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झारखंड के छात्राओं को इस दिन मिलेगी स्कॉलरशिप पूरी जानकारी इस वीडियो में झारखंड के छात्राओं को इस दिन मिलेगी स्कॉलरशिप पूरी जानकारी इस वीडियो में

7 hrs ago
user_Active line News
Active line News
Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
7 hrs ago

झारखंड के छात्राओं को इस दिन मिलेगी स्कॉलरशिप पूरी जानकारी इस वीडियो में झारखंड के छात्राओं को इस दिन मिलेगी स्कॉलरशिप पूरी जानकारी इस वीडियो में

  • user_Robot Kumar Sadhu
    Robot Kumar Sadhu
    Dumka, Jharkhand
    👏
    moments ago
  • user_User9049
    User9049
    Dhurki, Garhwa
    👏
    1 hr ago
  • user_User9049
    User9049
    Dhurki, Garhwa
    🙏
    1 hr ago
More news from झारखंड and nearby areas
  • Post by Anit tiwary
    1
    Post by Anit tiwary
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    10 hrs ago
  • बलरामपुर: जमवंतपुर उप-स्वास्थ्य केंद्र में साल भर से CBC मशीन खराब, इलाज के अभाव में बैरंग लौट रहे ग्रामीण ​ बलरामपुर जिले के जमान्तपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। विकासखंड के ग्राम जमवंतपुर स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक साल से CBC (Complete Blood Count) मशीन खराब पड़ी है। अधिकारियों की इस बड़ी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को बुनियादी खून जांच की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। ​इलाज के अभाव में 'उल्टे पैर' लौटने को मजबूर मरीज ​ग्रामीणों का आरोप है कि उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुँचने के बाद जब उन्हें पता चलता है कि ब्लड टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें भारी निराशा हाथ लगती है। कई मरीज इलाज के अभाव में अस्पताल से उल्टे पैर घर लौटने को मजबूर हैं। जो ग्रामीण आर्थिक रूप से थोड़े सक्षम हैं, उन्हें मजबूरी में 15 से 20 किलोमीटर दूर रामानुजगंज या जिला मुख्यालय बलरामपुर की दौड़ लगानी पड़ रही है। ​स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही ​हैरानी की बात यह है कि मशीन खराब होने की सूचना विभाग को है, लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी इसे सुधारने या नई मशीन लगाने की जहमत नहीं उठाई गई। ​दूरी की मार: जमवंतपुर से मुख्य शहरों की दूरी अधिक होने के कारण गरीब मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ​समय पर इलाज नहीं: ब्लड रिपोर्ट न होने की वजह से डॉक्टर भी सही उपचार शुरू करने में असमर्थ रहते हैं। ​​इलाके के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में एक मशीन तक ठीक नहीं कराई जा रही है। ​हम बीमार होकर अस्पताल जाते हैं ताकि जांच हो सके, लेकिन वहां मशीन बंद पड़ी है। अब गरीब आदमी 20 किलोमीटर दूर टेस्ट कराने कैसे जाए
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    बलरामपुर: जमवंतपुर उप-स्वास्थ्य केंद्र में साल भर से CBC मशीन खराब, इलाज के अभाव में बैरंग लौट रहे ग्रामीण
​ बलरामपुर जिले के जमान्तपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। विकासखंड के ग्राम जमवंतपुर स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक साल से CBC (Complete Blood Count) मशीन खराब पड़ी है। अधिकारियों की इस बड़ी लापरवाही के कारण ग्रामीणों को बुनियादी खून जांच की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
​इलाज के अभाव में 'उल्टे पैर' लौटने को मजबूर मरीज
​ग्रामीणों का आरोप है कि उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुँचने के बाद जब उन्हें पता चलता है कि ब्लड टेस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें भारी निराशा हाथ लगती है। कई मरीज इलाज के अभाव में अस्पताल से उल्टे पैर घर लौटने को मजबूर हैं। जो ग्रामीण आर्थिक रूप से थोड़े सक्षम हैं, उन्हें मजबूरी में 15 से 20 किलोमीटर दूर रामानुजगंज या जिला मुख्यालय बलरामपुर की दौड़ लगानी पड़ रही है।
​स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही
​हैरानी की बात यह है कि मशीन खराब होने की सूचना विभाग को है, लेकिन साल भर बीत जाने के बाद भी इसे सुधारने या नई मशीन लगाने की जहमत नहीं उठाई गई।
​दूरी की मार: जमवंतपुर से मुख्य शहरों की दूरी अधिक होने के कारण गरीब मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
​समय पर इलाज नहीं: ब्लड रिपोर्ट न होने की वजह से डॉक्टर भी सही उपचार शुरू करने में असमर्थ रहते हैं।
​​इलाके के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार एक तरफ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में एक मशीन तक ठीक नहीं कराई जा रही है।
​हम बीमार होकर अस्पताल जाते हैं ताकि जांच हो सके, लेकिन वहां मशीन बंद पड़ी है। अब गरीब आदमी 20 किलोमीटर दूर टेस्ट कराने कैसे जाए
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    28 min ago
  • बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित वन वाटिका एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने की ओर बढ़ रही है। लंबे समय से बंद पड़ी नौका विहार (बोटिंग) सुविधा को नई व्यवस्थाओं के साथ पुनः शुरू कर दिया गया है। इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रविवार शाम आयोजित एक सादगीपूर्ण लेकिन उत्साहपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने नौका विहार का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान बच्चों के लिए तैयार किए गए चिल्ड्रन पार्क का भी लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। मंत्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकास का अर्थ केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना ही असली विकास है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए यहां ओपन जिम, बैठने की बेहतर व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन भी दिया। महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगा संचालन मॉडल इस बार नौका विहार की सबसे खास बात इसका संचालन मॉडल है। वन प्रबंधन समिति के अंतर्गत “विश्वास महिला स्वयं सहायता समूह” को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे समूह की महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर एक बेहतर प्रबंधन व्यवस्था भी विकसित होगी। किराए में बड़ा बदलाव, परिवारों को राहत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बोटिंग शुल्क में भी अहम बदलाव किया गया है। पहले जहां प्रति व्यक्ति 100 रुपये (15 मिनट) लिया जाता था, वहीं अब 3 से 6 लोगों के लिए कुल 300 रुपये (15 मिनट) निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था से परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को सीधा फायदा होगा। वहीं, पैडल बोट और पतवार बोट का किराया पहले की तरह 50 रुपये प्रति व्यक्ति (15 मिनट) रखा गया है, ताकि हर वर्ग के लोग इस सुविधा का आनंद ले सकें। पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी वन विभाग ने वन वाटिका को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना बनाई है। आने वाले समय में यहां औषधीय वाटिका, पतंजलि वाटिका, कॉटेज, जिपलाइन, आकर्षक लाइटिंग और विभिन्न स्टैचू स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के विकसित होने से यह स्थान न केवल स्थानीय बल्कि राज्यस्तर पर भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, दुकानों और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा और प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। वन वाटिका परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिससे भीड़ नियंत्रण और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके। आगंतुकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है, जहां बाइक के लिए 10 रुपये और कार के लिए 30 रुपये शुल्क तय किया गया है। साथ ही, परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। सीमावर्ती क्षेत्र का मिलेगा लाभ झारखंड सीमा के करीब स्थित होने के कारण रामानुजगंज क्षेत्र पहले से ही आसपास के लोगों के लिए एक पसंदीदा जगह रहा है। अब बोटिंग जैसी आकर्षक सुविधा शुरू होने से यहां पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस पर्यटन स्थल में 5 एकड़ में वन वाटिका तैयार की गई है। वर्ष 2009 से इसका संचालन वन प्रबंधन समिति द्वारा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पहले भी यहां नौका विहार शुरू किया गया था, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते इसे बंद करना पड़ा था। इस बार नई योजना, बेहतर प्रबंधन और महिला समूह की भागीदारी के साथ इसे फिर से शुरू किया गया है। यदि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में रामानुजगंज वन वाटिका न केवल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाला केंद्र साबित हो सकता है।
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    बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित वन वाटिका एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने की ओर बढ़ रही है। लंबे समय से बंद पड़ी नौका विहार (बोटिंग) सुविधा को नई व्यवस्थाओं के साथ पुनः शुरू कर दिया गया है। इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रविवार शाम आयोजित एक सादगीपूर्ण लेकिन उत्साहपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने नौका विहार का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान बच्चों के लिए तैयार किए गए चिल्ड्रन पार्क का भी लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
मंत्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकास का अर्थ केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना ही असली विकास है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए यहां ओपन जिम, बैठने की बेहतर व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन भी दिया।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगा संचालन मॉडल
इस बार नौका विहार की सबसे खास बात इसका संचालन मॉडल है। वन प्रबंधन समिति के अंतर्गत “विश्वास महिला स्वयं सहायता समूह” को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे समूह की महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर एक बेहतर प्रबंधन व्यवस्था भी विकसित होगी।
किराए में बड़ा बदलाव, परिवारों को राहत
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बोटिंग शुल्क में भी अहम बदलाव किया गया है। पहले जहां प्रति व्यक्ति 100 रुपये (15 मिनट) लिया जाता था, वहीं अब 3 से 6 लोगों के लिए कुल 300 रुपये (15 मिनट) निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था से परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को सीधा फायदा होगा।
वहीं, पैडल बोट और पतवार बोट का किराया पहले की तरह 50 रुपये प्रति व्यक्ति (15 मिनट) रखा गया है, ताकि हर वर्ग के लोग इस सुविधा का आनंद ले सकें।
पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी
वन विभाग ने वन वाटिका को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना बनाई है। आने वाले समय में यहां औषधीय वाटिका, पतंजलि वाटिका, कॉटेज, जिपलाइन, आकर्षक लाइटिंग और विभिन्न स्टैचू स्थापित किए जाएंगे।
इन सुविधाओं के विकसित होने से यह स्थान न केवल स्थानीय बल्कि राज्यस्तर पर भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, दुकानों और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा और प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। वन वाटिका परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिससे भीड़ नियंत्रण और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
आगंतुकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है, जहां बाइक के लिए 10 रुपये और कार के लिए 30 रुपये शुल्क तय किया गया है। साथ ही, परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
सीमावर्ती क्षेत्र का मिलेगा लाभ
झारखंड सीमा के करीब स्थित होने के कारण रामानुजगंज क्षेत्र पहले से ही आसपास के लोगों के लिए एक पसंदीदा जगह रहा है। अब बोटिंग जैसी आकर्षक सुविधा शुरू होने से यहां पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है।
करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस पर्यटन स्थल में 5 एकड़ में वन वाटिका तैयार की गई है। वर्ष 2009 से इसका संचालन वन प्रबंधन समिति द्वारा किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पहले भी यहां नौका विहार शुरू किया गया था, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते इसे बंद करना पड़ा था। इस बार नई योजना, बेहतर प्रबंधन और महिला समूह की भागीदारी के साथ इसे फिर से शुरू किया गया है।
यदि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में रामानुजगंज वन वाटिका न केवल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाला केंद्र साबित हो सकता है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • अपराध क्रमांक 81/26 धारा— 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4,6,10 एवं 1960 पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ) विवरण: घटना दिनांक-11.04.2026 को थाना राजपुर पुलिस स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना हुए थे। गश्त के दौरान रात्रि लगभग 10:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH01GN-8143 में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर तेज गति से अंबिकापुर से राजपुर होते हुए गुमला (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना राजपुर स्टाफ द्वारा थाना के सामने अंबिकापुर रोड पर घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालक द्वारा भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे संदेह उत्पन्न होने पर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन स्वामी ने अपना नाम संदीप बड़ाईक, पिता चमन बड़ाईक, उम्र 27 वर्ष, निवासी टांगरझरिया थाना बसिया जिला गुमला (झारखण्ड) तथा चालक ने अपना नाम संदीप साहू, पिता सोमरा, उम्र 25 वर्ष, निवासी सुरसुरिया थाना गुमला जिला गुमला (झारखण्ड) बताया।* *पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 11.04.2026 को ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर से 02 नग गाय एवं 02 नग बछिया को गुमला पहुंचाने हेतु उक्त वाहन में लोड कराया गया था। मवेशियों को वाहन में अत्यंत अमानवीय एवं क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर बांधकर परिवहन किया जा रहा था। उक्त कृत्य पशु क्रूरता से संबंधित विधिक प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन करना पाए जाने पर वाहन सहित मवेशियों को जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है।* पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सतत कार्यवाही जारी है, और आगे भी जारी रहेगी, आम नागरिकों से अपील की गई है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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    अपराध क्रमांक 81/26 धारा— 2004 कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4,6,10 एवं 1960 पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ)
विवरण: घटना दिनांक-11.04.2026 को थाना राजपुर पुलिस स्टाफ शासकीय वाहन से रात्रि गश्त पर रवाना हुए थे। गश्त के दौरान रात्रि लगभग 10:00 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की पिकअप वाहन क्रमांक JH01GN-8143 में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर तेज गति से अंबिकापुर से राजपुर होते हुए गुमला (झारखण्ड) की ओर ले जाया जा रहा है।
सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना राजपुर स्टाफ द्वारा थाना के सामने अंबिकापुर रोड पर घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका गया। प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालक द्वारा भ्रामक जानकारी दी गई, जिससे संदेह उत्पन्न होने पर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन स्वामी ने अपना नाम संदीप बड़ाईक, पिता चमन बड़ाईक, उम्र 27 वर्ष, निवासी टांगरझरिया थाना बसिया जिला गुमला (झारखण्ड) तथा चालक ने अपना नाम संदीप साहू, पिता सोमरा, उम्र 25 वर्ष, निवासी सुरसुरिया थाना गुमला जिला गुमला (झारखण्ड) बताया।*
*पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि दिनांक 11.04.2026 को ग्राम जयनगर थाना जयनगर जिला सूरजपुर से 02 नग गाय एवं 02 नग बछिया को गुमला  पहुंचाने हेतु उक्त वाहन में लोड कराया गया था। मवेशियों को वाहन में अत्यंत अमानवीय एवं क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर बांधकर परिवहन किया जा रहा था।
उक्त कृत्य पशु क्रूरता से संबंधित विधिक प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन करना पाए जाने पर वाहन सहित मवेशियों को जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है।*
पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सतत कार्यवाही जारी है, और आगे भी जारी रहेगी, आम नागरिकों से अपील की गई है कि इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को सूचना दें।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • Post by Md Faijuddin
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    Post by Md Faijuddin
    user_Md Faijuddin
    Md Faijuddin
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • विधायक जी ने कान में सुनी बात और कर दिया पत्रकारों के सवालों का खंडन 😂🤣 अपने ही विधायक क्षेत्र के सवालों में घिरी सामरी विधायक #BJPGovernment #BJP4IND
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    विधायक जी ने कान में सुनी बात और कर दिया पत्रकारों के सवालों का खंडन 😂🤣 अपने ही विधायक क्षेत्र के सवालों में घिरी सामरी विधायक #BJPGovernment #BJP4IND
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • Post by Anit tiwary
    1
    Post by Anit tiwary
    user_Anit tiwary
    Anit tiwary
    Electrician गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में लगी भीषण जंगल आग ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाड्रफनगर–बनारस मार्ग पर अजगरा नाला के पास फैले जंगल में लगी यह आग अब विकराल रूप ले चुकी है, लेकिन जिम्मेदार महकमा अब तक मौके से नदारद बताया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आग वाड्रफनगर वन विभाग कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर धधक रही है। इसके बावजूद समय पर कार्रवाई न होना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। आग की लपटों में तेजी से पेड़-पौधे जल रहे हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है और पूरा इलाका धुएं से भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो आग को फैलने से रोका जा सकता था। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है। इस भीषण आग से वन्य जीवों पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। कई जानवरों के फंसने या झुलसने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन उन्हें बचाने के लिए भी अब तक कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आया है। घटना ने एक बार फिर वन विभाग की आपातकालीन तैयारी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब विभाग का कार्यालय इतने पास है, तो आग पर काबू पाने में इतनी देरी क्यों हो रही है? फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और न ही विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। ऐसे में प्रशासन की चुप्पी भी कई सवालों को जन्म दे रही है। स्थानीय लोग अब तत्काल कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में लगी भीषण जंगल आग ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाड्रफनगर–बनारस मार्ग पर अजगरा नाला के पास फैले जंगल में लगी यह आग अब विकराल रूप ले चुकी है, लेकिन जिम्मेदार महकमा अब तक मौके से नदारद बताया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आग वाड्रफनगर वन विभाग कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर धधक रही है। इसके बावजूद समय पर कार्रवाई न होना विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। आग की लपटों में तेजी से पेड़-पौधे जल रहे हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है और पूरा इलाका धुएं से भर गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो आग को फैलने से रोका जा सकता था। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
इस भीषण आग से वन्य जीवों पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। कई जानवरों के फंसने या झुलसने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन उन्हें बचाने के लिए भी अब तक कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आया है।
घटना ने एक बार फिर वन विभाग की आपातकालीन तैयारी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब विभाग का कार्यालय इतने पास है, तो आग पर काबू पाने में इतनी देरी क्यों हो रही है?
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और न ही विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। ऐसे में प्रशासन की चुप्पी भी कई सवालों को जन्म दे रही है। स्थानीय लोग अब तत्काल कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • अपराध क्रमांक 26/2026 धारा 8, 18 एन.डी.पी.एस.एक्ट मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में आरोपी रूपदेव भगत एवं कौशिल भगत के खेत में आरोपियो द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती करने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 10 - 11 मार्च 2026 को रेड कार्यवाही कर कुल 244 प्लास्टिक बोरी में 4344.569 किलोग्राम कीमत करीब रूपये 4,75,00,000/- की अफीम को जप्त कर एन.डी.पी. एस. एक्ट के तहत कार्यवाही कर पूर्व में आरोपी 01. रूपदेव राम भगत पिता ठाकुर राम भगत उम्र 50 वर्ष जाति उरॉव सा. त्रिपुरी सरना टोली थाना कुसमी जिला बलरामपुर 02. कौशिल भगत पिता संगहू (संधू) राम भगत उम्र 30 वर्ष जाति उरॉव सा. त्रिपुरी माचाडीपा थाना कुसमी जिला बलरामपुर-रा.गंज 03. मनोज कुमार पिता सीता यादव उम्र 24 वर्ष जाति सिंह सा. सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार 04 जिरमल मुण्डा पिता बुधन राम मुण्डा उम्र 56 वर्ष ग्राम भगचन्द थाना आस्ता जिला जशपुर 05. उपेन्द्र कुमार पिता रामचन्द्र यादव उम्र 27 वर्ष जाति यादव सा. सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार 06. विन्देश्वर पिता कमर गंजहू उम्र 45 वर्ष जाति गंजहू सा. कोलवा थाना जोरी जिला चतरा झारखंड 07 कृष्णा सिंह पिता महादेव सिंह साकिन कुराग थाना आस्ता जिला जशपुर छ. ग. को घटना दिनांक 11.03.026 को गिरफतार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। मामले में फरार चल रहे आरोपी पैरू सिंह भोक्ता पिता मटूक सिंह भोक्ता उम्र 35 वर्ष ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार को दिनांक 16.03.026 को गया बिहार से पकड़कर गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। मामले में एक अन्य फरार आरोपी रोहन सिंह पिता मटूक सिंह भोक्ता उम्र 35 वर्ष ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार का घटना दिनांक से लगातार फरार था जिसे पुलिस टीम द्वारा ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार से गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
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    अपराध क्रमांक 26/2026 धारा 8, 18 एन.डी.पी.एस.एक्ट
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में आरोपी रूपदेव भगत एवं कौशिल भगत के खेत में आरोपियो द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती करने की सूचना प्राप्त होने पर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 10 - 11 मार्च 2026 को रेड कार्यवाही कर कुल 244 प्लास्टिक बोरी में 4344.569 किलोग्राम कीमत करीब रूपये 4,75,00,000/- की अफीम को जप्त कर एन.डी.पी. एस. एक्ट के तहत कार्यवाही कर  पूर्व में आरोपी 01. रूपदेव राम भगत पिता ठाकुर राम भगत उम्र 50 वर्ष जाति उरॉव सा. त्रिपुरी सरना टोली थाना कुसमी जिला बलरामपुर 02. कौशिल भगत पिता संगहू (संधू) राम भगत उम्र 30 वर्ष जाति उरॉव सा. त्रिपुरी माचाडीपा थाना कुसमी जिला बलरामपुर-रा.गंज 03. मनोज कुमार पिता सीता यादव उम्र 24 वर्ष जाति सिंह सा. सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार 04 जिरमल मुण्डा पिता बुधन राम मुण्डा उम्र 56 वर्ष ग्राम भगचन्द थाना आस्ता जिला जशपुर 05. उपेन्द्र कुमार पिता रामचन्द्र यादव उम्र 27 वर्ष जाति यादव सा. सोमया थाना बाराचट्टी जिला गया बिहार 06. विन्देश्वर पिता कमर गंजहू उम्र 45 वर्ष जाति गंजहू सा. कोलवा थाना जोरी जिला चतरा झारखंड 07 कृष्णा सिंह पिता महादेव सिंह साकिन कुराग थाना आस्ता जिला जशपुर छ. ग. को घटना दिनांक 11.03.026 को गिरफतार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। मामले में फरार चल रहे आरोपी पैरू सिंह भोक्ता पिता मटूक सिंह भोक्ता उम्र 35 वर्ष ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार  को दिनांक 16.03.026 को गया बिहार से पकड़कर  गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। मामले में एक अन्य फरार आरोपी रोहन सिंह पिता मटूक सिंह भोक्ता उम्र 35 वर्ष ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार का घटना दिनांक से लगातार फरार था जिसे पुलिस टीम द्वारा ग्राम सोमिया थाना बाराचटटी जिला गया बिहार से गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
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