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आगरा थाना खैरागढ़ ब्रेकिंग!!! 4 साल बाद मिली चोरी हुई राइफल, पूर्व प्रधान का संकल्प हुआ पूरा आगरा। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने चोरी और नकबजनी के मामलों में वांछित ₹25 हजार के इनामी शातिर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की लाइसेंसी राइफल, दो जिंदा कारतूस, ₹50 हजार नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद राइफल 2022 में सैंया थाना क्षेत्र के मुखरई गांव के पूर्व प्रधान उदय सिंह पिप्पल के घर से चोरी हुई थी। राइफल बरामद नहीं होने के बाद उदय सिंह ने संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। करीब चार साल बाद जब आगरा पुलिस ने वही राइफल बरामद की, तो उदय सिंह का संकल्प भी पूरा हो गया। उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि राइफल की बरामदगी उनके लिए बेहद भावुक पल है और अब वह अपना पुराना लुक वापस अपनाएंगे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ध्रुव सिंह राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगरा के अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।

16 hrs ago
user_Gyadeen Verma
Gyadeen Verma
Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

आगरा थाना खैरागढ़ ब्रेकिंग!!! 4 साल बाद मिली चोरी हुई राइफल, पूर्व प्रधान का संकल्प हुआ पूरा आगरा। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने चोरी और नकबजनी के मामलों में वांछित ₹25 हजार के इनामी शातिर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की लाइसेंसी राइफल, दो जिंदा कारतूस, ₹50 हजार नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद राइफल 2022 में सैंया थाना क्षेत्र के मुखरई गांव के पूर्व प्रधान उदय सिंह पिप्पल के घर से चोरी हुई थी। राइफल बरामद नहीं होने के बाद उदय सिंह ने संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। करीब चार साल बाद जब आगरा पुलिस ने वही राइफल बरामद की, तो उदय सिंह का संकल्प भी पूरा हो गया। उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि राइफल की बरामदगी उनके लिए बेहद भावुक पल है और अब वह अपना पुराना लुक वापस अपनाएंगे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ध्रुव सिंह राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगरा के अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।

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  • फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं। फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।
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    फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग

फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं।

तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद

स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।

पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है।

स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं।

फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।


फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग
फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं।
तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है।
स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं।
फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।
    user_आगरा देहात संवाददाता
    आगरा देहात संवाददाता
    Photographer फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • आगरा थाना खैरागढ़ ब्रेकिंग!!! 4 साल बाद मिली चोरी हुई राइफल, पूर्व प्रधान का संकल्प हुआ पूरा आगरा। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने चोरी और नकबजनी के मामलों में वांछित ₹25 हजार के इनामी शातिर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की लाइसेंसी राइफल, दो जिंदा कारतूस, ₹50 हजार नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद राइफल 2022 में सैंया थाना क्षेत्र के मुखरई गांव के पूर्व प्रधान उदय सिंह पिप्पल के घर से चोरी हुई थी। राइफल बरामद नहीं होने के बाद उदय सिंह ने संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। करीब चार साल बाद जब आगरा पुलिस ने वही राइफल बरामद की, तो उदय सिंह का संकल्प भी पूरा हो गया। उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि राइफल की बरामदगी उनके लिए बेहद भावुक पल है और अब वह अपना पुराना लुक वापस अपनाएंगे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ध्रुव सिंह राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगरा के अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।
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    आगरा थाना खैरागढ़ ब्रेकिंग!!!

 4 साल बाद मिली चोरी हुई राइफल, पूर्व प्रधान का संकल्प हुआ पूरा

आगरा। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने चोरी और नकबजनी के मामलों में वांछित ₹25 हजार के इनामी शातिर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की लाइसेंसी राइफल, दो जिंदा कारतूस, ₹50 हजार नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

बरामद राइफल 2022 में सैंया थाना क्षेत्र के मुखरई गांव के पूर्व प्रधान उदय सिंह पिप्पल के घर से चोरी हुई थी। राइफल बरामद नहीं होने के बाद उदय सिंह ने संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे।

करीब चार साल बाद जब आगरा पुलिस ने वही राइफल बरामद की, तो उदय सिंह का संकल्प भी पूरा हो गया। उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि राइफल की बरामदगी उनके लिए बेहद भावुक पल है और अब वह अपना पुराना लुक वापस अपनाएंगे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ध्रुव सिंह राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगरा के अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जलभराव वाले स्थानों पर लगेंगे सूचक बोर्ड, गोशालाओं में होगी लंपी रोग की जांच तहसीलदार ने लेखपालों की बैठक लेकर दिए निर्देश, यमुना-उटंगन नदी किनारे भीड़ रोकने को कहा फतेहाबाद : मंगलवार को तहसील सभागार में तहसीलदार शिखर मिश्रा ने लेखपालों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ऐसे तालाब, पोखर और गड्ढों को चिह्नित किया जाए, जिनमें जलभराव होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका हो सकती है। ऐसे स्थानों पर तत्काल सूचक बोर्ड लगवाए जाएं, ताकि लोगों को खतरे के बारे में पहले से जानकारी हो सके। तहसीलदार ने लेखपालों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की गोशालाओं का निरीक्षण कर गोवंशों की स्थिति की जांच करें। कहीं गोवंश में लंपी रोग के लक्षण अथवा प्रकोप दिखाई दे तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक उपचार और बचाव की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने गणेश उत्सव को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कहा कि गणेश प्रतिमाओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही विराजमान कराया जाए और विसर्जन भी नियत स्थान पर ही कराया जाए। किसी अन्य स्थान पर प्रतिमा स्थापना अथवा विसर्जन न होने दिया जाए। तहसीलदार ने लेखपालों से यमुना और उटंगन नदी के किनारे भी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी के आसपास अधिक भीड़ एकत्र न होने दी जाए और संवेदनशील स्थानों पर लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाए। बैठक में तहसील क्षेत्र के सभी लेखपाल मौजूद रहे।
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    जलभराव वाले स्थानों पर लगेंगे सूचक बोर्ड, गोशालाओं में होगी लंपी रोग की जांच
तहसीलदार ने लेखपालों की बैठक लेकर दिए निर्देश, यमुना-उटंगन नदी किनारे भीड़ रोकने को कहा
फतेहाबाद : मंगलवार को तहसील सभागार में तहसीलदार शिखर मिश्रा ने लेखपालों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ऐसे तालाब, पोखर और गड्ढों को चिह्नित किया जाए, जिनमें जलभराव होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका हो सकती है। ऐसे स्थानों पर तत्काल सूचक बोर्ड लगवाए जाएं, ताकि लोगों को खतरे के बारे में पहले से जानकारी हो सके।
तहसीलदार ने लेखपालों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की गोशालाओं का निरीक्षण कर गोवंशों की स्थिति की जांच करें। कहीं गोवंश में लंपी रोग के लक्षण अथवा प्रकोप दिखाई दे तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक उपचार और बचाव की कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने गणेश उत्सव को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कहा कि गणेश प्रतिमाओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही विराजमान कराया जाए और विसर्जन भी नियत स्थान पर ही कराया जाए। किसी अन्य स्थान पर प्रतिमा स्थापना अथवा विसर्जन न होने दिया जाए।
तहसीलदार ने लेखपालों से यमुना और उटंगन नदी के किनारे भी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी के आसपास अधिक भीड़ एकत्र न होने दी जाए और संवेदनशील स्थानों पर लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाए। बैठक में तहसील क्षेत्र के सभी लेखपाल मौजूद रहे।
    user_फतेहाबाद रिपोर्टर कासिम मलिक
    फतेहाबाद रिपोर्टर कासिम मलिक
    मीडिया फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • चीनी की किल्लत और बढ़ते दामों पर प्रशासन सख्त, फतेहाबाद में पुरानी गल्ला मंडी के गोदामों का निरीक्षण, कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी फतेहाबाद,। त्योहारी सीजन से पहले बाजार में चीनी की किल्लत और लगातार बढ़ रहे दामों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए फतेहाबाद तहसील प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। तहसीलदार फतेहाबाद शेखर मिश्र के नेतृत्व में मंडी सचिव प्रवीन कुमार, विपणन अधिकारी फतेहाबाद विजय करन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को फतेहाबाद की पुरानी गल्ला मंडी स्थित कई बड़े थोक गोदामों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने गोदामों में रखे चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल और लाइसेंस की गहनता से जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदाम संचालकों से चीनी की आवक और बिक्री की पूरी जानकारी ली। जांच में फतेहाबाद के अधिकांश गोदामों में व्यवस्थाएं ठीक पाई गईं। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज माल और मौके पर मौजूद माल में अंतर नहीं मिला। तहसीलदार शेखर मिश्र ने बताया कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी व्यापारी चीनी की जमाखोरी कर कृत्रिम कमी न पैदा करे। आम जनता को उचित मूल्य पर चीनी मिलती रहे, इसके लिए लगातार छापामार कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने सभी थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे निर्धारित मूल्य से अधिक पर चीनी की बिक्री न करें और हर बिक्री का पक्का बिल दें। यदि किसी भी गोदाम में तय सीमा से अधिक अवैध स्टॉक या कालाबाजारी पाई गई तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गोदाम सील करने और लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई शामिल है। प्रशासन की इस कार्रवाई से गल्ला मंडी के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वहीं आम लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की चेकिंग से चीनी के दामों पर लगाम लगेगी।
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    चीनी की किल्लत और बढ़ते दामों पर प्रशासन सख्त, फतेहाबाद में पुरानी गल्ला मंडी के गोदामों का निरीक्षण, कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी
फतेहाबाद,। त्योहारी सीजन से पहले बाजार में चीनी की किल्लत और लगातार बढ़ रहे दामों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए फतेहाबाद तहसील प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की।
तहसीलदार फतेहाबाद शेखर मिश्र के नेतृत्व में मंडी सचिव प्रवीन कुमार, विपणन अधिकारी फतेहाबाद विजय करन  की संयुक्त टीम ने मंगलवार को फतेहाबाद की पुरानी गल्ला मंडी स्थित कई बड़े थोक गोदामों का औचक निरीक्षण किया।
टीम ने गोदामों में रखे चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल और लाइसेंस की गहनता से जांच की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदाम संचालकों से चीनी की आवक और बिक्री की पूरी जानकारी ली। जांच में फतेहाबाद के अधिकांश गोदामों में व्यवस्थाएं ठीक पाई गईं। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज माल और मौके पर मौजूद माल में अंतर नहीं मिला। 
तहसीलदार शेखर मिश्र ने बताया कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी व्यापारी चीनी की जमाखोरी कर कृत्रिम कमी न पैदा करे। आम जनता को उचित मूल्य पर चीनी मिलती रहे, इसके लिए लगातार छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने सभी थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे निर्धारित मूल्य से अधिक पर चीनी की बिक्री न करें और हर बिक्री का पक्का बिल दें। यदि किसी भी गोदाम में तय सीमा से अधिक अवैध स्टॉक या कालाबाजारी पाई गई तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गोदाम सील करने और लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई शामिल है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से गल्ला मंडी के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वहीं आम लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की चेकिंग से चीनी के दामों पर लगाम लगेगी।
    user_प्रदीप कुमार
    प्रदीप कुमार
    फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा। असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती। AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है। आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी। AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है। असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया। एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा। मोहम्मद जावेद अली महानगर महासचिव, AIMIM #महानगर_महासचिव_जनाब_मोहम्मद_जावेद_अली_साहब #AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad
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    असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा।

असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती।

AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है।

आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी।

AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है।

असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया।
एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा।

मोहम्मद जावेद अली
महानगर महासचिव, AIMIM
#महानगर_महासचिव_जनाब_मोहम्मद_जावेद_अली_साहब 
#AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad
    user_फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
    फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
    Local News Reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • राजाखेड़ा नगर पालिका चुनाव: 149 नामांकनों की स्क्रूटनी, 10 आवेदन खारिज राजाखेड़ा। नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी प्रक्रिया संपन्न हुई। तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया में कुल 149 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। स्क्रूटनी रिटर्निंग अधिकारी राजाखेड़ा के कार्यालय में राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा की निगरानी में हुई। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों ने प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान 10 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें वार्ड-1 से कमलेश देवी व भोला देवी, वार्ड-8 से पूनम, वार्ड-13 से कुसुम सिंह, वार्ड-17 से रामवीर, वार्ड-19 से टेकचंद, वार्ड-24 से प्राची रावत व संजय कुमार शर्मा, वार्ड-29 से रुबीना तथा वार्ड-33 से सोमोती शामिल हैं। कुल 149 आवेदनों में भाजपा के 40, कांग्रेस के 37, बसएसपी के 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों के 70 नामांकन पत्र शामिल थे। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी ने सोमवार को राजाखेड़ा नगर पालिका के सभी 35 वार्डों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। 3 सितंबर तक नाम वापसी का समय-: नामांकन पत्रों की जांच आज पूरी होने के बाद उम्मीदवार के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा। 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे बाद फाइनल प्रत्याशियों (चुनाव लड़ने वाले व्यक्तियों) की सूची जारी की जाएगी। 4 सितंबर को इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। स्क्रूटनी के बाद अब दो दिनों तक नाम वापसी का समय रहेगा। राजाखेड़ा नगर पालिका चुनाव: 149 नामांकनों की स्क्रूटनी, 10 आवेदन खारिज राजाखेड़ा। नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी प्रक्रिया संपन्न हुई। तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया में कुल 149 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। स्क्रूटनी रिटर्निंग अधिकारी राजाखेड़ा के कार्यालय में राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा की निगरानी में हुई। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों ने प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान 10 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें वार्ड-1 से कमलेश देवी व भोला देवी, वार्ड-8 से पूनम, वार्ड-13 से कुसुम सिंह, वार्ड-17 से रामवीर, वार्ड-19 से टेकचंद, वार्ड-24 से प्राची रावत व संजय कुमार शर्मा, वार्ड-29 से रुबीना तथा वार्ड-33 से सोमोती शामिल हैं। कुल 149 आवेदनों में भाजपा के 40, कांग्रेस के 37, बसएसपी के 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों के 70 नामांकन पत्र शामिल थे। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी ने सोमवार को राजाखेड़ा नगर पालिका के सभी 35 वार्डों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। 3 सितंबर तक नाम वापसी का समय-: नामांकन पत्रों की जांच आज पूरी होने के बाद उम्मीदवार के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा। 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे बाद फाइनल प्रत्याशियों (चुनाव लड़ने वाले व्यक्तियों) की सूची जारी की जाएगी। 4 सितंबर को इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। स्क्रूटनी के बाद अब दो दिनों तक नाम वापसी का समय रहेगा।
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    राजाखेड़ा नगर पालिका चुनाव: 149 नामांकनों की स्क्रूटनी, 10 आवेदन खारिज

राजाखेड़ा। नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी प्रक्रिया संपन्न हुई। तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया में कुल 149 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
स्क्रूटनी रिटर्निंग अधिकारी राजाखेड़ा के कार्यालय में राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा की निगरानी में हुई। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों ने प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान 10 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें वार्ड-1 से कमलेश देवी व भोला देवी, वार्ड-8 से पूनम, वार्ड-13 से कुसुम सिंह, वार्ड-17 से रामवीर, वार्ड-19 से टेकचंद, वार्ड-24 से प्राची रावत व संजय कुमार शर्मा, वार्ड-29 से रुबीना तथा वार्ड-33 से सोमोती शामिल हैं।
कुल 149 आवेदनों में भाजपा के 40, कांग्रेस के 37, बसएसपी के 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों के 70 नामांकन पत्र शामिल थे। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी ने सोमवार को राजाखेड़ा नगर पालिका के सभी 35 वार्डों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी।

3 सितंबर तक नाम वापसी का समय-:

नामांकन पत्रों की जांच आज पूरी होने के बाद उम्मीदवार के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा।

3 सितंबर को दोपहर 3 बजे बाद फाइनल प्रत्याशियों (चुनाव लड़ने वाले व्यक्तियों) की सूची जारी की जाएगी।

4 सितंबर को इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। स्क्रूटनी के बाद अब दो दिनों तक नाम वापसी का समय रहेगा।
राजाखेड़ा नगर पालिका चुनाव: 149 नामांकनों की स्क्रूटनी, 10 आवेदन खारिज
राजाखेड़ा। नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी प्रक्रिया संपन्न हुई। तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया में कुल 149 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
स्क्रूटनी रिटर्निंग अधिकारी राजाखेड़ा के कार्यालय में राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा की निगरानी में हुई। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों ने प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान 10 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें वार्ड-1 से कमलेश देवी व भोला देवी, वार्ड-8 से पूनम, वार्ड-13 से कुसुम सिंह, वार्ड-17 से रामवीर, वार्ड-19 से टेकचंद, वार्ड-24 से प्राची रावत व संजय कुमार शर्मा, वार्ड-29 से रुबीना तथा वार्ड-33 से सोमोती शामिल हैं।
कुल 149 आवेदनों में भाजपा के 40, कांग्रेस के 37, बसएसपी के 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों के 70 नामांकन पत्र शामिल थे। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी ने सोमवार को राजाखेड़ा नगर पालिका के सभी 35 वार्डों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी।
3 सितंबर तक नाम वापसी का समय-:
नामांकन पत्रों की जांच आज पूरी होने के बाद उम्मीदवार के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा।
3 सितंबर को दोपहर 3 बजे बाद फाइनल प्रत्याशियों (चुनाव लड़ने वाले व्यक्तियों) की सूची जारी की जाएगी।
4 सितंबर को इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। स्क्रूटनी के बाद अब दो दिनों तक नाम वापसी का समय रहेगा।
    user_Jaypal Singh
    Jaypal Singh
    Local News Reporter राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • सवर्ण समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत : प्रशासन लाठी चार्ज सवर्ण समाज के UGC को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में एक दरोगा जयप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियो पर लाठी चार्ज कर दिया स्वर्ण समाज पूछता है अगर कॉकरोचों कि भाती प्रशासन का इलाज करना अच्छा लगता है क्या और हम अनुशासनिक एवं शिक्षित लोग हैं कि हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने भी नहीं दिया जाएगा DSP साहब रोकते रहे लेकिन दरोगा जी ने रुके और यह सब कमरे में कैद हो गया आप स्वयम देखिए
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    सवर्ण समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत : प्रशासन लाठी चार्ज 
सवर्ण समाज के UGC को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में एक दरोगा जयप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियो पर लाठी चार्ज कर दिया स्वर्ण समाज पूछता है अगर कॉकरोचों कि भाती प्रशासन का इलाज करना अच्छा लगता है क्या और हम अनुशासनिक एवं शिक्षित लोग हैं कि हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने भी नहीं दिया जाएगा DSP साहब रोकते रहे लेकिन दरोगा जी ने रुके और यह सब कमरे में कैद हो गया आप स्वयम देखिए
    user_आगरा केसरी न्यूज
    आगरा केसरी न्यूज
    Local News Reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बालू से भरे ट्रैक्टर ने मासूम को रोदा मौत फतेहाबाद । थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा में मंगलवार की शाम बालू रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली ने मासूम को घर के सामने खेलते समय कुचला घटना की जानकारी से परिवार में मचा कोहराम सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा निवासी मुबारक खान ने बताया कि मंगलवार की शाम 5:00 बजे के करीब भतीजा फरमान उम्र 8 वर्ष पुत्र सोनू घर के बाहर खेल रहा था तभी गांव का ही युवक अपने ट्रैक्टर ट्राली में बालू रेत भरकर ले जा रहा था और उसने तेजी और लापरवाही से चला कर फरमान में टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंचे परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद चिकित्सकों से अमृत घोषित कर दिया। वहीं घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं मृतक के पिता सोनू झांसी में सब्जी मंडी में पल्लेदारी का काम करते हैं। तीन बच्चे थे जहां मृतक सबसे छोटा बेटा था। प्रभारी प्रभारी फतेहाबाद विनोद मिश्रा ने बताया कि बालू रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राली ने बच्चों में टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई है।शव को पीएम के लिए भेजा गया है तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बालू से भरे ट्रैक्टर ने मासूम को रोदा मौत फतेहाबाद । थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा में मंगलवार की शाम बालू रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली ने मासूम को घर के सामने खेलते समय कुचला घटना की जानकारी से परिवार में मचा कोहराम सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा निवासी मुबारक खान ने बताया कि मंगलवार की शाम 5:00 बजे के करीब भतीजा फरमान उम्र 8 वर्ष पुत्र सोनू घर के बाहर खेल रहा था तभी गांव का ही युवक अपने ट्रैक्टर ट्राली में बालू रेत भरकर ले जा रहा था और उसने तेजी और लापरवाही से चला कर फरमान में टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंचे परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद चिकित्सकों से अमृत घोषित कर दिया। वहीं घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं मृतक के पिता सोनू झांसी में सब्जी मंडी में पल्लेदारी का काम करते हैं। तीन बच्चे थे जहां मृतक सबसे छोटा बेटा था। प्रभारी प्रभारी फतेहाबाद विनोद मिश्रा ने बताया कि बालू रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राली ने बच्चों में टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई है।शव को पीएम के लिए भेजा गया है तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
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    बालू से भरे ट्रैक्टर ने मासूम को रोदा मौत



फतेहाबाद । थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा में मंगलवार की शाम बालू रेत से भरे  ट्रैक्टर ट्रॉली ने मासूम को घर के सामने खेलते समय कुचला घटना की जानकारी से परिवार में मचा कोहराम सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा निवासी मुबारक खान ने बताया कि मंगलवार की शाम 5:00 बजे के करीब भतीजा फरमान उम्र 8 वर्ष पुत्र सोनू घर के बाहर खेल रहा था तभी गांव का ही युवक अपने ट्रैक्टर ट्राली में बालू रेत भरकर ले जा रहा था और उसने तेजी और लापरवाही से चला कर फरमान में टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंचे परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद चिकित्सकों से अमृत घोषित कर दिया। वहीं घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं मृतक के पिता सोनू झांसी में सब्जी मंडी में पल्लेदारी का काम करते हैं। तीन बच्चे थे जहां मृतक सबसे छोटा बेटा था। 

प्रभारी प्रभारी फतेहाबाद विनोद मिश्रा ने बताया कि बालू रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राली ने बच्चों में टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई है।शव को  पीएम के लिए भेजा गया है तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
बालू से भरे ट्रैक्टर ने मासूम को रोदा मौत
फतेहाबाद । थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा में मंगलवार की शाम बालू रेत से भरे  ट्रैक्टर ट्रॉली ने मासूम को घर के सामने खेलते समय कुचला घटना की जानकारी से परिवार में मचा कोहराम सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सिकरारा निवासी मुबारक खान ने बताया कि मंगलवार की शाम 5:00 बजे के करीब भतीजा फरमान उम्र 8 वर्ष पुत्र सोनू घर के बाहर खेल रहा था तभी गांव का ही युवक अपने ट्रैक्टर ट्राली में बालू रेत भरकर ले जा रहा था और उसने तेजी और लापरवाही से चला कर फरमान में टक्कर मार दी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंचे परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद चिकित्सकों से अमृत घोषित कर दिया। वहीं घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया। वहीं मृतक के पिता सोनू झांसी में सब्जी मंडी में पल्लेदारी का काम करते हैं। तीन बच्चे थे जहां मृतक सबसे छोटा बेटा था। 
प्रभारी प्रभारी फतेहाबाद विनोद मिश्रा ने बताया कि बालू रेत से भरे ट्रैक्टर ट्राली ने बच्चों में टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई है।शव को  पीएम के लिए भेजा गया है तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
    user_आगरा देहात संवाददाता
    आगरा देहात संवाददाता
    Photographer फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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