उरई जेल में रक्षाबंधन पर छलका भाई बहनों का दर्द /बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधते बहनों की आंखों से छलके आंसू* *उरई जेल में दिखा भाई-बहन के प्रेम का भावुक मंजर /राखी बांधकर नम हुईं बहनों की आंखें* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *उरई जेल में रक्षाबंधन पर छलका भाई बहनों का दर्द /बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधते बहनों की आंखों से छलके आंसू* *उरई जेल में दिखा भाई-बहन के प्रेम का भावुक मंजर /राखी बांधकर नम हुईं बहनों की आंखें* जनपद जालौन उरई रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उरई जिला कारागार के बाहर भावनाओं का सैलाब देखने को मिला सुबह से ही अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं किसी के हाथ में रंग बिरंगी राखी थी तो कोई अपने भाई के लिए मिठाई लेकर आई थी लंबे इंतजार के बावजूद बहनों के चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी जेल परिसर के बाहर सुबह से ही बहनों की लंबी कतार लग गई दूर दराज के इलाकों से पहुंचीं बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करती नजर आईं कई बहनों के साथ उनके छोटे बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे रक्षाबंधन के त्योहार ने जेल के माहौल को भी भावुक कर दिया सुरक्षा जांच के बाद हुई भाइयों से मुलाकात जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मुलाकात से पहले सभी बहनों की आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी कराई गई इसके बाद उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत बंदी भाइयों से मिलने की अनुमति दी गई आप को बता दें मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी इसके बाद भाइयों का मुंह मीठा कराया गया लंबे समय बाद त्योहार के मौके पर भाई-बहन आमने-सामने हुए तो कई लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े भाई भी बहनों को देखकर भावुक नजर आए किसी बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उसकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की तो किसी ने भाई से आगे से कोई गलत कदम न उठाने का वादा लिया भाई की कलाई पर राखी बांधते ही छलक पड़ा दर्द रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है ऐसे में जेल में बंद भाइयों से मिलने पहुंची बहनों के लिए यह दिन खुशी के साथ साथ दर्द भी लेकर आया। जिन भाइयों की कलाई पर हर साल घर में राखी बंधती थी इस बार वही रस्म जेल की चारदीवारी के बीच पूरी हुई मुलाकात के दौरान कई बहनें अपने भाइयों को समझाती नजर आईं परिवार की जिम्मेदारियों मां-बाप की चिंता और घर के हालात का हवाला देते हुए बहनों ने भाइयों को भविष्य में सही रास्ते पर चलने की नसीहत दी अपराध का असर सिर्फ व्यक्ति पर नहीं पूरे परिवार पर इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें उरई जेल में रक्षाबंधन के मौके पर सामने आया यह भावुक दृश्य समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश छोड़ गया किसी भी व्यक्ति द्वारा उठाया गया गलत कदम सिर्फ उसकी जिंदगी को प्रभावित नहीं करता बल्कि उसका असर माता-पिता भाई बहन पत्नी बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ता है जेल में राखी बांधने पहुंची बहनों की आंखों में दिखाई देने वाला दर्द इस बात की गवाही दे रहा था कि अपराध की सजा केवल जेल में बंद व्यक्ति ही नहीं भुगतता बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरते हैं ऐसे में जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति अपराध या गलत कदम उठाने से पहले एक बार अपने परिवार के बारे में जरूर सोचे उसके फैसले का असर उन लोगों पर भी पड़ता है जो हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहते हैं जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्थाएं रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने को देखते हुए उरई जिला कारागार प्रशासन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं बहनों को धूप और बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाए गए इसके साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी की गई ताकि मुलाकात के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी मुलाकात के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत बहनों को उनके भाइयों से मिलवाया गया जेल अधीक्षक के निर्देश पर सुचारु कराई गई मुलाकात प्रक्रिया बताया जा रहा है जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के इस पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए रूबरू वहीं निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी भाइयों से उनकी बहनों की मुलाकात की प्रक्रिया को सुचारु रूप से चालू कराया गया प्रशासन की कोशिश रही कि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अधिक से अधिक बहनों को अपने भाइयों से मिलने का अवसर मिल सके राखी बांधने के बाद जब बहनें जेल से बाहर निकलीं तो उनके चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी के साथ उसकी चिंता भी साफ दिखाई दे रही थी किसी की आंखें नम थीं तो कोई बार-बार पीछे मुड़कर जेल की ओर देख रहा था रक्षाबंधन के इस भावुक अवसर पर उरई जिला कारागार में दिखाई दिया यह मंजर भाई बहन के रिश्ते की गहराई के साथ-साथ यह संदेश भी दे गया बता दें कि एक व्यक्ति की गलती की कीमत कई बार पूरा परिवार चुकाता है इसलिए जिंदगी में कोई भी गलत फैसला लेने से पहले अपने परिवार और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जरूर सोचना चाहिए
उरई जेल में रक्षाबंधन पर छलका भाई बहनों का दर्द /बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधते बहनों की आंखों से छलके आंसू* *उरई जेल में दिखा भाई-बहन के प्रेम का भावुक मंजर /राखी बांधकर नम हुईं बहनों की आंखें* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *उरई जेल में रक्षाबंधन पर छलका भाई बहनों का दर्द /बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधते बहनों की आंखों से छलके आंसू* *उरई जेल में दिखा भाई-बहन के प्रेम का भावुक मंजर /राखी बांधकर नम हुईं बहनों की आंखें* जनपद जालौन उरई रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उरई जिला कारागार के बाहर भावनाओं का सैलाब देखने को मिला सुबह से ही अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं किसी के हाथ में रंग बिरंगी राखी थी तो कोई अपने भाई के लिए मिठाई लेकर आई थी लंबे इंतजार के बावजूद बहनों के चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी जेल परिसर के बाहर सुबह से ही बहनों की लंबी कतार लग गई दूर दराज के इलाकों से पहुंचीं बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करती नजर आईं कई बहनों के साथ उनके छोटे बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे रक्षाबंधन के त्योहार ने जेल के माहौल
को भी भावुक कर दिया सुरक्षा जांच के बाद हुई भाइयों से मुलाकात जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मुलाकात से पहले सभी बहनों की आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी कराई गई इसके बाद उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत बंदी भाइयों से मिलने की अनुमति दी गई आप को बता दें मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी इसके बाद भाइयों का मुंह मीठा कराया गया लंबे समय बाद त्योहार के मौके पर भाई-बहन आमने-सामने हुए तो कई लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े भाई भी बहनों को देखकर भावुक नजर आए किसी बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उसकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की तो किसी ने भाई से आगे से कोई गलत कदम न उठाने का वादा लिया भाई की कलाई पर राखी बांधते ही छलक पड़ा दर्द रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है ऐसे में जेल में बंद भाइयों से मिलने पहुंची बहनों के लिए यह दिन खुशी के साथ साथ दर्द भी लेकर आया। जिन भाइयों की कलाई पर हर साल घर में राखी बंधती थी इस बार वही रस्म जेल की चारदीवारी के बीच पूरी हुई मुलाकात के दौरान कई बहनें अपने भाइयों को समझाती नजर आईं परिवार की जिम्मेदारियों मां-बाप की चिंता
और घर के हालात का हवाला देते हुए बहनों ने भाइयों को भविष्य में सही रास्ते पर चलने की नसीहत दी अपराध का असर सिर्फ व्यक्ति पर नहीं पूरे परिवार पर इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें उरई जेल में रक्षाबंधन के मौके पर सामने आया यह भावुक दृश्य समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश छोड़ गया किसी भी व्यक्ति द्वारा उठाया गया गलत कदम सिर्फ उसकी जिंदगी को प्रभावित नहीं करता बल्कि उसका असर माता-पिता भाई बहन पत्नी बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ता है जेल में राखी बांधने पहुंची बहनों की आंखों में दिखाई देने वाला दर्द इस बात की गवाही दे रहा था कि अपराध की सजा केवल जेल में बंद व्यक्ति ही नहीं भुगतता बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरते हैं ऐसे में जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति अपराध या गलत कदम उठाने से पहले एक बार अपने परिवार के बारे में जरूर सोचे उसके फैसले का असर उन लोगों पर भी पड़ता है जो हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहते हैं जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्थाएं रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने को देखते हुए उरई जिला कारागार प्रशासन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं बहनों को धूप और बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाए गए इसके साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी की गई ताकि
मुलाकात के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी मुलाकात के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत बहनों को उनके भाइयों से मिलवाया गया जेल अधीक्षक के निर्देश पर सुचारु कराई गई मुलाकात प्रक्रिया बताया जा रहा है जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के इस पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए रूबरू वहीं निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी भाइयों से उनकी बहनों की मुलाकात की प्रक्रिया को सुचारु रूप से चालू कराया गया प्रशासन की कोशिश रही कि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अधिक से अधिक बहनों को अपने भाइयों से मिलने का अवसर मिल सके राखी बांधने के बाद जब बहनें जेल से बाहर निकलीं तो उनके चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी के साथ उसकी चिंता भी साफ दिखाई दे रही थी किसी की आंखें नम थीं तो कोई बार-बार पीछे मुड़कर जेल की ओर देख रहा था रक्षाबंधन के इस भावुक अवसर पर उरई जिला कारागार में दिखाई दिया यह मंजर भाई बहन के रिश्ते की गहराई के साथ-साथ यह संदेश भी दे गया बता दें कि एक व्यक्ति की गलती की कीमत कई बार पूरा परिवार चुकाता है इसलिए जिंदगी में कोई भी गलत फैसला लेने से पहले अपने परिवार और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जरूर सोचना चाहिए
- रक्षाबंधन की रात हरिपुरा में दो पक्षों में विवाद, लाठी-डंडे व सरिया से मारपीट का आरोप; CCTV में कैद हुई घटना जालौन। नगर जालौन के मोहल्ला हरिपुरा में रक्षाबंधन की रात करीब 9:30 बजे दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद के दौरान लाठी-डंडे और सरिया से मारपीट किए जाने का आरोप है। घटना में कई लोग घायल हुए हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हुई है। पीड़ित पक्ष की ओर से नितिन कुशवाहा पुत्र वासुदेव कुशवाहा द्वारा कोतवाली जालौन पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, रक्षाबंधन के चलते परिवार की बेटियां घर के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान आरोप है कि मनीष परिहार, खेमू परिहार, सौरभ परिहार सहित अन्य लोग वहां पहुंचे और जातिसूचक गाली-गलौज करने लगे। मनोज कुशवाहा पुत्र गोपाल निवासी हरिपुरा ने रोकने का प्रयास किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद लाठी-डंडों व सरिया से हमला किया गया, जिसमें सुरेंद्र कुशवाहा, आकाश कुशवाहा और दीपू कुशवाहा घायल हो गए। वहीं नीतू कुशवाहा ने आरोप लगाया कि वह बीच-बचाव करने पहुंचीं तो उनके साथ गाली-गलौज करते हुए बाल पकड़कर खींचे गए। घटना की सूचना डायल-112 और कोतवाली जालौन पुलिस को दी गई। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन ले जाया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना का CCTV फुटेज भी मौजूद है, जिसे जांच के दौरान पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। पुलिस द्वारा प्रार्थना पत्र लेकर मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया गया है। पुलिस जांच और CCTV फुटेज के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- उरई जेल में रक्षाबंधन पर छलका भाई बहनों का दर्द /बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधते बहनों की आंखों से छलके आंसू* *उरई जेल में दिखा भाई-बहन के प्रेम का भावुक मंजर /राखी बांधकर नम हुईं बहनों की आंखें* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *उरई जेल में रक्षाबंधन पर छलका भाई बहनों का दर्द /बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधते बहनों की आंखों से छलके आंसू* *उरई जेल में दिखा भाई-बहन के प्रेम का भावुक मंजर /राखी बांधकर नम हुईं बहनों की आंखें* जनपद जालौन उरई रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उरई जिला कारागार के बाहर भावनाओं का सैलाब देखने को मिला सुबह से ही अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं किसी के हाथ में रंग बिरंगी राखी थी तो कोई अपने भाई के लिए मिठाई लेकर आई थी लंबे इंतजार के बावजूद बहनों के चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी जेल परिसर के बाहर सुबह से ही बहनों की लंबी कतार लग गई दूर दराज के इलाकों से पहुंचीं बहनें अपने भाइयों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करती नजर आईं कई बहनों के साथ उनके छोटे बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे रक्षाबंधन के त्योहार ने जेल के माहौल को भी भावुक कर दिया सुरक्षा जांच के बाद हुई भाइयों से मुलाकात जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मुलाकात से पहले सभी बहनों की आवश्यक जांच और प्रक्रिया पूरी कराई गई इसके बाद उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत बंदी भाइयों से मिलने की अनुमति दी गई आप को बता दें मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी इसके बाद भाइयों का मुंह मीठा कराया गया लंबे समय बाद त्योहार के मौके पर भाई-बहन आमने-सामने हुए तो कई लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े भाई भी बहनों को देखकर भावुक नजर आए किसी बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उसकी लंबी उम्र और बेहतर भविष्य की कामना की तो किसी ने भाई से आगे से कोई गलत कदम न उठाने का वादा लिया भाई की कलाई पर राखी बांधते ही छलक पड़ा दर्द रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है ऐसे में जेल में बंद भाइयों से मिलने पहुंची बहनों के लिए यह दिन खुशी के साथ साथ दर्द भी लेकर आया। जिन भाइयों की कलाई पर हर साल घर में राखी बंधती थी इस बार वही रस्म जेल की चारदीवारी के बीच पूरी हुई मुलाकात के दौरान कई बहनें अपने भाइयों को समझाती नजर आईं परिवार की जिम्मेदारियों मां-बाप की चिंता और घर के हालात का हवाला देते हुए बहनों ने भाइयों को भविष्य में सही रास्ते पर चलने की नसीहत दी अपराध का असर सिर्फ व्यक्ति पर नहीं पूरे परिवार पर इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें उरई जेल में रक्षाबंधन के मौके पर सामने आया यह भावुक दृश्य समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश छोड़ गया किसी भी व्यक्ति द्वारा उठाया गया गलत कदम सिर्फ उसकी जिंदगी को प्रभावित नहीं करता बल्कि उसका असर माता-पिता भाई बहन पत्नी बच्चों और पूरे परिवार पर पड़ता है जेल में राखी बांधने पहुंची बहनों की आंखों में दिखाई देने वाला दर्द इस बात की गवाही दे रहा था कि अपराध की सजा केवल जेल में बंद व्यक्ति ही नहीं भुगतता बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी मानसिक और सामाजिक पीड़ा से गुजरते हैं ऐसे में जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति अपराध या गलत कदम उठाने से पहले एक बार अपने परिवार के बारे में जरूर सोचे उसके फैसले का असर उन लोगों पर भी पड़ता है जो हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहते हैं जेल प्रशासन ने की विशेष व्यवस्थाएं रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने को देखते हुए उरई जिला कारागार प्रशासन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं बहनों को धूप और बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाए गए इसके साथ ही पेयजल की व्यवस्था भी की गई ताकि मुलाकात के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी मुलाकात के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत बहनों को उनके भाइयों से मिलवाया गया जेल अधीक्षक के निर्देश पर सुचारु कराई गई मुलाकात प्रक्रिया बताया जा रहा है जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के इस पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए रूबरू वहीं निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी भाइयों से उनकी बहनों की मुलाकात की प्रक्रिया को सुचारु रूप से चालू कराया गया प्रशासन की कोशिश रही कि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अधिक से अधिक बहनों को अपने भाइयों से मिलने का अवसर मिल सके राखी बांधने के बाद जब बहनें जेल से बाहर निकलीं तो उनके चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी के साथ उसकी चिंता भी साफ दिखाई दे रही थी किसी की आंखें नम थीं तो कोई बार-बार पीछे मुड़कर जेल की ओर देख रहा था रक्षाबंधन के इस भावुक अवसर पर उरई जिला कारागार में दिखाई दिया यह मंजर भाई बहन के रिश्ते की गहराई के साथ-साथ यह संदेश भी दे गया बता दें कि एक व्यक्ति की गलती की कीमत कई बार पूरा परिवार चुकाता है इसलिए जिंदगी में कोई भी गलत फैसला लेने से पहले अपने परिवार और उनसे जुड़े लोगों के बारे में जरूर सोचना चाहिए4
- सोशल मीडिया पर जातिसूचक गाली-गलौज का वीडियो वायरल, दो समाजों में आक्रोश; कोतवाली में पहुंचा मामला वर्मा और अहिरवार समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, मुकदमा दर्ज कराने की मांग—पुलिस ने शुरू की जांच जालौन, 28 अगस्त। सोशल मीडिया पर वर्मा समाज और अहिरवार समाज को लेकर कथित तौर पर जातिसूचक एवं आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद दोनों समाजों के लोगों में रोष व्याप्त है। शिकायतकर्ताओं ने इसे सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाला मामला बताते हुए जालौन कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिपरायां निवासी वीरेन्द्र अहिरवार पुत्र लखन, राजू अहिरवार सांसद प्रतिनिधि तथा धीरेंद्र सिंह सनी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा। शिकायत में बताया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक व्यक्ति द्वारा वर्मा एवं अहिरवार समाज को लेकर कथित रूप से जातिसूचक शब्दों तथा गाली-गलौज भरी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा अत्यंत अशोभनीय है और इसके सोशल मीडिया पर प्रसारित होने से लोगों में आक्रोश एवं असंतोष बढ़ रहा है। तहरीर में कथित आरोपी की पहचान नीरज सक्सेना निवासी मोहल्ला बापूसाहब नगर, जालौन के रूप में बताई गई है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से वायरल वीडियो की जांच कर उसकी सत्यता की पुष्टि करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शीघ्र विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही मामले में निष्पक्ष जांच कर सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी हरीशंकर चन्द ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और मामले में कानून के तहत क्या कार्रवाई बनती है।3
- बंधौली में रक्षाबंधन पर सजी कबड्डी की महफिल, खिलाड़ियों के जोश ने बांधा समां बंधौली में रक्षाबंधन पर सजी कबड्डी की महफिल, खिलाड़ियों के जोश ने बांधा समां उरई, जालौन। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्राम बंधौली में विशाल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अलखराम बाबा परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की टीमों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने गांव के माहौल को खेलमय बना दिया। रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी और सुरक्षित जीवन की कामना की, वहीं भाइयों ने भी बहनों की हर परिस्थिति में रक्षा करने का संकल्प लिया। राखी बंधवाने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और खिलाड़ी अलखराम बाबा परिसर में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता देखने पहुंचे। प्रतियोगिता के दौरान 11-11 खिलाड़ियों की टीमों के बीच जोरदार मुकाबले देखने को मिले। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन, दमखम और जोश ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कबड्डी के हर दांव पर मैदान के चारों ओर मौजूद ग्रामीण खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। प्रतियोगिता में विजेता टीम को दीवार घड़ी तथा उपविजेता टीम को टिफिन बॉक्स देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजन लगातार होने चाहिए। कार्यक्रम का आयोजन ग्राम प्रधान रघुवीर यादव, मनोज राजपूत मुखिया, भगवान सिंह यादव और अभिषेक यादव , चंद्रशेखर यादव के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता में कमेंट्री विनय द्विवेदी ने की, जबकि शीलू यादव ने उनका साथ दिया। दोनों की शानदार कमेंट्री से खिलाड़ियों और दर्शकों में पूरे समय जोश बना रहा। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व पर आयोजित इस खेल प्रतियोगिता ने भाई-बहन के प्रेम के साथ गांव की एकता, भाईचारे और खेल भावना का भी संदेश दिया।2
- जालौन जिले के गढगुवां गांव में नहीं है अंतिम संस्कार करने की जगह नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गढगुवां से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं जहां आज एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार कूड़ा घर में करने को मजबूर हैं ग्रामीण1
- गांव में शमशान घाट नहीं, कूड़ा घर में करना पड़ा शव का अंतिम संस्कार अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार श्मशान घाट नहीं, कचरा घर में करना पड़ा अंतिम संस्कार बारिश में पानी के बीच शव लेकर जाने को मजबूर हुए ग्रामीण, वीडियो सामने आया जालौन। विकासखंड जालौन की ग्राम पंचायत गढगुवा में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक युवक का अंतिम संस्कार कचरा घर में करने की मजबूरी सामने आई है। वहीं बारिश के दौरान शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के लिए ग्रामीणों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में ग्रामीण पानी से भरे रास्ते से शव को लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। बारिश के कारण रास्ते में जलभराव होने से शव यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए न तो उचित स्थान है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बरसात के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। जलभराव और कीचड़ के कारण शव को अंतिम संस्कार स्थल तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में वैकल्पिक स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गांवों में विकास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे करती है, लेकिन गढगुवा में श्मशान घाट जैसी जरूरी सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। ग्रामीण लालजी शर्मा, तारबाबू पटेल, रामजीवन पटेल, वीरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान पाठक और पूर्व प्रधान बिसंभर सिंह सेंगर समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर ग्राम पंचायत में श्मशान घाट का निर्माण कराने और वहां जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्यों के साथ श्मशान घाट भी गांव की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर समस्या का जल्द स्थायी समाधान कराने की मांग की है।3
- दो महीने से टूटा पड़ा बिजली का पोल, हादसे का इंतजार कर रहा विभाग! जालौन। मोहल्ला घुआताल निवासी भूपेंद्र वर्मा पुत्र जगदीश कुमार वर्मा के मकान के सामने लगा बिजली का पोल पूरी तरह से टूट चुका है। टूटे हुए पोल के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन बिजली विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों के अनुसार बिजली विभाग के एसडीओ द्वारा मौके का सर्वे भी किया जा चुका है और जल्द ही पोल लगवाने का आश्वासन दिया गया था। अधिकारियों ने दो-तीन दिन में समस्या का समाधान कराने की बात कही थी, लेकिन करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी नया पोल नहीं लगाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटे पोल के कारण सड़क पर आवागमन के दौरान दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द टूटे पोल को हटाकर नया बिजली का पोल लगाया जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।1
- राखी पर बहनें करती रहीं भाइयों का इंतजार /घर लौटे तो कफन में /60 फीट गहरे कुएं में डूबे दो सगे भाई* *राखी का त्योहार मातम में बदला /भाई को बचाने कुएं में उतरा बड़ा भाई दोनों की डूबकर मौत* सब दिखाते हैं खबर हम दिखाते हकीकत समीर मंसूरी की कलम से 🖋️ 🖋️ 🖋️ 🖋️ आजाद अहमद व यासीन मंसूरी व आशुतोष की रिपोट खबरों का सिलसिला जारी *राखी पर बहनें करती रहीं भाइयों का इंतजार /घर लौटे तो कफन में /60 फीट गहरे कुएं में डूबे दो सगे भाई* *राखी का त्योहार मातम में बदला /भाई को बचाने कुएं में उतरा बड़ा भाई दोनों की डूबकर मौत* जनपद जालौन में रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा 60 फीट गहरे कुएं में मोटर निकालने उतरे थे दोनों भाई एक को बचाने के प्रयास में दूसरे ने भी गंवाई जान गांव में पसरा मातम जालौन रक्षाबंधन का त्योहार बहनों की आंखों में भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की खुशी और घर में त्योहार की तैयारियां लेकिन जालौन के एक परिवार के लिए यह दिन जिंदगी भर का गहरा दर्द बन गया कैलिया थाना क्षेत्र के करियावली गांव में रक्षाबंधन के दिन खेत में बने करीब 60 फीट गहरे कुएं में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई हादसे की खबर जैसे ही गांव और परिवार तक पहुंची वहां चीख-पुकार मच गई जिन बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का इंतजार था उन्हें भाइयों के घर लौटने की खबर तो मिली, लेकिन वे राखी बांधने के लिए नहीं बल्कि कफन में घर पहुंचे आप को बता दें जानकारी के मुताबिक करियावली गांव निवासी फूल सिंह कुशवाहा और राम लखन कुशवाहा सगे भाई थे दोनों खेत पर गए थे बताया जा रहा है कि खेत में बने कुएं में पानी बढ़ जाने के कारण सिंचाई के लिए लगी मोटर पानी में डूब रही थी मोटर को बाहर निकालने के लिए राम लखन कुएं में उतरे मोटर निकालने उतरे राम लखन मुसीबत में फंसे तो भाई भी कुएं में कूदा बताया जा रहा है कि कुएं में उतरने के बाद राम लखन किसी तरह परेशानी में फंस गए उन्हें मुश्किल में देखकर बड़े भाई फूल सिंह से रहा नहीं गया भाई को बचाने की कोशिश में वह भी कुएं में उतर गए देखते ही देखते दोनों भाई गहरे पानी में डूब गए हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई ग्रामीणों ने दोनों भाइयों को बचाने का प्रयास किया और तत्काल पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही कैलिया थाना पुलिस डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची काफी मशक्कत के बाद कुएं से निकाले गए दोनों भाई रेस्क्यू टीम ने गहरे कुएं में उतरकर दोनों भाइयों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया इसके बाद उन्हें बचाने के प्रयास किए गए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों भाइयों की मौत हो चुकी थी इसी के मद्देनजर रखते हुए हम आप को बता दें हादसे की सूचना परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया रक्षाबंधन के मौके पर जहां बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही थीं वहीं अचानक मिली मौत की खबर ने पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं राखी का त्योहार बना जिंदगी भर का दर्द रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का त्योहार माना जाता है बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख समृद्धि की कामना करते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं लेकिन करियावली गांव में इस बार राखी का त्योहार दो बहनों और पूरे परिवार के लिए ऐसी याद छोड़ गया जिसे वे शायद ही कभी भूल पाएं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है गांव में भी शोक का माहौल है जिस घर में त्योहार की खुशियां मनाई जानी थीं वहां अब मातम पसरा हुआ है पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने दोनों भाइयों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुएं में मोटर निकालने के दौरान दोनों भाई पानी में डूबे पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है रक्षाबंधन के दिन हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया एक भाई को बचाने की कोशिश में दूसरे भाई का भी जान गंवा देना परिवार के लिए दोहरी त्रासदी बन गया बता दें बहनों की राखी भाइयों की कलाई तक तो नहीं पहुंच सकी लेकिन उनके इंतजार और आंखों के आंसू इस दर्दनाक हादसे की कहानी हमेशा बयां करते रहेंगे4