मध्य प्रदेश की प्रमुख पर्यटन और धार्मिक नगरी अमरकंटक में नौतपा के चौथे दिन, गुरुवार 28 मई 26 को मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ लगभग आधे घंटे तक हुई वर्षा से वातावरण में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। नौतपा के प्रभाव के बीच अचानक बदले इस मौसम के कारण अमरकंटक का अधिकतम तापमान घटकर 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले दिनों की तुलना में तापमान में आई इस गिरावट से मौसम सुहावना बना रहा। वहीं, शुद्ध वायु सूचकांक (AQI) 81 दर्ज किया गया, जो स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। गुरुवार दोपहर से ही अमरकंटक के आसमान में काले बादलों का जमाव शुरू हो गया था, जिसके बाद गरज-चमक के साथ वर्षा आरंभ हुई। इस बारिश से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया और हल्की ठंडी हवाओं तथा बारिश की फुहारों ने नौतपा की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों ने भी इस बदले हुए मौसम का आनंद लिया, उन्होंने धार्मिक स्थलों, नर्मदा उद्गम क्षेत्र तथा प्राकृतिक स्थलों पर बारिश के बीच अमरकंटक की मनोरम वादियों और हरियाली का लुत्फ़ उठाया। प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध अमरकंटक में नौतपा के दौरान लगातार दूसरे दिन बदले मौसम ने लोगों को राहत पहुंचाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा की संभावना बनी रह सकती है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ और राहत मिलने के आसार हैं।
मध्य प्रदेश की प्रमुख पर्यटन और धार्मिक नगरी अमरकंटक में नौतपा के चौथे दिन, गुरुवार 28 मई 26 को मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ लगभग आधे घंटे तक हुई वर्षा से वातावरण में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। नौतपा के प्रभाव के बीच अचानक बदले इस मौसम के कारण अमरकंटक का अधिकतम तापमान घटकर 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले दिनों की तुलना में तापमान में आई इस गिरावट से मौसम सुहावना बना रहा। वहीं, शुद्ध वायु सूचकांक (AQI) 81 दर्ज किया गया, जो स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। गुरुवार दोपहर से ही अमरकंटक के आसमान में काले बादलों का जमाव शुरू हो गया था, जिसके बाद गरज-चमक के साथ वर्षा आरंभ हुई। इस बारिश से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया और हल्की ठंडी हवाओं तथा बारिश की फुहारों ने नौतपा की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों ने भी इस बदले हुए मौसम का आनंद लिया, उन्होंने धार्मिक स्थलों, नर्मदा उद्गम क्षेत्र तथा प्राकृतिक स्थलों पर बारिश के बीच अमरकंटक की मनोरम वादियों और हरियाली का लुत्फ़ उठाया। प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध अमरकंटक में नौतपा के दौरान लगातार दूसरे दिन बदले मौसम ने लोगों को राहत पहुंचाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा की संभावना बनी रह सकती है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ और राहत मिलने के आसार हैं।
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल अमरकंटक में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। नर्मदा नदी के प्रथम पुष्कर बांध में नहाने उतरे वार्ड क्रमांक 2 बराती निवासी 45 वर्षीय सुरेश सिंह धुर्वे की डूबने से मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी का माहौल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक सुरेश सिंह धुर्वे (पिता नर्बद लाल सिंह धुर्वे) गुरुवार सुबह लगभग नौ से दस बजे के बीच इंडियन गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर ट्रक खाली कराने के काम के लिए घर से निकले थे। कार्य समाप्त करने के बाद वह मोटरसाइकिल से नर्मदा पुष्कर बांध पहुंचे। नहाने के इरादे से उन्होंने अपने कपड़े और चप्पल बांध के किनारे उतारे और पानी में उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुरेश सिंह धुर्वे बांध की पटरी से गहरे हिस्से की ओर कूदे थे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका भी, लेकिन उन्होंने बात अनसुनी कर पानी में छलांग लगा दी। कुछ देर बाद जब वह पानी से बाहर नहीं निकले, तो आसपास के लोगों ने शोर मचाकर बचाव का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां पानी की गहराई लगभग 35 से 40 फीट थी। अत्यधिक गहराई होने के कारण स्थानीय तैराकों और गोताखोरों ने पानी में उतरने से मना कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और अनूपपुर जिला पुलिस बल से एसडीआरएफ के गोताखोरों को बुलाया गया। घटना के बाद पुष्कर बांध तट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। यह घटना मृतक के परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात है, क्योंकि उनके बड़े भाई राजेश धुर्वे का निधन भी लगभग छह माह पहले हो चुका था। मृतक की भाभी कीर्ति सिंह धुर्वे और अन्य परिजन घटनास्थल पर मौजूद रहे। सुरेश सिंह धुर्वे शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो-तीन वर्ष पहले भी इसी पुष्कर बांध की पटरी से गिरने के कारण कपिल संगम निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद, लोग आज भी जान जोखिम में डालकर बांध की संकरी पटरी से आवाजाही करते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और खतरनाक हिस्सों में आवागमन रोकने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।1
- शहडोल जिला मुख्यालय के अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के पांडवनगर स्थित नंदी गौ सेवा धाम गौशाला के बाहर खड़ी एक टाटा मैजिक वाहन से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया है। यह वाहन क्रमांक एमपी 18 टी 1404 गौ सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता था और पिछले लगभग एक सप्ताह से गौशाला के बाहर ही खड़ा था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने वाहन की बैटरी चुरा ली। शिकायतकर्ता विकास जोतवानी ने थाने में जानकारी दी कि जब आज वाहन को चालू करने का प्रयास किया गया तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। संदेह होने पर जांच की गई तो बैटरी गायब मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में सुराग जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस चोरी को लेकर रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।2
- आज गांव में नंदी महाराज को घर-घर ले जाया गया, जहाँ उनसे दक्षिणा भी मांगते हुए देखा गया। बताया गया कि साधवानी देवराज परा द्वारा गांव के घरों में नंदी महाराज को दिखाया गया। यह मान्यता है कि नंदी महाराज भगवान भोलेनाथ की सवारी हैं।1
- शहडोल जिले के ग्राम पोस्ट पटासी में पिछले दो दिनों से एक हैंडपंप खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप की चेन टूट जाने के कारण वह बंद हो गया है और काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।2
- बुढ़ार के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रेस्ट हाउस परिसर के पास सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस पहल को केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं बताया गया है, बल्कि इसे बुढ़ार नगरवासियों को स्वास्थ्य, योग और भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ने की एक सुंदर पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में यह स्थान नगर की एक नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनेगा। योग को प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए, इन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर को सुंदर, प्रेरणादायी और aesthetic रूप देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत का श्री राम कथा आयोजन, एक समिति के तत्वाधान में किया गया।1
- मध्य प्रदेश की प्रमुख पर्यटन और धार्मिक नगरी अमरकंटक में नौतपा के चौथे दिन, गुरुवार 28 मई 26 को मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ लगभग आधे घंटे तक हुई वर्षा से वातावरण में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। नौतपा के प्रभाव के बीच अचानक बदले इस मौसम के कारण अमरकंटक का अधिकतम तापमान घटकर 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले दिनों की तुलना में तापमान में आई इस गिरावट से मौसम सुहावना बना रहा। वहीं, शुद्ध वायु सूचकांक (AQI) 81 दर्ज किया गया, जो स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। गुरुवार दोपहर से ही अमरकंटक के आसमान में काले बादलों का जमाव शुरू हो गया था, जिसके बाद गरज-चमक के साथ वर्षा आरंभ हुई। इस बारिश से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया और हल्की ठंडी हवाओं तथा बारिश की फुहारों ने नौतपा की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों ने भी इस बदले हुए मौसम का आनंद लिया, उन्होंने धार्मिक स्थलों, नर्मदा उद्गम क्षेत्र तथा प्राकृतिक स्थलों पर बारिश के बीच अमरकंटक की मनोरम वादियों और हरियाली का लुत्फ़ उठाया। प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध अमरकंटक में नौतपा के दौरान लगातार दूसरे दिन बदले मौसम ने लोगों को राहत पहुंचाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा की संभावना बनी रह सकती है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ और राहत मिलने के आसार हैं।1
- अनूपपुर के कोतमा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर आ गया। बेकाबू ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए सामने की दुकानों और उनके सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1