डकाय दुबे बाबा के वार्षिक पूजन में उमड़ा आस्था का सैलाब। देवघर जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड़ के अंतर्गत डकाय गांव में स्थित श्री श्री 108 दुबे भयहरण बाबा का वार्षिक पूजन समारोह आज पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जा रहा है। सोमवार की सुबह से ही बाबा के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। झारखंड के देवघर, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और बोकारो समेत कई जिलों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं। वीओ: श्रद्धालु बाबा को दूध, जल, फूल, बेलपत्र, अक्षत और चंदन अर्पित कर रहे हैं। सच्ची हृदय से बाबा से जो भक्त मनोकामना मांगते हैं उसे बाबा अवश्य पूरा करते हैं बाबा पर अटूट विश्वास रखने वाले भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।मनोकामना पूर्ण होने पर कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। बारिश कम होने के कारण तालाब में पानी कम है, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान कर पूजा करने में परेशानी हो रही थी। हालांकि सुबह करीब 9 बजे हुई हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया और उमस भरी गर्मी से भक्तों को राहत मिली। बता दें कि दोपहर करीब एक बजे बाबा का वार्षिक महोत्सव विधि-विधान से शुरू हुआ। इस दौरान कुछ समय के लिए बाबा का दर्शन बंद कर दिया गया। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में आए ब्राह्मणों को खीर का महाभोग कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। स्थानीय मान्यता के अनुसार, वार्षिक पूजा के दिन क्षेत्र के लोग अपने घरों में दूध नहीं रखते, सभी समुदाय के लोग दूध बाबा को समर्पित करते हैं। इसी दूध से बाबा का अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। वहीं, मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं द्वारा बकरे की बलि देने की भी परंपरा है। आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद बाबा के दरबार में पहुंचे हैं। फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना जारी है।
डकाय दुबे बाबा के वार्षिक पूजन में उमड़ा आस्था का सैलाब। देवघर जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड़ के अंतर्गत डकाय गांव में स्थित श्री श्री 108 दुबे भयहरण बाबा का वार्षिक पूजन समारोह आज पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जा रहा है। सोमवार की सुबह से ही बाबा के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। झारखंड के देवघर, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और बोकारो समेत कई जिलों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं। वीओ: श्रद्धालु बाबा को दूध, जल, फूल, बेलपत्र, अक्षत और चंदन अर्पित कर रहे हैं। सच्ची हृदय से बाबा से जो भक्त मनोकामना मांगते हैं उसे बाबा अवश्य पूरा करते हैं बाबा पर अटूट विश्वास रखने वाले भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।मनोकामना पूर्ण होने पर कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। बारिश कम होने के कारण तालाब में पानी कम है, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान कर पूजा करने में परेशानी हो रही थी। हालांकि सुबह करीब 9 बजे हुई हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया और उमस भरी गर्मी से भक्तों को राहत मिली। बता दें कि दोपहर करीब एक बजे बाबा का वार्षिक महोत्सव विधि-विधान से शुरू हुआ। इस दौरान कुछ समय के लिए बाबा का दर्शन बंद कर दिया गया। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में आए ब्राह्मणों को खीर का महाभोग कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। स्थानीय मान्यता के अनुसार, वार्षिक पूजा के दिन क्षेत्र के लोग अपने घरों में दूध नहीं रखते, सभी समुदाय के लोग दूध बाबा को समर्पित करते हैं। इसी दूध से बाबा का अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। वहीं, मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं द्वारा बकरे की बलि देने की भी परंपरा है। आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद बाबा के दरबार में पहुंचे हैं। फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना जारी है।
- जामताड़ा के सरकारी स्कूलों में जल्द शुरू होगी विशेष ऑनलाइन क्लास, डीसी ने शिक्षकों को किया ब्रीफ जामताड़ा। जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अनूठी और महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की पहल पर ऑनलाइन शिक्षा एवं कौशल विकास अभियान-2026 के तहत विशेष ऑनलाइन क्लास कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सोमवार को समाहरणालय स्थित एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में उपायुक्त आलोक कुमार ने जिले के विभिन्न उच्च विद्यालयों के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और आईसीटी इंस्ट्रक्टरों को अभियान के संबंध में विस्तृत ब्रीफिंग दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उपायुक्त ने बताया कि ऑनलाइन क्लास का मुख्य उद्देश्य जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के बच्चों तक डिजिटल माध्यम से उच्च स्तरीय शिक्षा पहुंचाना है। इससे कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी और उनके परीक्षा परिणाम में सुधार के साथ राज्य स्तर की मेधा सूची में स्थान हासिल करने का अवसर मिलेगा। अभियान के तहत पारंपरिक पढ़ाई के साथ बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए गणित, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे करियर ओरिएंटेड विषयों को शामिल किया गया है। तीन घंटे होगी ऑनलाइन पढ़ाई कार्यक्रम के तहत प्रत्येक दिन कुल तीन घंटे ऑनलाइन कक्षाएं संचालित होंगी। इन्हें एक-एक घंटे के तीन स्लॉट में बांटा गया है। कक्षा 10वीं के विज्ञान विषय के तीनों अंगों के लिए अलग-अलग स्लॉट निर्धारित किए जाएंगे। वहीं कक्षा 11वीं और 12वीं के सभी कोर विषयों को पूरे सप्ताह में संतुलित तरीके से वितरित किया जाएगा। स्कूल स्तर पर तय होगी जिम्मेदारी अभियान के प्रभावी संचालन के लिए उपायुक्त के मार्गदर्शन में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी, विषय शिक्षकों और आईसीटी इंस्ट्रक्टरों की भूमिका, दैनिक समय-सारणी, शिक्षक विहीन विद्यालयों के लिए विशेष व्यवस्था तथा आईसीटी लैब और प्रोजेक्टर के अनिवार्य उपयोग का प्रावधान किया गया है। ऑनलाइन कक्षाओं के लिए अलग उपस्थिति रजिस्टर का संधारण किया जाएगा और विस्तृत साप्ताहिक समय-सारणी के अनुसार कक्षाएं संचालित होंगी। उपायुक्त ने सभी शिक्षकों और आईसीटी इंस्ट्रक्टरों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम की नियमित और गहन मॉनिटरिंग की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, प्रधानाध्यापक और आईसीटी इंस्ट्रक्टर मौजूद थे।4
- डकाय दुबे बाबा के वार्षिक पूजन में उमड़ा आस्था का सैलाब। देवघर जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड़ के अंतर्गत डकाय गांव में स्थित श्री श्री 108 दुबे भयहरण बाबा का वार्षिक पूजन समारोह आज पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जा रहा है। सोमवार की सुबह से ही बाबा के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। झारखंड के देवघर, दुमका, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और बोकारो समेत कई जिलों से श्रद्धालु बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं। वीओ: श्रद्धालु बाबा को दूध, जल, फूल, बेलपत्र, अक्षत और चंदन अर्पित कर रहे हैं। सच्ची हृदय से बाबा से जो भक्त मनोकामना मांगते हैं उसे बाबा अवश्य पूरा करते हैं बाबा पर अटूट विश्वास रखने वाले भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।मनोकामना पूर्ण होने पर कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए बाबा के दरबार तक पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। बारिश कम होने के कारण तालाब में पानी कम है, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान कर पूजा करने में परेशानी हो रही थी। हालांकि सुबह करीब 9 बजे हुई हल्की बारिश से मौसम सुहाना हो गया और उमस भरी गर्मी से भक्तों को राहत मिली। बता दें कि दोपहर करीब एक बजे बाबा का वार्षिक महोत्सव विधि-विधान से शुरू हुआ। इस दौरान कुछ समय के लिए बाबा का दर्शन बंद कर दिया गया। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर में आए ब्राह्मणों को खीर का महाभोग कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। स्थानीय मान्यता के अनुसार, वार्षिक पूजा के दिन क्षेत्र के लोग अपने घरों में दूध नहीं रखते, सभी समुदाय के लोग दूध बाबा को समर्पित करते हैं। इसी दूध से बाबा का अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। वहीं, मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं द्वारा बकरे की बलि देने की भी परंपरा है। आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद बाबा के दरबार में पहुंचे हैं। फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना जारी है।1
- मुगमा एरिया में मजदूरों का अनशन दूसरे दिन भी जारी, मांगों के समर्थन में BCKU/CITU ने बुलंद की आवाज निरसा। मुगमा एरिया के समीप BCKU/CITU के झंडे तले मजदूरों की जायज़ मांगों और समस्याओं के समाधान को लेकर चल रहा अनशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। अनशन पर बैठे मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज बुलंद की। आंदोलनरत मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगें किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकार, सम्मान, रोजगार और उनकी वास्तविक समस्याओं के समाधान से जुड़ी हैं। मजदूरों ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रबंधन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए। अनशन पर बैठे मजदूरों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ संघर्ष कर रहे हैं। उनका शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मजदूरों की जायज़ मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए उचित समाधान नहीं निकाला जाता। आंदोलनकारियों ने सभी मजदूर साथियों से एकजुट रहने, अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजदूरों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और सामूहिक प्रयास से ही उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। BCKU/CITU नेताओं एवं आंदोलनरत मजदूरों ने प्रबंधन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द वार्ता कर मजदूरों की समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि आंदोलन को समाप्त किया जा सके। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।3
- dhul gandgi pollution bhowra ma humsa dhul urta rhata hai Bhowra ma dhul sa prashan damping kar na ka waja sa ya dhul nikalta hai1
- बलियापुर बीबीएम कॉलेज के समीप हुए एक भीषण सड़क हादसे में निरसा निवासी तेज रफ्तार बाइक सवार युवक की मौके पर हुई मौत बलियापुर बीबीएम कॉलेज के समीप हुए एक भीषण सड़क हादसे में निरसा निवासी तेज रफ्तार बाइक सवार युवक की मौके पर हुई मौत, मृतक युवक की पहचान बिपुल कुमार महतो के रूप में हुई है, जो निरसा के डुमरिया आखबेड़िया का रहने वाला बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, बिपुल कुमार महतो बाइक से बलियापुर से सिंदरी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक की रफ्तार काफी तेज होने के कारण वह अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े हाईवा से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मिलते ही बलियापुर थाने की पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई1
- गांडेय पंचायत अंतर्गत कल्याणपुर गांव स्थित खेल मैदान में एक दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबले के साथ हुआ समापन गांडेय पंचायत अंतर्गत कल्याणपुर गांव स्थित खेल मैदान में सोमवार सुबह आयोजित पंचायत स्तरीय एक दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबले के साथ सोमवार की शाम 6 बजे शानदार समापन हुआ। प्रतियोगिता में कुल आठ टीमों ने हिस्सा लिया।1
- देवलेश्वर धाम में सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब जामताड़ा:जिले में सावन की तीसरी सोमवारी पर नाला प्रखंड के देवली स्थित प्रसिद्ध बाबा देवलेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बांग्ला श्रावण माह की अंतिम सोमवारी और हिंदी श्रावण माह की तीसरी सोमवारी के मौके पर अहले सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। मंदिर परिसर में करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लगी रही और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव तथा बोल बम के जयकारों से गूंजता रहा। पौ फटते ही मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई, जो दिन चढ़ने के साथ लगातार लंबी होती चली गई। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में कांवरिया भी बाबा देवलेश्वर के जलाभिषेक के लिए पहुंचे। कई कांवरिया महेशमुंडा स्थित अजय नदी से कांवर में जल लेकर पैदल देवलेश्वर धाम पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने बाबा देवलेश्वर पर जल, दूध, बेलपत्र, फूल सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने पर शाष्टांग दंडवत करते हुए मंदिर पहुंचे। सुबह से लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही। बारिश में भी लोग कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और शिव के जयकारों से माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। नाला क्षेत्र में बांग्ला पंचांग के अनुसार आयोजित होने वाले श्रावणी मेले को लेकर आसपास के क्षेत्रों में भी भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर कमेटी की ओर से सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पदाधिकारी, जवान और चौकीदारों के साथ कमेटी के सदस्य लगातार तैनात रहे। कमेटी के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कराने में सक्रिय भूमिका निभाई। देवलेश्वर धाम जिले के प्रमुख शिवालयों में शामिल है। श्रावणी मेले के दौरान हर वर्ष जामताड़ा के अलावा आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार सोमवारी पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र मेले जैसा नजर आया। देवलेश्वर धाम में महीनों तक चलने वाले अखंड हरिनाम संकीर्तन का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे पूरे सावन मंदिर परिसर में धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। सोमवारी के दिन देर तक श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने और बाबा देवलेश्वर के दर्शन एवं जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा।4
- कॉलेज के काम से निकले बिपुल घर वापस नहीं लौटे... BBM कॉलेज के पास दर्दनाक हादसा! #DhanbadNews #AccidentNews1