डिंडौरी जिले के नेवसा पंचायत के पतेरा टोला में ग्रामीण भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव के लोग गंदे और मटमैले कुएं के पानी को छानकर पीने के लिए मजबूर हैं। गांव में बनी नल-जल योजना अब केवल दिखावा बनकर रह गई है, वहीं हैंडपंप धंस जाने से पानी की समस्या और भी गहरी हो गई है। यह समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है, और भीषण गर्मी के चलते महिलाएं तथा बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांव के एक शिक्षक पिछले लगभग तीन वर्षों से अपने स्तर पर समय-समय पर ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध करा रहे थे, जिससे कई परिवारों को अस्थायी राहत मिली थी। हालांकि, बढ़ती गर्मी और पानी की कमी के कारण अब यह व्यवस्था भी अपर्याप्त साबित हो रही है। अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर गंदे पानी की बोतल तक दिखाई थी, लेकिन पंचायत स्तर पर अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने तत्काल संज्ञान लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग को गांव में जल्द बोरिंग कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस हस्तक्षेप के बाद, पतेरा टोला के ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही साफ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
डिंडौरी जिले के नेवसा पंचायत के पतेरा टोला में ग्रामीण भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण उनकी जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव के लोग गंदे और मटमैले कुएं के पानी को छानकर पीने के लिए मजबूर हैं। गांव में बनी नल-जल योजना अब केवल दिखावा बनकर रह गई है, वहीं हैंडपंप धंस जाने से पानी की समस्या और भी गहरी हो गई है। यह समस्या पिछले कई महीनों से बनी हुई है, और भीषण गर्मी के चलते महिलाएं तथा बुजुर्गों को दूर-दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांव के एक शिक्षक पिछले लगभग तीन वर्षों से अपने स्तर पर समय-समय पर ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध करा रहे थे, जिससे कई परिवारों को अस्थायी राहत मिली थी। हालांकि, बढ़ती गर्मी और पानी की कमी के कारण अब यह व्यवस्था भी अपर्याप्त साबित हो रही है। अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर गंदे पानी की बोतल तक दिखाई थी, लेकिन पंचायत स्तर पर अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने तत्काल संज्ञान लिया और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग को गांव में जल्द बोरिंग कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस हस्तक्षेप के बाद, पतेरा टोला के ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही साफ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
- डिंडोरी जिला मुख्यालय में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से दिन में बिजली कटौती करने वाला विभाग अब तीन दिनों से देर रात लगभग 12 बजे के बाद अचानक विद्युत आपूर्ति बंद कर रहा है, जिससे लोग पूरी रात उमस और गर्मी के बीच जागकर समय बिताने को मजबूर हैं और उनकी चेन की नींद खराब हो रही है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी उमस का असर बना हुआ है, ऐसे में यह बिजली कटौती लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद की जा रही है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। रात के समय बिजली गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग मेंटेनेंस का कार्य कर रहा है, तो पहले से सूचना दी जानी चाहिए ताकि लोग अपनी व्यवस्था कर सकें। इसके अतिरिक्त, बिजली बंद होने के बाद उपभोक्ता जब विभाग के टोल-फ्री कॉल सेंटर पर संपर्क करने की कोशिश करते हैं, तो जिम्मेदार कर्मचारियों द्वारा कॉल रिसीव नहीं किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिससे विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि भीषण गर्मी के इस दौर में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि इस लगातार कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।1
- बुढ़ार के वार्ड क्रमांक 1 स्थित रेस्ट हाउस परिसर के पास सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती आकर्षक प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इस पहल को केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं बताया गया है, बल्कि इसे बुढ़ार नगरवासियों को स्वास्थ्य, योग और भारतीय संस्कृति के साथ जोड़ने की एक सुंदर पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में यह स्थान नगर की एक नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनेगा। योग को प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर मानते हुए, इन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए नगर को सुंदर, प्रेरणादायी और aesthetic रूप देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल अमरकंटक में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। नर्मदा नदी के प्रथम पुष्कर बांध में नहाने उतरे वार्ड क्रमांक 2 बराती निवासी 45 वर्षीय सुरेश सिंह धुर्वे की डूबने से मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी का माहौल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक सुरेश सिंह धुर्वे (पिता नर्बद लाल सिंह धुर्वे) गुरुवार सुबह लगभग नौ से दस बजे के बीच इंडियन गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर ट्रक खाली कराने के काम के लिए घर से निकले थे। कार्य समाप्त करने के बाद वह मोटरसाइकिल से नर्मदा पुष्कर बांध पहुंचे। नहाने के इरादे से उन्होंने अपने कपड़े और चप्पल बांध के किनारे उतारे और पानी में उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुरेश सिंह धुर्वे बांध की पटरी से गहरे हिस्से की ओर कूदे थे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका भी, लेकिन उन्होंने बात अनसुनी कर पानी में छलांग लगा दी। कुछ देर बाद जब वह पानी से बाहर नहीं निकले, तो आसपास के लोगों ने शोर मचाकर बचाव का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां पानी की गहराई लगभग 35 से 40 फीट थी। अत्यधिक गहराई होने के कारण स्थानीय तैराकों और गोताखोरों ने पानी में उतरने से मना कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और अनूपपुर जिला पुलिस बल से एसडीआरएफ के गोताखोरों को बुलाया गया। घटना के बाद पुष्कर बांध तट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। यह घटना मृतक के परिवार के लिए दूसरा बड़ा आघात है, क्योंकि उनके बड़े भाई राजेश धुर्वे का निधन भी लगभग छह माह पहले हो चुका था। मृतक की भाभी कीर्ति सिंह धुर्वे और अन्य परिजन घटनास्थल पर मौजूद रहे। सुरेश सिंह धुर्वे शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो-तीन वर्ष पहले भी इसी पुष्कर बांध की पटरी से गिरने के कारण कपिल संगम निवासी एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद, लोग आज भी जान जोखिम में डालकर बांध की संकरी पटरी से आवाजाही करते हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और खतरनाक हिस्सों में आवागमन रोकने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।1
- मंडला में ईद-उल-अजहा (बकराईद) का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आला मस्जिद के इमाम आबिद रजा के नेतृत्व में अकीदतमंदों ने ईद की विशेष नमाज़ अदा की, जिसके बाद देश, प्रदेश और ज़िले में सुख, समृद्धि और शांति के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज़ संपन्न होने पर सभी लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मुकद्दस मौके पर अन्य समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी ईदगाह पहुँचकर मुस्लिम भाइयों को बधाई दी, जिससे गंगा-जमुनी तहज़ीब की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर ग्राम सरपंच बलदेव परते, उपसरपंच जगदीश यादव, पटवारी वीरेन्द्र, सदर इकबाल अहमद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- बिछिया पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए लाखों रुपये की अवैध शराब एक बोलेरो वाहन से जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से 104 लीटर से अधिक शराब बरामद हुई। पुलिस ने वाहन सहित कुल ₹5.48 लाख की संपत्ति जब्त की है। इस मामले में आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।1
- डिंडौरी जिला जेल में कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गुरुवार को अतिरिक्त बैरक का उद्घाटन किया गया। इस नई बैरक का शुभारंभ एक बुजुर्ग कैदी नान सिंह द्वारा कराया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में गायत्री परिवार की बहनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराई, जहाँ कैदी नान सिंह ने फीता काटकर और श्रीफल फोड़कर बैरक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर एसडीओपी सतीश द्विवेदी, डॉक्टर आर.के. वर्मा और जेल स्टाफ भी मौजूद रहा। जेल अधीक्षक लव सिंह कातिया ने बताया कि इस नई बैरक के बनने से जिला जेल में अब 40 अतिरिक्त कैदियों को रखने की व्यवस्था हो गई है, जिससे जेल की कुल क्षमता 70 से बढ़कर 110 कैदी हो गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जेल में दस वर्ष तक की सजा पाए कैदियों को रखा जाता है। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्ग कैदी नान सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने लोगों से अपराध से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जेल आने के बाद व्यक्ति का समाज और परिवार से संपर्क लगभग टूट जाता है।1
- डिंडौरी जिले के अमरपुर विकासखंड के केवलारी ग्राम में इन दिनों संत श्री श्री 1008 त्यागी बालक दास जी महाराज मानव कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से कठोर अग्नि तप में लीन हैं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद, जब जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुँच चुका है, उनकी यह साधना लोगों को आश्चर्यचकित कर रही है। महाराज प्रतिवर्ष बसंत पंचमी से गंगा दशहरा तक यह अग्नि तप करते हैं, जिसमें वे अग्नि के चारों ओर बैठकर साधना करते हैं। जानकारी के अनुसार, त्यागी बालक दास जी महाराज पिछले लगभग 20 वर्षों से निराहार रहकर तपस्या कर रहे हैं और मौन व्रत धारण किए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में ऐसी तपस्या करना सामान्य व्यक्ति के लिए संभव नहीं है, जिससे यह श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का विषय बन गया है। त्याग और तपस्या के साथ-साथ, महाराज सेवा कार्यों में भी निरंतर जुटे रहते हैं। उनके आश्रम में प्रतिदिन लगभग 100 से 200 लोगों को भोजन कराया जाता है। केवलारी आश्रम में धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान दूर-दूर से श्रद्धालु महाराज के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं, जहाँ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। कठोर तप, सेवा और मानव कल्याण की भावना से जुड़ी यह अद्भुत साधना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- मध्य प्रदेश की प्रमुख पर्यटन और धार्मिक नगरी अमरकंटक में नौतपा के चौथे दिन, गुरुवार 28 मई 26 को मौसम ने करवट ली। दोपहर बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ लगभग आधे घंटे तक हुई वर्षा से वातावरण में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। नौतपा के प्रभाव के बीच अचानक बदले इस मौसम के कारण अमरकंटक का अधिकतम तापमान घटकर 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले दिनों की तुलना में तापमान में आई इस गिरावट से मौसम सुहावना बना रहा। वहीं, शुद्ध वायु सूचकांक (AQI) 81 दर्ज किया गया, जो स्वच्छ और बेहतर वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। गुरुवार दोपहर से ही अमरकंटक के आसमान में काले बादलों का जमाव शुरू हो गया था, जिसके बाद गरज-चमक के साथ वर्षा आरंभ हुई। इस बारिश से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया और हल्की ठंडी हवाओं तथा बारिश की फुहारों ने नौतपा की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों ने भी इस बदले हुए मौसम का आनंद लिया, उन्होंने धार्मिक स्थलों, नर्मदा उद्गम क्षेत्र तथा प्राकृतिक स्थलों पर बारिश के बीच अमरकंटक की मनोरम वादियों और हरियाली का लुत्फ़ उठाया। प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध अमरकंटक में नौतपा के दौरान लगातार दूसरे दिन बदले मौसम ने लोगों को राहत पहुंचाई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा की संभावना बनी रह सकती है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ और राहत मिलने के आसार हैं।1
- अनूपपुर के कोतमा बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर आ गया। बेकाबू ट्रक ने कई गाड़ियों को टक्कर मारते हुए सामने की दुकानों और उनके सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया। इस हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1