भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत ने यह विशेष पूजा संपन्न कराई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हाल ही में पाँच राज्यों के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वे आगरा आए थे। आगरा पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर कैलाश मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने आने वाले सभी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना वोट अवश्य बनवाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर मतदान करें। कैलाश मंदिर में उनके दर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत ने यह विशेष पूजा संपन्न कराई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हाल ही में पाँच राज्यों के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वे आगरा आए थे। आगरा पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर कैलाश मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने आने वाले सभी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना वोट अवश्य बनवाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर मतदान करें। कैलाश मंदिर में उनके दर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
- फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित ओम अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जमकर हंगामा किया। आसफाबाद के यादव नगर निवासी 46 वर्षीय राजेश कुमार शनिवार को स्टेशन रोड स्थित ओम हॉस्पिटल में हर्निया का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुए थे, और उसी दिन शाम को उनका ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद राजेश कुमार की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उचित उपचार नहीं दिया। उनका यह भी कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद, अस्पताल प्रबंधन उन पर छुट्टी कराने का दबाव बना रहा था, और इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इस चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल की सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक का शव अभी भी अस्पताल में है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, अस्पताल के संचालक डॉक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांग मरीज का ऑपरेशन सही तरीके से हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ थे, संभवतः डिस्चार्ज से पहले उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है ताकि मृत्यु का सही कारण पता चल सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।1
- भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत ने यह विशेष पूजा संपन्न कराई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हाल ही में पाँच राज्यों के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वे आगरा आए थे। आगरा पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर कैलाश मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने आने वाले सभी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना वोट अवश्य बनवाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर मतदान करें। कैलाश मंदिर में उनके दर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।1
- सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट में नगर निगम के लोगों पर तीखा हमला बोला गया है। इस पोस्ट में साफ तौर पर यह आरोप लगाया गया है कि नगर निगम वाले लोगों को आम इंसान की कोई फिक्र नहीं है। यह पोस्ट स्पष्ट रूप से आम जनता की अनदेखी के प्रति तीव्र असंतोष व्यक्त करती है और व्यापक ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करती है।1
- यह जानकारी सामने आई है कि राजेश बैठा रामपुर से हैं।1
- आगरा के थाना लोहामंडी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने एक भाई की हत्या के रहस्य से पर्दा उठाते हुए इसमें शामिल "मिर्ची गैंग" का खुलासा किया है। इस मामले में छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई की हत्या के लिए सुपारी दी थी। पुलिस के खुलासे के अनुसार, यह सुपारी 2 लाख 50 हजार रुपए में "मिर्ची गैंग" को दी गई थी। बताया गया है कि मृतक बड़ा भाई जूते का एक बड़ा व्यापारी था, जिसने अपने छोटे भाई को कारोबार से अलग कर दिया था। कुछ दिन पहले भी इन शातिरों ने व्यापारी की आँखों में मिर्ची डालकर उसे मारने की साजिश रची थी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने छोटे भाई सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने एक प्रेस वार्ता के माध्यम से इस पूरी जानकारी को साझा किया।1
- पुलिस कमिश्नर, आगरा दीपक कुमार के निर्देशानुसार, आगरा पुलिस द्वारा अपराधों पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, 19 मई 2026 को अजय सोनी ने थाना लोहा मंडी में शिकायत दर्ज कराई कि जब वह शू प्लाजा से काम निपटाकर निकल रहे थे, तभी तीन नकाबपोश व्यक्तियों ने उनकी आंखों में मिर्च डालकर हमला किया और फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, चूंकि कोई बड़ी घटना नहीं हुई थी, इसमें एनसीआर (NCR) पंजीकृत कर तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने 'मिर्ची गैंग' के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। खुलासे में यह सामने आया कि पीड़ित अजय सोनी के भाई रिंकू सोनी ने ही जान से मारने की नियत से ढाई लाख रुपये की फिरौती के लिए इस हमले को अंजाम दिलवाया था। थाना लोहामंडी पुलिस ने सर्विलांस और एसओजी टीम नगर जोन के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई में वादी के भाई सहित कुल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। यह जानकारी एआईएन नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 2 जून 2026 को अपडेट की गई, जिसमें आगरा के लोहामंडी में घटित इस मिर्ची गैंग की घटना का पुलिस द्वारा सफल अनावरण किए जाने की पुष्टि हुई।1
- आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में यमुना नदी किनारे, कैलाश मंदिर के पास वृद्ध आश्रम के पीछे स्थित नगला नाथू स्वामी क्षेत्र में कथित अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दिन-रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी और बालू निकाली जा रही है। उनका कहना है कि यदि यह खनन वैध अनुमति के बिना हो रहा है, तो यह कानून का उल्लंघन और यमुना नदी तथा पर्यावरण के साथ गंभीर खिलवाड़ है। ग्रामीणों के अनुसार, सामने आए वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार खनन सामग्री ढोती दिख रही हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि खनन वैध है तो इसकी अनुमति किसके पास है, और यदि अवैध है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों ने बैजनाथ और प्रेमवीर नामक व्यक्तियों की कथित संलिप्तता की आशंका जताई है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नदी किनारे अनियंत्रित खनन से यमुना का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ सकता है, जिससे नदी में गहरे गड्ढे बनने से डूबने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। इसके साथ ही, नदी के बहाव, भूजल स्तर, कृषि भूमि और आसपास के पर्यावरण पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। भारत में बिना अनुमति नदी, नदी तट और सरकारी भूमि से मिट्टी या बालू निकालना गंभीर अपराध माना जाता है, जिसके लिए खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत दंड का प्रावधान है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और सुप्रीम कोर्ट भी समय-समय पर अवैध खनन रोकने के निर्देश जारी कर चुके हैं, जिसमें वाहनों को जब्त करने, जुर्माना लगाने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के प्रावधान शामिल हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका मानना है कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, पर्यावरण और जीवन का आधार है, और इसके अस्तित्व से खिलवाड़ करने वालों पर कानून का कठोर शिकंजा कसना ही समय की मांग है। यमुना को बचाने के लिए अवैध खनन पर रोक लगाना आवश्यक है, ताकि नदी बचे और पर्यावरण सुरक्षित रहे तथा आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहें।4