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सुजानपुर में नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कांग्रेस ने सत्ता हासिल कर ली है। जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने इस अवसर पर बताया कि सुजानपुर में विकास कार्य मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से ही करवाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस का साथ देते हुए पार्टी को नगर परिषद में सत्तासीन किया है। सुमन भारती के अनुसार, नगर परिषद के परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने जीते हुए पार्षदों से मुलाकात की थी, जिनमें वार्ड नंबर 2 के पार्षद मनीष गुप्ता और वार्ड नंबर 8 की पार्षद वीना धीमान प्रमुख थीं। इन पार्षदों से कांग्रेस सरकार बनाने को लेकर चर्चा की गई थी और बाद में इन प्रत्याशियों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर पार्टी को जीत दिलाई। पार्षद मनीष गुप्ता ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और सदैव कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। सुमन भारती ने इस जीत का श्रेय अपने और माननीय विधायक के प्रयासों को दिया, जिनके कारण नगर परिषद में कांग्रेस का कब्जा संभव हो पाया है।

18 hrs ago
user_Ranjna Kumari
Ranjna Kumari
टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
18 hrs ago

सुजानपुर में नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कांग्रेस ने सत्ता हासिल कर ली है। जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने इस अवसर पर बताया कि सुजानपुर में विकास कार्य मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से ही करवाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस का साथ देते हुए पार्टी को नगर परिषद में सत्तासीन किया है। सुमन भारती के अनुसार, नगर परिषद के परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने जीते हुए पार्षदों से मुलाकात की थी, जिनमें वार्ड नंबर 2 के पार्षद मनीष गुप्ता और वार्ड नंबर 8 की पार्षद वीना धीमान प्रमुख थीं। इन पार्षदों से कांग्रेस सरकार बनाने को लेकर चर्चा की गई थी और बाद में इन प्रत्याशियों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर पार्टी को जीत दिलाई। पार्षद मनीष गुप्ता ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और सदैव कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। सुमन भारती ने इस जीत का श्रेय अपने और माननीय विधायक के प्रयासों को दिया, जिनके कारण नगर परिषद में कांग्रेस का कब्जा संभव हो पाया है।

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  • कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।
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    कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
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    झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में एक शांतिपूर्ण रैली निकाली।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Jhanduta, Bilaspur•
    10 hrs ago
  • जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। यह जिले को मिली तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है, जिसे अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू करके संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने इस मशीन को विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी बताया। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है। जिले में 244 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2027 से पहले शेष सभी गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे, लेकिन तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस.एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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    जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। यह जिले को मिली तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है, जिसे अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू करके संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने इस मशीन को विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी बताया। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है।

जिले में 244 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2027 से पहले शेष सभी गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे, लेकिन तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस.एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • रैला पंचायत में प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने नव निर्वाचित वार्ड सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। यह जानकारी बुद्धि सिंह ठाकुर की एक वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
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    रैला पंचायत में प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने नव निर्वाचित वार्ड सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई। यह जानकारी बुद्धि सिंह ठाकुर की एक वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    10 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित धुसाड़ा पंचायत में एक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर, विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख का प्रावधान किया गया है। साथ ही, '247 सुपरफास्ट' का भी उल्लेख किया गया।
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    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित धुसाड़ा पंचायत में एक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर, विकास कार्यों के लिए ₹5 लाख का प्रावधान किया गया है। साथ ही, '247 सुपरफास्ट' का भी उल्लेख किया गया।
    user_247 superfast ks
    247 superfast ks
    ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    14 hrs ago
  • झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत, स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भाजपा मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। यह रैली विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में आयोजित की गई थी।
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    झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत, स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भाजपा मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। यह रैली विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में आयोजित की गई थी।
    user_North India bulletin
    North India bulletin
    Jhanduta, Bilaspur•
    12 hrs ago
  • प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने राम मंदिर में चढ़ावे के गबन और घोटाले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्री राम मंदिर में हुए इस गबन और घोटाले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच संदेह के घेरे में है। सांख्यान ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच देश के उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में की जानी चाहिए। संदीप सांख्यान के अनुसार, इस पूरे मामले से न केवल देश के हिंदुओं के साथ खिलवाड़ हुआ है, बल्कि सभी राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा है। सांख्यान ने आरोप लगाया कि चंदे और चढ़ावे की कम रिपोर्टिंग की गई और करोड़ों रुपयों का कोई उचित हिसाब-किताब नहीं रखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए संदीप सांख्यान ने बताया कि यह घोटाला ₹200 करोड़ से अधिक का अनुमानित है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन श्री राम मंदिर अयोध्या में औसतन ₹8 से ₹10 लाख का चढ़ावा आता था, जबकि व्रत और त्योहारों के दौरान यह चढ़ावा ₹18 से ₹20 लाख तक पहुंच जाता था, जिसमें नकद राशि, सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण भी शामिल होते थे, जो कि कथित तौर पर गायब किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सांख्यान ने सवाल उठाया कि मंदिर न्यास में ₹14-15 हजार वेतन पाने वाले कुछ अस्थायी कर्मचारियों और उनके करीबियों ने पिछले कुछ महीनों में ₹40 लाख से लेकर ₹1.5 करोड़ तक के प्लॉट और मकान कैसे खरीद लिए, यह कैसे संभव हो सकता है। संदीप सांख्यान ने भाजपा की केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर सरकारें बनाईं, लेकिन आज उसी राम मंदिर का चढ़ावा और संपत्ति चोरी होती रही और सरकारें मूकदर्शक बनी रहीं, जिससे देश के 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ होता रहा। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' बताया और पूछा कि इस मसले पर आज भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच व इनकी अन्य संस्थाएं क्यों चुप हैं, जबकि देश की जनता इस पर जवाब चाहती है। सांख्यान ने मांग की है कि वर्तमान ट्रस्ट, जिसमें 'राजनीतिक लोग शामिल हैं', उसे भंग किया जाए और उसमें संतों, पुजारियों व धर्मगुरुओं को जगह दी जानी चाहिए।
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    प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने राम मंदिर में चढ़ावे के गबन और घोटाले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्री राम मंदिर में हुए इस गबन और घोटाले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच संदेह के घेरे में है। सांख्यान ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच देश के उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में की जानी चाहिए।

संदीप सांख्यान के अनुसार, इस पूरे मामले से न केवल देश के हिंदुओं के साथ खिलवाड़ हुआ है, बल्कि सभी राम भक्तों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा है। सांख्यान ने आरोप लगाया कि चंदे और चढ़ावे की कम रिपोर्टिंग की गई और करोड़ों रुपयों का कोई उचित हिसाब-किताब नहीं रखा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए संदीप सांख्यान ने बताया कि यह घोटाला ₹200 करोड़ से अधिक का अनुमानित है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन श्री राम मंदिर अयोध्या में औसतन ₹8 से ₹10 लाख का चढ़ावा आता था, जबकि व्रत और त्योहारों के दौरान यह चढ़ावा ₹18 से ₹20 लाख तक पहुंच जाता था, जिसमें नकद राशि, सोना-चांदी और बहुमूल्य आभूषण भी शामिल होते थे, जो कि कथित तौर पर गायब किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सांख्यान ने सवाल उठाया कि मंदिर न्यास में ₹14-15 हजार वेतन पाने वाले कुछ अस्थायी कर्मचारियों और उनके करीबियों ने पिछले कुछ महीनों में ₹40 लाख से लेकर ₹1.5 करोड़ तक के प्लॉट और मकान कैसे खरीद लिए, यह कैसे संभव हो सकता है।

संदीप सांख्यान ने भाजपा की केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर सरकारें बनाईं, लेकिन आज उसी राम मंदिर का चढ़ावा और संपत्ति चोरी होती रही और सरकारें मूकदर्शक बनी रहीं, जिससे देश के 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं से खिलवाड़ होता रहा। उन्होंने इसे 'शर्मनाक' बताया और पूछा कि इस मसले पर आज भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच व इनकी अन्य संस्थाएं क्यों चुप हैं, जबकि देश की जनता इस पर जवाब चाहती है। सांख्यान ने मांग की है कि वर्तमान ट्रस्ट, जिसमें 'राजनीतिक लोग शामिल हैं', उसे भंग किया जाए और उसमें संतों, पुजारियों व धर्मगुरुओं को जगह दी जानी चाहिए।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
  • जिला मुख्यालय ऊना के पुराना होशियारपुर रोड पर स्थित लाल सिंगी गांव में शनिवार सुबह प्रवासी श्रमिकों की झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में देखते ही देखते लगभग 40 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे करीब चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण खाना बनाते समय निकली कोई चिंगारी या लापरवाही को माना जा रहा है। दमकल अधिकारी सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि आग लगने का वास्तविक कारण विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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    जिला मुख्यालय ऊना के पुराना होशियारपुर रोड पर स्थित लाल सिंगी गांव में शनिवार सुबह प्रवासी श्रमिकों की झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में देखते ही देखते लगभग 40 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे करीब चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण खाना बनाते समय निकली कोई चिंगारी या लापरवाही को माना जा रहा है। दमकल अधिकारी सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि आग लगने का वास्तविक कारण विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
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