शहडोल जिला मुख्यालय के अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के पांडवनगर स्थित नंदी गौ सेवा धाम गौशाला के बाहर खड़ी एक टाटा मैजिक वाहन से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया है। यह वाहन क्रमांक एमपी 18 टी 1404 गौ सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता था और पिछले लगभग एक सप्ताह से गौशाला के बाहर ही खड़ा था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने वाहन की बैटरी चुरा ली। शिकायतकर्ता विकास जोतवानी ने थाने में जानकारी दी कि जब आज वाहन को चालू करने का प्रयास किया गया तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। संदेह होने पर जांच की गई तो बैटरी गायब मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में सुराग जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस चोरी को लेकर रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।
शहडोल जिला मुख्यालय के अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के पांडवनगर स्थित नंदी गौ सेवा धाम गौशाला के बाहर खड़ी एक टाटा मैजिक वाहन से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया है। यह वाहन क्रमांक एमपी 18 टी 1404 गौ सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता था और पिछले लगभग एक सप्ताह से गौशाला के बाहर ही खड़ा था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने वाहन की बैटरी चुरा ली। शिकायतकर्ता विकास जोतवानी ने थाने में जानकारी दी कि जब आज वाहन को चालू करने का प्रयास
किया गया तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। संदेह होने पर जांच की गई तो बैटरी गायब मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में सुराग जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस चोरी को लेकर रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।
- अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देश पर, अनूपपुर यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ग्रामीण नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में "ग्रामीण ट्रैफिक चौपाल" अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, यातायात पुलिस लगातार गांव-गांव पहुँचकर लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दे रही है। अब तक 20 से अधिक गांवों में ट्रैफिक चौपालें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 1000 से अधिक नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक किया गया। चौपालों में ग्रामीणों, युवाओं, वाहन चालकों और स्कूली विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, नशे की हालत में वाहन न चलाने, तेज गति से बचने, गलत दिशा में वाहन न चलाने और सड़क पार करते समय सावधानी बरतने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही, शासन की राजवीर योजना संबंधी जानकारी भी साझा की गई। यातायात पुलिस टीम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। चौपाल के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि एक छोटी सी सावधानी बड़े हादसों को रोक सकती है। ग्रामीणों ने यातायात पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। अनूपपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें।1
- अनूपपुर के बरगवां नगर परिषद में 34 लाख रुपये की लागत से बनी पीसीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं, क्योंकि निर्माण के कुछ ही महीनों में सड़क जर्जर हो गई है। इस मामले में इंजीनियर, ठेकेदार और अधिकारियों के बीच मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जय अम्बे कंस्ट्रक्शन द्वारा निर्मित इस सड़क के घटिया निर्माण के समय इंजीनियर अंजनी प्रजापति मौके पर मौजूद थे, जिससे स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि काम को रोका क्यों नहीं गया। आरोपों के मुताबिक, नियमानुसार घटिया निर्माण के लिए ठेकेदार जय अम्बे कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था, जबकि उसकी फर्म परिषद कार्यालय से मात्र 100 मीटर दूर है। लेकिन ठेकेदार को राहत देते हुए कथित तौर पर कहा गया कि वह अपने खर्चे से डामर चढ़ा दे और उसका पैसा निकाल दिया जाएगा। गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के कारण सड़क का अंतिम भुगतान रोक दिया गया था, फिर भी आनन-फानन में डामर की नई परत चढ़ाने की तैयारी चल रही है। जनता का आरोप है कि यह लीपापोती कर भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने की कोशिश है। चर्चा है कि इस पूरे खेल में अध्यक्ष और संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा की मिलीभगत है, जो बिना थर्ड पार्टी जांच के डामरीकरण का आदेश देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे हैं। सीएमओ भूपेंद्र सिंह बरगवां ने माना कि 34 लाख की पीसीसी रोड गुणवत्ताविहीन रही, इसीलिए भुगतान रोका गया था, लेकिन उन्होंने संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा के आदेशानुसार डामरीकरण कराए जाने और ठेकेदार से पांच साल की लिखित गारंटी लेने की बात कही। वहीं, संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा ने पत्रकार के संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं दिया। इस मामले में प्रशासन से पांच बड़े सवाल पूछे जा रहे हैं: इंजीनियर अंजनी प्रजापति ने घटिया निर्माण क्यों नहीं रुकवाया, ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया, भुगतान रोकने के बाद संभागीय अभियंता के मौखिक आदेश पर डामरीकरण कैसे शुरू हुआ, कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी, और क्या इस मामले की थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट कराई जाएगी? नागरिकों ने कलेक्टर अनूपपुर से मांग की है कि 34 लाख के इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया, एमबी बुक, मटेरियल टेस्ट रिपोर्ट और भुगतान पत्रावली की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही, इंजीनियर अंजनी प्रजापति, ठेकेदार जय अम्बे कंस्ट्रक्शन और आदेश देने वाले संभागीय अभियंता अरविंद कुमार शर्मा की भूमिका की भी जांच की जाए। अब यह देखना है कि जिला प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करता है या यह फाइल भी ठंडे बस्ते में चली जाएगी।2
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बेल्दी में भीषण गर्मी और नौतपा के बीच साधक सुरेश पंडा एक अत्यंत कठोर आध्यात्मिक प्रक्रिया, अग्नि तपस्या या 'धूनी' साधना कर रहे हैं। चिलचिलाती धूप में, जहाँ तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है, वे धधकते अग्नि कुंड (धूनी) के बीच बैठकर यह साधना कर रहे हैं, जो सनातन धर्म की एक बेहद चरम शारीरिक और मानसिक प्रक्रिया मानी जाती है। सुरेश पंडा ने बताया कि वे प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी सिद्ध महराज कुलदेवता ग्राम देवता की प्रेरणा और आशीर्वाद से इस पुरुषोत्तम मास के नौतपा में जन-कल्याण, प्रकृति की रक्षा, गौ माता संरक्षण और विश्व कल्याणार्थ यह तपस्या कर रहे हैं। यह कठिन साधना 26 मई से शुरू हुई है और 3 जून 2026 तक चलेगी। एक ओर जहाँ प्रदेश का तापमान 47 डिग्री के पार है, वहीं सुरेश पंडा प्रतिदिन तेज धूप में अग्नि कुंड के बीच चार घंटे की कड़ी तपस्या में लीन रहते हैं। सुबह से शाम तक वे अपना पूरा समय साधना को देते हैं, जिसमें शुद्ध जल से स्नान और पूरे मंत्र उच्चारण के बाद वे तपस्या पर बैठ जाते हैं। इस अनोखी साधना को देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं और इसे ईश्वर की कृपा बता रहे हैं। ग्रामीणों का भी कहना है कि पंडा सुरेश जी सिद्धि प्राप्ति और क्षेत्र में सुख-चैन के लिए यह तप कर रहे हैं, और वे स्वयं भी बाबा की भक्ति में लीन हो गए हैं।2
- डिंडौरी जिला जेल में कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुवार को अतिरिक्त बैरक का उद्घाटन किया गया। इस नई बैरक का शुभारंभ एक बुजुर्ग कैदी नान सिंह द्वारा कराया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में गायत्री परिवार की बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई, जहाँ कैदी नान सिंह ने फीता काटकर और श्रीफल फोड़कर बैरक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डॉक्टर आर.के. वर्मा और जेल स्टाफ भी मौजूद रहा। जेल अधीक्षक लव सिंह कातिया ने बताया कि इस नई बैरक के बनने से जिला जेल में अब 40 अतिरिक्त कैदियों को रखने की व्यवस्था हो गई है, जिससे जेल की कुल क्षमता 70 से बढ़कर 110 कैदी हो गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जेल में दस वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग कैदी नान सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने लोगों से अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जेल आने के बाद व्यक्ति का समाज और परिवार से संपर्क लगभग टूट जाता है।1
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से दिन में बिजली कटौती करने वाला विभाग अब तीन दिनों से देर रात लगभग 12 बजे के बाद अचानक विद्युत आपूर्ति बंद कर रहा है, जिससे लोग पूरी रात उमस और गर्मी के बीच जागकर समय बिताने को मजबूर हैं और उनकी चेन की नींद खराब हो रही है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी उमस का असर बना हुआ है, ऐसे में यह बिजली कटौती लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद की जा रही है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। रात के समय बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग मेंटेनेंस का कार्य कर रहा है, तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए ताकि लोग अपनी व्यवस्था कर सकें। इसके अतिरिक्त, बिजली बंद होने के बाद उपभोक्ता जब विभाग के टोल-फ्री कॉल सेंटर पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कॉल रिसीव नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि भीषण गर्मी के इस दौर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि इस लगातार कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।1
- डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्थिति से महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों के अनुसार, न तो पानी के टैंकरों की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। यह स्थिति पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब हर साल गर्मियों में ऐसे जल संकट की स्थिति बनती है और करोड़ों की योजनाएं कागजों पर होने के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।4
- अनूपपुर/अमरकंटक में आयोजित भाजपा जिला प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश ने 27 मई 2026 को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने न केवल अपने संगठन का विस्तार किया है, बल्कि भारत माता को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने के साथ-साथ देश की राजनीति की दिशा और दृष्टि भी बदलने का कार्य किया है। उन्होंने जोर दिया कि आज भारत विश्व के सामने मजबूती से खड़ा है, जो वर्षों के वैचारिक संघर्ष और राष्ट्रवादी सोच का परिणाम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने की। शिव प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, इस पर एक वैचारिक संघर्ष छिड़ा। एकात्म मानववाद की अवधारणा के साथ जनसंघ का उदय हुआ, और बाद में भारतीय जनता पार्टी के रूप में इस संगठन ने राष्ट्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाया। उन्होंने यह भी बताया कि देश विभाजन के दौरान हिंदू समाज को भारी पीड़ा का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं था। उन्होंने कहा कि भाजपा और जनसंघ का देश की सुरक्षा को लेकर हमेशा स्पष्ट दृष्टिकोण रहा है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में 'एक देश में दो विधान, दो निशान' का विरोध करते हुए आंदोलन किया था, और आज भाजपा सरकार ने धारा 370 को हटाकर यह साबित कर दिया है कि देश की सुरक्षा और अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिव प्रकाश ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन्हीं नीतियों के कारण तिब्बत चीन के कब्जे में चला गया, जिसका खतरा भारत आज भी महसूस कर रहा है। उन्होंने बताया कि जनसंघ और भाजपा ने समय-समय पर कांग्रेस की नीतियों का विरोध करते हुए राष्ट्रहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। वर्तमान में, शिव प्रकाश ने बताया कि भारत को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, और महिलाओं के सम्मान व भागीदारी को बढ़ाने के लिए 'नारी शक्ति वंदन' जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जनजातीय समाज के गौरव, स्वदेशी अभियान, राष्ट्रभाषा हिंदी के सम्मान और गरीब कल्याण की योजनाओं पर भी व्यापक स्तर पर कार्य चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने देश की राजनीति की कार्यशैली को भी बदला है, जहाँ अब सत्ता को लोककल्याण का माध्यम बनाया गया है। भारत की विदेश नीति में भी आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई देता है, और अब भारत दुनिया के सामने अपनी बात मजबूती से रखने वाला राष्ट्र बन चुका है।1
- मध्य प्रदेश युवा समाज सेना ने उमरिया जिले के मानपुर नगर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नगर के चयनित और अति आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन के समाजसेवियों ने यह जायज़ मांग नगर परिषद सीएमओ से की। यह मांग कई दिनों से मानपुर नगर से कुछ युवा युवकों और बच्चों के अचानक गायब हो जाने की खबरों के बाद उठी है, जिससे उनके परिजन और आम जनता दोनों ही बेहद चिंतित और भयभीत हैं। इन घटनाओं ने पुलिस प्रशासन के लिए भी काफी मुश्किलें खड़ी की हैं। संगठन का मानना है कि यदि चयनित जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लग जाते हैं, तो अपराधियों को कोई भी अपराध करने से पहले हज़ार बार सोचना पड़ेगा और अपराधों में बहुत हद तक कमी आएगी। इससे जनमानस में संतोष का अनुभव होगा और चोरी की समस्या का भी समाधान होगा, जिससे मानपुर नगर सुरक्षित महसूस करेगा। संगठन प्रभारी राहुल शुक्ला ने नगर परिषद अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नगर परिषद मानपुर इस विषय को गंभीरता से लेगी और जल्द से जल्द किसी नतीजे पर पहुँचकर नगर में सीसीटीवी कैमरे लगवाएगी। यह संपूर्ण कार्यक्रम बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें संगठन प्रभारी राहुल शुक्ला और संगठन प्रवक्ता जितेंद्र गुप्त के साथ सोशल मीडिया प्रभारी अमन डिसूजा, नगर सह मंत्री रिहांश चौधरी, नगर मंत्री पारस शुक्ला, नगर संयोजक वेद प्रकाश कुशवाहा, सह संयोजक रोशन सोनी, अरुण साहू, शिवानंद प्रजापति, आशुतोष दुबे, अशोक वर्मा, महताब खान, आकाश कुशवाहा, अनिल जायसवाल और मनोज सोनी सहित अनेक समाज सेवी उपस्थित रहे। सभी ने अपनी मांग रखते हुए नगर परिषद को धन्यवाद ज्ञापित किया।3
- डिंडोरी जिले ने जल संरक्षण की मुहिम में पूरे देश में दूसरा और मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के संगठित प्रयासों और कुशल नेतृत्व का परिणाम है। इसमें जनभागीदारी, जल संरचनाओं के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन जैसे विभिन्न प्रयास शामिल रहे हैं। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ, सभी से मिलकर जल बचाने और भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।3