भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, हाथी-घोड़े और रथ बने आकर्षण का केंद्र अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव में भव्य दीक्षा कल्याणक, निकली आकर्षक शोभायात्रा डूंगरपुर जिले में आयोजित अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन धार्मिक आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल आचार्य श्री मृदुरत्न सागर जी गुरुदेव की पावन निश्रा में भगवान की दिव्य आराधना के साथ हुई। इस दौरान देवी पूजन, हवन विधान एवं विशेष रत्नों से अंजन गोटने की विधि श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की गई। इसके बाद अंजन एवं अंजनवस्त्र वहराने की पावन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रतिष्ठाचार्य हितेश भैया ने समस्त विधि-विधान संपन्न करवाया। महोत्सव के तहत भगवान को सुसज्जित रथ में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, रथ, बग्गी, बैंड-बाजे, शहनाई और विभिन्न सांस्कृतिक मंडलियों के आकर्षक प्रदर्शन शामिल रहे। साफा पहने श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और भव्य बना दिया। इस अवसर पर मोक्षरत्न महाराज साहब एवं पवित्ररत्न महाराज साहब का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। आसपास के गांवों—सरोदा, आसपुर, बनकोड़ा, पुंजपुर, भबराना और मोटागांव—से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। दीक्षा कल्याणक के उपलक्ष्य में निकाला गया व्रत-घोड़ा आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान श्री सकल जैन समाज की ओर से प्रतिष्ठा कमेटी अध्यक्ष प्रदुमन सारगिया एवं मंदिर अध्यक्ष कांतिलाल सारगिया का सम्मान अभिनंदन पत्र देकर किया गया। महोत्सव में विधायक शंकरलाल डेचा, आशीष गांधी सहित समाज के कई गणमान्यजन, ट्रस्ट्री एवं महिला मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। रात्रि बेला में अधिवासना एवं अंजन शलाका विधान का आयोजन होगा, जिसमें पुनः श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रहने की संभावना है। महोत्सव का यह दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण रहा, जिसने सभी उपस्थितजनों के लिए इसे यादगार बना दिया।
भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, हाथी-घोड़े और रथ बने आकर्षण का केंद्र अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव में भव्य दीक्षा कल्याणक, निकली आकर्षक शोभायात्रा डूंगरपुर जिले में आयोजित अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन धार्मिक आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल आचार्य श्री मृदुरत्न सागर जी गुरुदेव की पावन निश्रा में भगवान की दिव्य आराधना के साथ हुई। इस दौरान देवी पूजन, हवन विधान एवं विशेष रत्नों से अंजन गोटने की विधि श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की गई। इसके बाद अंजन एवं अंजनवस्त्र वहराने की पावन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रतिष्ठाचार्य हितेश भैया ने समस्त विधि-विधान संपन्न करवाया। महोत्सव के तहत भगवान को सुसज्जित रथ में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, रथ, बग्गी, बैंड-बाजे, शहनाई और विभिन्न सांस्कृतिक मंडलियों के आकर्षक प्रदर्शन शामिल रहे। साफा पहने श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और भव्य बना दिया। इस अवसर पर मोक्षरत्न महाराज साहब एवं पवित्ररत्न महाराज साहब का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। आसपास के गांवों—सरोदा, आसपुर, बनकोड़ा, पुंजपुर, भबराना और मोटागांव—से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। दीक्षा कल्याणक के उपलक्ष्य में निकाला गया व्रत-घोड़ा आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान श्री सकल जैन समाज की ओर से प्रतिष्ठा कमेटी अध्यक्ष प्रदुमन सारगिया एवं मंदिर अध्यक्ष कांतिलाल सारगिया का सम्मान अभिनंदन पत्र देकर किया गया। महोत्सव में विधायक शंकरलाल डेचा, आशीष गांधी सहित समाज के कई गणमान्यजन, ट्रस्ट्री एवं महिला मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। रात्रि बेला में अधिवासना एवं अंजन शलाका विधान का आयोजन होगा, जिसमें पुनः श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रहने की संभावना है। महोत्सव का यह दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण रहा, जिसने सभी उपस्थितजनों के लिए इसे यादगार बना दिया।
- कैलाशपुरी पंचायत क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शंकर पिया, केसर खराड़ी सहित अन्य ग्रामीणों के मकानों के पास अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के मकानों तक फैलने का खतरा पैदा हो गया। आग की सूचना मिलते ही नगर पालिका सागवाड़ा की दमकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत तथा 3 फेरे लगाकर आग पर काबू पाया। यदि दमकल समय पर नहीं पहुंचती तो कई मकान और अंदर रखा लाखों का सामान जलकर राख हो सकता था। दमकल टीम के निलेश पाटीदार के नेतृत्व में जिगर और वाहन चालक नरेश ने तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, दमकल पहुंचने से पहले गांव के लोगों ने भी हिम्मत दिखाते हुए अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। प्रकाश, लोकेश, जगदीश, लाला, लक्ष्मण सहित कई ग्रामीणों के सहयोग से आग को फैलने से रोकने में मदद मिली। इस घटना के साथ ही आसपास के जंगलों में आग लगने का खतरा भी सामने आया। गर्मी के मौसम में सूखी घास और पेड़-पौधों के कारण जंगलों में आग तेजी से फैलती है, जिससे वन्य जीवों और पक्षियों को भारी नुकसान होता है। कई बार छोटे-छोटे जीव, पक्षियों के घोंसले और वनस्पति पूरी तरह जलकर नष्ट हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके तहत जंगल क्षेत्रों में फायर लाइन (आग रोकने के लिए खाली पट्टी) बनाई जाए, नियमित निगरानी रखी जाए, ग्रामीणों को जागरूक किया जाए और कहीं भी आग दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की व्यवस्था मजबूत की जाए। साथ ही, खेतों में फसल अवशेष जलाने पर सख्ती से रोक लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। कैलाशपुरी की इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि समय पर कार्रवाई और सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी आपदा को भी टाला जा सकता है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और आमजन दोनों को सतर्क रहना जरूरी है।1
- सीमलवाड़ा। वागड़ क्षेत्र के जैन समाज के व्यापारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्री 18000 दशा हुमड़ दिगम्बर जैन समाज के 35 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चीन की व्यापारिक यात्रा के दौरान विश्व प्रसिद्ध बाजारों और निर्माण इकाइयों का भ्रमण कर नए व्यापारिक अवसरों की तलाश की। समाज के अध्यक्ष दिनेश खोड़निया के मार्गदर्शन में यह प्रतिनिधिमंडल दूसरी बार चीन की व्यापारिक यात्रा पर निकला है। इस यात्रा का संयोजन दीपेश लालावत एवं आदिश खोड़निया द्वारा किया गया है, जिनके प्रयासों से व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाजारों और उद्योगों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो रहा है। 10 दिवसीय इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल चीन के विभिन्न प्रमुख शहरों में स्थित विश्वस्तरीय होलसेल मार्केट और निर्माण फैक्ट्रियों का अवलोकन कर रहा है। व्यापारियों ने ग्वांगझू (गौंजाऊ) के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में भाग लिया, जहां कपड़ा बाजार और किचन वेयर उद्योग की व्यापक जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा फोशान के प्रसिद्ध फर्नीचर मार्केट, शेनझेन के इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, सैनिटरी उत्पाद बाजार तथा सोलर प्लेट निर्माण फैक्ट्रियों का भी दौरा किया गया। यात्रा के दौरान यीवू के अंतरराष्ट्रीय होलसेल मार्केट का भ्रमण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां से विश्वभर में बड़े पैमाने पर वस्तुओं का निर्यात किया जाता है। व्यापारियों ने इन बाजारों की कार्यप्रणाली, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और वैश्विक सप्लाई चेन को नजदीक से समझा। यात्रा में शामिल दंत चिकित्सक डॉ. निखिल पीठ ने बताया कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय यात्राएं व्यापारियों के लिए नई सोच और संभावनाओं के द्वार खोलती हैं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से वागड़ और मेवाड़ क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा मिलेगी, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में सागवाड़ा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया, डायालाल पाटीदार, गुजरात से सीए हितेश देवड़िया, अनिल जैन (तलवाड़ा), विनीत गलालिया (सागवाड़ा), मुकेश जैन (सौभाग्य, डूंगरपुर), दीपेश पिंडारमिया, महिपाल शाह, शुभम शाह (परतापुर), मयूर जैन, अनिल मैदावत (रिद्धि-सिद्धि ग्रुप), जसवंत जैन, नीतेश जैन (मूंगाना), जिग्नेश चंपावत (धारियावाद), दिलीप दोसी, सौरभ दोसी (बागीदौरा), कनकमल जैन, राकेश वेड़ा, पंकज वेड़ा, शुभम जैन (साबला), मयूर मूंगानिया, जैनम वगेरीया, रिदम जेठाना सहित अहमदाबाद से मिहिर सरैया, धवल शाह, संदीप पंचाल, महल सिंह और संजय देवड़िया सहित कुल 35 व्यापारी शामिल हैं। उद्देश्य और भविष्य की दिशा: इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार की समझ विकसित करना, नए उत्पादों और तकनीकों को अपनाना तथा वागड़ क्षेत्र को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि इस अनुभव से क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। व्यापारियों ने संकल्प लिया है कि वे इस यात्रा से प्राप्त अनुभवों को स्थानीय स्तर पर लागू कर क्षेत्रीय विकास में योगदान देंगे और वागड़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।4
- सागवाड़ा के कोकापुर में अवैध पेड़ कटाई का भंडाफोड़, पटवारी हर्षित सुथार ने दिखाई सख्ती, लकड़ियाँ जब्त संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। एक ओर सरकार हरित राजस्थान और वृक्षारोपण जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी ओर सागवाड़ा पंचायत समिति के कोकापुर गांव में वन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने बेखौफ होकर कोकापुर नाल क्षेत्र में प्रकृति का सीना छलनी कर दिया। बिना किसी अनुमति के बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ियाँ चलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में स्थानीय पटवारी हर्षित सुथार की मुस्तैदी ने माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेरते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। - कोकापुर नाल में बिछ गई पेड़ों की लाशें प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोकापुर नाल क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अवैध कटाई का काला खेल चोरी-छिपे खेला जा रहा था। मौके के मंजर ने रूह कंपा दी जहाँ कभी घनी हरियाली थी, वहाँ अब पेड़ों के कटे हुए लट्ठे और बिखरी हुई शाखाएं माफियाओं की बर्बरता की गवाही दे रही हैं। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किए गए इस कृत्य ने न केवल पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ा है, बल्कि बेजुबान वन्यजीवों से उनका प्राकृतिक आशियाना भी छीन लिया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि समय रहते इन पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह क्षेत्र रेगिस्तान में तब्दील हो जाएगा। - पटवारी की रेड : मौके पर जब्त किए लट्ठे मामले की भनक लगते ही क्षेत्र के पटवारी हर्षित सुथार ने कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए तत्काल टीम के साथ मौके पर धावा बोला। पटवारी की अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटे गए पेड़ों के लट्ठों को मौके पर ही जब्त कर लिया। पटवारी ने न केवल लकड़ियों को अपने कब्जे में लिया, बल्कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है, जिससे अब माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। - प्रशासनिक शिथिलता और माफियाओं का गठजोड़? यह घटना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। सवाल यह है कि इतनी बड़ी तादाद में पेड़ों की कटाई क्या रातों-रात संभव है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी? ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन से मांग की है कि केवल जब्ती से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस अवैध धंधे के पीछे बैठे सफ़ेदपोश आकाओं और माफियाओं को बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, पटवारी की इस सक्रियता ने क्षेत्र में एक उम्मीद जगाई है, लेकिन भविष्य में ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को अब अपनी कुंभकर्णी नींद त्याग कर धरातल पर सख्त पहरा देना होगा।1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- सत्यनाम साहेब बंदगी…! 🙏 डूंगरपुर जिले के कबीर विज्ञान आश्रम सेवा संस्थान, सागवाड़ा के तत्वावधान में… सागवाड़ा से निकल रही है एक ऐसी आध्यात्मिक पुकार… जो सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति बनने जा रही है… 📍 कबीर विज्ञान आश्रम सेवा संस्थान, सागवाड़ा के तत्वावधान में… 1 मई 2026 – बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर होने जा रहा है… ✨ भव्य सद्गुरु कबीर महा संत समागम ✨ 🎤 जहां गूंजेगा… प्रज्ञा, शील और करुणा का संदेश… जहां मिलेगा… मानवता, समता और भाईचारे का संगम इस विशाल आयोजन में… 🌼 महंत देवीदास महाराज (बांसवाड़ा) के सानिध्य में भजन, कीर्तन, आरती और विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों की होगी अनुपम प्रस्तुति…1
- आनंदपुरी (बांसवाड़ा)। जिले के आनंदपुरी थाना क्षेत्र में बामनिया–रामेला मुख्य मार्ग पर मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक अवैध रूप से संचालित और बिना फिटनेस वाले स्कूल वाहन (क्रूजर) ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूजर वाहन तेज रफ्तार में था और लापरवाहीपूर्वक चलाया जा रहा था। बाइक को टक्कर इतनी जोरदार लगी कि दोनों युवक कई फीट दूर जाकर गिरे। सड़क पर वाहन के पुर्जे बिखर गए और खून के निशान दूर तक दिखाई दिए, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। मृतकों की पहचान हरिकृष्ण (22) पुत्र मोहनलाल तांबियार और तोलाराम (18) पुत्र बसंतीलाल तांबियार के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरे भाई थे और किसी काम से जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट आई और उनकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। जांच में सामने आया कि संबंधित स्कूल वाहन की फिटनेस 18 अगस्त 2024 को ही समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद वाहन का उपयोग लगातार बच्चों को लाने-ले जाने में किया जा रहा था। इतना ही नहीं, वाहन का रजिस्ट्रेशन भी एक अन्य विद्यालय के नाम पर पाया गया, जबकि संचालन किसी और द्वारा किया जा रहा था। इस लापरवाही ने प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है! इस हृदयविदारक घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने अवैध स्कूल वाहनों पर सख्त कार्रवाई और नियमित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।1
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- अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव में भव्य दीक्षा कल्याणक, निकली आकर्षक शोभायात्रा डूंगरपुर जिले में आयोजित अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन धार्मिक आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल आचार्य श्री मृदुरत्न सागर जी गुरुदेव की पावन निश्रा में भगवान की दिव्य आराधना के साथ हुई। इस दौरान देवी पूजन, हवन विधान एवं विशेष रत्नों से अंजन गोटने की विधि श्रद्धापूर्वक सम्पन्न की गई। इसके बाद अंजन एवं अंजनवस्त्र वहराने की पावन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। प्रतिष्ठाचार्य हितेश भैया ने समस्त विधि-विधान संपन्न करवाया। महोत्सव के तहत भगवान को सुसज्जित रथ में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, रथ, बग्गी, बैंड-बाजे, शहनाई और विभिन्न सांस्कृतिक मंडलियों के आकर्षक प्रदर्शन शामिल रहे। साफा पहने श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और भव्य बना दिया। इस अवसर पर मोक्षरत्न महाराज साहब एवं पवित्ररत्न महाराज साहब का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। आसपास के गांवों—सरोदा, आसपुर, बनकोड़ा, पुंजपुर, भबराना और मोटागांव—से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। दीक्षा कल्याणक के उपलक्ष्य में निकाला गया व्रत-घोड़ा आकर्षण का केंद्र रहा, वहीं मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान श्री सकल जैन समाज की ओर से प्रतिष्ठा कमेटी अध्यक्ष प्रदुमन सारगिया एवं मंदिर अध्यक्ष कांतिलाल सारगिया का सम्मान अभिनंदन पत्र देकर किया गया। महोत्सव में विधायक शंकरलाल डेचा, आशीष गांधी सहित समाज के कई गणमान्यजन, ट्रस्ट्री एवं महिला मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। रात्रि बेला में अधिवासना एवं अंजन शलाका विधान का आयोजन होगा, जिसमें पुनः श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रहने की संभावना है। महोत्सव का यह दिन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से परिपूर्ण रहा, जिसने सभी उपस्थितजनों के लिए इसे यादगार बना दिया।1