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जरूरी नहीं कि महादेव का नाम संकट में ही लिया जाए, हो सकता है महादेव नाम लेने से जिदंगी में संकट ही न आए । हर हर महादेव जरूरी नहीं कि महादेव का नाम संकट में ही लिया जाए, हो सकता है महादेव नाम लेने से जिदंगी में संकट ही न आए । हर हर महादेव🙏🌷🌸
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जरूरी नहीं कि महादेव का नाम संकट में ही लिया जाए, हो सकता है महादेव नाम लेने से जिदंगी में संकट ही न आए । हर हर महादेव जरूरी नहीं कि महादेव का नाम संकट में ही लिया जाए, हो सकता है महादेव नाम लेने से जिदंगी में संकट ही न आए । हर हर महादेव🙏🌷🌸
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- जब मैं तेरे ही भरोसे हूँ, तो फिर मैं चिंता किस बात की करूँ? * राधे राधे🙏🌸🌷🙏🌷🌸🙏 जब मैं तेरे ही भरोसे हूँ, तो फिर मैं चिंता किस बात की करूँ? * राधे राधे🙏🌷🌸🙏1
- #भागलपुर #पीरपैंती #प्रखंड के #प्यालापुर पंचायत के मिर्जा गांव में पशु को करेंट लगने से मृत्यु। गरीब परिवार का रो-रो कर बुरा हाल। #viral #NewsUpdate #pitpinti #bhagalpur #spbhagalpur #dcbhagalpur #bijli Ranjit Paswan1
- फरक्का जलसंधि-नीतीश संवाद को सफल बनाने में जुटा जदयू, 4 नवंबर को जिला मुख्यालय चलने का आह्वान नवाबगंज में विधानसभा स्तरीय बैठक में उमड़े मनिहारी-अमदाबाद के कार्यकर्ता, विधायक दुलालचंद गोस्वामी ने कहा—संधि के मुद्दे पर बिहार के हितों की आवाज उठाना जरूरी. फरक्का जलसंधि-नीतीश संवाद को सफल बनाने में जुटा जदयू, 4 नवंबर को जिला मुख्यालय चलने का आह्वान नवाबगंज में विधानसभा स्तरीय बैठक में उमड़े मनिहारी-अमदाबाद के कार्यकर्ता, विधायक दुलालचंद गोस्वामी ने कहा—संधि के मुद्दे पर बिहार के हितों की आवाज उठाना जरूरी. मनिहारी (कटिहार ) फरक्का जलसंधि और बिहार के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर 4 नवंबर को आयोजित होने वाले फरक्का जलसंधि-नीतीश संवाद कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जदयू ने तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में नवाबगंज स्थित प्रखंड प्रमुख अनीता देवी के आवासीय परिसर में मनिहारी विधानसभा स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें मनिहारी और अमदाबाद प्रखंड से सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने और जिला मुख्यालय पहुंचने का आह्वान किया गया। बैठक की अध्यक्षता जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ मंजय साह ने की। मुख्य अतिथि कदवा विधायक दुलालचंद गोस्वामी थे। मौके पर एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष शंभू कुमार सुमन, प्रखंड प्रमुख अनीता देवी, जिला परिषद सदस्य सुमति देवी, कार्यक्रम प्रभारी निरंजन कुमार पोद्दार, संजीव श्रीवास्तव सहित कई पार्टी नेता मौजूद रहे। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक विधायक दुलालचंद गोस्वामी ने कहा कि फरक्का जलसंधि की 30 वर्षों की अवधि 12 दिसंबर 2026 को पूरी हो रही है। ऐसे में इसके भविष्य और बिहार पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गंभीर चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर के संवाद कार्यक्रम में जिलेभर से कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे, ताकि बिहार के हितों और जनभावनाओं को मजबूती से सामने रखा जा सके। जनभागीदारी से मजबूत होगी वहीं एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष शंभू कुमार सुमन ने कहा कि फरक्का जलसंधि का विषय बिहार के हितों से जुड़ा है। गंगा में गाद जमाव, बाढ़ और जल उपलब्धता जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव और पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक कर संवाद कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित कराने की अपील की। वहीं कार्यक्रम प्रभारी निरंजन कुमार पोद्दार ने कहा कि 4 नवंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर लगातार जनसंपर्क किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनिहारी विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग कार्यक्रम में पहुंचेंगे। बैठक में जिला महासचिव प्रकाश मौवार, जिला उपाध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह, नगर अध्यक्ष बालेश्वर सिंह, अमदाबाद जदयू अध्यक्ष राजकुमार साह सहित अन्य नेता मौजूद थे। मंच संचालन राजेश रजक ने किया। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।1
- अंतर जाति विवाह से नाराज पिता ने किया पुत्री का पिंडदान। कदवा के निझरा ग्राम मैं पिता के विरुद्ध अंतरजातीय विवाह करने से पिता ने पुत्री का किया पिंडदान। बताया जा रहा है कि कदवा थाना क्षेत्र के कांवटिया पंचायत अंतर्गत निझरा की रहने वाली ब्राह्मण लड़की परोष के ही दूसरे पंचायत पहलागढ़ पंचायत के पासवान लड़का से प्रेम विवाह कर लिया जिससे नाराज पिता ने पुत्री का पिंडदान कर दिया और अपना रिश्ता नाता तोड़ दिया। वही लड़के वालों के यहां एक से एक सोशल मीडिया कर्मी पहुंचकर इस खबर को अपने चैनल के माध्यम से चमकाने में लगे हुए हैं। और लड़की के ससुराल में खुशियों का माहौल बना हुआ है।1
- भागलपुर के लकड़ाकोल में दिखी यूपी की अनूठी लोकआस्था, गर्म दूध के कठिन अनुष्ठान ने सबको किया हैरान; काशी दास पंथी पूजा देखने उमड़ी हजारों की भीड़ गाजीपुर के पूर्वजों की परंपरा को बिहार की धरती पर भी जीवंत रखे हुए हैं लालू यादव, बनारस से पहुंचे भगत संगम यादव ने वैदिक विधि-विधान और पारंपरिक रीति से संपन्न कराया अनुष्ठान भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत लकड़ाकोल गांव में रविवार को आस्था, विश्वास और सदियों पुरानी लोकपरंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। गांव निवासी लालू यादव के घर आयोजित श्री काशी दास पंथी पूजा में एक ऐसा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग जुटे। पूजा के दौरान गर्म दूध से जुड़े विशेष अनुष्ठान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कोई इस अनोखी परंपरा को श्रद्धा भाव से निहार रहा था तो कोई अपने मोबाइल में इस अद्भुत दृश्य को कैद करने में जुटा था। पूरे आयोजन के दौरान गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। इस विशेष पूजा को संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के बनारस से भगत संगम यादव पहुंचे थे। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा के सभी अनुष्ठानों को संपन्न कराया। इस दौरान काशी दास बाबा के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूजा का सबसे चर्चित और आकर्षक हिस्सा गर्म दूध से जुड़ा अनुष्ठान रहा। इसी अनुष्ठान को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोग लकड़ाकोल पहुंचे थे। सात समंदर नहीं, यूपी से बिहार तक पूर्वजों की परंपरा का सफर इस पूजा की खास बात केवल इसका अनोखा अनुष्ठान नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपी पारिवारिक आस्था और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की कहानी भी है। दरअसल, लाल यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के यादव समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उनके पूर्वज उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में रहते थे। वहां उनके परिवार में श्री काशी दास पंथी पूजा की विशेष धार्मिक मान्यता और परंपरा रही है। समय के साथ परिवार बिहार आकर बस गया, लेकिन लाल यादव ने अपने पूर्वजों की आस्था और परंपरा को पीछे नहीं छूटने दिया। उन्होंने तय किया कि भले ही रहने का ठिकाना बदल गया हो, लेकिन परिवार की पहचान, संस्कार और पूर्वजों से मिली धार्मिक परंपरा जीवित रहनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह बिहार की धरती पर भी अपने पूर्वजों की पूजा-पद्धति को आगे बढ़ा रहे हैं। लालू यादव के लिए यह आयोजन महज एक पूजा नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, अपने पूर्वजों और पारिवारिक विरासत से जुड़े रहने का माध्यम है। उनका प्रयास है कि आने वाली पीढ़ियां भी इस लोकपरंपरा को जानें, समझें और इसे आगे बढ़ाएं। गर्म दूध का अनुष्ठान बना आकर्षण का केंद्र श्री काशी दास पंथी पूजा में गर्म दूध से जुड़ा अनुष्ठान सबसे अधिक चर्चा का विषय रहता है। लकड़ाकोल में भी इस अनुष्ठान को लेकर लोगों में खास उत्सुकता देखने को मिली। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इसे पंथी महाराज की साधना, तपस्या और बाबा काशी दास के प्रति अटूट आस्था से जोड़कर देखा जाता है। श्रद्धालुओं के बीच ऐसी मान्यता है कि पंथी महाराज अपनी साधना और तपोबल के माध्यम से इस कठिन अनुष्ठान को संपन्न करते हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मऊ और बिहार के कैमूर जैसे क्षेत्रों में भी काशी दास बाबा की पूजा की परंपरा प्रचलित है। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा की विधियों और अनुष्ठानों में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन बाबा के प्रति श्रद्धा और लोकविश्वास इस परंपरा का मूल आधार है। पूजा में छिपा है परिवार और समाज को जोड़ने का संदेश श्री काशी दास पंथी पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। इससे जुड़ी लोकमान्यताओं में माता-पिता की सेवा, बड़ों का सम्मान, सत्य के मार्ग पर चलने, सदाचार अपनाने और समाज में प्रेम व भाईचारा बनाए रखने का संदेश भी दिया जाता है। श्रद्धालु बाबा काशी दास से परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की उन्नति, घर में शांति और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं। ग्रामीण परिवेश में ऐसी लोकपरंपराएं केवल पूजा-पाठ का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि पीढ़ियों को एक-दूसरे से जोड़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने का भी काम करती हैं। लकड़ाकोल में आयोजित इस पूजा ने भी यही संदेश दिया कि आधुनिकता और बदलते समय के बीच भी लोग अपनी पुरानी परंपराओं को सहेजकर रखे हुए हैं। आस्था अपनी जगह, सुरक्षा भी जरूरी गर्म दूध से जुड़े इस अनुष्ठान को लेकर धार्मिक मान्यताएं भले ही गहरी हों, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खौलता या अत्यधिक गर्म दूध त्वचा को गंभीर रूप से जला सकता है। दूध के शरीर पर पड़ते ही ठंडा हो जाने अथवा उससे किसी प्रकार की क्षति नहीं होने के दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। इसलिए ऐसे अनुष्ठानों को देखकर आम लोगों को उनका अनुकरण नहीं करना चाहिए। धार्मिक आयोजनों में श्रद्धा के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। फिलहाल, पीरपैंती के लकड़ाकोल में आयोजित श्री काशी दास पंथी पूजा ने न केवल लोगों को एक अनूठी लोकपरंपरा से रूबरू कराया, बल्कि यह भी दिखाया कि इंसान चाहे कहीं भी बस जाए, अपने पूर्वजों की विरासत और संस्कारों से उसका रिश्ता कितना गहरा हो सकता है। लाल यादव ने बिहार की धरती पर अपने पूर्वजों की परंपरा को जीवंत रखकर यह संदेश दिया कि जगह बदल सकती है, पीढ़ियां बदल सकती हैं, लेकिन आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का संकल्प नहीं बदलना चाहिए।1
- कटिहार में सिलेंडर ब्लास्ट करने से पांच लोग झूलसे, मनिहारी थाना क्षेत्र के बलुआघट्टी के एक नाश्ता दुकान में हुई घटना। कटिहार में सिलेंडर ब्लास्ट करने से पांच लोग झूलसे, मनिहारी थाना क्षेत्र के बलुआघट्टी के एक नाश्ता दुकान से जुड़े इस घटना के बारे में बताया जा रहा है कि फास्ट फूड दुकान में जब लोग नाश्ता कर रहे थे इस समय सिलेंडर ब्लास्ट हो गया है जिसमें एक व्यक्ति सहित चार बच्चे बुरी तरह झुलस गए जिनका प्रारंभिक इलाज मनिहारी अनुमंडल अस्पताल में होने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन लोगों को कटिहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। कटिहार के मनिहारी थाना क्षेत्र के बलुआघट्टी में एक फास्टफूड दुकान में गैस सिलेंडर ब्लास्ट कर ए से बड़ा हादसा हो गया। अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट करने से पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए है जबकि दो घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के माताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब कुछ लोग फास्ट फूड की दुकान में नाश्ता कर रहे थे और तभी अचानक से गैस सिलेंडर ब्लास्ट कर गया। सिलेंडर के ब्लास्ट होने के बाद दुकान में मौजूद लोगों के बीच अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे,जिसके बाद स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को मनिहारी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया दिया है,जहां डॉक्टरों ने गंभीर घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया है। मनिहारी अनुमंडल अस्पताल के डॉ. राकेश कुमार प्रसार ने बताया कि घायलों की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सभी को कटिहार रेफर किया गया है।1
- बिहार में SIR के जरिए वोट चोरी का पहला प्रयोग हुआ। फिर इसे पूरे देश में BJP विरोधी वोटरों को डिलीट करने के लिए लागू किया गया। हम मृतकों को वोटर लिस्ट में बनाए रखने की पैरवी नहीं कर रहे हैं, उन्हें जरूर लिस्ट से हटाया जाना चाहिए। लेकिन मोदी सरकार बार-बार घुसपैठियों का बहाना देकर अपनी गलतियों को छिपाने का काम कर रही है। यानी- जो खुद ही चोर हैं, वो ही Democracy की हिफाजत करने वालों को डांट रहे हैं। हमने ECI तक मार्च किया। फिर राष्ट्रपति से मिले, मेमोरेंडम दिया। हम सुप्रीम कोर्ट भी गए और पिटीशन दी। हम कोशिश कर रहे हैं कि लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली को बचाया जा सके और इसके लिए हमें सड़क पर भी आना पड़ा। : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग में कांग्रेस अध्यक्ष श्री खरगे जी 📍 दिल्ली1
- जरूरी नहीं कि महादेव का नाम संकट में ही लिया जाए, हो सकता है महादेव नाम लेने से जिदंगी में संकट ही न आए । हर हर महादेव जरूरी नहीं कि महादेव का नाम संकट में ही लिया जाए, हो सकता है महादेव नाम लेने से जिदंगी में संकट ही न आए । हर हर महादेव🙏🌷🌸1