भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की कोशिश नाकाम, 77 हजार रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त रुपईडीहा बहराइच भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बहराइच-I को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सीमा चौकी रुपैडिहा क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान के दौरान जवानों ने तीन नेपाली नागरिकों को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल एक्सेसरीज के साथ पकड़ लिया। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 77 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई श्री गिरीश चंद पाण्डेय, कमांडेंट, 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-I के सतत पर्यवेक्षण में की गई। सीमा सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सोमवार तड़के लगभग 02:00 बजे सीमा स्तंभ संख्या 651/11 के निकट विशेष ‘नाका’ चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भारतीय क्षेत्र के भीतर लगभग 100 मीटर दूरी पर अंधेरे में तीन संदिग्ध व्यक्तियों को सिर पर कार्टन लादकर आते हुए देखा। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को रोककर पूछताछ की, जिसमें उनकी पहचान साहिल अंसारी (19 वर्ष), दिलदार हुसैन (23 वर्ष) तथा सुरेंद्र सोनी (30 वर्ष) निवासी जैसपुर, जिला बांके, नेपाल के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे उक्त सामान बरथनवा (भारत) से जैसपुर (नेपाल) ले जा रहे थे। जब उनसे सामान के परिवहन और सीमा शुल्क (कस्टम) से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी प्रमाणित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया। इसमें 39 वायरलेस स्पीकर, 145 TWS ईयरबड्स, 99 वायरलेस हेडफोन, 49 स्मार्ट वॉच (BL-5 Pro और XIAOMAI सीरीज), 200 वायर्ड ईयरफोन और 200 चार्जिंग केबल (iPhone व Samsung) शामिल हैं। इसके अलावा ब्रांडेड कंपनियों के नकली पैकिंग बॉक्स, स्टिकर और प्लास्टिक सपोर्ट भी बरामद किए गए, जिससे प्रथम दृष्टया नकली ब्रांडिंग के जरिए तस्करी और अवैध व्यापार की आशंका भी सामने आई है। एसएसबी द्वारा आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पकड़े गए आरोपियों और बरामद सामान को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय रुपैडिहा को सुपुर्द कर दिया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर इस कार्रवाई को तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसएसबी की सतर्कता से एक बार फिर सीमा पार अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली है।
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की कोशिश नाकाम, 77 हजार रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त रुपईडीहा बहराइच भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बहराइच-I को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सीमा चौकी रुपैडिहा क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान के दौरान जवानों ने तीन नेपाली नागरिकों को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल एक्सेसरीज के साथ पकड़ लिया। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 77 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई श्री गिरीश चंद पाण्डेय, कमांडेंट, 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-I के सतत पर्यवेक्षण में की गई। सीमा सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सोमवार तड़के लगभग 02:00 बजे सीमा स्तंभ संख्या 651/11 के निकट विशेष ‘नाका’ चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भारतीय क्षेत्र के भीतर लगभग 100 मीटर दूरी पर अंधेरे में तीन संदिग्ध व्यक्तियों को सिर पर कार्टन लादकर आते हुए देखा। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को रोककर पूछताछ की, जिसमें उनकी पहचान साहिल अंसारी (19 वर्ष), दिलदार हुसैन (23 वर्ष) तथा सुरेंद्र सोनी (30 वर्ष) निवासी जैसपुर, जिला बांके, नेपाल
के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे उक्त सामान बरथनवा (भारत) से जैसपुर (नेपाल) ले जा रहे थे। जब उनसे सामान के परिवहन और सीमा शुल्क (कस्टम) से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी प्रमाणित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया। इसमें 39 वायरलेस स्पीकर, 145 TWS ईयरबड्स, 99 वायरलेस हेडफोन, 49 स्मार्ट वॉच (BL-5 Pro और XIAOMAI सीरीज), 200 वायर्ड ईयरफोन और 200 चार्जिंग केबल (iPhone व Samsung) शामिल हैं। इसके अलावा ब्रांडेड कंपनियों के नकली पैकिंग बॉक्स, स्टिकर और प्लास्टिक सपोर्ट भी बरामद किए गए, जिससे प्रथम दृष्टया नकली ब्रांडिंग के जरिए तस्करी और अवैध व्यापार की आशंका भी सामने आई है। एसएसबी द्वारा आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पकड़े गए आरोपियों और बरामद सामान को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय रुपैडिहा को सुपुर्द कर दिया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर इस कार्रवाई को तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसएसबी की सतर्कता से एक बार फिर सीमा पार अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली है।
- बहराइच । विकास खण्ड शिवपुर के ग्राम बेहड़ा में स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गांव में शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया। रैली में उच्च प्राथमिक विद्यालय बेहड़ा, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बेहड़ा (शिवपुर), प्राथमिक विद्यालय बेहड़ा, प्राथमिक विद्यालय दक्षिणी बाग तथा प्राथमिक विद्यालय खैरीघाट के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। बच्चों ने “स्कूल चलो अभियान” के नारों के माध्यम से लोगों को अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान समाजसेवी एवं जन शिक्षा समिति बहराइच के ग्रामीण शिक्षा प्रमुख उग्रसेन सिंह चौहान “बन्धु”, ग्राम प्रधान बेहड़ा सूर्य प्रकाश सिंह ‘बुल्लू’, संकुल प्रभारी गया प्रसाद, वार्डेन रेखा तिवारी, योगेश कुमार, सुरेन्द्र कुमार, इंतसार अहमद सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया और अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने का आह्वान किया गया।4
- महसी/ बहराइच जिले में चोरी के मुकदमे से संबंधित हरदी थाने की पुलिस में एक को किया गिरफ्तार भेजा न्यायालय,3
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का बड़ा बयान1
- बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में एक तेंदुए ने 11 वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चा खेत में मक्के की फसल देखने गया था, तभी तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल में भाग गया, जिससे बच्चे की जान बच गई। घटना मोतीपुर रेंज के कतरनिया ग्राम के मजरा तड़वा में हुई। कमल निषाद का पुत्र राजा बाबू (11) अपने खेत में था, जब तेंदुए ने अचानक उस पर हमला किया। राजा बाबू के चीखने की आवाज सुनकर आसपास काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और शोर मचाना शुरू कर दिया।2
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- Post by Ravi Verma Bahraich1
- रुपईडीहा बहराइच भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बहराइच-I को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात सीमा चौकी रुपैडिहा क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान के दौरान जवानों ने तीन नेपाली नागरिकों को भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल एक्सेसरीज के साथ पकड़ लिया। जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 77 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई श्री गिरीश चंद पाण्डेय, कमांडेंट, 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बहराइच-I के सतत पर्यवेक्षण में की गई। सीमा सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सोमवार तड़के लगभग 02:00 बजे सीमा स्तंभ संख्या 651/11 के निकट विशेष ‘नाका’ चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों ने भारतीय क्षेत्र के भीतर लगभग 100 मीटर दूरी पर अंधेरे में तीन संदिग्ध व्यक्तियों को सिर पर कार्टन लादकर आते हुए देखा। जवानों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को रोककर पूछताछ की, जिसमें उनकी पहचान साहिल अंसारी (19 वर्ष), दिलदार हुसैन (23 वर्ष) तथा सुरेंद्र सोनी (30 वर्ष) निवासी जैसपुर, जिला बांके, नेपाल के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे उक्त सामान बरथनवा (भारत) से जैसपुर (नेपाल) ले जा रहे थे। जब उनसे सामान के परिवहन और सीमा शुल्क (कस्टम) से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी प्रमाणित कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया गया। इसमें 39 वायरलेस स्पीकर, 145 TWS ईयरबड्स, 99 वायरलेस हेडफोन, 49 स्मार्ट वॉच (BL-5 Pro और XIAOMAI सीरीज), 200 वायर्ड ईयरफोन और 200 चार्जिंग केबल (iPhone व Samsung) शामिल हैं। इसके अलावा ब्रांडेड कंपनियों के नकली पैकिंग बॉक्स, स्टिकर और प्लास्टिक सपोर्ट भी बरामद किए गए, जिससे प्रथम दृष्टया नकली ब्रांडिंग के जरिए तस्करी और अवैध व्यापार की आशंका भी सामने आई है। एसएसबी द्वारा आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पकड़े गए आरोपियों और बरामद सामान को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय रुपैडिहा को सुपुर्द कर दिया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर इस कार्रवाई को तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसएसबी की सतर्कता से एक बार फिर सीमा पार अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली है।2
- बहराइच । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में सोमवार को अधीक्षक डॉ. नलिन राजा की अध्यक्षता में एमएमडीपी (MMDP) कैंप का आयोजन किया गया। कैंप के दौरान फाइलेरिया रोग से ग्रसित 23 मरीजों को सुरक्षा एवं देखभाल हेतु किट वितरित की गई। कार्यक्रम में जनपद स्तर से आए रत्नेश रत्नाकर एवं अभिषेक जायसवाल ने फाइलेरिया रोग के लक्षण, बचाव एवं उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और नियमित देखभाल से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। बीपीएम दुर्गेश सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में फाइलेरिया प्रभावित मरीजों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें समय पर उपचार व आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस अवसर पर अधीक्षक डॉ. नलिन राजा, बीपीएम दुर्गेश सिंह, अभिषेक जायसवाल, रत्नेश रत्नाकर, नितीश शंकर मिश्रा सहित सभी आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।4
- बहुत बढ़िया किया1