वासनाओं पर विजय की सच्चा ब्रह्मचर्य है बहन कंचन प्रभा शुक्ला बासनाओं पर विजय ही सच्चा ब्रह्मचर्य: बहिन कंचन प्रभा शुक्ला इकबाल अहमद, कानपुर देहात। सिकंदरा तहसील क्षेत्र के रोहिणी गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा वाचिका आचार्य कंचन प्रभा शुक्ला ने कहा कि बासनाओं पर विजय पाना ही सच्चा ब्रह्मचर्य है। उन्होंने नारद मुनि की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि ज्ञान और तपस्या पर गर्व करना भी मोह का कारण बन सकता है। भगवान विष्णु ने नारद मुनि की परीक्षा लेकर यह संदेश दिया कि सच्चा भक्त वही है जो अहंकार और कामना से दूर रहे। वहीं जय-विजय की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के द्वारपालों को सनकादिक ऋषियों के श्राप के कारण राक्षस योनि में जन्म लेना पड़ा और वे क्रमशः हिरण्याक्ष, हिरण्यकश्यप, रावण, कुंभकरण, शिशुपाल और दन्तवक्र के रूप में जन्मे। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
वासनाओं पर विजय की सच्चा ब्रह्मचर्य है बहन कंचन प्रभा शुक्ला बासनाओं पर विजय ही सच्चा ब्रह्मचर्य: बहिन कंचन प्रभा शुक्ला इकबाल अहमद, कानपुर देहात। सिकंदरा तहसील क्षेत्र के रोहिणी गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा वाचिका आचार्य कंचन प्रभा शुक्ला ने कहा कि बासनाओं पर विजय पाना ही सच्चा ब्रह्मचर्य है। उन्होंने नारद मुनि की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि ज्ञान और तपस्या पर गर्व करना भी मोह का कारण
बन सकता है। भगवान विष्णु ने नारद मुनि की परीक्षा लेकर यह संदेश दिया कि सच्चा भक्त वही है जो अहंकार और कामना से दूर रहे। वहीं जय-विजय की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के द्वारपालों को सनकादिक ऋषियों के श्राप के कारण राक्षस योनि में जन्म लेना पड़ा और वे क्रमशः हिरण्याक्ष, हिरण्यकश्यप, रावण, कुंभकरण, शिशुपाल और दन्तवक्र के रूप में जन्मे। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
- बासनाओं पर विजय ही सच्चा ब्रह्मचर्य: बहिन कंचन प्रभा शुक्ला इकबाल अहमद, कानपुर देहात। सिकंदरा तहसील क्षेत्र के रोहिणी गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा वाचिका आचार्य कंचन प्रभा शुक्ला ने कहा कि बासनाओं पर विजय पाना ही सच्चा ब्रह्मचर्य है। उन्होंने नारद मुनि की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि ज्ञान और तपस्या पर गर्व करना भी मोह का कारण बन सकता है। भगवान विष्णु ने नारद मुनि की परीक्षा लेकर यह संदेश दिया कि सच्चा भक्त वही है जो अहंकार और कामना से दूर रहे। वहीं जय-विजय की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के द्वारपालों को सनकादिक ऋषियों के श्राप के कारण राक्षस योनि में जन्म लेना पड़ा और वे क्रमशः हिरण्याक्ष, हिरण्यकश्यप, रावण, कुंभकरण, शिशुपाल और दन्तवक्र के रूप में जन्मे। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।2
- डेरापुर थाना क्षेत्र में कानपुर–औरैया नेशनल हाईवे पर मवई गांव के पास ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार मां-बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार औरैया निवासी वीरपाल सोमवार को करीब 11बजे अपनी माता मुन्नी देवी के साथ स्कूटी से माती जा रहे थे। जैसे ही वे मवई ओवरब्रिज पर पहुंचे, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश में जुटी है।1
- कानपुर देहात। मंगलपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना शनिवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। रविवार दोपहर करीब 2 बजे इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। पीड़ित संदलपुर निवासी देवांश दिवाकर ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसका पड़ोसी तालिब अहमद से पहले से विवाद चल रहा है। शनिवार शाम वह गांव के मज़ार के पास बैठा था, तभी तालिब अहमद अपने तीन साथियों के साथ वहां पहुंचा और कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसके साथ मारपीट की। हमले में उसे गंभीर चोटें आई हैं। मामले में थाना मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और जांच संदलपुर चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात: शादी की खुशियां मातम में बदलीं, ससुराल आए युवक ने की आत्महत्या कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के आराजी बिछियापुर गांव में उस वक्त खुशियों का माहौल मातम में बदल गया, जब ससुराल आए एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय आग्रह स्वामी के रूप में हुई है, जो रोहिनी गांव, थाना दिबियापुर के निवासी थे। परिजनों के अनुसार वह सूरत में प्राइवेट नौकरी करते थे। शनिवार को वह अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों के साथ ससुराल में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। परिवार में खुशी का माहौल था और सभी लोग विवाह की तैयारियों में जुटे थे। रविवार दोपहर आग्रह स्वामी ससुराल के एक कमरे में आराम करने चले गए। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उन्हें भोजन के लिए आवाज दी तो उन्होंने नींद आने की बात कहकर बाद में खाने को कहा। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा अंदर से बंद था। जंगले से झांककर देखा गया तो युवक का शव कमरे की बीम के कुंडे से लटका मिला। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और शादी का घर शोक में डूब गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं भाई और अन्य परिजन भी गहरे सदमे में हैं। पीछे दो छोटी बेटियां रह गई हैं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- गाय का गोबर कई प्रकार की वस्तुओं को बनाने में उपयोग किया जाता है-: प्रेमचन्द निंरजन जी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी औरैया, गाय गोबर भी कई प्रकार की वस्तुओं को बनाने में उपयोग किया जाता है। जैसे - खाद, बायोगैस, मच्छरमार अगरबत्ती, गमला आदि जो कि पूरी तरह प्राकृतिक और रसायन-मुक्त तरीके से बनाए जाते हैं। अब इस गोबर का इस्तेमाल गोकाष्ट (गाय के गोबर से बनी लकड़ी) बनाने में भी किया जाने लगा है। उक्त जानकारी उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी प्रेमचन्द निंरजन जी ने अस्थाई गौ आश्रय स्थल कस्बा खानपुर, औरैया में गोकाक मशीन का पूजन व उसे प्रारम्भ करते हुये दी। मशीन का पूजन पूनम शुक्ला, सुरभि स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह गौशालाओं को स्वाबंलम्बी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। गौशाला संचालक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर प्रान्त के सह गौ सेवा संयोजक संतोष जी ने बताया कि गोकाक मशीन में आपको गाय का गोबर, सूखा भूसा और घास को मशीन में डालना होगा जिससे ये लकड़ी तैयार करेगा, जो कि लकड़ी केंद्र पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। इससे गौशाला स्वावलम्बी बनने के साथ-साथ धार्मिक, सांस्कृतिक वैज्ञानिक एवं पर्यावरण रक्षा में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करेगी। उन्होनें बताया कि गौकाष्ठ के जलने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा इसका धुंआ कीटाणू रहित होता है। होलिका दहन के समय काफी लकड़ी को जलाया जाता है, यदि हम गौकाष्ट के द्वारा होलिका दहन करते है तो यह पर्यावरण संरक्षण में काफी महत्वपूर्ण पहल होगी। इसी तरह अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी प्राप्त करने के लिए भी बड़ी संख्या में पेड़ों को काट दिया जाता है जो कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है और अधिक धुआं भी पैदा करता है। इसी वजह से पर्यावरण को अनुकूल बनाने के लिए गोबर से बनी लकड़ी काफी फायदेमंद है। इस लकड़ी का उपयोग आप हवन, यज्ञ -पूजा पाठ, संस्कार आदि के लिए किया जायेगा और इसके साथ ही युवाओं के लिए भी रोजगार के साधन खुलेंगे। इसके साथ ही गौशाला में गाय के गोबर से बने अन्य उत्पाद जैसे मूर्तियां, फेसपैक धूपबती, हवनकप, पंचगव्य औषधि, मूर्ति दीपक, और दवा आदि उत्पाद भी उपलब्ध है। इस असवसर पर उत्कर्ष शुक्ला, रमा गुप्ता, विशाल, सुशील बृजेश बन्धु सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- कंचौसी रेलवे स्टेशन के पूर्व की तरफ रेलवे क्रासिंग के पास डीएफसी रेलवे लाइन पर मालगाड़ी के सामने कूदकर युवक ने जान दे दी। पुलिस ने छानबीन के बाद शव को ट्रैक से हटाया। जानकारी पर पहुंचे परिजन से पुलिस ने पूछताछ की। युवक के आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। सोमवार शाम 4 बजे डीएफसी लाइन पर कानपुर की ओर जा मालगाड़ी के आगे कूदकर युवक ने जान दे दी। ट्रेन के लोको पायलट ने मेमो द्वारा इसकी जानकारी न्यू कंचौसी स्टेशन को दी। मौके पर पहुंची कंचौसी चौकी पुलिस ने शव को ट्रैक से हटाया, मृतक की पहचान करवाने में जुट गई, सोशल मीडिया के माध्यम से घटना होने की जानकारी परिजनों को मिली, मौके पर पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान धर्मेंद्र राजपूत पुत्र तेज राम उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई। चौकी प्रभारी सुनील कुमार सिसोदिया ने बताया शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।1
- औरैया। अपर मुख्यसचिव के निर्देशन में गठित कानपुर से आई स्वास्थ्य टीम ने सोमवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय का कमियों को लेकर सघन निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न वार्डो के साथ ही दस्तावेज आदि देखें। इसके साथ ही सीएमएस को दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव लखनऊ के निर्देशन में सोमवार 23 फरवरी को कानपुर से गठित दो सदस्य टीम ने जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने शल्य कक्ष, जच्चा-बच्चा वार्ड, औषधि भंडार कक्ष,प्रस़ूति रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष,महिलाओं की ओपीडी, एनएचएम कार्यालय,लैव आदि का निरीक्षण किया। अस्पताल के अंदर चिकित्सकीय बिल्डिंग, प्लास्टर विशेषज्ञ, टाइल्स, रंग रोशन कंप्यूटर अस्पताल की बरसात में टपकती छत, जनरल सर्जन, आवासीय भवन व जल भराव आदि की कमियां पाई गई। इन कमियों को लिस्टेड करते हुए शासन को भेजा जाएगा। निरीक्षण के उपरांत टीम ने सीएमएस कक्ष में दस्तावेज आदि देखें। इसके साथ ही टीम ने सीएमएस को दिशा- निर्देश दिए। टीम के सदस्यों में कानपुर से आई डॉक्टर रियाज अली मिर्जा व्हाट डॉक्टर अमित कुमार कनौजिया के अलावा सीएमएस अनिल कुमार, क्वालिटी मैनेजर सुभाष चंद्र आदि मौजूद रहें।2
- कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के मड़ई मुका गांव के समीप सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार औरैया जनपद निवासी वीरपाल अपनी मां मुन्नी देवी के साथ स्कूटी से अकबरपुर माती जा रहे थे। जैसे ही वे मड़ई मुका गांव के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वीरपाल के पैर में गंभीर चोट आई है, जबकि मुन्नी देवी के सिर में गहरी चोट बताई जा रही है। पुलिस ने घायलों को हाईवे एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है और पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।2