सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता का संकल्प गुरसंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कर्मचारियों व मरीजों को दिलाई स्वच्छता की शपथ सेवा संकल्प अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसंडी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मचारियों एवं मरीजों को स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया। डॉ. आनंद सिंह ने स्वच्छ वातावरण को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए स्वास्थ्य केंद्र परिसर, वार्डों तथा आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी से व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता का संकल्प गुरसंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कर्मचारियों व मरीजों को दिलाई स्वच्छता की शपथ सेवा संकल्प अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसंडी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मचारियों एवं मरीजों को स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया। डॉ. आनंद सिंह ने स्वच्छ वातावरण को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए स्वास्थ्य केंद्र परिसर, वार्डों तथा आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी से व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
- सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता का संकल्प गुरसंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कर्मचारियों व मरीजों को दिलाई स्वच्छता की शपथ सेवा संकल्प अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसंडी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मचारियों एवं मरीजों को स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया। डॉ. आनंद सिंह ने स्वच्छ वातावरण को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए स्वास्थ्य केंद्र परिसर, वार्डों तथा आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी से व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।2
- मिर्जापुर: अष्टभुजा भैरव कुंड मार्ग 5 महीने से अंधेरे में! भैरव कुंड के पुजारी दिनेश महाराज का आरोप है कि मार्ग पर करीब 5 महीने से बिजली आपूर्ति बाधित है। नवरात्र के 9 दिनों तक बिजली रही, लेकिन मेला समाप्त होते ही फिर अंधेरा छा गया। श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी, जिम्मेदार विभाग से बिजली बहाली की मांग। #Mirzapur #विंध्याचल #BreakingNews1
- मिर्ज़ापुर के विंध्याचल में युवक की हत्या की आशंका, परिजनों की न्याय की गुहार।1
- अहरौरा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 233 मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ जनसेवा मिशन के तहत जोड़ों के दर्द, थायराइड, लिवर-किडनी सहित कई जांचें निःशुल्क अहरौरा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 233 मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ जनसेवा मिशन के तहत जोड़ों के दर्द, थायराइड, लिवर-किडनी सहित कई जांचें निःशुल्क अहरौरा, मिर्जापुर। डॉ. एस. पी. पटेल, अध्यक्ष भूमि विकास बैंक लालगंज के नेतृत्व में रविवार को सब्जी मंडी के पास निर्मलवा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगा। दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चले शिविर में 233 मरीजों का निःशुल्क उपचार हुआ। शिविर में जोड़ों के दर्द, पेट, आंख और त्वचा रोगों के मरीज अधिक मिले। चिकित्सकों ने जांच कर परामर्श और ब्रांडेड दवाएं निःशुल्क दीं। शिविर की खास बात यह रही कि बुखार से लेकर थायराइड, लीवर फंक्शन, किडनी फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, शुगर और हार्ट से जुड़ी 800 से 1000 रुपये तक की महंगी जांचों के लिए ब्लड सैंपल लिए गए। रिपोर्ट 1 से 2 दिन में व्हाट्सएप पर भेजी जाएगी। मरीजों को डॉक्टर की 500 से 1000 रुपये फीस और जांच का खर्च बचाकर गांव-बाजार में ही इलाज मिला। टीम में डॉ. एम. बी. शर्मा, डॉ. शालिनी सिंह पटेल, डॉ. नवेंदु पटेल, डॉ. शालिनी सिंह और डॉ. रविन्द्र पाल रहे। पैरामेडिकल टीम में संजीव प्रजापति, शिवम मौर्य, मनीष मौर्य, दीपिका भारद्वाज, अर्चना, आंचल यादव और आंचल मौर्य का सहयोग रहा। आयोजन में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सोनकर का विशेष सहयोग रहा। डॉ. पटेल ने कहा, यह किसी सरकारी योजना से नहीं, दो वर्षों से चल रहा जनसेवा अभियान है। दवाएं ब्रांडेड हैं, पूरा उपयोग करें। जल्दबाजी न करें, यह जीवन का प्रश्न है। जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना ही उद्देश्य है। अगला शिविर अगले रविवार बाबा मंदिर पर 3 से 6 बजे लगेगा।1
- ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा ऊंचा मोबाइल का टावर, ऊपर नकाब में बैठी एक लड़की और नीचे सासे थामे खड़ी सैकड़ों लोगों की भारी भीड़। पहली नजर में इस खौफनाक मंजर को देखने वाले हर शख्स को लगा कि शायद यह लड़की कोई घातक कदम उठाने आई है। पुलिस परेशान थी। प्रशासन हैरान था और नीचे खड़े घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। हर कोई हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा था कि बेटी नीचे आ जाओ। लेकिन बुर्का पहने वो लड़की अपनी जिद पर अड़ी थी। मानो उसे अपनी जान की कोई परवाह ही ना हो। लेकिन जैसे ही इस हाई वोल्टेज ड्रामे की असली वजह सामने आई, वहां मौजूद पुलिस से लेकर आम लोगों तक सबके पैरों तले से जमीन खिसक गई। क्योंकि यह लड़की अपनी जान देने के लिए नहीं बल्कि शादी कराने के लिए टावर पर चढ़ी थी। दरअसल, यह पूरा हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सामने आया है। टावर पर चढ़ी इस लड़की का नाम महक है और महक का गांव के ही नूरुद्दीन नाम के एक युवक के साथ 5 महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे और साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। दोनों जल्द से जल्द निकाह करना चाहते थे। लेकिन इस प्यार की कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट था। ट्विस्ट यह था कि जिससे लड़की मोहब्बत करती थी वो इस वक्त रोजी रोटी कमाने के लिए मुंबई में गया हुआ था। इस बीच महक के घर वालों ने इस रिश्ते का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी दूसरी जगह रिश्ता तय कर दिया और उस पर शादी का दबाव बनाने लगे। जब महक को लगा कि उसकी मोहब्बत हमेशा के लिए उससे छीन जाएगी और घरवाले उसकी शादी कभी और कर देंगे तो उसने एक ऐसा आत्मघाती कदम उठाने की सोची जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। वो चुपके से अपने घर से निकली और दौड़ते हुए सीधे गांव के सबसे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और देखते ही देखते वो टावर की चोटी पर जाकर बैठ गई। जब गांव वालों ने एक लड़की को टावर पर देखा तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई मौके पर भारी पुलिस बल भी पहुंचा। लेकिन लड़की की बस एक ही रट थी कि अगर मेरा निकाह तुरंत नूरुद्दीन से नहीं कराया गया तो मैं यहां से कूद भी सकती हूं। घंटों तक चले इसका हाई वोल्टेज भारी मान मनोबल के बाद भी जब लड़की अपनी जिद से नहीं मानी तो पुलिस और घर वालों को समझाया गया कि इसे बातों से नीचे उतारा नहीं जा सकता। लड़की की जान बचाने के लिए मौके पर ही एक कारी साहब को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मिलकर एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक रास्ता निकाला। मुंबई में बैठे उस प्रेमी को तुरंत WhatsApp पर वीडियो कॉल मिलाया गया और देखते ही देखते टावर के नीचे एक डिजिटल मंडप सज गया। इंटरनेट के जरिए बहराइच के उस गांव को सीधे मुंबई से जोड़ा गया। मौलाना ने ऑनलाइन निकाहनामा पढ़ना शुरू किया। उधर वीडियो कॉल पर मुंबई से दूल्हे ने कुबूल है कहा और इधर टावर के ऊपर बैठी दुल्हन ने भी फोन पर ही इस निकाह को मंजूरी दे दी। और जैसे ही निकाह मुकम्मल हुआ, टावर पर चढ़ी उस दुल्हन का गुस्सा और जिद शांत हो गई। वो धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से टावर से नीचे उतर आई। लड़की को सही सलामत नीचे देख पुलिस प्रशासन और घर वालों ने राहत की सांस ली। लेकिन लड़की महक के नीचे आते ही उसकी मां फिर से रिश्ते के खिलाफ हो गई। उन्होंने कहा कि मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। अगर लड़की फिर भी उसी लड़के के साथ रहना चाहती है तो वह उसके घर अब जा सकती है। इसके बाद पुलिसकर्मी लड़की और उसके परिजनों को लेकर थाने पहुंची और वहां से समझाने के बाद महक को उसकी मां के साथ उसे घर भेज दिया गया। वहीं फिलहाल अब यह पूरा मामला इलाके भर में सुर्खियां बटोर रहा1
- *मिर्जापुर: पूर्व DM दिव्या मित्तल का जनसंपर्क अभियान तेज, बलेहरा मोड़ से होते हुए पटेहरा ब्लॉक के लिए रवाना हुई* *मिर्जापुर।* पूर्व जिलाधिकारी मिर्जापुर एवं जन नीति भारत पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष IAS दिव्या मित्तल का जनसंपर्क कार्यक्रम मंगलवार को बलेहरा मोड़ से शुरू होकर पटेहरा ब्लॉक की तरफ रवाना हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों ने पूर्व DM को रोककर अपनी समस्याएं बताईं। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से गांव में पानी की किल्लत, बिजली की आंख मिचौली और सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा उठाया। समस्याएं सुनकर दिव्या मित्तल ने कहा कि - "प्रशासन में रहते हुए मैंने मिर्जापुर की समस्याओं को करीब से देखा है। जनता की ये बुनियादी समस्याएं हैं, इनका समाधान मेरी पहली प्राथमिकता होगी।" उन्होंने मौके पर ही संबंधित समस्याओं के निवारण का आश्वासन दिया और कार्यकर्ताओं से कहा कि हर गांव की समस्या को लिखित रूप में नोट किया जाए। इस मौके पर बलेहरा मोड़ पर अवधेश तिवारी, भोलानाथ तिवारी, राजू तिवारी, शुभम तिवारी, अंकुर तिवारी, हर्षित तिवारी, अमरनाथ दुबे, पिंटू दुबे, आशुतोष चौबे, रोहित दुबे एवं अवनीश यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। मंजय वर्मा की रिपोर्ट4
- गहरपुर, जोगिनका मार्ग पर दबंगों द्वारा चलवाया गया बुलडोजर, ग्रामीण परेशान, मामला पहुंचा एसडीएम सदर ज्ञानपुर, लगाई न्याय की गुहार गहरपुर-भुजान बस्ती में रास्ते पर चला बुलडोजर,एसडीएम सदर तक पहुंचा मामला भदोही। आखिरकार ज्ञानपुर सदर तहसील अंतर्गत गहरपुर-भुजान बस्ती के रास्ते पर गरजे बुलडोजर का मामला सोमवार को एसडीएम सदर अरूण दीक्षित तक पहुंच ही गया। आवागमन न होने से परेशान दर्जनों ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र एसडीएम को सौंपकर अवरूद्ध हुए रास्ते को अविलंब मुक्त कराने की गुहार लगाई। पीड़ित ग्रामीण लल्लन, उमाशंकर, मोहनलाल गुप्ता, विनोद गुप्ता, महेंद्र कुमार, देवराज, माताशंकर, सियाराम, चिरंजीव, मुन्ना अविनाश, रामनिरंजन, गिरजा शंकर, लल्लू, जयप्रकाश, अजय कुमार, महावीर, सुरेश साहू, अतुल, माता प्रसाद, विनोद कुमार, संतोष, विकास शुक्ला, छोटे गुप्ता, प्रियांशु गुप्ता, संदीप शुक्ला, दशरथ गुप्ता, जितेंद्र कुमार ने अवगत कराया कि गहरपुर-भुजान बस्ती जाने के लिए उक्त एकमात्र रास्ता है और लगभग दशक पूर्व से लोग आवागमन करते आ रहे हैं लेकिन गांव के ही कुछ मनबढ़ बिना किसी सूचना के उपरोक्त रास्ते को जेसीबी लगाकर उखाड़ दिया गया। चिंता की बात यह कि मनबढ़ किसके आदेश पर रास्ता अवरूद्ध किया समझ से परे है। सदर तहसील प्रशासन ने अवरूद्ध किये जा रहे रास्ते का निराकरण नहीं कराया जा सका तो ग्रामीणों के समक्ष आवागमन की विकट स्थिति उत्पन्न होगी। एसडीएम सदर अरूण दीक्षित ने मामले की जांच कराने की बात कहीं।4
- सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता का संकल्प गुरसंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कर्मचारियों व मरीजों को दिलाई स्वच्छता की शपथ सेवा संकल्प अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसंडी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र के सभी कर्मचारियों एवं मरीजों को स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया। डॉ. आनंद सिंह ने स्वच्छ वातावरण को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए स्वास्थ्य केंद्र परिसर, वार्डों तथा आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी से व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।1