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मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के अंत में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी ने वॉलीबॉल के मैदान में उतरकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और मैत्रीपूर्ण मैच का आनंद लिया।

1 hr ago
user_Akash Chakarwarti
Akash Chakarwarti
Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के अंत में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी ने वॉलीबॉल के मैदान में उतरकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और मैत्रीपूर्ण मैच का आनंद लिया।

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  • मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के अंत में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी ने वॉलीबॉल के मैदान में उतरकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और मैत्रीपूर्ण मैच का आनंद लिया।
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    मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के अंत में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे एवं पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी ने वॉलीबॉल के मैदान में उतरकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और मैत्रीपूर्ण मैच का आनंद लिया।
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • घुघरी में ओवरलोड ऑटो पलटने से 15 स्कूली बच्चे घायल, 10 गंभीर मंडला रेफर घुघरी में ओवरलोड ऑटो पलटने से 15 स्कूली बच्चे घायल, 10 गंभीर मंडला रेफर ऑटो में ठूंस-ठूंस कर भरे थे 15 बच्चे, सुरक्षा से खिलवाड़ और चालक पर नशे का आरोप घुघरी। शनिवार शाम खजरी-जुनवानी मार्ग पर बनेहरी के पास स्कूली बच्चों से भरा एक ओवरलोड ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 स्कूली बच्चे घायल हो गए। इनमें से 10 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय मंडला रेफर कर दिया गया है। ऑटो में घुघरी के तीन अलग-अलग स्कूलों के बच्चे सवार थे। छुट्टी के बाद घर लौटते समय यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और पुलिस की मदद से सभी को घुघरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक छोटे से ऑटो में 15 बच्चों को बैठाया गया था, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया। चालक के शराब के नशे में होने की भी आशंका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यातायात नियमों व सुरक्षा मानकों की इस गंभीर अनदेखी की जांच कर रही है।
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    घुघरी में ओवरलोड ऑटो पलटने से 15 स्कूली बच्चे घायल, 10 गंभीर मंडला रेफर
घुघरी में ओवरलोड ऑटो पलटने से 15 स्कूली बच्चे घायल, 10 गंभीर मंडला रेफर
ऑटो में ठूंस-ठूंस कर भरे थे 15 बच्चे, सुरक्षा से खिलवाड़ और चालक पर नशे का आरोप
घुघरी। शनिवार शाम खजरी-जुनवानी मार्ग पर बनेहरी के पास स्कूली बच्चों से भरा एक ओवरलोड ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में 15 स्कूली बच्चे घायल हो गए। इनमें से 10 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय मंडला रेफर कर दिया गया है।
ऑटो में घुघरी के तीन अलग-अलग स्कूलों के बच्चे सवार थे। छुट्टी के बाद घर लौटते समय यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़े और पुलिस की मदद से सभी को घुघरी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार  एक छोटे से ऑटो में 15 बच्चों को बैठाया गया था, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया। चालक के शराब के नशे में होने की भी आशंका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यातायात नियमों व सुरक्षा मानकों की इस गंभीर अनदेखी की जांच कर रही है।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मंडला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4,045 किलो महुआ लाहन नष्ट, 19 प्रकरणों में 150 लीटर कच्ची शराब जब्त
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    मंडला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4,045 किलो महुआ लाहन नष्ट, 19 प्रकरणों में 150 लीटर कच्ची शराब जब्त
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • डिंडौरी में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय श्री एम.एल. राठौर की उपस्थिति में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ किया गया *डिंडौरी में लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ* *डिंडौरी12 सितंबर 2026* डिंडौरी में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय श्री एम.एल. राठौर की उपस्थिति में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री राठौर ने कहा कि हमारा प्रयास है कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिले और यह पक्षकारों को लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बने। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से कई वर्षों से लंबित प्रकरणों का भी एक ही दिन में निराकरण संभव है। आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर प्रकरणों के निराकरण से पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है तथा उनके समय और धन की भी बचत होती है।
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    डिंडौरी में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय श्री एम.एल. राठौर की उपस्थिति में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ किया गया
*डिंडौरी में लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ* 
*डिंडौरी12 सितंबर 2026* 
डिंडौरी में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय श्री एम.एल. राठौर की उपस्थिति में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर श्री राठौर ने कहा कि  हमारा प्रयास है कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिले और यह पक्षकारों को लाभ पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बने।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से कई वर्षों से लंबित प्रकरणों का भी एक ही दिन में निराकरण संभव है। आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर प्रकरणों के निराकरण से पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है तथा उनके समय और धन की भी बचत होती है।
    user_Ishwar prasad Sahu
    Ishwar prasad Sahu
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बारिश के मौसम में सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए 11 केवी फीडर में मेंटेनेंस बारिश के मौसम में सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए 11 केवी फीडर में मेंटेनेंस घंसौर। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को घंसौर नगर में विद्युत विभाग द्वारा 11 केवी फीडर में आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। बारिश के मौसम में बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और विद्युत आपूर्ति सुचारू बनी रहे, इसके लिए विभाग द्वारा लाइन एवं विद्युत उपकरणों का रखरखाव किया जा रहा है। मेंटेनेंस कार्य के दौरान कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
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    बारिश के मौसम में सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए 11 केवी फीडर में मेंटेनेंस
बारिश के मौसम में सुचारू बिजली आपूर्ति के लिए 11 केवी फीडर में मेंटेनेंस
घंसौर। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को घंसौर नगर में विद्युत विभाग द्वारा 11 केवी फीडर में आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। बारिश के मौसम में बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और विद्युत आपूर्ति सुचारू बनी रहे, इसके लिए विभाग द्वारा लाइन एवं विद्युत उपकरणों का रखरखाव किया जा रहा है।
मेंटेनेंस कार्य के दौरान कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
    user_Umesh Srivastava
    Umesh Srivastava
    घनसौर, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश का उमरिया जिला के अधिकतर गांव में अवैध मुरूम खनन का खेल, हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम बरबस पुर की जहां NH43 में ओवर ब्रिज के काम के लिए हफ्तों से बिना खनिज विभाग के परमीशन के राजस्व भूमि से पोकलेन से धरती का सीना चीरते हुए लाल मुरुम निकालने का काम चल रहा था , और सूचना के बाद भी खनिज विभाग और पाली का राजस्व विभाग सोया रहा है बिरसिंहपुर --पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बरबसुर में पोकलेन मशीन और बड़े बड़े हाईवा से मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। खनिज माफिया ठेकेदार बेखौफ होकर रात-दिन मुरूम निकालकर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध खनन को कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसुर के ग्रामीणों ने शनिवार को पोकलेन मशीन से हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन और बड़े बड़े हाईवा ट्रकों से हो रहे परिवहन की सूचना जिला माइनिंग अधिकारी एवं माइनिंग क्षेत्र अधिकारी पाली के राजस्व अधिकारियों को फोन पर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को दिखवाया जाएगा और जल्द-से-जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल तब खुल गई, जब फोन लगाने के 8 से 10 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई अमला या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े पोकलेन मशीन लगाकर मुरूम का उत्खनन करते हैं। खनन स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों हाईवा के माध्यम से मुरूम का परिवहन भी निरंतर जारी है। अवैध खनन से गांव के आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, खनन के कारण गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची, लेकिन खनन माफियाओं के दबदबे के चलते लोग सामने आने से डरते हैं। उल्लेखनीय है कि मुरूम खनन के लिए शासन से खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के मुरूम निकालना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई से कतराते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत के घंटों बाद तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो आखिर कब पहुंचेगा? क्या विभाग अवैध खननकर्ताओं को खुली छूट दे रहा है? ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि पोकलेन जैसी बड़ी मशीन से घंटों खनन होता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर, इस संबंध में जब जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो पहले भी मिला था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर को शिकायत करने को बाध्य होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मुरूम खनन से न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा होता है। मध्य प्रदेश का उमरिया जिला के अधिकतर गांव में अवैध मुरूम खनन का खेल, हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम बरबस पुर की जहां NH43 में ओवर ब्रिज के काम के लिए हफ्तों से बिना खनिज विभाग के परमीशन के राजस्व भूमि से पोकलेन से धरती का सीना चीरते हुए लाल मुरुम निकालने का काम चल रहा था , और सूचना के बाद भी खनिज विभाग और पाली का राजस्व विभाग सोया रहा है बिरसिंहपुर --पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बरबसुर में पोकलेन मशीन और बड़े बड़े हाईवा से मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। खनिज माफिया ठेकेदार बेखौफ होकर रात-दिन मुरूम निकालकर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध खनन को कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसुर के ग्रामीणों ने शनिवार को पोकलेन मशीन से हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन और बड़े बड़े हाईवा ट्रकों से हो रहे परिवहन की सूचना जिला माइनिंग अधिकारी एवं माइनिंग क्षेत्र अधिकारी पाली के राजस्व अधिकारियों को फोन पर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को दिखवाया जाएगा और जल्द-से-जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल तब खुल गई, जब फोन लगाने के 8 से 10 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई अमला या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े पोकलेन मशीन लगाकर मुरूम का उत्खनन करते हैं। खनन स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों हाईवा के माध्यम से मुरूम का परिवहन भी निरंतर जारी है। अवैध खनन से गांव के आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, खनन के कारण गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची, लेकिन खनन माफियाओं के दबदबे के चलते लोग सामने आने से डरते हैं। उल्लेखनीय है कि मुरूम खनन के लिए शासन से खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के मुरूम निकालना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई से कतराते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत के घंटों बाद तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो आखिर कब पहुंचेगा? क्या विभाग अवैध खननकर्ताओं को खुली छूट दे रहा है? ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि पोकलेन जैसी बड़ी मशीन से घंटों खनन होता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर, इस संबंध में जब जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो पहले भी मिला था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर को शिकायत करने को बाध्य होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मुरूम खनन से न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा होता है। खनन के बाद गड्ढे खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे बारिश के मौसम में जान-माल का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाए।
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    मध्य प्रदेश का उमरिया जिला के अधिकतर गांव में अवैध मुरूम खनन का खेल,  हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम बरबस पुर की जहां NH43 में ओवर ब्रिज के काम के लिए हफ्तों से बिना खनिज विभाग के परमीशन के राजस्व भूमि से पोकलेन से धरती का सीना चीरते हुए लाल मुरुम निकालने का काम चल रहा था , और सूचना के बाद भी खनिज विभाग और पाली का राजस्व विभाग सोया रहा है 

 बिरसिंहपुर --पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बरबसुर में पोकलेन मशीन और बड़े बड़े हाईवा से मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। खनिज माफिया ठेकेदार बेखौफ  होकर रात-दिन मुरूम निकालकर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध खनन को कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण मिल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसुर के ग्रामीणों ने शनिवार को पोकलेन मशीन से हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन और बड़े बड़े हाईवा ट्रकों से हो रहे परिवहन की सूचना जिला माइनिंग अधिकारी एवं माइनिंग क्षेत्र अधिकारी  पाली के राजस्व अधिकारियों को फोन पर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को दिखवाया जाएगा और जल्द-से-जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल तब खुल गई, जब फोन लगाने के 8 से 10 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई अमला या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े पोकलेन मशीन लगाकर मुरूम का उत्खनन करते हैं। खनन स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों हाईवा के माध्यम से मुरूम का परिवहन भी निरंतर जारी है। अवैध खनन से गांव के आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, खनन के कारण गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची, लेकिन खनन माफियाओं के दबदबे के चलते लोग सामने आने से डरते हैं।

उल्लेखनीय है कि मुरूम खनन के लिए शासन से खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के मुरूम निकालना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई से कतराते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत के घंटों बाद तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो आखिर कब पहुंचेगा? क्या विभाग अवैध खननकर्ताओं को खुली छूट दे रहा है?

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि पोकलेन जैसी बड़ी मशीन से घंटों खनन होता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।

इधर, इस संबंध में जब जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो पहले भी मिला था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर को शिकायत करने को बाध्य होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मुरूम खनन से न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा होता है। 
मध्य प्रदेश का उमरिया जिला के अधिकतर गांव में अवैध मुरूम खनन का खेल,  हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम बरबस पुर की जहां NH43 में ओवर ब्रिज के काम के लिए हफ्तों से बिना खनिज विभाग के परमीशन के राजस्व भूमि से पोकलेन से धरती का सीना चीरते हुए लाल मुरुम निकालने का काम चल रहा था , और सूचना के बाद भी खनिज विभाग और पाली का राजस्व विभाग सोया रहा है 
बिरसिंहपुर --पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बरबसुर में पोकलेन मशीन और बड़े बड़े हाईवा से मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से चल रहा है। खनिज माफिया ठेकेदार बेखौफ  होकर रात-दिन मुरूम निकालकर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध खनन को कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण मिल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसुर के ग्रामीणों ने शनिवार को पोकलेन मशीन से हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन और बड़े बड़े हाईवा ट्रकों से हो रहे परिवहन की सूचना जिला माइनिंग अधिकारी एवं माइनिंग क्षेत्र अधिकारी  पाली के राजस्व अधिकारियों को फोन पर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को दिखवाया जाएगा और जल्द-से-जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल तब खुल गई, जब फोन लगाने के 8 से 10 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई अमला या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े पोकलेन मशीन लगाकर मुरूम का उत्खनन करते हैं। खनन स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों हाईवा के माध्यम से मुरूम का परिवहन भी निरंतर जारी है। अवैध खनन से गांव के आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, खनन के कारण गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची, लेकिन खनन माफियाओं के दबदबे के चलते लोग सामने आने से डरते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुरूम खनन के लिए शासन से खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के मुरूम निकालना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई से कतराते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत के घंटों बाद तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो आखिर कब पहुंचेगा? क्या विभाग अवैध खननकर्ताओं को खुली छूट दे रहा है?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि पोकलेन जैसी बड़ी मशीन से घंटों खनन होता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
इधर, इस संबंध में जब जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो पहले भी मिला था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर को शिकायत करने को बाध्य होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मुरूम खनन से न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा होता है। खनन के बाद गड्ढे खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे बारिश के मौसम में जान-माल का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाए।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • *गए थे सरकार को घेरने, लेकिन ज़मीनी हकीकत ने ऑन-कैमरा ही सारा प्रोपेगेंडा फ्लॉप कर दिया! न एजेंडा चला, न रील बनी।*
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    *गए थे सरकार को घेरने, लेकिन ज़मीनी हकीकत ने ऑन-कैमरा ही सारा प्रोपेगेंडा फ्लॉप कर दिया! न एजेंडा चला, न रील बनी।*
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | बनहेरी रोड पर बड़ा हादसा ऑटो पलटा, 12 बच्चे घायल—बनहेरी रोड पर मचा हड़कंप घुघरी:- बनहेरी रोड पर आज एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो में सवार 12 बच्चे घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है। हादसा कैसे हुआ और बच्चों की हालत कैसी है, इसकी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
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    🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | बनहेरी रोड पर बड़ा हादसा
ऑटो पलटा, 12 बच्चे घायल—बनहेरी रोड पर मचा हड़कंप
घुघरी:- बनहेरी रोड पर आज एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो में सवार 12 बच्चे घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की जानकारी सामने आई है।
हादसा कैसे हुआ और बच्चों की हालत कैसी है, इसकी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
    user_Pankaj Jhariya
    Pankaj Jhariya
    News Anchor घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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