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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के विरोध में मुख्य अनमोल कुमार ने विरोध प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद विधान सभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अनमोल कुमार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में मजदूरों ने भी हिस्सा लिया।

1 day ago
user_Bahujan Samachar
Bahujan Samachar
Court reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
1 day ago
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद नगर निगम में हो रहे भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के विरोध में मुख्य अनमोल कुमार ने विरोध प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद विधान सभा से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अनमोल कुमार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में मजदूरों ने भी हिस्सा लिया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • आगरा पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह आरोपी पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था और कानून की गिरफ्त से बाहर था।
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    आगरा पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह आरोपी पिछले 25 सालों से फरार चल रहा था और कानून की गिरफ्त से बाहर था।
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित ओम अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जमकर हंगामा किया। आसफाबाद के यादव नगर निवासी 46 वर्षीय राजेश कुमार शनिवार को स्टेशन रोड स्थित ओम हॉस्पिटल में हर्निया का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुए थे, और उसी दिन शाम को उनका ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद राजेश कुमार की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उचित उपचार नहीं दिया। उनका यह भी कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद, अस्पताल प्रबंधन उन पर छुट्टी कराने का दबाव बना रहा था, और इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इस चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल की सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक का शव अभी भी अस्पताल में है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, अस्पताल के संचालक डॉक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांग मरीज का ऑपरेशन सही तरीके से हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ थे, संभवतः डिस्चार्ज से पहले उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है ताकि मृत्यु का सही कारण पता चल सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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    फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित ओम अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जमकर हंगामा किया। आसफाबाद के यादव नगर निवासी 46 वर्षीय राजेश कुमार शनिवार को स्टेशन रोड स्थित ओम हॉस्पिटल में हर्निया का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुए थे, और उसी दिन शाम को उनका ऑपरेशन किया गया था।

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद राजेश कुमार की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उचित उपचार नहीं दिया। उनका यह भी कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद, अस्पताल प्रबंधन उन पर छुट्टी कराने का दबाव बना रहा था, और इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इस चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल की सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक का शव अभी भी अस्पताल में है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, अस्पताल के संचालक डॉक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांग मरीज का ऑपरेशन सही तरीके से हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ थे, संभवतः डिस्चार्ज से पहले उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है ताकि मृत्यु का सही कारण पता चल सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जल निकासी को लेकर तब हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम जलभराव की समस्या का समाधान करने पहुंची। ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने इस दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव का गंदा पानी उनके निजी खेतों से निकाला जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होने का डर है। इसी बीच प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि एसडीएम के नेतृत्व में आई तहसील प्रशासन की टीम अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच भी तीखी बहस हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने ले गई। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने रामलाल वर्मा को छोड़ दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जल निकासी को लेकर तब हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम जलभराव की समस्या का समाधान करने पहुंची। ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने इस दौरान विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव का गंदा पानी उनके निजी खेतों से निकाला जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होने का डर है। इसी बीच प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि एसडीएम के नेतृत्व में आई तहसील प्रशासन की टीम अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच भी तीखी बहस हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

इसी दौरान पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने ले गई। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने रामलाल वर्मा को छोड़ दिया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_Virendra Verma
    Virendra Verma
    फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • फतेहाबाद तहसील के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम गंदा पानी निकालने पहुंची। ग्रामीणों, खासकर महिला किसानों, ने यह आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया कि जल निकासी का रास्ता निजी खेतों से बनाया जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होगा। लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे गांव में एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम जल निकासी की व्यवस्था शुरू करने पहुंची थी। इसी दौरान, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार और चंद्रमोहन के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के चलते ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से बातचीत की, जिसके लगभग एक घंटे बाद रामलाल वर्मा को छोड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य पूरा कराया और गांव में जलभराव की समस्या का समाधान करने का दावा किया। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    फतेहाबाद तहसील के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासनिक टीम गंदा पानी निकालने पहुंची। ग्रामीणों, खासकर महिला किसानों, ने यह आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया कि जल निकासी का रास्ता निजी खेतों से बनाया जा रहा है, जिससे उनकी फसलों को नुकसान होगा।

लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रहे गांव में एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम जल निकासी की व्यवस्था शुरू करने पहुंची थी। इसी दौरान, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार और चंद्रमोहन के खेतों की ओर पूरे गांव का पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के चलते ग्रामीण महिलाओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हुई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने विरोध कर रहे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे तथा पुलिस अधिकारियों से बातचीत की, जिसके लगभग एक घंटे बाद रामलाल वर्मा को छोड़ दिया गया।

पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य पूरा कराया और गांव में जलभराव की समस्या का समाधान करने का दावा किया। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना का वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_फतेहाबाद रिपोर्टर कासिम मलिक
    फतेहाबाद रिपोर्टर कासिम मलिक
    मीडिया फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।
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    आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं।

पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की।

इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।
    user_BHARAT NEWS
    BHARAT NEWS
    Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • पुलिस कमिश्नर, आगरा दीपक कुमार के निर्देशानुसार, आगरा पुलिस द्वारा अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, 19 मई 2026 को अजय सोनी ने थाना लोहा मंडी में शिकायत दर्ज कराई कि जब वह शू प्लाजा से काम निपटाकर निकल रहे थे, तभी तीन नकाबपोश व्यक्तियों ने उनकी आंखों में मिर्च डालकर हमला किया और फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, चूंकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी, इसमें एनसीआर (NCR) पंजीकृत कर तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने 'मिर्ची गैंग' के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। खुलासे में यह सामने आया कि पीड़ित अजय सोनी के भाई रिंकू सोनी ने ही जान से मारने की नियत से ढाई लाख रुपये की फिरौती के लिए इस हमले को अंजाम दिलवाया था। थाना लोहामंडी पुलिस ने सर्विलांस और एसओजी टीम नगर जोन के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई में वादी के भाई सहित कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। यह जानकारी एआईएन नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 2 जून 2026 को अपडेट की गई, जिसमें आगरा के लोहामंडी में घटित इस मिर्ची गैंग की घटना का पुलिस द्वारा सफल अनावरण किए जाने की पुष्टि हुई।
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    पुलिस कमिश्नर, आगरा दीपक कुमार के निर्देशानुसार, आगरा पुलिस द्वारा अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, 19 मई 2026 को अजय सोनी ने थाना लोहा मंडी में शिकायत दर्ज कराई कि जब वह शू प्लाजा से काम निपटाकर निकल रहे थे, तभी तीन नकाबपोश व्यक्तियों ने उनकी आंखों में मिर्च डालकर हमला किया और फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, चूंकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी, इसमें एनसीआर (NCR) पंजीकृत कर तत्काल जांच शुरू की।

जांच के दौरान, पुलिस ने 'मिर्ची गैंग' के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। खुलासे में यह सामने आया कि पीड़ित अजय सोनी के भाई रिंकू सोनी ने ही जान से मारने की नियत से ढाई लाख रुपये की फिरौती के लिए इस हमले को अंजाम दिलवाया था। थाना लोहामंडी पुलिस ने सर्विलांस और एसओजी टीम नगर जोन के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई में वादी के भाई सहित कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। यह जानकारी एआईएन नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 2 जून 2026 को अपडेट की गई, जिसमें आगरा के लोहामंडी में घटित इस मिर्ची गैंग की घटना का पुलिस द्वारा सफल अनावरण किए जाने की पुष्टि हुई।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आगरा की थाना लोहामंडी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक भाई ने ही दूसरे भाई की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस मामले में 'मिर्ची गैंग' का पर्दाफाश करते हुए छोटे भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, बड़े भाई, जो एक बड़े जूते के व्यापारी थे, ने छोटे भाई को अपने कारोबार से अलग कर दिया था। इसी रंजिश के चलते छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या करवाने की साजिश रची और इसके लिए गैंग को ₹2 लाख 50 हजार की सुपारी दी थी। यह भी सामने आया है कि कुछ दिन पहले ही शातिर अपराधियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्ची डालकर उन्हें मारने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले का खुलासा डीसीपी सिटी अली अब्बास ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि पुलिस ने छोटे भाई सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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    आगरा की थाना लोहामंडी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक भाई ने ही दूसरे भाई की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस ने इस मामले में 'मिर्ची गैंग' का पर्दाफाश करते हुए छोटे भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, बड़े भाई, जो एक बड़े जूते के व्यापारी थे, ने छोटे भाई को अपने कारोबार से अलग कर दिया था। इसी रंजिश के चलते छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या करवाने की साजिश रची और इसके लिए गैंग को ₹2 लाख 50 हजार की सुपारी दी थी।

यह भी सामने आया है कि कुछ दिन पहले ही शातिर अपराधियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्ची डालकर उन्हें मारने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले का खुलासा डीसीपी सिटी अली अब्बास ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि पुलिस ने छोटे भाई सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत ने यह विशेष पूजा संपन्न कराई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हाल ही में पाँच राज्यों के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वे आगरा आए थे। आगरा पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर कैलाश मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने आने वाले सभी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना वोट अवश्य बनवाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर मतदान करें। कैलाश मंदिर में उनके दर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
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    भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत ने यह विशेष पूजा संपन्न कराई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हाल ही में पाँच राज्यों के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वे आगरा आए थे। आगरा पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर कैलाश मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने आने वाले सभी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना वोट अवश्य बनवाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर मतदान करें।

कैलाश मंदिर में उनके दर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
    user_किशोर लवी
    किशोर लवी
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उस समय तनाव उत्पन्न हो गया, जब प्रशासनिक टीम गांव का गंदा पानी निकालने पहुंची। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और किसानों ने निजी खेतों से जल निकासी का रास्ता बनाए जाने के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या थी, जिसके निवारण के लिए एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम गांव पहुंची और जल निकासी की व्यवस्था शुरू की। इसी बीच ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव का गंदा पानी उनके खेतों की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे फसलों को नुकसान होगा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के दौरान महिलाओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता की, जिसके लगभग एक घंटे बाद रामलाल वर्मा को छोड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य पूरा कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के गांव चर्रपुरा में मंगलवार को जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उस समय तनाव उत्पन्न हो गया, जब प्रशासनिक टीम गांव का गंदा पानी निकालने पहुंची। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और किसानों ने निजी खेतों से जल निकासी का रास्ता बनाए जाने के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

दरअसल, गांव में लंबे समय से जलभराव की समस्या थी, जिसके निवारण के लिए एसडीएम के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम गांव पहुंची और जल निकासी की व्यवस्था शुरू की। इसी बीच ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव का गंदा पानी उनके खेतों की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे फसलों को नुकसान होगा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा ने बताया कि अशोक कुमार पुत्र मेवाराम और चंद्रमोहन पुत्र मेवाराम के खेतों की ओर पानी छोड़ा जा रहा था, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के दौरान महिलाओं और तहसीलदार के बीच तीखी बहस भी हुई।

स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसी दौरान पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष रामलाल वर्मा को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। सूचना मिलने पर संगठन के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी और तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता की, जिसके लगभग एक घंटे बाद रामलाल वर्मा को छोड़ दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों ने जल निकासी का कार्य पूरा कराया और जलभराव की समस्या के समाधान का दावा किया। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_प्रदीप कुमार
    प्रदीप कुमार
    फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    37 min ago
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