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क्या यह सच कहानी है ना मामला कहां का है

2 hrs ago
user_Manish kumar
Manish kumar
भानपुर, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

क्या यह सच कहानी है ना मामला कहां का है

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • ना मामला कहां का है
    1
    ना मामला कहां का है
    user_Manish kumar
    Manish kumar
    भानपुर, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Dinesh yadav
    1
    Post by Dinesh yadav
    user_Dinesh yadav
    Dinesh yadav
    Political party office Basti, Lucknow•
    1 hr ago
  • 🙏😊
    1
    🙏😊
    user_Santosh Jaiswal
    Santosh Jaiswal
    Basti, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) 🚨आम आदमी की रसोई पर 'सिंडिकेट' का डाका🚨 ⭐‘आपदा में अवसर’ का खेल उल्टा पड़ा: 25 दिन की LPG सीमा ने खोली गैस एजेंसियों के काले कारनामों की पोल ⭐"सब्सिडी आपकी, सिलेंडर होटल का: बस्ती में गैस एजेंसियों ने रचा 'बुकिंग' का मायाजाल।" ⭐"हवा में उड़ी आपूर्ति! जब चूल्हा खाली था, तब आपके नाम का सिलेंडर कहाँ 'डिलीवर' हो गया?" बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश। बस्ती।। कहते हैं कि चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए सरकार द्वारा तय की गई 25 दिनों की समय-सीमा ने गैस एजेंसियों के उस 'तिलिस्म' को तोड़ दिया है, जिसकी आड़ में वर्षों से उपभोक्ताओं के हक पर डाका डाला जा रहा था। बस्ती सहित पूरे देश में मची अफरातफरी ने यह साफ कर दिया है कि संकट गैस की किल्लत का नहीं, बल्कि नीयत की खोट का है। 💫डिजिटल स्ट्राइक से बेनकाब हुआ 'ब्लैक' का खेल अब तक बिना किसी सख्त समय-सीमा के खेल चल रहा था। एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी बुकिंग कर सिलेंडर होटल, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। लेकिन जैसे ही '25 दिन का नियम' लागू हुआ, यह सिंडिकेट अपने ही जाल में फंस गया। जब असली उपभोक्ता ने सिलेंडर बुक करना चाहा, तो स्क्रीन पर चमकते "Already Booked" के संदेश ने भ्रष्टाचार की पूरी कहानी बयां कर दी। 💫डेटा बनाम हकीकत: कहां गया आम आदमी का गैस? एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें और उपभोक्ताओं का आक्रोश जायज है। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनियों के सर्वर पर जो सिलेंडर 'डिलीवर' दिखाए जा रहे हैं, वे कभी उपभोक्ता के घर पहुंचे ही नहीं। 💫सवाल यह है: अगर सिलेंडर उपभोक्ता को नहीं मिला, तो वह गया कहां? 💫जवाब साफ है: बिचौलियों की मिलीभगत से घरेलू सब्सिडी का सिलेंडर व्यावसायिक भट्ठियों में झोंक दिया गया। "यह महज तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध है। जब डेटा बोलता है कि सिलेंडर बिक चुका है और उपभोक्ता कहता है कि चूल्हा ठंडा है, तो समझ लीजिए कि बीच की मलाई कोई और खा गया है।" 💫अब कार्रवाई की दरकार प्रशासन और खाद्य रसद विभाग को केवल तमाशबीन नहीं बने रहना चाहिए। यह समय है कि उन एजेंसियों का स्टॉक ऑडिट किया जाए और सर्वर डेटा का मिलान भौतिक सत्यापन से हो। 'डिजिटल इंडिया' के दौर में अगर कालाबाजारी की यह तकनीक अपनाई जा रही है, तो दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। 💫उपभोक्ता क्या करें? यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो चुप न बैठें: 👉शिकायत दर्ज करें: तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन या पोर्टल पर 'अनधिकृत बुकिंग' की रिपोर्ट करें। 👉सबूत जुटाएं: अपने मोबाइल पर आए मैसेज का स्क्रीनशॉट रखें। 👉विधिक कदम: जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को लिखित शिकायत दें।
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    अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨आम आदमी की रसोई पर 'सिंडिकेट' का डाका🚨
⭐‘आपदा में अवसर’ का खेल उल्टा पड़ा: 25 दिन की LPG सीमा ने खोली गैस एजेंसियों के काले कारनामों की पोल
⭐"सब्सिडी आपकी, सिलेंडर होटल का: बस्ती में गैस एजेंसियों ने रचा 'बुकिंग' का मायाजाल।"
⭐"हवा में उड़ी आपूर्ति! जब चूल्हा खाली था, तब आपके नाम का सिलेंडर कहाँ 'डिलीवर' हो गया?"
बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।
बस्ती।। कहते हैं कि चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए सरकार द्वारा तय की गई 25 दिनों की समय-सीमा ने गैस एजेंसियों के उस 'तिलिस्म' को तोड़ दिया है, जिसकी आड़ में वर्षों से उपभोक्ताओं के हक पर डाका डाला जा रहा था। बस्ती सहित पूरे देश में मची अफरातफरी ने यह साफ कर दिया है कि संकट गैस की किल्लत का नहीं, बल्कि नीयत की खोट का है।
💫डिजिटल स्ट्राइक से बेनकाब हुआ 'ब्लैक' का खेल
अब तक बिना किसी सख्त समय-सीमा के खेल चल रहा था। एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी बुकिंग कर सिलेंडर होटल, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। लेकिन जैसे ही '25 दिन का नियम' लागू हुआ, यह सिंडिकेट अपने ही जाल में फंस गया। जब असली उपभोक्ता ने सिलेंडर बुक करना चाहा, तो स्क्रीन पर चमकते "Already Booked" के संदेश ने भ्रष्टाचार की पूरी कहानी बयां कर दी।
💫डेटा बनाम हकीकत: कहां गया आम आदमी का गैस?
एजेंसियों के बाहर लगी लंबी कतारें और उपभोक्ताओं का आक्रोश जायज है। चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनियों के सर्वर पर जो सिलेंडर 'डिलीवर' दिखाए जा रहे हैं, वे कभी उपभोक्ता के घर पहुंचे ही नहीं।
💫सवाल यह है: अगर सिलेंडर उपभोक्ता को नहीं मिला, तो वह गया कहां?
💫जवाब साफ है: बिचौलियों की मिलीभगत से घरेलू सब्सिडी का सिलेंडर व्यावसायिक भट्ठियों में झोंक दिया गया।
"यह महज तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध है। जब डेटा बोलता है कि सिलेंडर बिक चुका है और उपभोक्ता कहता है कि चूल्हा ठंडा है, तो समझ लीजिए कि बीच की मलाई कोई और खा गया है।"
💫अब कार्रवाई की दरकार
प्रशासन और खाद्य रसद विभाग को केवल तमाशबीन नहीं बने रहना चाहिए। यह समय है कि उन एजेंसियों का स्टॉक ऑडिट किया जाए और सर्वर डेटा का मिलान भौतिक सत्यापन से हो। 'डिजिटल इंडिया' के दौर में अगर कालाबाजारी की यह तकनीक अपनाई जा रही है, तो दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।
💫उपभोक्ता क्या करें?
यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो चुप न बैठें:
👉शिकायत दर्ज करें: तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन या पोर्टल पर 'अनधिकृत बुकिंग' की रिपोर्ट करें।
👉सबूत जुटाएं: अपने मोबाइल पर आए मैसेज का स्क्रीनशॉट रखें।
👉विधिक कदम: जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को लिखित शिकायत दें।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • सड़क और नाली बनवाने को लेकर इटवा गांव क्षेत्र में वार्ड न0 15 में नगर पंचायत के लोगों में लापरवाही बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से इतने दिनों तक कोई कार्यवाही नहीं लिया जा रहा है। सिर्फ एक घर की वजह से सड़क और नाली दोनो नहीं बनाई जा रही है मैने कईं बार चेयरमैन श्री विकास जायसवाल जी से भी शिकायत दर्ज किया लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं किया जा रहा है जिससे आने जाने और पानी गिरने में समस्या दिखाई दे रही है बारिश के समय म पानी घर के अंदर आ रहा है कृपया करके इस कार्य को पूर्ण रूप से सड़क और नाली जल्द से जल्द उपलब्ध करा दे ,।।।🙏🙏🙏
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    सड़क और नाली बनवाने को लेकर इटवा गांव 
क्षेत्र में वार्ड न0 15 में नगर पंचायत के लोगों में लापरवाही बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से इतने दिनों तक कोई कार्यवाही नहीं लिया जा रहा है।
सिर्फ एक घर की वजह से सड़क और नाली दोनो नहीं बनाई जा रही है मैने कईं बार चेयरमैन श्री विकास जायसवाल जी से भी शिकायत दर्ज किया लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं किया जा रहा है जिससे आने जाने और पानी गिरने में समस्या दिखाई दे रही है 
बारिश के समय म पानी घर के अंदर आ रहा है कृपया करके इस कार्य को पूर्ण रूप से सड़क और नाली जल्द से जल्द उपलब्ध करा दे ,।।।🙏🙏🙏
    user_DR SIDDHARTH..
    DR SIDDHARTH..
    इटवा, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Anand Kumar Scrap Merchant
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    Post by Anand Kumar Scrap Merchant
    user_Anand Kumar Scrap Merchant
    Anand Kumar Scrap Merchant
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • आज रात में हुई बारिश के कारण काफी फैसले गेहूं की बर्बाद हो चुकी हैं यह समाचार सरायखास छितलूपुर का है का है
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    आज रात में हुई बारिश के कारण काफी फैसले गेहूं की बर्बाद हो चुकी हैं यह समाचार सरायखास छितलूपुर का है  का है
    user_ASHOK KUMAR VERMA
    ASHOK KUMAR VERMA
    Teacher उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Dinesh yadav
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    Post by Dinesh yadav
    user_Dinesh yadav
    Dinesh yadav
    Political party office Basti, Lucknow•
    15 hrs ago
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