बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार कालपी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने नियम-कानून और ट्रैफिक व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया है। यमुना नदी के पुराने पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य की वजह से नेशनल हाईवे 27 पर पिछले कई घंटों से भीषण जाम लगा हुआ है। इस भीषण गर्मी में हजारों मुसाफिर और गाड़ियाँ रेंगने को मजबूर हैं। इसी बीच, एक 'शराब प्रेमी' ने अपनी प्यास बुझाने के लिए एक अनोखा जुगाड़ निकाला। चर्चा है कि ओवरब्रिज पर जाम में फंसे एक शख्स को जब नीचे एक शराब का ठेका नजर आया, तो उसने गाड़ी से उतरकर एक लंबी रस्सी निकाली। रस्सी के छोर पर एक थैला बांधकर, उसने उसे सीधे ओवरब्रिज से नीचे स्थित शराब के ठेके की तरफ लटका दिया। हैरानी की बात तो यह रही कि नीचे मौजूद शराब ठेके के सेल्समैन ने भी इस 'अनोखे कस्टमर' को निराश नहीं किया। उसने झोले में से पैसे निकाले और बदले में शराब की बोतल डालकर उसे ऊपर खींचने का इशारा कर दिया। देखते ही देखते, भीषण जाम के बीच ओवरब्रिज पर शराब की बोतल सुरक्षित डिलीवर हो गई। यह घटना जालौन के कालपी में यमुना पुल पर घटित हुई, जहाँ गाड़ियाँ रेंगती रहीं और ओवरब्रिज से रस्सी लटकाकर शराब खरीदी गई।
बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार कालपी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने नियम-कानून और ट्रैफिक व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया है। यमुना नदी के पुराने पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य की वजह से नेशनल हाईवे 27 पर पिछले कई घंटों से भीषण जाम लगा हुआ है। इस भीषण गर्मी में हजारों मुसाफिर और गाड़ियाँ रेंगने को मजबूर हैं। इसी बीच, एक 'शराब प्रेमी' ने अपनी प्यास बुझाने के लिए एक अनोखा जुगाड़ निकाला। चर्चा है कि ओवरब्रिज पर जाम में फंसे एक शख्स को जब नीचे एक शराब का ठेका नजर आया, तो उसने गाड़ी से उतरकर एक लंबी रस्सी निकाली। रस्सी के छोर पर एक थैला बांधकर, उसने उसे सीधे ओवरब्रिज से नीचे स्थित शराब के ठेके की तरफ लटका दिया। हैरानी की बात तो यह रही कि नीचे मौजूद शराब ठेके के सेल्समैन ने भी इस 'अनोखे कस्टमर' को निराश नहीं किया। उसने झोले में से पैसे निकाले और बदले में शराब की बोतल डालकर उसे ऊपर खींचने का इशारा कर दिया। देखते ही देखते, भीषण जाम के बीच ओवरब्रिज पर शराब की बोतल सुरक्षित डिलीवर हो गई। यह घटना जालौन के कालपी में यमुना पुल पर घटित हुई, जहाँ गाड़ियाँ रेंगती रहीं और ओवरब्रिज से रस्सी लटकाकर शराब खरीदी गई।
- मूल पोस्ट के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि एक निश्चित कहानी पर 1076 लगाने की आवश्यकता होगी।1
- राजधानी लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के मद्देनज़र, प्रदेश भर में बेसमेंट और बिना फायर एनओसी के चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान जारी है। इसी क्रम में, बुधवार को जालौन जिला प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे संस्थानों के खिलाफ अभियान चलाया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के निर्देश पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जनपद में तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सबसे पहले कोचिंग संस्थानों का चिन्हांकन किया जा रहा है, और जांच में यह देखा जा रहा है कि कहां पर संस्थान बिना अनुमति के चल रहे हैं, कहां पर फायर सेफ्टी के इंतज़ाम नहीं हैं, और कौन से कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। जहां बचाव के पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली, वहां के संस्थानों को सील किया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम ने बुधवार को जनपद के एक दर्जन से अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच में ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद उन्हें सील कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण और सीलिंग का यह क्रम लगातार जारी रहेगा जब तक सभी अवैध और असुरक्षित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे उन इमारतों में जाएं, जहां सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और अग्निशमन प्रबंध मौजूद हों। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए यह अभियान मिशन मोड पर चलाया जा रहा है।1
- कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में माती स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने इन सभी पहलुओं की जांच के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश में सड़कों के नाम बदले जाने के बाद से राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। फतेहपुर मूसा नगर में इस मामले पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहाँ मो. अनीश कुरैशी का भी उल्लेख किया गया है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहर्रम के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा श्रद्धा और अकीदत के साथ एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया और लगातार 'या हुसैन' के नारे लगाए। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ जगह-जगह लोगों ने इसका स्वागत किया। अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' और 'या अली' के नारे लगाते हुए कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के दौरान नौहाखानी और मजलिस का भी आयोजन किया गया, जिसमें उलेमाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी और उनके बताए हुए न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जुलूस को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह सहित पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, और अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी। शिया समुदाय के लोगों ने बताया कि मोहर्रम का यह संदेश इंसानियत, न्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और अंत में देश व समाज में अमन-चैन तथा खुशहाली के लिए दुआ की गई।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो अपने परिवार से अलग रहता था और मजदूरी कर अपने तीन बच्चों, 10 वर्षीय नभया, 8 वर्षीय अंकुश और 6 वर्षीय अनुराग का भरण-पोषण करता था। मृतक के बड़े भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी सोनी दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ भाग गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे उसके पिता संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं आए, तो नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब हवासपुर के लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव देखकर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जहां मृतक की पुत्री नभया ने अपने पिता भरत की पहचान की। पहचान होते ही मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मन, जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के बड़े भाई अमरलाल की सूचना पर, एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मंगलपुर महेश दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।1
- जालौन जिले के कड़ौरा थाना क्षेत्र के मनराललपुर गांव में एक घर के बगल में जानबूझकर आग लगाए जाने का मामला सामने आया है। गोलाउली पोस्ट के अंतर्गत आने वाले इस गांव में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह आग इरादतन लगाई गई है।1
- जालौन के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बोहदपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। गाँव के कई मुख्य मार्गों पर लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि टूटी हुई नालियों और सफाई व्यवस्था की लगातार अनदेखी के चलते हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों के सामने और प्रमुख रास्तों पर अक्सर पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को खासकर बरसात के दिनों में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीण शिव शंकर पांचाल, सतनारायण पांचाल, अनिल कुशवाहा और खुदा कुशवाहा समेत अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान सचिन और पंचायत सचिव पर इस समस्या को लेकर कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे नालियाँ चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टूटी हुई नालियों की मरम्मत कराने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।1