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डिंडोरी जिले ने जल संरक्षण की मुहिम में पूरे देश में दूसरा और मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के संगठित प्रयासों और कुशल नेतृत्व का परिणाम है। इसमें जनभागीदारी, जल संरचनाओं के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन जैसे विभिन्न प्रयास शामिल रहे हैं। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ, सभी से मिलकर जल बचाने और भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।
Ram prakash mishra
डिंडोरी जिले ने जल संरक्षण की मुहिम में पूरे देश में दूसरा और मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के संगठित प्रयासों और कुशल नेतृत्व का परिणाम है। इसमें जनभागीदारी, जल संरचनाओं के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन जैसे विभिन्न प्रयास शामिल रहे हैं। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ, सभी से मिलकर जल बचाने और भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।
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- डिंडोरी जिला मुख्यालय में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से दिन में बिजली कटौती करने वाला विभाग अब तीन दिनों से देर रात लगभग 12 बजे के बाद अचानक विद्युत आपूर्ति बंद कर रहा है, जिससे लोग पूरी रात उमस और गर्मी के बीच जागकर समय बिताने को मजबूर हैं और उनकी चेन की नींद खराब हो रही है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी उमस का असर बना हुआ है, ऐसे में यह बिजली कटौती लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद की जा रही है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। रात के समय बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग मेंटेनेंस का कार्य कर रहा है, तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए ताकि लोग अपनी व्यवस्था कर सकें। इसके अतिरिक्त, बिजली बंद होने के बाद उपभोक्ता जब विभाग के टोल-फ्री कॉल सेंटर पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कॉल रिसीव नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि भीषण गर्मी के इस दौर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि इस लगातार कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।1
- डिंडोरी जिले ने जल संरक्षण की मुहिम में पूरे देश में दूसरा और मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के संगठित प्रयासों और कुशल नेतृत्व का परिणाम है। इसमें जनभागीदारी, जल संरचनाओं के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन जैसे विभिन्न प्रयास शामिल रहे हैं। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ, सभी से मिलकर जल बचाने और भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।3
- डिंडोरी जिला मुख्यालय के समीप स्थित विचारपुर गाँव के ग्रामीण पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिसे उन्होंने 'पीने के पानी की तबाही' बताया है। इस संकट से परेशान होकर, ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गाँव में पीने के पानी की सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।3
- डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्थिति से महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों के अनुसार, न तो पानी के टैंकरों की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। यह स्थिति पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब हर साल गर्मियों में ऐसे जल संकट की स्थिति बनती है और करोड़ों की योजनाएं कागजों पर होने के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।4
- शहडोल जिला मुख्यालय के अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के पांडवनगर स्थित नंदी गौ सेवा धाम गौशाला के बाहर खड़ी एक टाटा मैजिक वाहन से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया है। यह वाहन क्रमांक एमपी 18 टी 1404 गौ सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता था और पिछले लगभग एक सप्ताह से गौशाला के बाहर ही खड़ा था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने वाहन की बैटरी चुरा ली। शिकायतकर्ता विकास जोतवानी ने थाने में जानकारी दी कि जब आज वाहन को चालू करने का प्रयास किया गया तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। संदेह होने पर जांच की गई तो बैटरी गायब मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में सुराग जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस चोरी को लेकर रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।2
- शहडोल जिले के ग्राम पोस्ट पटासी में पिछले दो दिनों से एक हैंडपंप खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप की चेन टूट जाने के कारण वह बंद हो गया है और काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।2
- बुढ़ार के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रेस्ट हाउस परिसर के पास सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस पहल को केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं बताया गया है, बल्कि इसे बुढ़ार नगरवासियों को स्वास्थ्य, योग और भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ने की एक सुंदर पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में यह स्थान नगर की एक नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनेगा। योग को प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए, इन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर को सुंदर, प्रेरणादायी और aesthetic रूप देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1
- डिंडौरी जिले के अमरपुर विकासखंड के केवलारी ग्राम में इन दिनों संत श्री श्री 1008 त्यागी बालक दास जी महाराज मानव कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से कठोर अग्नि तप में लीन हैं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद, जब जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँच चुका है, उनकी यह साधना लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है। महाराज प्रतिवर्ष बसंत पंचमी से गंगा दशहरा तक यह अग्नि तप करते हैं, जिसमें वे अग्नि के चारों ओर बैठकर साधना करते हैं। जानकारी के अनुसार, त्यागी बालक दास जी महाराज पिछले लगभग 20 वर्षों से निराहार रहकर तपस्या कर रहे हैं और मौन व्रत धारण किए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में ऐसी तपस्या करना सामान्य व्यक्ति के लिए संभव नहीं है, जिससे यह श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का विषय बन गया है। त्याग और तपस्या के साथ-साथ, महाराज सेवा कार्यों में भी निरंतर जुटे रहते हैं। उनके आश्रम में प्रतिदिन लगभग 100 से 200 लोगों को भोजन कराया जाता है। केवलारी आश्रम में धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु महाराज के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं, जहाँ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। कठोर तप, सेवा और मानव कल्याण की भावना से जुड़ी यह अद्भुत साधना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1