डिंडौरी जिला जेल में कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुवार को अतिरिक्त बैरक का उद्घाटन किया गया। इस नई बैरक का शुभारंभ एक बुजुर्ग कैदी नान सिंह द्वारा कराया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में गायत्री परिवार की बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई, जहाँ कैदी नान सिंह ने फीता काटकर और श्रीफल फोड़कर बैरक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डॉक्टर आर.के. वर्मा और जेल स्टाफ भी मौजूद रहा। जेल अधीक्षक लव सिंह कातिया ने बताया कि इस नई बैरक के बनने से जिला जेल में अब 40 अतिरिक्त कैदियों को रखने की व्यवस्था हो गई है, जिससे जेल की कुल क्षमता 70 से बढ़कर 110 कैदी हो गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जेल में दस वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग कैदी नान सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने लोगों से अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जेल आने के बाद व्यक्ति का समाज और परिवार से संपर्क लगभग टूट जाता है।
डिंडौरी जिला जेल में कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुवार को अतिरिक्त बैरक का उद्घाटन किया गया। इस नई बैरक का शुभारंभ एक बुजुर्ग कैदी नान सिंह द्वारा कराया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में गायत्री परिवार की बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई, जहाँ कैदी नान सिंह ने फीता काटकर और श्रीफल फोड़कर बैरक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डॉक्टर आर.के. वर्मा और जेल स्टाफ भी मौजूद रहा। जेल अधीक्षक लव सिंह कातिया ने बताया कि इस नई बैरक के बनने से जिला जेल में अब 40 अतिरिक्त कैदियों को रखने की व्यवस्था हो गई है, जिससे जेल की कुल क्षमता 70 से बढ़कर 110 कैदी हो गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जेल में दस वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग कैदी नान सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने लोगों से अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जेल आने के बाद व्यक्ति का समाज और परिवार से संपर्क लगभग टूट जाता है।
- डिंडौरी जिले के नेवसा पंचायत के पतेरा टोला में ग्रामीण भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव के लोग गंदे और मटमैले कुएं के पानी को छानकर पीने के लिए मजबूर हैं। गांव में बनी नल-जल योजना अब केवल दिखावा बनकर रह गई है, वहीं हैंडपंप धंस जाने से पानी की समस्या और भी गहरी हो गई है। यह समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है, और भीषण गर्मी के चलते महिलाएं तथा बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांव के एक शिक्षक पिछले लगभग तीन वर्षों से अपने स्तर पर समय-समय पर ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध करा रहे थे, जिससे कई परिवारों को अस्थायी राहत मिली थी। हालांकि, बढ़ती गर्मी और पानी की कमी के कारण अब यह व्यवस्था भी अपर्याप्त साबित हो रही है। अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर गंदे पानी की बोतल तक दिखाई थी, लेकिन पंचायत स्तर पर अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने तत्काल संज्ञान लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग को गांव में जल्द बोरिंग कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस हस्तक्षेप के बाद, पतेरा टोला के ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही साफ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।1
- डिंडोरी जिला जेल में गुरुवार को नवीन बैरक भवन का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जेल की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए, शासन ने वर्ष 2025 में इस नवीन बैरक भवन को स्वीकृति प्रदान की थी। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लगभग 99.03 लाख रुपये की लागत से इस भवन का निर्माण जनवरी 2026 में पूरा किया गया है। यह आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित दो मंजिला बैरक भवन 40 बिस्तरों की क्षमता वाला है, जिसमें नीचे और ऊपर दोनों ही तलों पर 20-20 बिस्तरों की व्यवस्था है। कैदियों के लिए पर्याप्त प्रकाश, पेयजल और हवादार कमरों जैसी आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। नवीन बैरक भवन का शुभारंभ जिला जेल में 10 वर्ष की सजा काट रहे वरिष्ठ कैदी मान सिंह मरावी, निवासी गाड़ासरई, ने फीता काटकर किया। इस लोकार्पण कार्यक्रम से पूर्व गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा गायत्री एक कुंडी यज्ञ और पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई थी। जेल अधीक्षक लव सिंह काटिया ने बताया कि इस नवीन बैरक भवन के निर्माण से कैदियों और जेल स्टाफ को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे जेल परिसर में व्यवस्थाएँ और अधिक सुदृढ़ होंगी।1
- डिंडोरी जिले ने जल संरक्षण की मुहिम में पूरे देश में दूसरा और मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि जिला कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के संगठित प्रयासों और कुशल नेतृत्व का परिणाम है। इसमें जनभागीदारी, जल संरचनाओं के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और वर्षा जल संचयन जैसे विभिन्न प्रयास शामिल रहे हैं। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ, सभी से मिलकर जल बचाने और भविष्य को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है।3
- डिंडोरी जिला मुख्यालय के समीप स्थित विचारपुर गाँव के ग्रामीण पीने के पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिसे उन्होंने 'पीने के पानी की तबाही' बताया है। इस संकट से परेशान होकर, ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गाँव में पीने के पानी की सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।3
- डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुखलोडी के वनग्राम खमरिया में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पंचायत विभाग की बड़ी लापरवाही और उदासीनता के कारण गांव में जल संकट विकराल रूप ले चुका है, जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। गांव के कुएं, बावड़ी और अन्य जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को रोजाना करीब 2 किलोमीटर दूर पहाड़ी और घाट चढ़कर पानी ढोना पड़ रहा है। इस स्थिति से महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे विशेष रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कई बार पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों के अनुसार, न तो पानी के टैंकरों की समुचित व्यवस्था की गई और न ही खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई। पंचायत की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जल संकट से परेशान सैकड़ों ग्रामीण जनपद पंचायत मेहदवानी पहुंचे और पंचायत विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल पानी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे। यह स्थिति पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब हर साल गर्मियों में ऐसे जल संकट की स्थिति बनती है और करोड़ों की योजनाएं कागजों पर होने के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और लापरवाह जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है।4
- शहडोल जिला मुख्यालय के अंतर्गत कोतवाली थाना क्षेत्र के पांडवनगर स्थित नंदी गौ सेवा धाम गौशाला के बाहर खड़ी एक टाटा मैजिक वाहन से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया है। यह वाहन क्रमांक एमपी 18 टी 1404 गौ सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता था और पिछले लगभग एक सप्ताह से गौशाला के बाहर ही खड़ा था। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने वाहन की बैटरी चुरा ली। शिकायतकर्ता विकास जोतवानी ने थाने में जानकारी दी कि जब आज वाहन को चालू करने का प्रयास किया गया तो वह स्टार्ट नहीं हुआ। संदेह होने पर जांच की गई तो बैटरी गायब मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में सुराग जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस चोरी को लेकर रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।2
- शहडोल जिले के ग्राम पोस्ट पटासी में पिछले दो दिनों से एक हैंडपंप खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप की चेन टूट जाने के कारण वह बंद हो गया है और काम नहीं कर रहा है। इस संबंध में अधिकारियों से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि पानी की समस्या का समाधान हो सके।2
- डिंडौरी जिला जेल में कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुवार को अतिरिक्त बैरक का उद्घाटन किया गया। इस नई बैरक का शुभारंभ एक बुजुर्ग कैदी नान सिंह द्वारा कराया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में गायत्री परिवार की बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई, जहाँ कैदी नान सिंह ने फीता काटकर और श्रीफल फोड़कर बैरक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डॉक्टर आर.के. वर्मा और जेल स्टाफ भी मौजूद रहा। जेल अधीक्षक लव सिंह कातिया ने बताया कि इस नई बैरक के बनने से जिला जेल में अब 40 अतिरिक्त कैदियों को रखने की व्यवस्था हो गई है, जिससे जेल की कुल क्षमता 70 से बढ़कर 110 कैदी हो गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जेल में दस वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग कैदी नान सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने लोगों से अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जेल आने के बाद व्यक्ति का समाज और परिवार से संपर्क लगभग टूट जाता है।1