जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। यह जिले को मिली तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है, जिसे अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू करके संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने इस मशीन को विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी बताया। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है। जिले में 244 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2027 से पहले शेष सभी गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे, लेकिन तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस.एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला बिलासपुर में टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उपायुक्त राहुल कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में एनटीपीसी के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत लगभग 30 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का शुभारंभ किया। यह जिले को मिली तीसरी पोर्टेबल एक्स-रे मशीन है, जिसे अब दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की मौके पर ही जांच करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस मशीन टीबी के साथ-साथ निमोनिया, फेफड़ों के कैंसर और फेफड़ों से संबंधित अन्य गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करने में सक्षम है। इससे समय पर उपचार शुरू करके संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। उन्होंने इस मशीन को विशेष रूप से बुजुर्गों, बीपीएल परिवारों, प्रवासी श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अत्यंत उपयोगी बताया। स्वास्थ्य विभाग के पास अब कुल तीन पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें से एक केंद्र सरकार, दूसरी अदाणी समूह और तीसरी एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई है। इन मशीनों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर 14 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एक्स-रे जांच की जा रही है। जिले में 244 उच्च जोखिम वाले गांवों की पहचान की गई है, जहां लगभग 90 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 183 गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और 20 हजार से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2027 से पहले शेष सभी गांवों और लक्षित आबादी का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 200 एक्स-रे किए जा रहे थे, लेकिन तीसरी मशीन उपलब्ध होने से अब प्रतिदिन लगभग 300 लोगों की जांच संभव होगी, जिससे अभियान को और गति मिलेगी तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार और सहायक आयुक्त राजकुमार ने स्वयं भी नई पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से अपनी जांच करवाई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और विभिन्न संस्थानों के सीएसआर सहयोग से टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें आवश्यक पोषण मिल सके और वे शीघ्र स्वस्थ हो सकें। उन्होंने एनटीपीसी के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एनटीपीसी कोलडैम परियोजना के परियोजना प्रमुख एस.एस. राव, मंगला हरिन्द्रम, अंजुला अग्रवाल, पूरन सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं एनटीपीसी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत, स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल की अध्यक्षता में भाजपा मंडल झंडूता और झंडूता कॉलेज के विद्यार्थियों ने एक शांतिपूर्ण रैली निकाली। यह रैली विज्ञान संकाय की कक्षाओं को बंद किए जाने के विरोध में आयोजित की गई थी।1
- अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हो गया। यह अभियान 17 जून से 26 जून तक चलाया गया था, जिसका समापन समारोह एक साइकिल रैली के साथ हुआ। हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से किया गया था। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, उन्हें समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दिलाना और विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ व विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील करना था। इस दौरान लोगों को राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति समय पर परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें। आयोजन स्थल पर सूचना बोर्ड पर उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी अभियान और नशामुक्ति सेवाओं से संबंधित जानकारी दी गई।1
- कौशल विकास भत्ता योजना को बहाल करने की मांग की गई है। इस संबंध में राज्य में यह मांग सामने आई है।1
- सुजानपुर में नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर कांग्रेस ने सत्ता हासिल कर ली है। जिला अध्यक्ष सुमन भारती ने इस अवसर पर बताया कि सुजानपुर में विकास कार्य मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से ही करवाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस का साथ देते हुए पार्टी को नगर परिषद में सत्तासीन किया है। सुमन भारती के अनुसार, नगर परिषद के परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने जीते हुए पार्षदों से मुलाकात की थी, जिनमें वार्ड नंबर 2 के पार्षद मनीष गुप्ता और वार्ड नंबर 8 की पार्षद वीना धीमान प्रमुख थीं। इन पार्षदों से कांग्रेस सरकार बनाने को लेकर चर्चा की गई थी और बाद में इन प्रत्याशियों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर पार्टी को जीत दिलाई। पार्षद मनीष गुप्ता ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और सदैव कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। सुमन भारती ने इस जीत का श्रेय अपने और माननीय विधायक के प्रयासों को दिया, जिनके कारण नगर परिषद में कांग्रेस का कब्जा संभव हो पाया है।1
- हिमाचल प्रदेश के झंडूता कॉलेज में साइंस की कक्षाएं बंद किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने कांग्रेस पर मनमानी करने का आरोप लगाया।2
- गुरुवार को शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के तकलेच चौकी क्षेत्र में उरमण नामक स्थान पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक पिकअप वाहन (HP06B-2420) गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और सभी छह शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। मृतकों की पहचान अभिषेक सनी (23), लायक राम (56), अशोक जेन (32) (जो वाहन चालक थे), नीतीन (23), आशा कुमारी और युगल के रूप में हुई है। ये मृतक शिमला जिले के रामपुर तहसील के शरनाल, पाठ, छलटा गांवों तथा कुल्लू जिले के आनी तहसील के कुवाणु गांव से संबंधित थे। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। इस हृदय विदारक घटना से रामपुर और आनी क्षेत्रों में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।1
- जिला मुख्यालय ऊना के पुराना होशियारपुर रोड पर स्थित लाल सिंगी गांव में शनिवार सुबह प्रवासी श्रमिकों की झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में देखते ही देखते लगभग 40 झोपड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे करीब चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण खाना बनाते समय निकली कोई चिंगारी या लापरवाही को माना जा रहा है। दमकल अधिकारी सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि आग लगने का वास्तविक कारण विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।1