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नैनीताल पुलिस की नई पहल नंदा देवी महोत्सव में जनता को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं डायल-112 के प्रति किया जागरूक नंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष *जनजागरूकता पहल शुरू* की गई। मेला परिसर में स्टॉल लगाकर जनता को *साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम* के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। *एसपी संचार नैनीताल श्री रेवाधर मठपाल* के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस सेवाओं तथा आपात स्थिति में *डायल-112* के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा जागरूकता संबंधी *पंपलेट भी वितरित* किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा एवं पुलिस सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम के दौरान *श्री राजकुमार बिष्ट, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार, श्रीमती नीशू गौतम, प्रभारी साइबर सेल, श्री रमेश चंद्र पाठक, प्रभारी डायल-112,कानि0 गोविंद सिंह मेहरा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल* सहित पुलिस टीम मौजूद रही।

7 hrs ago
user_Local khabre NTL
Local khabre NTL
Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
7 hrs ago

नैनीताल पुलिस की नई पहल नंदा देवी महोत्सव में जनता को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं डायल-112 के प्रति किया जागरूक नंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष *जनजागरूकता पहल शुरू* की गई। मेला परिसर में स्टॉल लगाकर जनता को *साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम* के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। *एसपी संचार नैनीताल श्री रेवाधर मठपाल* के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस सेवाओं तथा आपात स्थिति में *डायल-112* के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा जागरूकता संबंधी *पंपलेट भी वितरित* किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा एवं पुलिस सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम के दौरान *श्री राजकुमार बिष्ट, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार, श्रीमती नीशू गौतम, प्रभारी साइबर सेल, श्री रमेश चंद्र पाठक, प्रभारी डायल-112,कानि0 गोविंद सिंह मेहरा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल* सहित पुलिस टीम मौजूद रही।

  • user_Dr, dr Dr, dr
    Dr, dr Dr, dr
    ओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंड
    जय हो मां नंदा देवी
    5 hrs ago
  • user_Dr, dr Dr, dr
    Dr, dr Dr, dr
    ओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंड
    🙏
    5 hrs ago
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  • नैनीताल पुलिस की नई पहल नंदा देवी महोत्सव में जनता को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं डायल-112 के प्रति किया जागरूक नंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष *जनजागरूकता पहल शुरू* की गई। मेला परिसर में स्टॉल लगाकर जनता को *साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम* के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। *एसपी संचार नैनीताल श्री रेवाधर मठपाल* के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस सेवाओं तथा आपात स्थिति में *डायल-112* के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा जागरूकता संबंधी *पंपलेट भी वितरित* किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा एवं पुलिस सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके। कार्यक्रम के दौरान *श्री राजकुमार बिष्ट, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार, श्रीमती नीशू गौतम, प्रभारी साइबर सेल, श्री रमेश चंद्र पाठक, प्रभारी डायल-112,कानि0 गोविंद सिंह मेहरा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल* सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
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    नैनीताल पुलिस की नई पहल नंदा देवी महोत्सव में जनता को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं डायल-112 के प्रति किया जागरूक
नंदा देवी महोत्सव के दौरान नैनीताल पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष *जनजागरूकता पहल शुरू* की गई। मेला परिसर में स्टॉल लगाकर जनता को *साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग एवं डायल-112 इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम* के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
*एसपी संचार नैनीताल श्री रेवाधर मठपाल* के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा स्टॉल के माध्यम से आमजन को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन एवं पुलिस सेवाओं तथा आपात स्थिति में *डायल-112* के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
इस दौरान पुलिस टीम द्वारा जागरूकता संबंधी *पंपलेट भी वितरित* किए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सुरक्षा एवं पुलिस सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान *श्री राजकुमार बिष्ट, निरीक्षक पुलिस दूरसंचार, श्रीमती नीशू गौतम, प्रभारी साइबर सेल, श्री रमेश चंद्र पाठक, प्रभारी डायल-112,कानि0 गोविंद सिंह मेहरा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल* सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
    user_Local khabre NTL
    Local khabre NTL
    Local News Reporter Nainital, Uttarakhand•
    7 hrs ago
  • समस्याओं को लेकर गरजे प्रधान, विकास भवन में किया धरना-प्रदर्शन अल्मोड़ा। ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिलेभर के ग्राम प्रधान मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। इससे पूर्व ग्राम प्रधानों ने विकास भवन तिराहे से विकास भवन तक रैली निकाली। प्रधानों ने विकास भवन का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम प्रधान गांवों के विकास की धुरी हैं। वे ग्रामीणों के सुख-दुख में 24 घंटे साथ खड़े रहते हैं और गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रधानों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन से वार्ता और पत्राचार के माध्यम से समाधान की मांग की जाती रही है। अगस्त माह में मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया था कि अगस्त के अंत तक अधिकांश मांगों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आज तक प्रधानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदेशभर के प्रधान धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर हुए हैं। प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने ग्राम प्रधानों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, वार्ड सदस्यों को बैठक भत्ता देने तथा मानदेय के लिए पृथक फंड की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदान में वृद्धि, 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप ग्राम पंचायतों को 29 विभागों का हस्तांतरण और विधायक-सांसद निधि की तर्ज पर पंचायत निधि गठित करने की मांग उठाई गई। प्रधानों ने 10 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था बनाए जाने, सभी ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वेक्षण में छूटे पात्र परिवारों के नाम ग्राम पंचायतों की आम बैठकों के माध्यम से जोड़ने का अधिकार देने की मांग भी की। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की। धरने के बाद सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। यहाँ धरना प्रदर्शन में सुनील जोशी, देवेंद्र सिंह नयाल, सुनील बाराकोटी, उमेश मेहरा, दीपक सिंह, प्रीति पंत, सुरेश भट्ट, भूपाल बोरा, इन्दर सिंह मनराल, विनोद जोशी, देवेन्द्र मेहरा, चंद्रिका तिवारी, नंदन सिंह फर्त्याल, नवीन भट्ट, बची बोरा, टीका सिंह, मदन सिंह बिष्ट, प्रिया भोज, पंकज रौतेला सहित बड़ी संख्या में प्रधान विभिन्न विकासखण्डों से मौजूद रहे।
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    समस्याओं को लेकर गरजे प्रधान, विकास भवन में किया धरना-प्रदर्शन
अल्मोड़ा। ग्राम प्रधानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिलेभर के ग्राम प्रधान मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया।  इससे पूर्व ग्राम प्रधानों ने विकास भवन तिराहे से विकास भवन तक रैली निकाली। प्रधानों ने विकास भवन का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम प्रधान गांवों के विकास की धुरी हैं। वे ग्रामीणों के सुख-दुख में 24 घंटे साथ खड़े रहते हैं और गांवों के विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रधानों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से शासन-प्रशासन से वार्ता और पत्राचार के माध्यम से समाधान की मांग की जाती रही है। अगस्त माह में मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया था कि अगस्त के अंत तक अधिकांश मांगों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आज तक प्रधानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदेशभर के प्रधान धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर हुए हैं। प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे। उन्होंने ग्राम प्रधानों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने, वार्ड सदस्यों को बैठक भत्ता देने तथा मानदेय के लिए पृथक फंड की व्यवस्था करने की मांग की। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग के अनुदान में वृद्धि, 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप ग्राम पंचायतों को 29 विभागों का हस्तांतरण और विधायक-सांसद निधि की तर्ज पर पंचायत निधि गठित करने की मांग उठाई गई। प्रधानों ने 10 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों को कार्यदायी संस्था बनाए जाने, सभी ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वेक्षण में छूटे पात्र परिवारों के नाम ग्राम पंचायतों की आम बैठकों के माध्यम से जोड़ने का अधिकार देने की मांग भी की। ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सरकार से पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की। धरने के बाद सीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। यहाँ धरना प्रदर्शन में सुनील जोशी, देवेंद्र सिंह नयाल, सुनील बाराकोटी, उमेश मेहरा, दीपक सिंह, प्रीति पंत, सुरेश भट्ट, भूपाल बोरा, इन्दर सिंह मनराल, विनोद जोशी, देवेन्द्र मेहरा, चंद्रिका तिवारी, नंदन सिंह फर्त्याल, नवीन भट्ट, बची बोरा, टीका सिंह, मदन सिंह बिष्ट, प्रिया भोज, पंकज रौतेला सहित बड़ी संख्या में प्रधान विभिन्न विकासखण्डों से मौजूद रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    3 hrs ago
  • देवीधुरा में बारिश के साथ जमके गिरे ओले देवीधुरा/पाटी। सितंबर माह के अंतिम दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी है मंगलवार को मां बाराही धाम देवीधुरा में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, देवीधुरा/पाटी। सितंबर माह के अंतिम दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी है मंगलवार को मां बाराही धाम देवीधुरा में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, करीब 1घंटे तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश व ओलावृष्टि ने सितंबर माह के अंतिम दिनों में ठंड का एहसास करा दिया।
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    देवीधुरा में बारिश के साथ जमके गिरे ओले देवीधुरा/पाटी।  सितंबर माह के अंतिम   दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी है मंगलवार को मां बाराही धाम देवीधुरा में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, 
देवीधुरा/पाटी।  सितंबर माह के अंतिम   दिनों में भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी है मंगलवार को मां बाराही धाम देवीधुरा में बारिश के साथ जमकर ओले गिरे, करीब 1घंटे तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश व ओलावृष्टि ने सितंबर माह के अंतिम दिनों में ठंड का एहसास करा दिया।
    user_Kheemanand upadhayay
    Kheemanand upadhayay
    Pati, Champawat•
    13 hrs ago
  • अचानक आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया बागेश्वर के तहसील रोड स्थित एक होलसेल मोबाइल दुकान में देर रात अचानक आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।तस्वीरें बागेश्वर के तहसील रोड की हैं, जहां देर रात एक होलसेल मोबाइल दुकान में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखे मोबाइल फोन समेत अन्य सामान जलकर राख हो चुका था। बताया जा रहा है कि दुकान पिथौरागढ़ के मदकोट निवासी चंपा देवी की है। आग से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
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    अचानक आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया
बागेश्वर के तहसील रोड स्थित एक होलसेल मोबाइल दुकान में देर रात अचानक आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।तस्वीरें बागेश्वर के तहसील रोड की हैं, जहां देर रात एक होलसेल मोबाइल दुकान में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान में रखे मोबाइल फोन समेत अन्य सामान जलकर राख हो चुका था। बताया जा रहा है कि दुकान पिथौरागढ़ के मदकोट निवासी चंपा देवी की है। आग से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चम्पावत में संवादात्मक संगोष्ठी आयोजित, एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर एलोपैथिक व आयुर्वेद चिकित्सकों ने किया मंथन। 11वें आयुर्वेद दिवस के पूर्व कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को जिला चिकित्सालय चम्पावत के सभागार में Integrative Healthcare for Better Health Outcomes (बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल) विषय पर एक विशेष संवादात्मक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य दोनों चिकित्सा पद्धतियों के मध्य वैज्ञानिक संवाद, बेहतर तालमेल तथा रोगी-केंद्रित समन्वित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान आयुर्वेद को लेकर समाज तथा विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के मध्य प्रचलित भ्रांतियों एवं अवधारणाओं पर खुलकर वैज्ञानिक चर्चा की गई। एलोपैथिक चिकित्सकों द्वारा आयुर्वेद की वैज्ञानिक प्रामाणिकता, औषधियों की गुणवत्ता, पंचकर्म, क्षारसूत्र तथा आधुनिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के समन्वय एवं विभिन्न रोगों में आयुर्वेद की भूमिका से संबंधित प्रश्न रखे गए। इन सभी जिज्ञासाओं का समाधान आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं व्यावहारिक चिकित्सकीय अनुभवों के आधार पर किया गया। मंथन के दौरान यह निष्कर्ष निकला कि किसी भी चिकित्सा पद्धति में रोगी के उपचार का निर्णय वैज्ञानिक प्रमाण, मरीज की स्थिति, सुरक्षा एवं चिकित्सकीय विवेक के आधार पर होना चाहिए। आवश्यकतानुसार दोनों पद्धतियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। अंत में भविष्य में भी ऐसे अंतर-विभागीय संवाद एवं संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई। आयोजित संगोष्ठी में आयुर्वेद एवं एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों, फार्मेसी अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों तथा जिला चिकित्सालय के कार्मिकों ने सहभागिता की। संगोष्ठी में जिला चिकित्सालय चम्पावत के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेंकटेश द्विवेदी, डॉ. सोनाली मंडल, फिजिशियन डॉ. अजय कुमार, डॉ. गौरांग जोशी, डॉ. गौरव, डॉ. सिद्धार्थ त्यागी, डॉ. इरम, मुख्य फार्मेसी अधिकारी श्री विष्णु गिरी, फार्मेसी अधिकारी श्री मनोज पुनेठा, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक नागरकोटी, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. प्रकाश सिंह, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह गुसाईं, राष्ट्रीय आयुष मिशन के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर गंगवार, डॉ. गिरेंद्र चौहान, डॉ. ज़ेबा मलिक एवं डॉ. भास्कर मेहंदीरत्ता सहित अनेक चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित रहे।
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    11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चम्पावत में संवादात्मक संगोष्ठी आयोजित, एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली पर एलोपैथिक व आयुर्वेद चिकित्सकों ने किया मंथन।

11वें आयुर्वेद दिवस के पूर्व कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को जिला चिकित्सालय चम्पावत के सभागार में Integrative Healthcare for Better Health Outcomes (बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल) विषय पर एक विशेष संवादात्मक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य दोनों चिकित्सा पद्धतियों के मध्य वैज्ञानिक संवाद, बेहतर तालमेल तथा रोगी-केंद्रित समन्वित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना रहा। 
इस दौरान आयुर्वेद को लेकर समाज तथा विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के मध्य प्रचलित भ्रांतियों एवं अवधारणाओं पर खुलकर वैज्ञानिक चर्चा की गई।
एलोपैथिक चिकित्सकों द्वारा आयुर्वेद की वैज्ञानिक प्रामाणिकता, औषधियों की गुणवत्ता, पंचकर्म, क्षारसूत्र तथा आधुनिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के समन्वय एवं विभिन्न रोगों में आयुर्वेद की भूमिका से संबंधित प्रश्न रखे गए। 
इन सभी जिज्ञासाओं का समाधान आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों एवं व्यावहारिक चिकित्सकीय अनुभवों के आधार पर किया गया।
मंथन के दौरान यह निष्कर्ष निकला कि किसी भी चिकित्सा पद्धति में रोगी के उपचार का निर्णय वैज्ञानिक प्रमाण, मरीज की स्थिति, सुरक्षा एवं चिकित्सकीय विवेक के आधार पर होना चाहिए। आवश्यकतानुसार दोनों पद्धतियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। अंत में भविष्य में भी ऐसे अंतर-विभागीय संवाद एवं संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
आयोजित संगोष्ठी में आयुर्वेद एवं एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों, फार्मेसी अधिकारियों, नर्सिंग अधिकारियों तथा जिला चिकित्सालय के कार्मिकों ने सहभागिता की।
संगोष्ठी में जिला चिकित्सालय चम्पावत के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेंकटेश द्विवेदी, डॉ. सोनाली मंडल, फिजिशियन डॉ. अजय कुमार, डॉ. गौरांग जोशी, डॉ. गौरव, डॉ. सिद्धार्थ त्यागी, डॉ. इरम, मुख्य फार्मेसी अधिकारी श्री विष्णु गिरी, फार्मेसी अधिकारी श्री मनोज पुनेठा, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक नागरकोटी, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. प्रकाश सिंह, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह गुसाईं, राष्ट्रीय आयुष मिशन के जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर गंगवार, डॉ. गिरेंद्र चौहान, डॉ. ज़ेबा मलिक एवं डॉ. भास्कर मेहंदीरत्ता सहित अनेक चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। 'उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन' और 'ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन' के आह्वान पर गंगोलीहाट क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकत्रियों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी गंगोलीहाट के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अविलंब न्यूनतम वेतन, पेंशन तथा नियमितीकरण की मांग उठाई है। आशा कार्यकत्रियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा राजकीय चिकित्सालयों में कामकाज ठप रखकर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगी। मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में आशा कार्यकत्रियों ने कहा कि उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग उनके श्रम के बल पर चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम वेतन, कर्मचारी दर्जा और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां सरकार विधायकों और जन प्रतिनिधियों के वेतनों में लगातार बढ़ोतरी कर रही है, वहीं दिन-रात मातृ शिशु सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी आशा कार्यकत्रियों को दैनिक मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। यूनियन ने स्मरण दिलाया कि पूर्व में खटीमा स्थित कैंप कार्यालय में वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आशाओं को 11,500 रुपये प्रति माह मानदेय देने तथा डीजी हेल्थ द्वारा नियत मानदेय का प्रस्ताव लागू करने का वादा किया गया था। हालांकि, लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका है। ज्ञापन के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं ने प्रमुख रूप से मांग रखी है कि 11,500 रुपये मानदेय देने के वादे को तत्काल लागू किया जाए, आशाओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर उनका नियमितीकरण किया जाए, सेवानिवृत्त होने पर पेंशन व एकमुश्त धनराशि का प्रावधान किया जाए और सभी अस्पतालों में उनके सम्मानजनक व्यवहार के साथ सुरक्षित कार्य माहौल सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ता संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष उमा मेहरा एवम् आशा कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि आगामी चुनाव से पूर्व उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
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    गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गंगोलीहाट में आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों को लेकर खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। 'उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन' और 'ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन' के आह्वान पर गंगोलीहाट क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकत्रियों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी गंगोलीहाट के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अविलंब न्यूनतम वेतन, पेंशन तथा नियमितीकरण की मांग उठाई है।
आशा कार्यकत्रियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा राजकीय चिकित्सालयों में कामकाज ठप रखकर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगी।
मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में आशा कार्यकत्रियों ने कहा कि उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग उनके श्रम के बल पर चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम वेतन, कर्मचारी दर्जा और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक तरफ जहां सरकार विधायकों और जन प्रतिनिधियों के वेतनों में लगातार बढ़ोतरी कर रही है, वहीं दिन-रात मातृ शिशु सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में जुटी आशा कार्यकत्रियों को दैनिक मजदूरों से भी कम मानदेय दिया जा रहा है।
यूनियन ने स्मरण दिलाया कि पूर्व में खटीमा स्थित कैंप कार्यालय में वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आशाओं को 11,500 रुपये प्रति माह मानदेय देने तथा डीजी हेल्थ द्वारा नियत मानदेय का प्रस्ताव लागू करने का वादा किया गया था। हालांकि, लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका है।
ज्ञापन के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं ने प्रमुख रूप से मांग रखी है कि 11,500 रुपये मानदेय देने के वादे को तत्काल लागू किया जाए, आशाओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर उनका नियमितीकरण किया जाए, सेवानिवृत्त होने पर पेंशन व एकमुश्त धनराशि का प्रावधान किया जाए और सभी अस्पतालों में उनके सम्मानजनक व्यवहार के साथ सुरक्षित कार्य माहौल सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ता संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष उमा मेहरा एवम् आशा कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि आगामी चुनाव से पूर्व उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • “नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव में शामिल होंगे CM धामी”“नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव में शामिल होंगे CM धामी” “नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव में शामिल होंगे CM धामी”
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    “नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव में शामिल होंगे CM धामी”“नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव में शामिल होंगे CM धामी”
“नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव में शामिल होंगे CM धामी”
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • जनता की सबसे बड़ी ताकत वोट है उसी वोट से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विकास और परिवर्तन होगा। #गैरसैंण #कर्णप्रयाग #viralpost #postoftheday #PostViral
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    जनता की सबसे बड़ी ताकत वोट है उसी वोट से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विकास और परिवर्तन होगा।

#गैरसैंण #कर्णप्रयाग 
#viralpost #postoftheday #PostViral
    user_पवन नेगी
    पवन नेगी
    Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • तमिलनाडु में एक आवारा सांड ने अचानक सड़क पर आ गया उसने समाने से आ रही हुंडई क्रेटा कार को जोरदार टक्कर मारी दी टक्कर से कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और सांड सड़क पर गिर पड़ा
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    तमिलनाडु में एक आवारा सांड ने अचानक सड़क पर आ गया उसने 
समाने से आ रही हुंडई क्रेटा कार को जोरदार टक्कर मारी दी टक्कर से कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और सांड सड़क पर गिर पड़ा
    user_Sonu Kumar Gautam midia
    Sonu Kumar Gautam midia
    Local News Reporter टांडा, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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