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झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
North India bulletin
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
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- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने राम मंदिर में चढ़ावे के गबन और घोटाले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्री राम मंदिर में हुए इस गबन और घोटाले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच संदेह के घेरे में है। सांख्यान ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच देश के उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में की जानी चाहिए। संदीप सांख्यान के अनुसार, इस पूरे मामले से न केवल देश के हिंदुओं के साथ खिलवाड़ हुआ है, बल्कि सभी राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा है। सांख्यान ने आरोप लगाया कि चंदे और चढ़ावे की कम रिपोर्टिंग की गई और करोड़ों रुपयों का कोई उचित हिसाब-किताब नहीं रखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए संदीप सांख्यान ने बताया कि यह घोटाला ₹200 करोड़ से अधिक का अनुमानित है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन श्री राम मंदिर अयोध्या में औसतन ₹8 से ₹10 लाख का चढ़ावा आता था, जबकि व्रत और त्योहारों के दौरान यह चढ़ावा ₹18 से ₹20 लाख तक पहुंच जाता था, जिसमें नकद राशि, सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण भी शामिल होते थे, जो कि कथित तौर पर गायब किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सांख्यान ने सवाल उठाया कि मंदिर न्यास में ₹14-15 हजार वेतन पाने वाले कुछ अस्थायी कर्मचारियों और उनके करीबियों ने पिछले कुछ महीनों में ₹40 लाख से लेकर ₹1.5 करोड़ तक के प्लॉट और मकान कैसे खरीद लिए, यह कैसे संभव हो सकता है। संदीप सांख्यान ने भाजपा की केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर सरकारें बनाईं, लेकिन आज उसी राम मंदिर का चढ़ावा और संपत्ति चोरी होती रही और सरकारें मूकदर्शक बनी रहीं, जिससे देश के 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ होता रहा। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' बताया और पूछा कि इस मसले पर आज भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच व इनकी अन्य संस्थाएं क्यों चुप हैं, जबकि देश की जनता इस पर जवाब चाहती है। सांख्यान ने मांग की है कि वर्तमान ट्रस्ट, जिसमें 'राजनीतिक लोग शामिल हैं', उसे भंग किया जाए और उसमें संतों, पुजारियों व धर्मगुरुओं को जगह दी जानी चाहिए।1
- कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।1
- सुजानपुर में नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कांग्रेस ने सत्ता हासिल कर ली है। जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने इस अवसर पर बताया कि सुजानपुर में विकास कार्य मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से ही करवाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस का साथ देते हुए पार्टी को नगर परिषद में सत्तासीन किया है। सुमन भारती के अनुसार, नगर परिषद के परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने जीते हुए पार्षदों से मुलाकात की थी, जिनमें वार्ड नंबर 2 के पार्षद मनीष गुप्ता और वार्ड नंबर 8 की पार्षद वीना धीमान प्रमुख थीं। इन पार्षदों से कांग्रेस सरकार बनाने को लेकर चर्चा की गई थी और बाद में इन प्रत्याशियों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर पार्टी को जीत दिलाई। पार्षद मनीष गुप्ता ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और सदैव कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। सुमन भारती ने इस जीत का श्रेय अपने और माननीय विधायक के प्रयासों को दिया, जिनके कारण नगर परिषद में कांग्रेस का कब्जा संभव हो पाया है।1
- अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में 'एंटी-चिट्टा दिवस' मनाया गया। इस दौरान राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 10 स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त किए गए करीब 13.28 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य वाले मादक पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया। नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत कार्यकारी मुख्य सचिव के.के. पंत ने घोषणा की कि प्रदेश में भविष्य में होने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। के.के. पंत ने बताया कि राज्य सरकार चिट्टे के खात्मे के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है और इस अभियान में सभी जिलों के उपायुक्तों (डीसी) की परफॉर्मेंस भी आंकी जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में चिट्टे की बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी जा रही हैं और पुलिस केवल तस्करों पर ही नहीं, बल्कि वित्तीय जांच के जरिए दूर बैठे किंगपिन तक भी पहुंच रही है तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एडीजीपी पुलिस ज्ञानेश्वर सिंह ने जानकारी दी कि दिल्ली में आयोजित एनकॉर्ड (NCORD) बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि चिट्टा मुख्य रूप से पंजाब के रास्ते हिमाचल पहुंच रहा है, जिसे रोकने के लिए हिमाचल पुलिस केंद्रीय और अन्य बड़ी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। इंटर-स्टेट ड्रग सचिवालय के गठन के बाद कार्रवाई और अधिक प्रभावी हुई है, जिससे पुलिस किंगपिन से लेकर नशे के उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है। कार्यकारी डीजीपी अशोक तिवारी ने भी पुष्टि की कि प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी अशोक तिवारी ने उत्तराखंड में निहंग से जुड़े मामले पर यह भी कहा कि हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर पूरी तरह शांति है और हिमाचल पुलिस उत्तराखंड पुलिस के लगातार संपर्क में है तथा सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।4
- परागपुर पंचायत समिति के चुनावों में गुरुवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने 28 साल बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर शानदार जीत दर्ज की है। एसडीएम देहरा कुलवंत सिंह पोटन और बीडीओ मीना शर्मा की देखरेख में हुए इन चुनावों में नरेश कुमार पुट्टू अध्यक्ष चुने गए, जिन्हें 17 वोट मिले, जबकि भाजपा के विशाल पटियाल को मात्र 6 वोट ही हासिल हुए। उपाध्यक्ष पद के लिए अनिल किशोर ने 16 वोटों के साथ जीत हासिल की, वहीं भाजपा की विजय कुमारी को 7 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस जीत के साथ कांग्रेस ने 1996-98 के बाद से चले आ रहे भाजपा के दबदबे को खत्म कर दिया है, जो पिछले 28 सालों से इस समिति पर कायम था। जीत के तुरंत बाद, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपनी सफलता का श्रेय कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया को दिया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ एक विजय रैली निकालकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर सुरिंदर मनकोटिया ने घोषणा की कि यह जीत एक बड़े बदलाव की शुरुआत है और अब जसवां-परागपुर में भी कांग्रेस का विधायक बनेगा। इस चुनाव परिणाम ने क्षेत्र के पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर और कांग्रेस महासचिव सुरिंदर मनकोटिया के बीच की आपसी सियासी खींचतान को और भी दिलचस्प बना दिया है।4
- हिमाचल प्रदेश के झंडूता कॉलेज में साइंस की कक्षाएं बंद किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने कांग्रेस पर मनमानी करने का आरोप लगाया।2
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित धुसाड़ा पंचायत में एक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर, विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख का प्रावधान किया गया है। साथ ही, '247 सुपरफास्ट' का भी उल्लेख किया गया।1
- सुंदरनगर के निहरी रोहांडा मार्ग पर एक पिकअप वाहन खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया।1