बारामूला के तांगमर्ग में कम उम्र के बच्चों द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर बाइक चलाना और खतरनाक स्टंट करना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। न्यूज सहारा अपडेट्स के अनुसार, यह लापरवाही किसी भी समय एक बड़े और दर्दनाक हादसे में बदल सकती है, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है। इस संबंध में, तांगमर्ग प्रशासन और आरटीओ बारामूला से अपील की गई है कि वे नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और सड़क सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करें ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अभिभावकों से भी विशेष गुजारिश की गई है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को बाइक की चाबियां न दें। इस बात पर जोर दिया गया है कि अभिभावकों की एक जिम्मेदार सोच किसी की जान बचा सकती है। अंत में यह संदेश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए सभी को धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए।
बारामूला के तांगमर्ग में कम उम्र के बच्चों द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर बाइक चलाना और खतरनाक स्टंट करना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। न्यूज सहारा अपडेट्स के अनुसार, यह लापरवाही किसी भी समय एक बड़े और दर्दनाक हादसे में बदल सकती है, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है। इस संबंध में, तांगमर्ग प्रशासन और आरटीओ बारामूला से अपील की गई है कि वे नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और सड़क सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करें ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अभिभावकों से भी विशेष गुजारिश की गई है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को बाइक की चाबियां न दें। इस बात पर जोर दिया गया है कि अभिभावकों की एक जिम्मेदार सोच किसी की जान बचा सकती है। अंत में यह संदेश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए सभी को धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए।
- टंगमर्ग और आसपास के इलाकों में सूखे और खतरनाक पेड़ों को अब तक नहीं हटाया गया है, जिसका शिकार हाल ही में एक पत्रकार हो चुका है। इस घटना ने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं, जहाँ प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अवाम का सीधा सवाल है कि आखिर इस देरी का इंतजार किस बात का है, खासकर जब वन विभाग (DFO) कहता है कि कुछ पेड़ राजस्व विभाग के दायरे में आते हैं और उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) का कहना है कि वे उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। इस स्थिति में जिम्मेदारी किसकी है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या किसी और की जान खतरे में पड़ने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। जनता की मांग है कि इन खतरनाक और सूखे पेड़ों की तुरंत पहचान करके उन्हें हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग न बुझे। घायल पत्रकार के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना भी की गई है।1
- कंपनी द्वारा मजदूरों को उनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति के परिणामस्वरूप, यह जानकारी सामने आई है कि टावर नंबर 66 अब डाउन कर दिया जाएगा।1
- कुलगाम में आगामी 1 जून (सोमवार) को उपराज्यपाल (एलजी) के नेतृत्व में एक विशाल नशामुक्ति पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के मद्देनज़र पूरे कुलगाम को सजाया गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है। डीसी कुलगाम शाहजाद आलम ने पदयात्रा की अंतिम व्यवस्थाओं की समीक्षा की और सभी नागरिकों से इस मार्च में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा एक नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया है।1
- जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAKLI) के नव नियुक्त अग्निवीरों ने अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस उपलब्धि के बाद, इन अग्निवीरों ने रेजिमेंट मुख्यालय में आयोजित पासिंग-आउट परेड में भाग लिया। इस समारोह के साथ ही, वे औपचारिक रूप से भारतीय सेना की रैंक में शामिल हो गए हैं।1
- ek Haseena peeper ka ped lagaya uske aankh aur dant nikale1
- उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विपक्ष के नेता सुनील शर्मा को जवाब दिया है।1
- जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेरी ब्लॉक में पीएचई जलशक्ति विभाग की लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने की 'सफलता' पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के मामले में विभाग की कथित विफलता सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को लोगों के घरों तक पानी पहुँचाने के लिए हजारों करोड़ रुपए दिए गए हैं। बावजूद इसके, मौजूदा स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पीएचई जलशक्ति विभाग वास्तव में लोगों के घरों तक नल से स्वच्छ जल पहुँचाने में कितना 'सफल' रहा है। यह पूरी स्थिति जम्मू कश्मीर की चुनी हुई सरकार की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।1
- बारामूला के तांगमर्ग में कम उम्र के बच्चों द्वारा सार्वजनिक सड़कों पर बाइक चलाना और खतरनाक स्टंट करना एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। न्यूज सहारा अपडेट्स के अनुसार, यह लापरवाही किसी भी समय एक बड़े और दर्दनाक हादसे में बदल सकती है, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है। इस संबंध में, तांगमर्ग प्रशासन और आरटीओ बारामूला से अपील की गई है कि वे नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और सड़क सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करें ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अभिभावकों से भी विशेष गुजारिश की गई है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को बाइक की चाबियां न दें। इस बात पर जोर दिया गया है कि अभिभावकों की एक जिम्मेदार सोच किसी की जान बचा सकती है। अंत में यह संदेश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए सभी को धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए।1