राजेश मिश्रा द्वारा लिखी गई एक ग़ज़ल में गहरे व्यक्तिगत दुःख और मोहभंग का चित्रण किया गया है, जिसे 20 जून 2026 की रात 12 बजे दर्ज किया गया है। ग़ज़ल का वक्ता अपने उलझे हुए दिन और हृदय पर पड़े नए ज़ख़्मों का उल्लेख करते हुए इन पीड़ाओं पर बात न करने का आग्रह करता है, जो उसके गहरे दर्द को दर्शाता है। यह ग़ज़ल जीवन के हर मोड़ पर उम्मीदों का दामन छूटते देखने और अपने विश्वास के डगमगाने की व्यथा को व्यक्त करती है। वक्ता ने अपनों के बदलते चेहरे देखे हैं, जिससे उसका हृदय अत्यंत दुखी हो गया है। उसके सपनों की कई शाखाएँ आंधी में बिखर गई हैं, और वह पूछता है कि इन सब के बावजूद वह कैसे स्थिर रह सकता है। दुनिया ने उससे हज़ारों सवाल किए हैं, और उसके दिल ने बहुत कुछ सहा है। कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी मुस्कुराहट में ताना और द्वेष का ज़हर छिपा रखा था। अब तो रात भी तन्हाई की कहानियाँ सुनाती है, और वक्ता अपने दुखद हाल पर बात न करने की गुहार लगाता है। 'राजेश' नाम का प्रयोग करते हुए, वक्ता स्वीकार करता है कि साँसों का सफ़र अभी जारी है, लेकिन धरती की राह कितनी कठिन है, इस पर भी वह बात नहीं करना चाहता।
राजेश मिश्रा द्वारा लिखी गई एक ग़ज़ल में गहरे व्यक्तिगत दुःख और मोहभंग का चित्रण किया गया है, जिसे 20 जून 2026 की रात 12 बजे दर्ज किया गया है। ग़ज़ल का वक्ता अपने उलझे हुए दिन और हृदय पर पड़े नए ज़ख़्मों का उल्लेख करते हुए इन पीड़ाओं पर बात न करने का आग्रह करता है, जो उसके गहरे दर्द को दर्शाता है। यह ग़ज़ल जीवन के हर मोड़ पर उम्मीदों का दामन छूटते देखने और अपने विश्वास के डगमगाने की व्यथा को व्यक्त करती है। वक्ता ने अपनों के बदलते चेहरे देखे हैं, जिससे उसका हृदय अत्यंत दुखी हो गया है। उसके सपनों की कई शाखाएँ आंधी में बिखर गई हैं, और वह पूछता है कि इन सब के बावजूद वह कैसे स्थिर रह सकता है। दुनिया ने उससे हज़ारों सवाल किए हैं, और उसके दिल ने बहुत कुछ सहा है। कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने अपनी मुस्कुराहट में ताना और द्वेष का ज़हर छिपा रखा था। अब तो रात भी तन्हाई की कहानियाँ सुनाती है, और वक्ता अपने दुखद हाल पर बात न करने की गुहार लगाता है। 'राजेश' नाम का प्रयोग करते हुए, वक्ता स्वीकार करता है कि साँसों का सफ़र अभी जारी है, लेकिन धरती की राह कितनी कठिन है, इस पर भी वह बात नहीं करना चाहता।
- मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के अंतर्गत तिल्दा-नेवरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें तिल्दा-नेवरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कुपोषित बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में बच्चों के अभिभावकों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के संबंध में आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्वास्थ्य मितानिनों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पहल से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार देखने को मिला है और माताओं में भी बच्चों की उम्र तथा आवश्यकता के अनुसार उचित आहार देने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ. आशीष सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना का उद्देश्य कुपोषित एवं संकटग्रस्त बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालकर कुपोषण की दर में कमी लाना है। योजना के तहत बच्चों को चिकित्सीय परीक्षण, आवश्यक उपचार और बाल रोग विशेषज्ञों द्वारा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।1
- एक भयावह घटना में, एक JCB का टायर हवा भरते ही 'बम' की तरह फट गया। इस भीषण धमाके के कारण वहां मौजूद लोग करीब 15 फीट ऊपर उछल गए, और इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।1
- बिलासपुर में 19 जून 2026 को तहफ़्फ़ुज़-ए-नामूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRAT) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में मंत्रोच्चार और अन्य धार्मिक गतिविधियों से संबंधित निर्देशों पर विस्तृत चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने इस मामले के संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं की गहराई से समीक्षा की, जिसके बाद संगठन ने आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी पर गंभीरता से विचार किया। यह बैठक वरिष्ठ अधिवक्ता और लीगल एडवायज़र सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आमिर रज़वी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बैठक में जिला अध्यक्ष शफीक अहमद, जिला संगठन मंत्री इमरान अली और जिला मीडिया प्रभारी शेख सरफराज अहमद सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य किसी विशेष धर्म या धार्मिक परंपरा का विरोध करना नहीं है, बल्कि TNRAT का लक्ष्य सभी विद्यार्थियों के संवैधानिक अधिकारों, उनकी धार्मिक स्वतंत्रता और सभी को समान अवसर मिलने को सुनिश्चित करना है।1
- यह कथा रामदूत हनुमान और सुरसा के बीच एक रोमांचक प्रसंग को दर्शाती है, जहाँ हनुमान जी ने अपनी अद्भुत बुद्धिमानी से सुरसा को भी चकित कर दिया। जब सुरसा ने उनका रास्ता रोका, तब हनुमान जी ने केवल शक्ति का प्रयोग करने के बजाय अपनी चतुराई और विवेक का परिचय दिया। उन्होंने इस परीक्षा को अपनी बुद्धि से जीता, जिसने एक असाधारण चमत्कार के रूप में सुरसा को हैरान कर दिया। यह कहानी हनुमान जी की वीरता और चतुराई की एक प्रेरणादायक मिसाल प्रस्तुत करती है।1
- बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह में पिछले 6 से 7 महीनों से भीषण पेयजल संकट गहराया हुआ है, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिक अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाने में भारी मशक्कत कर रहे हैं। क्षेत्र में उपलब्ध चार से पांच बोरवेल भी पर्याप्त जलापूर्ति देने में विफल साबित हो रहे हैं, जिससे वार्डवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह समस्या दीपावली के आसपास शुरू हुई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। कई मोहल्लों में सुबह से ही पानी के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जहाँ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक बर्तन, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी भरने का इंतजार करते नजर आते हैं; यहाँ तक कि कई परिवारों के निजी बोरवेल और मर्सिबल पंप भी अब पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। वार्डवासियों का आरोप है कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए गए होते तो आज क्षेत्र को इस गंभीर संकट का सामना नहीं करना पड़ता। इस बीच, वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार कर रहे हैं, हालांकि बढ़ती आबादी और निरंतर बने संकट के बीच यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है, जिसे नागरिक केवल अस्थायी राहत मानते हैं। क्षेत्र में एक और गंभीर चिंता का विषय पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति है, जो कई स्थानों पर नालियों के बीच से होकर गुजर रही हैं, जिससे दूषित पानी के मिश्रण की आशंका बनी रहती है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोगों में स्वास्थ्य को लेकर भय का माहौल है। वार्डवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जल संकट को आपात स्थिति मानते हुए तत्काल विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने खराब पाइपलाइनों की मरम्मत, नए जल स्रोतों के विकास, बोरवेलों की क्षमता वृद्धि और नियमित व स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की अपील की है, यह कहते हुए कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला समाधान चाहिए।4
- बिलासपुर जिले के फारच्युन एलीमेंट बोदरी में शुक्रवार को जेसीबी मशीन का टायर फट जाने से उसके हेल्पर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फारच्युन एलीमेंट बोदरी के सिक्योरिटी इंचार्ज विनय पांडे (उम्र 42 साल) ने शुक्रवार दोपहर 13:42 बजे थाने पहुंचकर मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे उन्हें ऋषभ कुमार से घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर विनय पांडे ने ओसामा (टायर पंचर मिस्त्री), भूपेंद्र राव (जेसीबी ड्राइवर) और अमृत लाल यादव को घायल अवस्था में पाया, जबकि जेसीबी मशीन का हेल्पर उमाकांत कौशिक मृत पड़ा था। घटना के संबंध में वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड दुर्गेश कुमार केंवट ने बताया कि ओसामा जेसीबी मशीन के बड़े चक्के के टायर में हवा भर रहा था। उस समय भूपेंद्र राव, अमृत लाल, उमाकांत कौशिक, रोलर ड्राइवर रमेश यादव और दुर्गेश टावर के किनारे बैठे थे। सुबह करीब 11:13 बजे अचानक टायर हवा भरते समय फट गया, जिससे टायर और डिस्क ऊपर की ओर उछल गए और इन सभी लोगों को चोटें आईं तथा वे इधर-उधर गिर गए। विनय पांडे ने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देकर घायल ओसामा, भूपेंद्र और अमृत लाल को कंपनी की गाड़ी से तत्काल श्रीराम केयर अस्पताल बिलासपुर में इलाज के लिए भिजवाया। मृतक जेसीबी हेल्पर की पहचान उमाकांत कौशिक (पिता लखन कौशिक, उम्र 22 साल), निवासी सीपत थाना, सीपत, बिलासपुर के रूप में हुई है। टायर फटने से उमाकांत के दाहिने जबड़े और बाईं आंख में गंभीर चोटें आई थीं। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, जहां उमाकांत कौशिक मृत अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा अस्पताल के चिरघर भिजवाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच अभी भी जारी है।1
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1.77 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विश्वजीत देवनाथ को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़ा और रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा की 30 मई 2026 को थाना कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। मिश्रा ने बताया था कि आरोपी विश्वजीत देवनाथ ने खुद को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेश पर प्रति माह 6 प्रतिशत ब्याज और 10 प्रतिशत मूलधन वापसी का लालच दिया। उसके झांसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से ऋण लेकर ₹12 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी द्वारा नियमित भुगतान किए जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ा, और संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक लोगों ने कुल ₹1 करोड़ 77 लाख 10 हजार का निवेश कर दिया। बाद में निवेशकों को यह जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग के लिए आवश्यक डीमैट खाते और दस्तावेज आरोपी के पास उपलब्ध नहीं थे, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अपराध क्रमांक 288/2026 धारा 420 भादवि के तहत दर्ज इस मामले की जांच के दौरान, पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी के खिलाफ थाना चांपा में धोखाधड़ी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर विश्वजीत देवनाथ (43 वर्ष, निवासी नदिया जिला, पश्चिम बंगाल) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश कराकर रकम को विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने बताया कि शुरुआती दौर में उसने निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता, लेकिन बाद में शेयर बाजार में हुए नुकसान के कारण वह उनकी रकम वापस नहीं कर सका। आरोपी ने यह जानकारी भी दी कि उसके उपयोग की फॉर्च्यूनर गाड़ी और बैंकिंग दस्तावेज थाना चांपा में दर्ज प्रकरण में पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है, साथ ही संभावित निवेश नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की भी जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने अधिक मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी, और किसी भी संदिग्ध निवेश या साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में देने का आग्रह किया।2
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के रामावैली प्रिमियम कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान में 19 वर्षीय गार्ड ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में चकरभाठा पुलिस जाँच में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 12 बजे रामावैली प्रिमियम वार्ड क्रं 01 बोदरी निवासी राकेश कुमार टहलरमानी (37) ने थाने में मौखिक सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई राहुल टहलरमानी के निर्माणाधीन मकान में लगभग दो महीने पहले सागर महिपाल (19), जो ग्राम नकटीडीह, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर चांपा का निवासी था, को चौकीदार रखा गया था। सागर ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को सुबह 10:15 बजे अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका कमरा अंदर से बंद था। सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुँची, जहाँ दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया और मृतक के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। मृतक के पास से एक छोटा सुसाइड नोट और मृत्यु से पहले खुद के मोबाइल में बनाए गए दो-तीन छोटे वीडियो भी बरामद हुए हैं। इन वीडियो में मृतक बार-बार कहता नजर आ रहा है कि उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है और वह अपनी मर्जी से फांसी लगा रहा है, क्योंकि उसे भगवान बुला रहे हैं। शव को बिल्हा अस्पताल के चिर घर में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक अविवाहित था और किसी प्रकार का नशा नहीं करता था। दो साल पहले एक सड़क दुर्घटना में उसका एक पैर क्षतिग्रस्त होने के कारण काट दिया गया था और उसमें नकली पैर लगा हुआ था। मृतक ने किस वजह से आत्महत्या की है, यह जाँच का विषय है।1