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असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा। असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती। AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है। आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी। AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है। असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया। एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा। मोहम्मद जावेद अली महानगर महासचिव, AIMIM #महानगर_महासचिव_जनाब_मोहम्मद_जावेद_अली_साहब #AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad

4 hrs ago
user_फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
Local News Reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा। असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती। AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है। आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी। AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है। असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया। एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा। मोहम्मद जावेद अली महानगर महासचिव, AIMIM #महानगर_महासचिव_जनाब_मोहम्मद_जावेद_अली_साहब #AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad

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  • असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा। असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती। AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है। आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी। AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है। असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया। एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा। मोहम्मद जावेद अली महानगर महासचिव, AIMIM #महानगर_महासचिव_जनाब_मोहम्मद_जावेद_अली_साहब #AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad
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    असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा।

असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती।

AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है।

आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी।

AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है।

असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया।
एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा।

मोहम्मद जावेद अली
महानगर महासचिव, AIMIM
#महानगर_महासचिव_जनाब_मोहम्मद_जावेद_अली_साहब 
#AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad
    user_फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
    फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
    Local News Reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • HIGH SELLING trendy black t-shirt with matching colour shorts for men casual and gym use Name: HIGH SELLING trendy black t-shirt with matching colour shorts for men casual and gym use Top Fabric: Lyocell Bottom Fabric: Polyester Sleeve Length: Short Sleeves Top Pattern: Printed Bottom Pattern: Printed Net Quantity (N): 1 Tshirt nikar set Kabbadi tshirt nikar set Football tshirt nikar set Lycra Tshirt nikar Pack of T-shirt and Shorts Set Top and bottom wear Half Tracksuit for Summer Sizes: S (Top Chest Size: 36 in, Top Length Size: 25 in, Bottom Waist Size: 26 in, Bottom Length Size: 16 in, Shoulder Length Size: 10 in) M (Top Chest Size: 38 in, Top Length Size: 26 in, Bottom Waist Size: 28 in, Bottom Length Size: 17 in, Shoulder Length Size: 11 in) L (Top Chest Size: 40 in, Top Length Size: 27 in, Bottom Waist Size: 32 in, Bottom Length Size: 18 in, Shoulder Length Size: 12 in) XL (Top Chest Size: 42 in, Top Length Size: 28 in, Bottom Waist Size: 36 in, Bottom Length Size: 19 in, Shoulder Length Size: 13 in) Country of Origin: India
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    HIGH SELLING trendy black t-shirt with matching colour shorts for men casual and gym use
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    user_Mystore.91
    Mystore.91
    Salesperson Firozabad, Uttar Pradesh•
    11 hrs ago
  • फ़िरोज़ाबाद टूंडला में सिरफिरे की सनक! नंबर ब्लॉक किया तो घर में घुसकर युवती पर बरसा दी गोलियां, मचा हड़कंप
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    फ़िरोज़ाबाद टूंडला में सिरफिरे की सनक! नंबर ब्लॉक किया तो घर में घुसकर युवती पर बरसा दी गोलियां, मचा हड़कंप
    user_AWAZ TV UTTAR PRADESH
    AWAZ TV UTTAR PRADESH
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं। फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।
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    फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग

फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं।

तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद

स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।

पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है।

स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत

स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं।

फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।


फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग
फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं।
तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है।
स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं।
फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।
    user_आगरा देहात संवाददाता
    आगरा देहात संवाददाता
    Photographer फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आगरा थाना खैरागढ़ ब्रेकिंग!!! 4 साल बाद मिली चोरी हुई राइफल, पूर्व प्रधान का संकल्प हुआ पूरा आगरा। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने चोरी और नकबजनी के मामलों में वांछित ₹25 हजार के इनामी शातिर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की लाइसेंसी राइफल, दो जिंदा कारतूस, ₹50 हजार नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद राइफल 2022 में सैंया थाना क्षेत्र के मुखरई गांव के पूर्व प्रधान उदय सिंह पिप्पल के घर से चोरी हुई थी। राइफल बरामद नहीं होने के बाद उदय सिंह ने संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। करीब चार साल बाद जब आगरा पुलिस ने वही राइफल बरामद की, तो उदय सिंह का संकल्प भी पूरा हो गया। उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि राइफल की बरामदगी उनके लिए बेहद भावुक पल है और अब वह अपना पुराना लुक वापस अपनाएंगे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ध्रुव सिंह राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगरा के अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।
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    आगरा थाना खैरागढ़ ब्रेकिंग!!!

 4 साल बाद मिली चोरी हुई राइफल, पूर्व प्रधान का संकल्प हुआ पूरा

आगरा। खेरागढ़ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने चोरी और नकबजनी के मामलों में वांछित ₹25 हजार के इनामी शातिर आरोपी ध्रुव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से चोरी की लाइसेंसी राइफल, दो जिंदा कारतूस, ₹50 हजार नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

बरामद राइफल 2022 में सैंया थाना क्षेत्र के मुखरई गांव के पूर्व प्रधान उदय सिंह पिप्पल के घर से चोरी हुई थी। राइफल बरामद नहीं होने के बाद उदय सिंह ने संकल्प लिया था कि जब तक उनकी राइफल वापस नहीं मिलती, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे।

करीब चार साल बाद जब आगरा पुलिस ने वही राइफल बरामद की, तो उदय सिंह का संकल्प भी पूरा हो गया। उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि राइफल की बरामदगी उनके लिए बेहद भावुक पल है और अब वह अपना पुराना लुक वापस अपनाएंगे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ध्रुव सिंह राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है और उसके खिलाफ आगरा के अलग-अलग थानों में 9 मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसके साथियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह के साथ मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों में घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देता था।
    user_Gyadeen Verma
    Gyadeen Verma
    Court reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मीडिया के लिए साफ संदेश: असीम वकार के कांग्रेस में जाने को AIMIM के लिए “झटका” न बताया जाए असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा। असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती। AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है। आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी। AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है। असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया। एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा। मोहम्मद जावेद अली महानगर महासचिव, AIMIM #AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad
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    मीडिया के लिए साफ संदेश: असीम वकार के कांग्रेस में जाने को AIMIM के लिए “झटका” न बताया जाए

असीम वकार साहब के AIMIM छोड़कर कांग्रेस में जाने को कुछ लोग AIMIM के लिए बड़ा राजनीतिक झटका बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मीडिया से हमारा साफ संदेश है कि इसे AIMIM के लिए झटका या बड़ा राजनीतिक नुकसान बताना उचित नहीं होगा।

असीम वकार साहब AIMIM में आए थे और अब कांग्रेस में चले गए हैं। वह अकेले आए थे और अकेले ही गए हैं। राजनीतिक संगठनों में लोग आते-जाते रहते हैं। इससे किसी मजबूत और सक्रिय संगठन की बुनियाद नहीं हिलती।

AIMIM किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। यह पार्टी अपने जमीनी स्तर पर लगातार मेहनत करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से मजबूत होती है। आज भी पार्टी के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्ड से लेकर विधानसभा और जिला स्तर तक पूरी मजबूती के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

जहां तक असीम वकार साहब की बात है, उनका संगठन के जमीनी स्तर पर ऐसा व्यापक जनाधार नहीं था कि उनके जाने से AIMIM के संगठन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़े। न जाने कितने लोग राजनीतिक दलों में आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी अपनी विचारधारा और कार्यकर्ताओं के दम पर आगे बढ़ती रहती है।

आज भी AIMIM में लगातार नए लोग जुड़ रहे हैं और संगठन को मजबूत करने का काम जारी है। इसलिए किसी एक व्यक्ति के पार्टी छोड़ने को “बड़ा झटका” बताना वास्तविकता से अधिक राजनीतिक अतिशयोक्ति होगी।

AIMIM एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के भरोसे खड़ी है।

असीम वकार गए हैं, संगठन नहीं गया।
एक व्यक्ति के जाने से कारवां नहीं रुकता—कारवां अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहेगा।

मोहम्मद जावेद अली
महानगर महासचिव, AIMIM

#AIMIM #असीमवकार #AIMIMसंगठन #जमीनीकार्यकर्ता #मजबूतसंगठन #मजलिस #उत्तरप्रदेश #फिरोजाबाद #Mission2027 #AIMIMZindabad
    user_फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
    फिरोजाबाद न्यूज़ TIMES 24
    Local News Reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • फ़िरोज़ाबाद के उसायनी मे युवक ने युवती को मारी गोली, युवती हुई घायल,आरोपी हुआ फरार फिरोजाबाद मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डालने से नाराज युवक ने घर में घुसकर युवती को मारी गोली फिरोजाबाद के उसायनी गांव में मंगलवार दोपहर एक युवक ने घर में घुसकर 25 वर्षीय युवती को गोली मार दी। आरोपी ने युवती पर तीन राउंड फायर किए, जिनमें दो गोली मिस हो गईं, जबकि तीसरी गोली उसके कंधे को पार कर गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।बताया गया है कि उसायनी निवासी अंजली यादव पुत्री इंद्रपाल सिंह घर की दूसरी मंजिल पर पड़ोस के बच्चों को पढ़ा रही थी। इसी दौरान आरोपी विपिन जाटव मकान के अंदर घुस आया और उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से अंजली घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, आरोपी युवक अंजली को फोन करके परेशान करता था। परेशान होकर अंजली ने उसका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी की भाभी बृजेश कुमारी पत्नी विनय वर्तमान में प्रधान हैं। जिस समय यह घटना हुई उस समय युवती अपने घर की दूसरी मंजिल पर बच्चों को पढ़ा रही थी। घर में छोटी बहन उमा और छोटा भाई दीक्षांत, मां अशोक देवी, दादी मालती देवी, दादा इंद्रपाल सिंह घर पर थे। जबकि उसका भाई गजेंद्र यादव पुलिस में दरोगा के पद पर कानपुर देहात में तैनात है। सूचना पर सीओ अरुण कुमार चौरसिया, इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना को लेकर गांव में चर्चा बनी हुई है। Updated News-02/अगस्त/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर के लिए शीघ्र सम्पर्क करें |
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    फ़िरोज़ाबाद के उसायनी मे युवक ने युवती को मारी गोली, युवती हुई घायल,आरोपी हुआ फरार 
फिरोजाबाद मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डालने से नाराज युवक ने घर में घुसकर युवती को मारी गोली
फिरोजाबाद के उसायनी गांव में मंगलवार दोपहर एक युवक ने घर में घुसकर 25 वर्षीय युवती को गोली मार दी। आरोपी ने युवती पर तीन राउंड फायर किए, जिनमें दो गोली मिस हो गईं, जबकि तीसरी गोली उसके कंधे को पार कर गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।बताया गया है कि उसायनी निवासी अंजली यादव पुत्री इंद्रपाल सिंह घर की दूसरी मंजिल पर पड़ोस के बच्चों को पढ़ा रही थी। इसी दौरान आरोपी विपिन जाटव मकान के अंदर घुस आया और उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से अंजली घायल हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, आरोपी युवक अंजली को फोन करके परेशान करता था। परेशान होकर अंजली ने उसका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी की भाभी बृजेश कुमारी पत्नी विनय वर्तमान में प्रधान हैं। जिस समय यह घटना हुई उस समय युवती अपने घर की दूसरी मंजिल पर बच्चों को पढ़ा रही थी। घर में छोटी बहन उमा और छोटा भाई दीक्षांत, मां अशोक देवी, दादी मालती देवी, दादा इंद्रपाल सिंह घर पर थे। जबकि उसका भाई गजेंद्र यादव पुलिस में दरोगा के पद पर कानपुर देहात में तैनात है। सूचना पर सीओ अरुण कुमार चौरसिया, इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना को लेकर गांव में चर्चा बनी हुई है। 
Updated News-02/अगस्त/26- AIN नेटवर्क की व्यरो रिपोर्ट 
नये youtube चैनल के साथ एक बार फिर से उसी नाम के साथ सोशल मीडिया मित्रों और शुभचिंतको से चैनल सब्सक्राइब करने की अपील🙏| अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना बिल्कुल भी ना भूले | अब सभी खबरों को देखिये 4K के साथ | AIN नेटवर्क को उत्तरप्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर, ब्लॉक रिपोर्टर के लिए शीघ्र सम्पर्क करें |
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सवर्ण समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत : प्रशासन लाठी चार्ज सवर्ण समाज के UGC को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में एक दरोगा जयप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियो पर लाठी चार्ज कर दिया स्वर्ण समाज पूछता है अगर कॉकरोचों कि भाती प्रशासन का इलाज करना अच्छा लगता है क्या और हम अनुशासनिक एवं शिक्षित लोग हैं कि हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने भी नहीं दिया जाएगा DSP साहब रोकते रहे लेकिन दरोगा जी ने रुके और यह सब कमरे में कैद हो गया आप स्वयम देखिए
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    सवर्ण समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन आगरा की तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत : प्रशासन लाठी चार्ज 
सवर्ण समाज के UGC को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में एक दरोगा जयप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियो पर लाठी चार्ज कर दिया स्वर्ण समाज पूछता है अगर कॉकरोचों कि भाती प्रशासन का इलाज करना अच्छा लगता है क्या और हम अनुशासनिक एवं शिक्षित लोग हैं कि हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने भी नहीं दिया जाएगा DSP साहब रोकते रहे लेकिन दरोगा जी ने रुके और यह सब कमरे में कैद हो गया आप स्वयम देखिए
    user_आगरा केसरी न्यूज
    आगरा केसरी न्यूज
    Local News Reporter फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
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