रिमझिम बारिश में निकला चेहल्लुम का ताजिया जुलूस, 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजा जालौन 11 ताजियों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ परंपरागत जुलूस, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद जालौन। नगर में चेहल्लुम के अवसर पर बुधवार को परंपरागत ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक उत्साह, अनुशासन और अकीदत के साथ निकाला गया। रिमझिम बारिश के बावजूद अकीदतमंदों का उत्साह कम नहीं हुआ। "या हुसैन" की सदाओं और मातम के बीच लोगों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। नगर के विभिन्न मोहल्लों से कुल 11 ताजिए निर्धारित समय पर निकले और तय मार्गों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने ताजियों का स्वागत किया। बारिश के बावजूद युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा पूरे अनुशासन के साथ जुलूस संपन्न कराया। चेहल्लुम का जुलूस सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी, क्षेत्राधिकारी अजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सूरज सोनी, नगर पालिका परिषद के आर.ए. अनूप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। समाजसेवी जाकिर सिद्दीकी एवं इकबाल मंसूरी भी आयोजन के दौरान सक्रिय रहे। जुलूस मार्ग पर विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए, जिससे पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रिमझिम बारिश के बीच निकला चेहल्लुम का ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता नजर आया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद अकीदतमंदों की श्रद्धा और अनुशासन आयोजन की विशेष पहचान रहे।
रिमझिम बारिश में निकला चेहल्लुम का ताजिया जुलूस, 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजा जालौन 11 ताजियों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ परंपरागत जुलूस, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद जालौन। नगर में चेहल्लुम के अवसर पर बुधवार को परंपरागत ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक उत्साह, अनुशासन और अकीदत के साथ निकाला गया। रिमझिम बारिश के बावजूद अकीदतमंदों का उत्साह कम नहीं हुआ। "या हुसैन" की सदाओं और मातम के बीच लोगों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। नगर के विभिन्न मोहल्लों से कुल 11 ताजिए निर्धारित समय पर निकले और तय मार्गों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने ताजियों का स्वागत किया। बारिश के बावजूद युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा पूरे अनुशासन के साथ जुलूस संपन्न कराया। चेहल्लुम का जुलूस सकुशल
एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी, क्षेत्राधिकारी अजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सूरज सोनी, नगर पालिका परिषद के आर.ए. अनूप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। समाजसेवी जाकिर सिद्दीकी एवं इकबाल मंसूरी भी आयोजन के दौरान सक्रिय रहे। जुलूस मार्ग पर विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए, जिससे पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रिमझिम बारिश के बीच निकला चेहल्लुम का ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता नजर आया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद अकीदतमंदों की श्रद्धा और अनुशासन आयोजन की विशेष पहचान रहे।
- रिमझिम बारिश में निकला चेहल्लुम का ताजिया जुलूस, 'या हुसैन' की सदाओं से गूंजा जालौन 11 ताजियों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ परंपरागत जुलूस, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद जालौन। नगर में चेहल्लुम के अवसर पर बुधवार को परंपरागत ताजिया जुलूस पूरे धार्मिक उत्साह, अनुशासन और अकीदत के साथ निकाला गया। रिमझिम बारिश के बावजूद अकीदतमंदों का उत्साह कम नहीं हुआ। "या हुसैन" की सदाओं और मातम के बीच लोगों ने कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। नगर के विभिन्न मोहल्लों से कुल 11 ताजिए निर्धारित समय पर निकले और तय मार्गों से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने ताजियों का स्वागत किया। बारिश के बावजूद युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा पूरे अनुशासन के साथ जुलूस संपन्न कराया। चेहल्लुम का जुलूस सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। उपजिलाधिकारी राकेश कुमार सोनी, क्षेत्राधिकारी अजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी, विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी सूरज सोनी, नगर पालिका परिषद के आर.ए. अनूप सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। समाजसेवी जाकिर सिद्दीकी एवं इकबाल मंसूरी भी आयोजन के दौरान सक्रिय रहे। जुलूस मार्ग पर विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए, जिससे पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रिमझिम बारिश के बीच निकला चेहल्लुम का ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता नजर आया। प्रतिकूल मौसम के बावजूद अकीदतमंदों की श्रद्धा और अनुशासन आयोजन की विशेष पहचान रहे।2
- कोंच रेलवे स्टेशन का जीएम ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं से खुश होकर दिया 20 हजार का ईनाम इलाहाबाद मंडल के महाप्रबंधक नरेन्द्र पाल सिंह ने झांसी मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध सिंह के साथ निरीक्षण यान से पहुंचकर रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर, यात्री सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, गोदाम और कोंच-एट रेलवे ट्रैक का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रेलवे महाप्रबंधक ने स्टेशन पर उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। बेहतर कार्य और रखरखाव से प्रभावित होकर उन्होंने कोंच रेलवे स्टेशन की पूरी टीम को 20 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की और कर्मचारियों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कोंच रेलवे लाइन पर एब्सोल्यूट ब्लॉक सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिससे ट्रेनों का संचालन और अधिक सुरक्षित होगा। साथ ही स्टेशन पर बनने वाला गुड्स शेड आगामी लगभग तीन माह में तैयार होने की संभावना जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि बारिश का मौसम समाप्त होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। रेलवे महाप्रबंधक ने सिंह वाहिनी मंदिर के पास मोक्ष धाम गेट से जुड़ी समस्या पर भी चर्चा की और इसके समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रेन के आवागमन के दौरान रेलवे फाटक समय से बंद रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे1
- जालौन.. जालौन मे झमाझम बारिश रस्ता डूबे दो फुट तक भरा पानी लोगो का निकलना मुश्किल सुबह से हो रही बारिश.. लौना रोड.. मुश्किल मे राहगीर1
- जबसे PDA से वो लोग हारे हैं तबसे PDA की नई परिभाषा बना रहे हैं, PDA में पीड़ित पंडित भी है।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी जबसे PDA से वो लोग हारे हैं तबसे PDA की नई परिभाषा बना रहे हैं, PDA में पीड़ित पंडित भी है।" - माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी1
- जालौन भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा पहुंचे जालौन1
- जालौन जिले के कुठोंद में पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था पर सवालिया निशान झमाझम बारिश ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल, तालाब में तब्दील हुआ कस्बा कुठौंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय और मुख्य बाजार में घुसा पानी, मरीज, दुकानदार व स्कूली बच्चे घंटों रहे परेशान; गंदगी से पटे नाले बने जलभराव की बड़ी वजह कुठौंद (जालौन)। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर कस्बा कुठौंद की बदहाल जल निकासी व्यवस्था की हकीकत भी सबके सामने ला दी। महज कुछ घंटों की तेज बारिश ने पूरे कस्बे को पानी-पानी कर दिया। सड़कें तालाब में बदल गईं, मुख्य बाजार जलमग्न हो गया और सरकारी कार्यालयों से लेकर अस्पतालों तक में पानी भर गया। लोगों को घंटों तक जलभराव के बीच आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद में देखने को मिली, जहां अस्पताल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया। इलाज कराने आए मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और उनके परिजनों को गंदे पानी के बीच होकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ा। अस्पताल परिसर में पानी भरने से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती दिखाई दीं और मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वहीं पशु चिकित्सालय कुठौंद भी जलभराव की चपेट में आ गया। अस्पताल परिसर ही नहीं, बल्कि भवन के अंदर तक पानी भर गया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रवि कुमार तिवारी ने बताया कि बारिश का पानी अस्पताल के कमरों में घुस गया, जिससे कार्यालय में रखी महत्वपूर्ण फाइलें और सरकारी अभिलेख भी भीग गए। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण अस्पताल का कार्य भी प्रभावित हुआ। कस्बे की मुख्य बाजार वाली गली में घुटनों तक पानी भर जाने से दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हुआ। खरीदारी करने आए लोगों को पानी के बीच होकर गुजरना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी, जबकि कई स्थानों पर लोग गिरने से बाल-बाल बचे। बारिश के समय विद्यालयों की छुट्टी होने पर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे जलभराव के बीच घर लौटते दिखाई दिए। बच्चों ने कहा कि हर वर्ष बारिश के समय यही हालात बन जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें गंदे पानी से होकर स्कूल आने-जाने की मजबूरी न झेलनी पड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे किनारे बना नाला लंबे समय से गंदगी, कचरे और सिल्ट से पूरी तरह पटा हुआ है। नियमित सफाई न होने के कारण बारिश का पानी निकासी नहीं पा सका और देखते ही देखते पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। नागरिकों का आरोप है कि यदि समय रहते नालों की सफाई कराई जाती तो आज यह विकराल स्थिति पैदा नहीं होती। बारिश के बाद पूरे कस्बे में जलभराव की तस्वीरें लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहीं। लोगों का कहना है कि हर वर्ष लाखों रुपये सफाई और जल निकासी व्यवस्था के नाम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि हाईवे किनारे नालों की तत्काल सफाई कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में आम जनता, मरीजों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।1
- सड़क ने ले ली बुजुर्ग की जान, गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस कदौरा (जालौन)। कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा कुइयाझोर में खराब सड़क व्यवस्था एक बुजुर्ग की जान पर भारी पड़ गई। मंगलवार को 58 वर्षीय शर्मन की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन बारिश के कारण कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। मजबूर परिजनों और ग्रामीणों ने शर्मन को चारपाई पर लिटाकर करीब 300 मीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से मुख्य सड़क की ओर ले जाना शुरू किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से लगभग कट जाता है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को चारपाई पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पक्की सड़क और पुलिया के अभाव में यह दर्दनाक घटना हुई। परिजनों ने बताया कि 18 जुलाई को भी शर्मन को जहरीले कीड़े ने काट लिया था। उस समय भी खराब रास्ते के कारण उन्हें चारपाई पर सड़क तक ले जाना पड़ा था, हालांकि समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क और क्षतिग्रस्त पुलिया का शीघ्र निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1