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क्या अमेरिका ईरान से डर रहा है? जानिए असली कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कोई नया नहीं है। दशकों से दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिका सच में ईरान से डरता है? विशेषज्ञों के अनुसार “डर” से ज्यादा यह रणनीतिक और सैन्य संतुलन का मामला है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। पहला कारण है ईरान का परमाणु कार्यक्रम। अमेरिका को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि ईरान कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शोध के लिए है, लेकिन पश्चिमी देशों को इस पर संदेह रहता है। दूसरा कारण ईरान की मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव है। ईरान के पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और उसका प्रभाव इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों तक फैला हुआ है। अमेरिका के कई सैन्य अड्डे मध्य पूर्व में मौजूद हैं, इसलिए किसी भी टकराव की स्थिति में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं। तीसरा बड़ा कारण है होरमुज़ जलडमरूमध्य। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यदि ईरान इस मार्ग को बाधित करता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। चौथा कारण यह है कि ईरान के समर्थन से काम करने वाले सशस्त्र समूह क्षेत्र में सक्रिय हैं। यदि सीधा युद्ध होता है तो संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है। इसलिए इसे “डर” की बजाय रणनीतिक सतर्कता कहा जा सकता है। अमेरिका जानता है कि ईरान से सीधा युद्ध आसान नहीं होगा और इसके वैश्विक आर्थिक व राजनीतिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और प्रतिबंधों का दौर चलता रहता है, लेकिन खुला युद्ध किसी के हित में नहीं माना जाता।

3 hrs ago
user_आईरा समाचार बीकानेर
आईरा समाचार बीकानेर
Journalist Bikaner, Rajasthan•
3 hrs ago

क्या अमेरिका ईरान से डर रहा है? जानिए असली कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कोई नया नहीं है। दशकों से दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिका सच में ईरान से डरता है? विशेषज्ञों के अनुसार “डर” से ज्यादा यह रणनीतिक और सैन्य संतुलन का मामला है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। पहला कारण है ईरान का परमाणु कार्यक्रम। अमेरिका को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि ईरान कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शोध के लिए है, लेकिन पश्चिमी देशों को इस पर संदेह रहता है। दूसरा कारण ईरान की मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव है। ईरान के पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और उसका प्रभाव इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों तक फैला हुआ है। अमेरिका के कई सैन्य अड्डे मध्य पूर्व में मौजूद हैं, इसलिए किसी भी टकराव की स्थिति में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं। तीसरा बड़ा कारण है होरमुज़ जलडमरूमध्य। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यदि ईरान इस मार्ग को बाधित करता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। चौथा कारण यह है कि ईरान के समर्थन से काम करने वाले सशस्त्र समूह क्षेत्र में सक्रिय हैं। यदि सीधा युद्ध होता है तो संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है। इसलिए इसे “डर” की बजाय रणनीतिक सतर्कता कहा जा सकता है। अमेरिका जानता है कि ईरान से सीधा युद्ध आसान नहीं होगा और इसके वैश्विक आर्थिक व राजनीतिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और प्रतिबंधों का दौर चलता रहता है, लेकिन खुला युद्ध किसी के हित में नहीं माना जाता।

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  • Post by SSSO News
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    Post by SSSO News
    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कोई नया नहीं है। दशकों से दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिका सच में ईरान से डरता है? विशेषज्ञों के अनुसार “डर” से ज्यादा यह रणनीतिक और सैन्य संतुलन का मामला है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। पहला कारण है ईरान का परमाणु कार्यक्रम। अमेरिका को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि ईरान कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शोध के लिए है, लेकिन पश्चिमी देशों को इस पर संदेह रहता है। दूसरा कारण ईरान की मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव है। ईरान के पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और उसका प्रभाव इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों तक फैला हुआ है। अमेरिका के कई सैन्य अड्डे मध्य पूर्व में मौजूद हैं, इसलिए किसी भी टकराव की स्थिति में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं। तीसरा बड़ा कारण है होरमुज़ जलडमरूमध्य। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यदि ईरान इस मार्ग को बाधित करता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। चौथा कारण यह है कि ईरान के समर्थन से काम करने वाले सशस्त्र समूह क्षेत्र में सक्रिय हैं। यदि सीधा युद्ध होता है तो संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है। इसलिए इसे “डर” की बजाय रणनीतिक सतर्कता कहा जा सकता है। अमेरिका जानता है कि ईरान से सीधा युद्ध आसान नहीं होगा और इसके वैश्विक आर्थिक व राजनीतिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और प्रतिबंधों का दौर चलता रहता है, लेकिन खुला युद्ध किसी के हित में नहीं माना जाता।
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    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कोई नया नहीं है। दशकों से दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अमेरिका सच में ईरान से डरता है? विशेषज्ञों के अनुसार “डर” से ज्यादा यह रणनीतिक और सैन्य संतुलन का मामला है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं।
पहला कारण है ईरान का परमाणु कार्यक्रम। अमेरिका को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि ईरान कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा और शोध के लिए है, लेकिन पश्चिमी देशों को इस पर संदेह रहता है।
दूसरा कारण ईरान की मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव है। ईरान के पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और उसका प्रभाव इराक, सीरिया, लेबनान और यमन जैसे देशों तक फैला हुआ है। अमेरिका के कई सैन्य अड्डे मध्य पूर्व में मौजूद हैं, इसलिए किसी भी टकराव की स्थिति में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं।
तीसरा बड़ा कारण है होरमुज़ जलडमरूमध्य। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यदि ईरान इस मार्ग को बाधित करता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
चौथा कारण यह है कि ईरान के समर्थन से काम करने वाले सशस्त्र समूह क्षेत्र में सक्रिय हैं। यदि सीधा युद्ध होता है तो संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है।
इसलिए इसे “डर” की बजाय रणनीतिक सतर्कता कहा जा सकता है। अमेरिका जानता है कि ईरान से सीधा युद्ध आसान नहीं होगा और इसके वैश्विक आर्थिक व राजनीतिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं।
फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और प्रतिबंधों का दौर चलता रहता है, लेकिन खुला युद्ध किसी के हित में नहीं माना जाता।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • Mallika kinnar Lalgarh no number gali garibon ke bacchon ki shaadi vagaira Karate Hain madadgar sabit hote Hain Bhandara lagate Hain samajsevi ka kam karti hai
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    Mallika kinnar Lalgarh no number gali garibon ke bacchon ki shaadi vagaira Karate Hain madadgar sabit hote Hain Bhandara lagate Hain samajsevi ka kam karti hai
    user_Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    Sakir Husen1983 news reporter 8824615723
    Bikaner, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • बीकानेर। मानव चेतना जागृति प्रन्यास के तत्वावधान में तथा We Are Foundation के सहयोग से एक लाख हनुमान चालीसा पाठ की पावन श्रृंखला के अंतर्गत पांच सूत्रीय संकल्प की पूर्ति हेतु धार्मिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस श्रृंखला में अपना सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से We Are Foundation द्वारा भी इस कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम के दौरान आचार्य राजेंद्र जी जोशी के द्वारा श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ करवाया गया तथा सत्संग के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित किया गया। भक्ति एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुए इस पाठ से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।We Are Foundation की फाउंडर डायरेक्टर एवं अध्यक्ष अर्चना सक्सेना ने बताया कि यह आयोजन आचार्य राजेंद्र जी जोशी के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को आध्यात्मिकता से जोड़कर रखना, बीकानेर को नशा मुक्त बनाना, हनुमान चालीसा के पाठ के माध्यम से भक्ति भाव जागृत करना तथा प्लास्टिक मुक्त बीकानेर का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ स्वच्छता एवं जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु निःशुल्क कपड़े के थैलों का वितरण भी किया गया तथा उपस्थित नागरिकों को स्वच्छ बीकानेर – प्लास्टिक मुक्त बीकानेर बनाने का संकल्प दिलाया गया। मानव चेतना जागृति प्रन्यास एवं We Are Foundation द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान “शुद्ध • स्पष्ट • एक संकल्प – स्वच्छ बीकानेर, प्लास्टिक मुक्त बीकानेर” की भावना को समर्पित है, जिसके माध्यम से समाज को स्वच्छ, जागरूक एवं नशा मुक्त बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायी बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
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    बीकानेर। मानव चेतना जागृति प्रन्यास के तत्वावधान में तथा We Are Foundation  के सहयोग से एक लाख हनुमान चालीसा पाठ की पावन श्रृंखला के अंतर्गत पांच सूत्रीय संकल्प की पूर्ति हेतु धार्मिक एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस श्रृंखला में अपना सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से We Are Foundation द्वारा भी इस कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। कार्यक्रम के दौरान आचार्य राजेंद्र जी जोशी के द्वारा श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ करवाया गया तथा सत्संग के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित किया गया। भक्ति एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुए इस पाठ से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया तथा उपस्थित श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।We Are Foundation की फाउंडर डायरेक्टर एवं अध्यक्ष अर्चना सक्सेना ने बताया कि यह आयोजन आचार्य राजेंद्र जी जोशी के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनसामान्य को आध्यात्मिकता से जोड़कर रखना, बीकानेर को नशा मुक्त बनाना, हनुमान चालीसा के पाठ के माध्यम से भक्ति भाव जागृत करना तथा प्लास्टिक मुक्त बीकानेर का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ-साथ स्वच्छता एवं जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं।इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु निःशुल्क कपड़े के थैलों का वितरण भी किया गया तथा उपस्थित नागरिकों को स्वच्छ बीकानेर – प्लास्टिक मुक्त बीकानेर बनाने का संकल्प दिलाया गया।
मानव चेतना जागृति प्रन्यास एवं We Are Foundation द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान “शुद्ध • स्पष्ट • एक संकल्प – स्वच्छ बीकानेर, प्लास्टिक मुक्त बीकानेर” की भावना को समर्पित है, जिसके माध्यम से समाज को स्वच्छ, जागरूक एवं नशा मुक्त बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति उत्तरदायी बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
    user_Cityexpressnews
    Cityexpressnews
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by श्रीहनुमानजीवश्ॐनमोशिवयायकाधाम
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    Post by श्रीहनुमानजीवश्ॐनमोशिवयायकाधाम
    user_श्रीहनुमानजीवश्ॐनमोशिवयायकाधाम
    श्रीहनुमानजीवश्ॐनमोशिवयायकाधाम
    Astrologer नोखरा चरना•
    50 min ago
  • पंच गौरव योजना की प्रगति एवं व्यय को लेकर की समीक्षा नागौर,,नागौर जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में पंच गौरव योजना की समीक्षा को लेकर बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जिले के पंच गौरव से संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंच गौरव के लिए प्रस्तावित बजट को सही तरीके से व्यय करते हुए पंच गौरव का प्रचार प्रसार भी करवाएं तथा पंच गौरव को एक अलग पहचान दिलवाएं।
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    पंच गौरव योजना की प्रगति एवं व्यय को लेकर की समीक्षा
नागौर,,नागौर जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में पंच गौरव योजना की समीक्षा को लेकर बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जिले के पंच गौरव से संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंच गौरव के लिए प्रस्तावित बजट को सही तरीके से व्यय करते हुए पंच गौरव का प्रचार प्रसार भी करवाएं तथा पंच गौरव को एक अलग पहचान दिलवाएं।
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    नागौर, नागौर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by Mangal chand Mali
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    Post by Mangal chand Mali
    user_Mangal chand Mali
    Mangal chand Mali
    सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • नई दिल्ली/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलने का प्रयास करें। दूतावास की ओर से कहा गया है कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल रही है और किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी है। हालांकि अब तक अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए आशंकाएं जताई जा रही हैं। भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने तथा दूतावास के संपर्क में बने रहने को कहा है। साथ ही यात्रा दस्तावेज तैयार रखने की भी सलाह दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकासी संभव हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एडवाइजरी एहतियात के तौर पर जारी की गई है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
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    नई दिल्ली/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द ईरान से बाहर निकलने का प्रयास करें।
दूतावास की ओर से कहा गया है कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल रही है और किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी है। हालांकि अब तक अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए आशंकाएं जताई जा रही हैं।
भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने तथा दूतावास के संपर्क में बने रहने को कहा है। साथ ही यात्रा दस्तावेज तैयार रखने की भी सलाह दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकासी संभव हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एडवाइजरी एहतियात के तौर पर जारी की गई है। फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    3 hrs ago
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