीब दो साल पहले 11 करोड़ रुपए की लागत से तालाब की पाल का सौंदर्यीकरण कराया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन नियमित साफ-सफाई के अभाव में पाल पर गंदगी फैल रही है। हाट बाजार के बाद सब्जियों के अवशेष और अन्य कचरा पड़ा रहने से बदबू की स्थिति बन जाती है। तेज हवा चलने पर पॉलीथिन और कचरा आसपास के घरों तक पहुंच रहा है।
'''''कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मोहल्लेवासियों भवानी शंकर मेहता, रामचरण सोनी सहित अन्य लोगों ने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि कई बार मृत मवेशियों को भी तालाब में डाल दिया जाता है, जिससे दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है।
कांग्रेस नेता रामचरण सोनी और अन्य मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि पंचायत की ओर से सफाई के लिए लाखों रुपए का टेंडर किया गया है, लेकिन मौके पर नियमित सफाई नहीं दिखाई देती। उनका आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा।
'''''नालियां जाम, बारिश से पहले नहीं हुई सफाई
कस्बे की सफाई व्यवस्था की दूसरी बड़ी समस्या जाम नालियां हैं। कस्बा निवासी निर्मल मित्तल ने बताया कि कई नालियों में मलबा जमा है और लंबे समय से सफाई नहीं हुई। पहले हर साल बारिश से पहले नालियों और नालों की सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
इसका असर बारिश के दौरान दिखाई देता है। थोड़ी बारिश में ही कई गलियों में पानी भर जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कस्बेवासियों और प्रबुद्धजनों का कहना है कि सरकार ने सफाई व्यवस्था के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया लागू की है, लेकिन कवाई में इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है।
लोगों ने पंचायत प्रशासन से हाट बाजार के बाद तत्काल कचरा उठाने, जाम नालियों की सफाई कराने, नालियों से मलबा निकालने और पूरे कस्बे में नियमित सफाई व्यवस्था की निगरानी कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर हो चुका है तो फिर कस्बे में जगह-जगह गंदगी के ढेर और जाम नालियां क्यों नजर आ रही हैं।
    user_Gajendra Gautam
    Gajendra Gautam
    राजस्थान पत्रिका संवाददाता अटरू, बारां, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • aap logon ka hisab chahie please Mere is channel ko share Karen post Karen Se Jyada
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    aap logon ka hisab chahie please Mere is channel ko share Karen post Karen Se Jyada
    user_Jai Jaganath
    Jai Jaganath
    छबड़ा, बारां, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • 549 वे दिन भी बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने की मांग को लेकर जे के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा - जमीन अधिग्रहण के बाद भी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 4200 जे के मजदूरों का 260 करोड़ से अधिक बकाया वेतन मय ब्याज भुगतान नहीं किया जा रहा मजदूर सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इटावा, 20 अगस्त/ कोटा शहर में 30 साल पहले बन्द हुई जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के 4200 मजदूरों का बकाया वेतन 260 करोड़ से अधिक अटका हुआ है जिसको लेकर सीटू के बैनर तले 18 फरवरी 2025 से जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनो के मजदूर नेताओं कामरेड हबीब खान कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह के संयुक्त नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में जे के मजदूर अपने परिवारों के साथ जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठे हुए हैं जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं बच्चे बुजुर्ग शामिल हैं मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 18 फरवरी 2025 से चल रहे धरने के दौरान व इन 30 सालों में फैक्ट्री प्लांट बन्द होने के बाद बेरोजगारी और भुखमरी से लड़ते हुए अपने बकाया वेतन भुगतान को लेकर संघर्ष करते हुए सैकड़ों मजदूरों की बकाया वेतन नहीं मिलने से सदमा पहुंचा और असमय मृत्यु हो गई जिससे मजदूरों के परिवार बिखर गए इन 30 सालों में राज्य में कांग्रेस और बीजेपी की दोनों पार्टियां बारी बारी से सत्ता में आई लेकिन जे के मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई मजदूर नेताओं द्वारा मजदूरों को न्याय दिलाने को लेकर कानूनी संघर्ष में वर्ष 2023 में जीत हासिल की माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा मजदूरों के पक्ष में फैसला लिया और राजस्थान सरकार को मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की जमीन को अधिग्रहण करके अपने कब्जे लेकर मजदूरों का बकाया वेतन जो 260 करोड़ से अधिक बकाया है को मय ब्याज भुगतान करने का आदेश जारी किया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को 2 साल तक सरकार द्वारा लागू नहीं करने पर जे के मजदूरों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश पालना करवाने व मजदूरो का बकाया वेतन भुगतान करवाने की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले 18 फरवरी 2025 को अनिश्चित कालीन धरना लगाकर जिला कलेक्ट्रेट गेट पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। धरने के दबाव में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शर्तो पर 24 जून 2025 को जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की जमीन को अपने कब्जे लेकर अधिग्रहण किया और लीड डीड रद्द करके अराफात ग्रुप को फैक्ट्री प्लांट से बेदखल करके फैक्ट्री प्लांट को बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए कोटा विकास प्राधिकरण विभाग को सौंप दिया सरकार ने फैक्ट्री की हजारों करोड़ रुपयों की जमीन अपने कब्जे लेकर मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया जिससे धरने पर बैठे जे के मजदूरों और महिलाओं सीटू कार्यकर्ताओं में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है लगातार धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं बार बार सरकार को ज्ञापनों के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार तमाम मजदूरों का 30 साल से फैक्ट्री की तरफ बकाया वेतन भुगतान किया जाए साथ ही कोटा जिले के विकास हेतु बन्द जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को वापस चालू कराकर युवाओं मजदूरों को रोजगार दिया जाए। कामरेड अली मोहम्मद ने जानकारी देते हुए बताया कि आज धरने को चलते हुए 549 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा मजदूर नेताओं से भुगतान को लेकर कोई वार्ता नहीं की जा रही है जिससे धरने में उपस्थित मजदूरों और महिलाओं में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है उन्होंने कहा 549 वे दिन धरने को कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड अली मोहम्मद कामरेड हबीब खान कामरेड केदार जोशी गोपाल शर्मा हनुमान सिंह ने सम्बोधित किया वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक तमाम मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं होगा तब तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जे के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जारी रहेगा सरकार से बकाया वेतन भुगतान लेके रहेंगे। वक्ताओं ने कहा यदि सरकार ने जल्द मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया तो उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी। इस दौरान धरने का संचालन कामरेड कालीचरण सोनी ने किया।549 वे दिन धरने में कामरेड हबीब खान कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड अली मोहम्मद कामरेड महावीर प्रसाद कामरेड अशोक सिंह कामरेड हनुमान सिंह कामरेड मोहम्मद मंसूरी कामरेड रामफूल जेठाराम भावरलाल गोपाल शर्मा कामरेड धन्नी बाई सजना गुजर कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा उर्मिला मंजू कश्यप संतोष बाई सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और सीटू कार्यकर्ताओं के साथ आमजन मौजूद रहे।
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    549 वे दिन भी बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने की मांग को लेकर जे के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जारी रहा -
जमीन अधिग्रहण के बाद भी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 4200 जे के मजदूरों का 260 करोड़ से अधिक बकाया वेतन मय ब्याज भुगतान नहीं किया जा रहा मजदूर सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
इटावा, 20 अगस्त/ कोटा शहर में 30 साल पहले बन्द हुई जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के 4200 मजदूरों का बकाया वेतन 260 करोड़ से अधिक अटका हुआ है जिसको लेकर सीटू के बैनर तले 18 फरवरी 2025 से जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों मजदूर यूनियनो के मजदूर नेताओं कामरेड हबीब खान कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह के संयुक्त नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में जे के मजदूर अपने परिवारों के साथ जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठे हुए हैं जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं बच्चे बुजुर्ग शामिल हैं 
मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 18 फरवरी 2025 से चल रहे धरने के दौरान व इन 30 सालों में फैक्ट्री प्लांट बन्द होने के बाद बेरोजगारी और भुखमरी से लड़ते हुए अपने बकाया वेतन भुगतान को लेकर संघर्ष करते हुए सैकड़ों मजदूरों की बकाया वेतन नहीं मिलने से सदमा पहुंचा और असमय मृत्यु हो गई जिससे मजदूरों के परिवार बिखर गए इन 30 सालों में राज्य में कांग्रेस और बीजेपी की दोनों पार्टियां बारी बारी से सत्ता में आई लेकिन जे के मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करवाने को लेकर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई मजदूर नेताओं द्वारा मजदूरों को न्याय दिलाने को लेकर कानूनी संघर्ष में वर्ष 2023 में जीत हासिल की माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा मजदूरों के पक्ष में फैसला लिया और राजस्थान सरकार को मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की जमीन को अधिग्रहण करके अपने कब्जे लेकर मजदूरों का बकाया वेतन जो 260 करोड़ से अधिक बकाया है को मय ब्याज भुगतान करने का आदेश जारी किया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश को 2 साल तक सरकार द्वारा लागू नहीं करने पर जे के मजदूरों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश पालना करवाने व मजदूरो का बकाया वेतन भुगतान करवाने की मांग को लेकर सीटू के बैनर तले 18 फरवरी 2025 को अनिश्चित कालीन धरना लगाकर जिला कलेक्ट्रेट गेट पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। धरने के दबाव में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शर्तो पर 24 जून 2025 को जे के सिंथेटिक फैक्ट्री की जमीन को अपने कब्जे लेकर अधिग्रहण किया और लीड डीड रद्द करके अराफात ग्रुप को फैक्ट्री प्लांट से बेदखल करके फैक्ट्री प्लांट को बिना मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान किए कोटा विकास प्राधिकरण विभाग को सौंप दिया सरकार ने फैक्ट्री की हजारों करोड़ रुपयों की जमीन अपने कब्जे लेकर मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया जिससे धरने पर बैठे जे के मजदूरों और महिलाओं सीटू कार्यकर्ताओं में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है लगातार धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं बार बार सरकार को ज्ञापनों के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार तमाम मजदूरों का 30 साल से फैक्ट्री की तरफ बकाया वेतन भुगतान किया जाए साथ ही कोटा जिले के विकास हेतु बन्द जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को वापस चालू कराकर युवाओं मजदूरों को रोजगार दिया जाए।
कामरेड अली मोहम्मद ने जानकारी देते हुए बताया कि आज धरने को चलते हुए 549 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा मजदूर नेताओं से भुगतान को लेकर कोई वार्ता नहीं की जा रही है जिससे धरने में उपस्थित मजदूरों और महिलाओं में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है उन्होंने कहा 549 वे दिन धरने को कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड अली मोहम्मद कामरेड हबीब खान कामरेड केदार जोशी गोपाल शर्मा हनुमान सिंह ने सम्बोधित किया वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक तमाम मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं होगा तब तक जिला कलेक्ट्रेट गेट पर जे के मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जारी रहेगा सरकार से बकाया वेतन भुगतान लेके रहेंगे। वक्ताओं ने कहा यदि सरकार ने जल्द मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया तो उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी।
इस दौरान धरने का संचालन कामरेड कालीचरण सोनी ने किया।549 वे दिन धरने में कामरेड हबीब खान कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड अली मोहम्मद कामरेड महावीर प्रसाद कामरेड अशोक सिंह कामरेड हनुमान सिंह कामरेड मोहम्मद मंसूरी कामरेड रामफूल जेठाराम भावरलाल गोपाल शर्मा कामरेड धन्नी बाई सजना गुजर कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा उर्मिला मंजू कश्यप संतोष बाई सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और सीटू कार्यकर्ताओं के साथ आमजन मौजूद रहे।
    user_मुरारीलाल बैरवा इटावा
    मुरारीलाल बैरवा इटावा
    Voice of people पीपल्दा, कोटा, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष ने दिल्ली में लिया 'काम मांगो अभियान' में भाग। *राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष ने दिल्ली में लिया 'काम मांगो अभियान' में भाग।* (बारां)राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (RGPRS) कांग्रेस,जिला बारां के जिला अध्यक्ष प्रेमसिंह मीणा ने नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित राष्ट्रीय संकल्प समागम में भाग लिया।यह समागम 20-21 अगस्त 2026 को *"काम मांगो अभियान - मजदूर के अधिकार की लड़ाई"* के तहत आयोजित किया गया था। जिला अध्यक्ष मीणा के अनुसार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) ग्रामीण मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार देने वाली ऐतिहासिक पहल है।इसी अधिकार की रक्षा और मजदूरों के हित में RGPRS अगले 6 महीनों में देशभर में "काम मांगो अभियान" को जन-आंदोलन का रूप देगा। अभियान के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं :-1. Form-6 के माध्यम से काम की मांग दर्ज करना। 2. रोजगार दिलाना और मस्टर रोल (MB) में नाम सुनिश्चित करना। 3.समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करना। 4. मजदूरों के अधिकार के लिए हर स्तर पर पैरवी और सहयोग समागम में प्रस्तावित VB-GRAM-G व्यवस्था से राज्यों पर बढ़ने वाले वित्तीय बोझ और उनकी काम देने की क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव को भी तथ्यों के साथ जनता के सामने रखने पर चर्चा हुई।कांग्रेस की स्पष्ट सोच है कि ग्रामीण रोजगार की गारंटी मांग-आधारित हो और बजट वास्तविक जरूरत के अनुरूप तय हो, ताकि काम मांगने वाला कोई भी मजदूर अपने अधिकार से वंचित न रहे।जिला प्रवक्ता एस. एल.नागर के अनुसार जिला अध्यक्ष प्रेमसिंह मीणा ने दिल्ली की उच्च उच्च स्तरीय नेताओ के साथ हुई मीटिंग के बाद बताया कि इस अभियान को बारां जिले में पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा और प्रत्येक पात्र मजदूर को Form-6 भरवाकर काम की मांग सुनिश्चित कराई जाएगी।
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    राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष ने दिल्ली में लिया 'काम मांगो अभियान' में भाग।

*राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष ने दिल्ली में लिया 'काम मांगो अभियान' में भाग।*
(बारां)राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (RGPRS) कांग्रेस,जिला बारां के जिला अध्यक्ष प्रेमसिंह मीणा ने नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित राष्ट्रीय संकल्प समागम में भाग लिया।यह समागम 20-21 अगस्त 2026 को *"काम मांगो अभियान - मजदूर के अधिकार की लड़ाई"* के तहत आयोजित किया गया था।
जिला अध्यक्ष मीणा के अनुसार, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) ग्रामीण मजदूरों को काम का कानूनी अधिकार देने वाली ऐतिहासिक पहल है।इसी अधिकार की रक्षा और मजदूरों के हित में RGPRS अगले 6 महीनों में देशभर में "काम मांगो अभियान" को जन-आंदोलन का रूप देगा।
अभियान के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं :-1. Form-6 के माध्यम से काम की मांग दर्ज करना।
2. रोजगार दिलाना और मस्टर रोल (MB) में नाम सुनिश्चित करना।
3.समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करना।
4. मजदूरों के अधिकार के लिए हर स्तर पर पैरवी और सहयोग समागम में प्रस्तावित VB-GRAM-G व्यवस्था से राज्यों पर बढ़ने वाले वित्तीय बोझ और उनकी काम देने की क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव को भी तथ्यों के साथ जनता के सामने रखने पर चर्चा हुई।कांग्रेस की स्पष्ट सोच है कि ग्रामीण रोजगार की गारंटी मांग-आधारित हो और बजट वास्तविक जरूरत के अनुरूप तय हो, ताकि काम मांगने वाला कोई भी मजदूर अपने अधिकार से वंचित न रहे।जिला प्रवक्ता एस. एल.नागर के अनुसार
जिला अध्यक्ष प्रेमसिंह मीणा ने दिल्ली की उच्च उच्च स्तरीय नेताओ के साथ हुई मीटिंग के बाद बताया कि इस अभियान को बारां जिले में पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा और प्रत्येक पात्र मजदूर को Form-6 भरवाकर काम की मांग सुनिश्चित कराई जाएगी।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    10 hrs ago
  • बिछ गई निकाय चुनावों की बिसात, 100 वार्डों के लिये केवल कांग्रेस से ही सामने आ चुके करीब 400 दावेदार बिछ गई निकाय चुनावों की बिसात, 100 वार्डों के लिये केवल कांग्रेस से ही सामने आ चुके करीब 400 दावेदार, कांग्रेस कार्यालय पहुंची शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम से मिले दावेदार, हालांकि टिकट चयन के लिये फिलहाल कांग्रेस में एक कमेटी का किया गया गठन, 2 नगर निगमों वाले कोटा में पिछले चुनावों में दोनों महापौर और बोर्ड बने थे कांग्रेस के, कांग्रेस की नजर करिश्मा दोहराने की तो कोटा निगम में इस बार बोर्ड बनने को लेकर बीजेपी आश्वस्त
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    बिछ गई निकाय चुनावों की बिसात, 100 वार्डों के लिये केवल कांग्रेस से ही सामने आ चुके करीब 400 दावेदार
बिछ गई निकाय चुनावों की बिसात, 100 वार्डों के लिये केवल कांग्रेस से ही सामने आ चुके करीब 400 दावेदार, कांग्रेस कार्यालय पहुंची शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम से मिले दावेदार, हालांकि टिकट चयन के लिये फिलहाल कांग्रेस में एक कमेटी का किया गया गठन, 2 नगर निगमों वाले कोटा में पिछले चुनावों में दोनों महापौर और बोर्ड बने थे कांग्रेस के, कांग्रेस की नजर करिश्मा दोहराने की तो कोटा निगम में इस बार बोर्ड बनने को लेकर बीजेपी आश्वस्त
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • bus aap logon ka support aap log ka hi pyar hai mujhe Aage pahunchaega please Mere Instagram Mein channel ko follow Jarur Karen Taki aapko Sabhi chij Ke notification milati Rahe
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    bus aap logon ka support aap log ka hi pyar hai mujhe Aage pahunchaega please Mere Instagram Mein channel ko follow Jarur Karen Taki aapko Sabhi chij Ke notification milati Rahe
    user_Jai Jaganath
    Jai Jaganath
    छबड़ा, बारां, राजस्थान•
    4 hrs ago
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