पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बघवारकलां में हुए बहुचर्चित हत्याकांड का पन्ना पुलिस ने करीब एक वर्ष बाद खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मृतक नन्नू सोनी की हत्या उसकी पत्नी अर्चना सोनी ने अपने पूर्व पति रामप्रताप सोनी के साथ मिलकर रची गई साजिश के तहत की थी। यह वारदात 10-11 जुलाई 2025 की रात को अंजाम दी गई थी, जब घर में लकड़ी की मुगरिया से हमला कर नन्नू सोनी की हत्या कर दी गई और उसके बाद आरोपी महिला अपने दोनों बच्चों के साथ फरार हो गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि अर्चना की पहली शादी रामप्रताप सोनी से हुई थी और उन दोनों के दो बच्चे हैं। बाद में अर्चना ने नन्नू सोनी से कोर्ट मैरिज कर ली थी। अर्चना ने अपने पूर्व पति रामप्रताप को बताया था कि नन्नू उसके बच्चों को पसंद नहीं करता, जिसके बाद दोनों ने मिलकर नन्नू की हत्या की योजना बनाई थी। वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने, शहर, नाम और वेशभूषा बदलते रहे। पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में लगातार दबिश दी। आखिरकार 21 जुलाई 2026 को कपोदरा, सूरत से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल, रैपुरा थाना स्टाफ और पन्ना साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बघवारकलां में हुए बहुचर्चित हत्याकांड का पन्ना पुलिस ने करीब एक वर्ष बाद खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मृतक नन्नू सोनी की हत्या उसकी पत्नी अर्चना सोनी ने अपने पूर्व पति रामप्रताप सोनी के साथ मिलकर रची गई साजिश के तहत की थी। यह वारदात 10-11 जुलाई 2025 की रात को अंजाम दी गई थी, जब घर में लकड़ी की मुगरिया से हमला कर नन्नू सोनी की हत्या कर दी गई और उसके बाद आरोपी महिला अपने दोनों बच्चों के साथ फरार हो गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि अर्चना की पहली शादी रामप्रताप सोनी से हुई थी और उन दोनों के दो बच्चे हैं। बाद में अर्चना ने नन्नू सोनी से कोर्ट मैरिज कर ली थी। अर्चना
ने अपने पूर्व पति रामप्रताप को बताया था कि नन्नू उसके बच्चों को पसंद नहीं करता, जिसके बाद दोनों ने मिलकर नन्नू की हत्या की योजना बनाई थी। वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने, शहर, नाम और वेशभूषा बदलते रहे। पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में लगातार दबिश दी। आखिरकार 21 जुलाई 2026 को कपोदरा, सूरत से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल, रैपुरा थाना स्टाफ और पन्ना साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- मध्य प्रदेश के पन्ना स्थित जगदीश स्वामी टाउन हॉल में कांग्रेस द्वारा 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिंडोरी विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से छात्रों और अभिभावकों की मेहनत के साथ सरासर अन्याय हुआ है। इसके बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मरकाम ने भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की गिरफ्तारी का भी कड़ा विरोध किया। कार्यक्रम में शामिल छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और रोजगार के बेहतर अवसरों की मांग रखी। इस दौरान नेहा साहू, धीरेंद्र पाठक, अयाज खान सहित कई छात्रों और कोचिंग संचालकों ने अपने विचार साझा किए, जबकि जिला कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी रही।4
- पन्ना स्थित बृहस्पति कुंड में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके बावजूद लोग बिना किसी सुरक्षा और पुख्ता इंतजामों के सेल्फी लेने के चक्कर में लगे हुए हैं।1
- नगर परिषद गुनौर में नवनियुक्त एल्डरमैनों के आगमन पर जिला सचिव जगदीश पटेल के नेतृत्व में एक भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान जिला सचिव की मौजूदगी में सभी नए नियुक्त एल्डरमैनों का पूरे उत्साह के साथ ज़ोरदार अभिनंदन और स्वागत किया गया।1
- पन्ना जिले के जनपद पंचायत गुनौर अंतर्गत ग्राम सुंगरहा में विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने माननीया जिला कलेक्टर और जिला पंचायत पन्ना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने बताया कि सुंगरहा में कई विकास निर्माण कार्यों में रेत की जगह जस्ट (डस्ट) का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कई कुओं के सौंदर्यीकरण के लिए सरकारी बजट से पैसे तो निकाल लिए गए, लेकिन असल में किसी भी कुएं का सौंदर्यीकरण नहीं कराया गया। इस मामले में ग्रामीणों ने पहले जनपद पंचायत गुनौर के CEO को भी लिखित आवेदन दिया था, लेकिन वहां से कोई कार्यवाही नहीं की गई। स्थानीय प्रशासन के ढुलमुल रवैये से नाराज होकर लोगों को पन्ना कलेक्टर और जिला पंचायत CEO के पास गुहार लगानी पड़ी। अब देखना यह होगा कि इस आवेदन पर जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करता है और सुंगरहा पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार तथा अनियमितता पर अंकुश लग पाता है या नहीं।1
- पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बघवारकलां में हुए बहुचर्चित हत्याकांड का पन्ना पुलिस ने करीब एक वर्ष बाद खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मृतक नन्नू सोनी की हत्या उसकी पत्नी अर्चना सोनी ने अपने पूर्व पति रामप्रताप सोनी के साथ मिलकर रची गई साजिश के तहत की थी। यह वारदात 10-11 जुलाई 2025 की रात को अंजाम दी गई थी, जब घर में लकड़ी की मुगरिया से हमला कर नन्नू सोनी की हत्या कर दी गई और उसके बाद आरोपी महिला अपने दोनों बच्चों के साथ फरार हो गई थी। विवेचना के दौरान सामने आया कि अर्चना की पहली शादी रामप्रताप सोनी से हुई थी और उन दोनों के दो बच्चे हैं। बाद में अर्चना ने नन्नू सोनी से कोर्ट मैरिज कर ली थी। अर्चना ने अपने पूर्व पति रामप्रताप को बताया था कि नन्नू उसके बच्चों को पसंद नहीं करता, जिसके बाद दोनों ने मिलकर नन्नू की हत्या की योजना बनाई थी। वारदात के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने, शहर, नाम और वेशभूषा बदलते रहे। पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात समेत कई राज्यों में लगातार दबिश दी। आखिरकार 21 जुलाई 2026 को कपोदरा, सूरत से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल, रैपुरा थाना स्टाफ और पन्ना साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- पन्ना जिले के रैपुरा में पुलिस वाहन का कहर सामने आया है, जहाँ एक पुलिस वाहन ने कई लोगों को टक्कर मार दी। इस घटना में कई लोग घायल हो गए हैं।4