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विशाल गंगपुरिया का नया गाना चतरा जिले में इन दिनों खूब चर्चा में है। यह गीत गांगपुर से लेकर पूरे चतरा क्षेत्र में तेज़ी से फैल रहा है, जिसे श्रोताओं द्वारा खूब सराहा जा रहा है।
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विशाल गंगपुरिया का नया गाना चतरा जिले में इन दिनों खूब चर्चा में है। यह गीत गांगपुर से लेकर पूरे चतरा क्षेत्र में तेज़ी से फैल रहा है, जिसे श्रोताओं द्वारा खूब सराहा जा रहा है।
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- हजारीबाग: बेमौसम बारिश ने खोली शहर की बदहाल व्यवस्था की पोल, ओकनी रोड पर जलजमाव से त्रस्त लोग, नालियों की सफाई शुरू बेमौसम बारिश ने हजारीबाग शहर की सड़कों की व्यवस्था की पोल खोल दी है। वार्ड संख्या 18 के ओकनी रोड स्थित बड़े इलाके में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जिससे आम लोगों के साथ-साथ छात्रों को भी आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और वर्षों से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण स्थिति और बिगड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से नालियों की नियमित सफाई नहीं हुई, जिसके चलते पानी सड़कों से होते हुए दुकानों और घरों में प्रवेश कर रहा है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के महापौर अरविंद कुमार राणा और वार्ड पार्षद रूपाली कुमारी ने मौके पर पहुंचकर नालियों की साफ-सफाई शुरू करवाई है। निगम का दावा है कि जल्द ही जलजमाव से लोगों को राहत मिलेगी। वहीं स्थानीय लोगों ने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न हो।2
- झारखंड के बोकारो जिले में एक युवक को थाने में पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से पीटा। एक्टिवा को लेकर हुए विवाद में हुई इस पिटाई के बाद, तीन पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है।1
- हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में 9 मई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पारिवारिक विवाद, बैंक रिकवरी और चेक बाउंस समेत हजारों मामलों का सुलह के आधार पर त्वरित निपटारा होगा। लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क और विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि उन्हें मौके पर ही न्याय मिल सके।1
- हजारीबाग के टंडवा में सुबह 5:30 बजे एक कोल ट्रक ने दो लोगों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद इलाके में मातम पसर गया है और स्थानीय लोग सकते में हैं।1
- झारखंड के कोल्हू और लुकुइया जंगलों में पेड़ों की कटाई और लकड़ियों की ढुलाई का एक चिंताजनक वीडियो सामने आया है। इस तरह की हरियाली उजाड़ने से सिर्फ जंगल ही नहीं, बल्कि राज्य का भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए तुरंत आवाज़ उठाने की ज़रूरत है।1
- बिहार के गया जिले के शेरघाटी में आकाशीय बिजली गिरने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और पीड़ित परिवार सदमे में है। परिजनों ने अपनी आपबीती साझा की।1
- _टंडवा में हाइवा ने दो युवकों को कुचला, मौके पर मौत; आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम_ टंडवा की सड़कों पर तेज रफ्तार हाइवा फिर मौत बनकर दौड़ी। बुधवार, 6 मई की सुबह करीब 5:30 बजे ब्लॉक मोड़ से आगे मजराही में कोयला लदे हाइवा ने दो युवकों को कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हादसा नहीं, लापरवाही से हुई हत्या है। कोयला ढोने वाले हाइवा बेकाबू रफ्तार में गांवों और बाजारों से गुजरते हैं। न तय रूट, न समय की पाबंदी, न सुरक्षा का ध्यान। आम सड़कें अब कोल ट्रांसपोर्ट का रास्ता बन गई हैं। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। लोगों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने की मांग की। मुखिया महेश मुण्डा ने कहा, "अब बहुत हो चुका, कोल हाइवा वाहनों का तांडव बंद होना चाहिए।" ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला परिवहन कंपनियां मुनाफे के लिए नियमों को ताक पर रख रही हैं। घनी आबादी वाले इलाकों से भी भारी वाहन तेज रफ्तार में दौड़ाए जा रहे हैं। न स्पीड कंट्रोल, न मॉनिटरिंग। टंडवा में सड़क हादसे रोज की बात हो गई है। हर दिन कोई मां अपनी गोद खो रही है, किसी बच्चे के सिर से साया उठ रहा है। लोग पूछ रहे हैं, कब तक सड़कों पर लाशें गिरती रहेंगी? कब तक हर हादसे के बाद सिर्फ जाम, मुआवजा और फिर वही खामोशी दोहराई जाएगी?1
- झारखंड के हजारीबाग में पत्रकारों ने कांग्रेस की महिला आरक्षण विधेयक पर बुलाई प्रेसवार्ता का बहिष्कार किया और काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया। यह विरोध स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की असंवेदनशीलता के खिलाफ है, जिन्होंने पत्रकारों पर हुए हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। पत्रकारों ने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है और कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- झारखंड के हजारीबाग में पत्रकारों ने कांग्रेस की महिला आरक्षण विधेयक पर आयोजित प्रेसवार्ता का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकारों पर हुए कथित हमले और मंत्री की चुप्पी पर गहरा रोष व्यक्त किया। पत्रकारों ने मंत्री से व्यक्तिगत माफी की मांग की है और न्याय मिलने तक विरोध जारी रखने की चेतावनी दी।1