logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हो गया। यह अभियान 17 जून से 26 जून तक चलाया गया था, जिसका समापन समारोह एक साइकिल रैली के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से किया गया था। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाना और विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करना था। इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति समय पर परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें। आयोजन स्थल पर सूचना बोर्ड पर उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी अभियान और नशामुक्ति सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई।

1 day ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
1 day ago

अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हो गया। यह अभियान 17 जून से 26 जून तक चलाया गया था, जिसका समापन समारोह एक साइकिल रैली के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से किया गया था। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाना और विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करना था। इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति समय पर परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें। आयोजन स्थल पर सूचना बोर्ड पर उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी अभियान और नशामुक्ति सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई।

More news from Himachal Pradesh and nearby areas
  • अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में 'एंटी-चिट्टा दिवस' मनाया गया। इस दौरान राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 10 स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त किए गए करीब 13.28 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य वाले मादक पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया। नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत कार्यकारी मुख्य सचिव के.के. पंत ने घोषणा की कि प्रदेश में भविष्य में होने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। के.के. पंत ने बताया कि राज्य सरकार चिट्टे के खात्मे के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है और इस अभियान में सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) की परफॉर्मेंस भी आंकी जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में चिट्टे की बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी जा रही हैं और पुलिस केवल तस्करों पर ही नहीं, बल्कि वित्तीय जांच के जरिए दूर बैठे किंगपिन तक भी पहुंच रही है तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एडीजीपी पुलिस ज्ञानेश्वर सिंह ने जानकारी दी कि दिल्ली में आयोजित एनकॉर्ड (NCORD) बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि चिट्टा मुख्य रूप से पंजाब के रास्ते हिमाचल पहुंच रहा है, जिसे रोकने के लिए हिमाचल पुलिस केंद्रीय और अन्य बड़ी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। इंटर-स्टेट ड्रग सचिवालय के गठन के बाद कार्रवाई और अधिक प्रभावी हुई है, जिससे पुलिस किंगपिन से लेकर नशे के उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है। कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी ने भी पुष्टि की कि प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी अशोक तिवारी ने उत्तराखंड में निहंग से जुड़े मामले पर यह भी कहा कि हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर पूरी तरह शांति है और हिमाचल पुलिस उत्तराखंड पुलिस के लगातार संपर्क में है तथा सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
    4
    अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में 'एंटी-चिट्टा दिवस' मनाया गया। इस दौरान राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 10 स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त किए गए करीब 13.28 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य वाले मादक पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया। नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत कार्यकारी मुख्य सचिव के.के. पंत ने घोषणा की कि प्रदेश में भविष्य में होने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा।

के.के. पंत ने बताया कि राज्य सरकार चिट्टे के खात्मे के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है और इस अभियान में सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) की परफॉर्मेंस भी आंकी जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में चिट्टे की बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी जा रही हैं और पुलिस केवल तस्करों पर ही नहीं, बल्कि वित्तीय जांच के जरिए दूर बैठे किंगपिन तक भी पहुंच रही है तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एडीजीपी पुलिस ज्ञानेश्वर सिंह ने जानकारी दी कि दिल्ली में आयोजित एनकॉर्ड (NCORD) बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि चिट्टा मुख्य रूप से पंजाब के रास्ते हिमाचल पहुंच रहा है, जिसे रोकने के लिए हिमाचल पुलिस केंद्रीय और अन्य बड़ी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। इंटर-स्टेट ड्रग सचिवालय के गठन के बाद कार्रवाई और अधिक प्रभावी हुई है, जिससे पुलिस किंगपिन से लेकर नशे के उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है। कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी ने भी पुष्टि की कि प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

डीजीपी अशोक तिवारी ने उत्तराखंड में निहंग से जुड़े मामले पर यह भी कहा कि हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर पूरी तरह शांति है और हिमाचल पुलिस उत्तराखंड पुलिस के लगातार संपर्क में है तथा सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    23 hrs ago
  • जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। यह जिले को मिली तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है, जिसे अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू करके संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने इस मशीन को विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी बताया। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है। जिले में 244 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2027 से पहले शेष सभी गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे, लेकिन तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस.एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
    1
    जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। यह जिले को मिली तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है, जिसे अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू करके संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने इस मशीन को विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी बताया। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है।

जिले में 244 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2027 से पहले शेष सभी गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे, लेकिन तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस.एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • प्रदेश सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने शनिवार, 27 जून को घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में नवगठित देहरा हटवाड़ पंचायत के कार्यालय का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचायतों को सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई होने के बावजूद पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे सशक्त आधारशिला हैं। मंत्री ने नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया। मंत्री धर्माणी ने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर-द्वार पर बेहतर प्रशासनिक एवं विकासात्मक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायतों का पुनर्गठन कर रही है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर जिला बिलासपुर में कई बड़ी पंचायतों को यथावत रखते हुए छोटी पंचायतों का पुनर्गठन करने का आरोप लगाया, जबकि वर्तमान सरकार ने लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हटवाड़, डंगार और मरहाणा जैसी बड़ी पंचायतों को अलग-अलग पंचायतों में विभाजित किया है, ताकि ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही बेहतर सेवाएँ और योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि देहरा हटवाड़ पंचायत द्वारा उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने पर, प्रदेश सरकार यहाँ लगभग 1 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त आधुनिक पंचायत भवन का निर्माण करेगी, जो पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाएगा और विभिन्न सरकारी सेवाओं का एकीकृत केंद्र बनेगा। शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य के 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों को उन्नत कर अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करते हुए सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पाँचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएँ पुनः लागू की गई हैं, और 'नो डिटेंशन पॉलिसी' समाप्त कर दी गई है। शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए सिंगापुर की प्रिंसिपल्स अकादमी के साथ समझौता किया गया है। स्कूलों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को की सिफारिशों के अनुरूप रटने की प्रवृत्ति समाप्त कर व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसकी शुरुआत पीएम श्री विद्यालयों से की गई है। उन्होंने बीपीएल चयन के आठवें चरण में पात्रता मानदंडों को अधिक मानवीय बनाने की जानकारी दी। अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया है, गंभीर बीमारियों अथवा स्थायी दिव्यांगता से प्रभावित कमाने वाले सदस्य वाले परिवार, तथा भूमिहीन परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं, आयकरदाता परिवार, सभी स्रोतों से 75 हजार रूपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार, एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले तथा सरकारी, अर्द्धसरकारी अथवा निजी नौकरी करने वाले सदस्य वाले परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर रखा जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पुरानी मशीनरी को आधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है। आईजीएमसी शिमला में अत्याधुनिक पेट स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, और शीघ्र ही हमीरपुर, नेरचौक और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से लगभग 3000 करोड़ रूपए की लागत से स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों एवं प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। राजेश धर्माणी ने हिमकेयर योजना में पूर्व सरकार के समय बड़े स्तर पर हुई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इनकी जाँच करवा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हिमकेयर योजना के अंतर्गत पाँच लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध है, लेकिन गंभीर बीमारियों के उपचार में यह राशि कई बार पर्याप्त नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस योजना का दायरा बढ़ाकर 7 से 10 लाख रूपए तक करने तथा इसे बीमा मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष बल देने की बात कही। हटवाड़ क्षेत्र के आसपास विभिन्न सड़कों के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 65 से अधिक नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास, मजबूत आधारभूत ढांचे और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर पंचायत प्रधान मनोज कुमारी, उपप्रधान देशराज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चेम्बल सिंह, हटवाड़ पंचायत प्रधान काशीराम, हम्बोट पंचायत प्रधान मति देवी, बीडीसी सदस्य सुभाष चंद्र, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
    1
    प्रदेश सरकार के नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने शनिवार, 27 जून को घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में नवगठित देहरा हटवाड़ पंचायत के कार्यालय का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचायतों को सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे छोटी इकाई होने के बावजूद पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे सशक्त आधारशिला हैं। मंत्री ने नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का आह्वान किया।

मंत्री धर्माणी ने बताया कि वर्तमान प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर-द्वार पर बेहतर प्रशासनिक एवं विकासात्मक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायतों का पुनर्गठन कर रही है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर जिला बिलासपुर में कई बड़ी पंचायतों को यथावत रखते हुए छोटी पंचायतों का पुनर्गठन करने का आरोप लगाया, जबकि वर्तमान सरकार ने लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए हटवाड़, डंगार और मरहाणा जैसी बड़ी पंचायतों को अलग-अलग पंचायतों में विभाजित किया है, ताकि ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही बेहतर सेवाएँ और योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि देहरा हटवाड़ पंचायत द्वारा उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने पर, प्रदेश सरकार यहाँ लगभग 1 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त आधुनिक पंचायत भवन का निर्माण करेगी, जो पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाएगा और विभिन्न सरकारी सेवाओं का एकीकृत केंद्र बनेगा।

शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य के 100 से अधिक सरकारी विद्यालयों को उन्नत कर अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित करते हुए सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पाँचवीं और आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएँ पुनः लागू की गई हैं, और 'नो डिटेंशन पॉलिसी' समाप्त कर दी गई है। शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए सिंगापुर की प्रिंसिपल्स अकादमी के साथ समझौता किया गया है। स्कूलों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को की सिफारिशों के अनुरूप रटने की प्रवृत्ति समाप्त कर व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसकी शुरुआत पीएम श्री विद्यालयों से की गई है।

उन्होंने बीपीएल चयन के आठवें चरण में पात्रता मानदंडों को अधिक मानवीय बनाने की जानकारी दी। अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग मुखिया वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम एक दिन कार्य किया है, गंभीर बीमारियों अथवा स्थायी दिव्यांगता से प्रभावित कमाने वाले सदस्य वाले परिवार, तथा भूमिहीन परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं, आयकरदाता परिवार, सभी स्रोतों से 75 हजार रूपए से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार, एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले तथा सरकारी, अर्द्धसरकारी अथवा निजी नौकरी करने वाले सदस्य वाले परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर रखा जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पुरानी मशीनरी को आधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है। आईजीएमसी शिमला में अत्याधुनिक पेट स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है, और शीघ्र ही हमीरपुर, नेरचौक और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से लगभग 3000 करोड़ रूपए की लागत से स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों एवं प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं।

राजेश धर्माणी ने हिमकेयर योजना में पूर्व सरकार के समय बड़े स्तर पर हुई अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इनकी जाँच करवा रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हिमकेयर योजना के अंतर्गत पाँच लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध है, लेकिन गंभीर बीमारियों के उपचार में यह राशि कई बार पर्याप्त नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार इस योजना का दायरा बढ़ाकर 7 से 10 लाख रूपए तक करने तथा इसे बीमा मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे।

उन्होंने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष बल देने की बात कही। हटवाड़ क्षेत्र के आसपास विभिन्न सड़कों के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। लगभग 20 करोड़ रूपए की लागत से डे-बोर्डिंग स्कूल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 65 से अधिक नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार गांवों के समग्र विकास, मजबूत आधारभूत ढांचे और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर पंचायत प्रधान मनोज कुमारी, उपप्रधान देशराज, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चेम्बल सिंह, हटवाड़ पंचायत प्रधान काशीराम, हम्बोट पंचायत प्रधान मति देवी, बीडीसी सदस्य सुभाष चंद्र, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    9 hrs ago
  • झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
    1
    झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Jhanduta, Bilaspur•
    10 hrs ago
  • अंबाला पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अंधविश्वास का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच के बाद कार्रवाई की है।
    1
    अंबाला पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अंधविश्वास का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच के बाद कार्रवाई की है।
    user_खबर आज
    खबर आज
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • रैला पंचायत में प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने नव निर्वाचित वार्ड सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। यह जानकारी बुद्धि सिंह ठाकुर की एक वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
    1
    रैला पंचायत में प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने नव निर्वाचित वार्ड सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। यह जानकारी बुद्धि सिंह ठाकुर की एक वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    10 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब रामपुर से काशापाट जा रहा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में एक महिला और उसका 12 वर्षीय बेटा भी शामिल हैं। हादसे का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि पिकअप में बैठी महिला अपने मोबाइल से वीडियो बना रही थी और अपने बेटे को अपना ननिहाल दिखा रही थी। तभी अचानक वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस दुखद घटना में वीडियो बनाने वाली मां और उसके बेटे दोनों की भी जान चली गई।
    1
    हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना तब हुई जब रामपुर से काशापाट जा रहा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों में एक महिला और उसका 12 वर्षीय बेटा भी शामिल हैं।

हादसे का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि पिकअप में बैठी महिला अपने मोबाइल से वीडियो बना रही थी और अपने बेटे को अपना ननिहाल दिखा रही थी। तभी अचानक वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। इस दुखद घटना में वीडियो बनाने वाली मां और उसके बेटे दोनों की भी जान चली गई।
    user_Vaneet kashyap
    Vaneet kashyap
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हो गया। यह अभियान 17 जून से 26 जून तक चलाया गया था, जिसका समापन समारोह एक साइकिल रैली के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से किया गया था। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाना और विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करना था। इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति समय पर परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें। आयोजन स्थल पर सूचना बोर्ड पर उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी अभियान और नशामुक्ति सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई।
    1
    अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हो गया। यह अभियान 17 जून से 26 जून तक चलाया गया था, जिसका समापन समारोह एक साइकिल रैली के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

कार्यक्रम के दौरान जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से किया गया था।

अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाना और विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करना था। इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति समय पर परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें। आयोजन स्थल पर सूचना बोर्ड पर उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी अभियान और नशामुक्ति सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    1 day ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.