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हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खार कला मंडल, खालवा मंडल और कलाम खुर्द में कार्यकर्ताओं और मंडल के सभी अध्यक्षों के साथ-साथ बूथ अध्यक्षों ने मिलकर श्रीमान द्वियदित शाह का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर सभी ने माननीय जी का स्वागत भी किया।

2 hrs ago
user_Atmaram Yadav
Atmaram Yadav
Farmer खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खार कला मंडल, खालवा मंडल और कलाम खुर्द में कार्यकर्ताओं और मंडल के सभी अध्यक्षों के साथ-साथ बूथ अध्यक्षों ने मिलकर श्रीमान द्वियदित शाह का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर सभी ने माननीय जी का स्वागत भी किया।

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  • हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खार कला मंडल, खालवा मंडल और कलाम खुर्द में कार्यकर्ताओं और मंडल के सभी अध्यक्षों के साथ-साथ बूथ अध्यक्षों ने मिलकर श्रीमान द्वियदित शाह का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर सभी ने माननीय जी का स्वागत भी किया।
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    हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खार कला मंडल, खालवा मंडल और कलाम खुर्द में कार्यकर्ताओं और मंडल के सभी अध्यक्षों के साथ-साथ बूथ अध्यक्षों ने मिलकर श्रीमान द्वियदित शाह का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर सभी ने माननीय जी का स्वागत भी किया।
    user_Atmaram Yadav
    Atmaram Yadav
    Farmer खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा।  Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया।  YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे।  Quora +1 प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा।  Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया।  YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे।  प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता
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रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। 

Wikipedia +2

माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:

1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष)

जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। 

YouTube·Tilak +4

दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। 

Quora +1

प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता


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रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। 
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माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:
1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष)
जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। 
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दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। 
प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता
    user_Sachinphotograpy Harsud
    Sachinphotograpy Harsud
    Photographer हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • धुलकोट में एक आदिवासी युवती को भगाने के आरोप के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना को लेकर युवती के परिजनों ने बुरहानपुर में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। यह जानकारी एएनटी ऑल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के लिए अन सिंग मोरे की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
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    धुलकोट में एक आदिवासी युवती को भगाने के आरोप के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना को लेकर युवती के परिजनों ने बुरहानपुर में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। यह जानकारी एएनटी ऑल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क के लिए अन सिंग मोरे की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सुलगांव में एक विधवा महिला के खेत में टावर लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है। यह विरोध महिला के खेत में टावर लगाने की योजना से संबंधित है।
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    सुलगांव में एक विधवा महिला के खेत में टावर लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है। यह विरोध महिला के खेत में टावर लगाने की योजना से संबंधित है।
    user_रजाक खान पुनासा पत्रकार
    रजाक खान पुनासा पत्रकार
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • हरदा के रहटगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में अपर्याप्त उपचार और लापरवाही को लेकर ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह से धरना प्रदर्शन किया। उनका मुख्य विरोध वर्तमान डॉक्टर अंशुल नरनावरे के खिलाफ था, जिन पर उचित उपचार न करने, मरीजों से इलाज के लिए पैसे मांगने और अस्पताल की छवि धूमिल करने का आरोप था, जिससे मरीज और ग्रामीण परेशान थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डॉ. नरनावरे, एक ट्रेनी डॉक्टर होने के कारण, अनुभव की कमी के चलते हर महीने लगभग 1800 ओपीडी वाले अस्पताल में मरीजों की संख्या घटाकर 250-300 कर दी थी। उन पर मरीजों और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप था, और उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि उन्हें डॉक्टरी का पूरा ज्ञान नहीं है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा था। दोपहर में, जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह और टिमरनी सीबीएमओ डॉ. एम.के. चौरे ने लिखित आश्वासन दिया कि डॉ. अंशुल नरनावरे को तत्काल प्रभाव से रहटगांव पीएचसी से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया में है। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति का भी आश्वासन दिया। तब तक, टिमरनी बीएमओ डॉ. एम.के. चौरे स्वयं यहां की व्यवस्थाएं संभालेंगे और वैकल्पिक रूप से टिमरनी से एक ट्रेनिंग डॉक्टर को नियुक्त किया गया है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि डॉ. अरुण अहिरवार की पदस्थापना शासन के आदेशानुसार हुई है, जिनकी ज्वाइनिंग की अनुमति संचालनालय भोपाल से एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है, साथ ही मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा चयनित चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना प्रक्रिया में है, जिसके तहत रहटगांव पीएचसी में भी नियुक्ति की संभावना है। धरने के दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की अन्य समस्याएं भी बताईं, जैसे 75 आदिवासी बहुल गांवों को सेवा देने वाले इस केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने का पूर्व में दिया गया आश्वासन अधूरा है। उन्होंने एक स्थायी डॉक्टर, एक स्थायी महिला डॉक्टर, दो नर्सिंग ऑफिसर, एक गार्ड, एक स्टोरकीपर और एन.आर.सी. में एक ए.एन.एम. सहित अन्य रिक्त पदों को भरने की मांग की। साथ ही, पी.एम. कक्ष की सख्त आवश्यकता, अस्पताल की छत की मरम्मत, शव वाहन और एम्बुलेंस की व्यवस्था, तथा अस्पताल की विद्युत लाइन को रहटगांव से जोड़ने की मांग भी की गई। टिमरनी जनपद उपाध्यक्ष एवं रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा (लिबर्टी) ने चेतावनी दी कि यदि समय-सीमा में स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होती है, तो उन्हें फिर से उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इन आश्वासनों के बाद, ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
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    हरदा के रहटगांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में अपर्याप्त उपचार और लापरवाही को लेकर ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह से धरना प्रदर्शन किया। उनका मुख्य विरोध वर्तमान डॉक्टर अंशुल नरनावरे के खिलाफ था, जिन पर उचित उपचार न करने, मरीजों से इलाज के लिए पैसे मांगने और अस्पताल की छवि धूमिल करने का आरोप था, जिससे मरीज और ग्रामीण परेशान थे।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डॉ. नरनावरे, एक ट्रेनी डॉक्टर होने के कारण, अनुभव की कमी के चलते हर महीने लगभग 1800 ओपीडी वाले अस्पताल में मरीजों की संख्या घटाकर 250-300 कर दी थी। उन पर मरीजों और स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करने का भी आरोप था, और उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि उन्हें डॉक्टरी का पूरा ज्ञान नहीं है, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा था। दोपहर में, जिला चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह और टिमरनी सीबीएमओ डॉ. एम.के. चौरे ने लिखित आश्वासन दिया कि डॉ. अंशुल नरनावरे को तत्काल प्रभाव से रहटगांव पीएचसी से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ जांच प्रक्रिया में है। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति का भी आश्वासन दिया। तब तक, टिमरनी बीएमओ डॉ. एम.के. चौरे स्वयं यहां की व्यवस्थाएं संभालेंगे और वैकल्पिक रूप से टिमरनी से एक ट्रेनिंग डॉक्टर को नियुक्त किया गया है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि डॉ. अरुण अहिरवार की पदस्थापना शासन के आदेशानुसार हुई है, जिनकी ज्वाइनिंग की अनुमति संचालनालय भोपाल से एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है, साथ ही मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा चयनित चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना प्रक्रिया में है, जिसके तहत रहटगांव पीएचसी में भी नियुक्ति की संभावना है।

धरने के दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल की अन्य समस्याएं भी बताईं, जैसे 75 आदिवासी बहुल गांवों को सेवा देने वाले इस केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने का पूर्व में दिया गया आश्वासन अधूरा है। उन्होंने एक स्थायी डॉक्टर, एक स्थायी महिला डॉक्टर, दो नर्सिंग ऑफिसर, एक गार्ड, एक स्टोरकीपर और एन.आर.सी. में एक ए.एन.एम. सहित अन्य रिक्त पदों को भरने की मांग की। साथ ही, पी.एम. कक्ष की सख्त आवश्यकता, अस्पताल की छत की मरम्मत, शव वाहन और एम्बुलेंस की व्यवस्था, तथा अस्पताल की विद्युत लाइन को रहटगांव से जोड़ने की मांग भी की गई। टिमरनी जनपद उपाध्यक्ष एवं रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा (लिबर्टी) ने चेतावनी दी कि यदि समय-सीमा में स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं होती है, तो उन्हें फिर से उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। इन आश्वासनों के बाद, ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
    user_संदीप अग्रवाल Agrawal
    संदीप अग्रवाल Agrawal
    Journalist हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बुरहानपुर शहरी क्षेत्र से लगी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत एमागिर्द की मजदूर और बुनकर बस्ती अख्तर कॉलोनी, काला ताजमहल रोड के ग्रामीण पिछले आठ महीने से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। यह क्षेत्र बुरहानपुर नगरीय क्षेत्र से सटा हुआ है। जानकारी के अनुसार, पहले अख्तर कॉलोनी के लोग यहाँ से होकर गुजरने वाली नगर निगम की पाइपलाइन से पीने का पानी प्राप्त करते थे। हालांकि, नगर निगम द्वारा नई जलावर्धन योजना शुरू किए जाने के बाद, निगम ने इस पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति बंद कर दी है। पानी की किल्लत से परेशान होकर, अब ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
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    बुरहानपुर शहरी क्षेत्र से लगी जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत एमागिर्द की मजदूर और बुनकर बस्ती अख्तर कॉलोनी, काला ताजमहल रोड के ग्रामीण पिछले आठ महीने से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। यह क्षेत्र बुरहानपुर नगरीय क्षेत्र से सटा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, पहले अख्तर कॉलोनी के लोग यहाँ से होकर गुजरने वाली नगर निगम की पाइपलाइन से पीने का पानी प्राप्त करते थे। हालांकि, नगर निगम द्वारा नई जलावर्धन योजना शुरू किए जाने के बाद, निगम ने इस पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति बंद कर दी है।

पानी की किल्लत से परेशान होकर, अब ग्रामीण अपनी समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
    user_Sharique Akhtar Durrani
    Sharique Akhtar Durrani
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बुरहानपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है और एक अवैध हथियार फैक्ट्री को जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतरसिंह कनेश और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नेपानगर श्री निर्भयसिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना खकनार व नेपानगर की संयुक्त टीम द्वारा की गई। दिनांक 02.06.2026 को थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल ने बंटी उर्फ ब्रजेश पिता किशोरीलाल दावरे (46), निवासी ई-टाइप नेपानगर को उसकी स्वीफ्ट कार MP43C4256 से एक देशी पिस्टल और एक धारदार चाकू के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध आयुध अधिनियम की धारा 25(1-B)(A) और 25(1-B)(B) के तहत मामला दर्ज कर कुल ₹2,40,500 का मशरूका जब्त किया गया था। गिरफ्तार आरोपी बंटी से पूछताछ के आधार पर उसके कब्जे से एक और अवैध पिस्टल तथा चार देशी पिस्टल के राउंड जब्त किए गए। बंटी ने बताया कि ये हथियार उसे अजीतसिंग उर्फ डेडिया पिता छतरसिंग सिकलीगर, निवासी धुलकोट थाना भगवानपुरा ने दिए थे। इस जानकारी पर थाना प्रभारी खकनार निरीक्षक अभिषेक जाधव और थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम पाचोरी के जंगल क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस को देखकर अवैध हथियार बना रहे आरोपी अजीतसिंग और ठाकुर पिता बराडसिंग मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से एक अर्धनिर्मित देशी पिस्टल, दो मैगजीन, एक बैरल, दो ग्राइंडर मशीन, एक ड्रिल मशीन, दो ब्लोअर, हथौड़ा, छेनी, रेती, प्लास, कटिंग ब्लेड और हथियार बनाने के अन्य उपकरण भारी मात्रा में जब्त किए गए। फरार आरोपियों द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों का निर्माण और तस्करी की जा रही थी, जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने संदेश जारी करते हुए कहा कि जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुछ अवैध हथियार तस्कर पुलिस की कार्रवाई के दौरान लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जिससे भीड़ पुलिस कार्रवाई में बाधा डाले। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाए जाएंगे। इस कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक जाधव (थाना खकनार), निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल (थाना नेपानगर), उनि कलीराम मौर्य, प्र.आर.346 गजेंद्र रावत, प्र.आर. 272 सतीश सूर्यवंशी, आर.311 सुनील धुर्वे, और आर.289 नीरज दांगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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    बुरहानपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है और एक अवैध हथियार फैक्ट्री को जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतरसिंह कनेश और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नेपानगर श्री निर्भयसिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना खकनार व नेपानगर की संयुक्त टीम द्वारा की गई। दिनांक 02.06.2026 को थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल ने बंटी उर्फ ब्रजेश पिता किशोरीलाल दावरे (46), निवासी ई-टाइप नेपानगर को उसकी स्वीफ्ट कार MP43C4256 से एक देशी पिस्टल और एक धारदार चाकू के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के विरुद्ध आयुध अधिनियम की धारा 25(1-B)(A) और 25(1-B)(B) के तहत मामला दर्ज कर कुल ₹2,40,500 का मशरूका जब्त किया गया था।

गिरफ्तार आरोपी बंटी से पूछताछ के आधार पर उसके कब्जे से एक और अवैध पिस्टल तथा चार देशी पिस्टल के राउंड जब्त किए गए। बंटी ने बताया कि ये हथियार उसे अजीतसिंग उर्फ डेडिया पिता छतरसिंग सिकलीगर, निवासी धुलकोट थाना भगवानपुरा ने दिए थे। इस जानकारी पर थाना प्रभारी खकनार निरीक्षक अभिषेक जाधव और थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने ग्राम पाचोरी के जंगल क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस को देखकर अवैध हथियार बना रहे आरोपी अजीतसिंग और ठाकुर पिता बराडसिंग मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से एक अर्धनिर्मित देशी पिस्टल, दो मैगजीन, एक बैरल, दो ग्राइंडर मशीन, एक ड्रिल मशीन, दो ब्लोअर, हथौड़ा, छेनी, रेती, प्लास, कटिंग ब्लेड और हथियार बनाने के अन्य उपकरण भारी मात्रा में जब्त किए गए। फरार आरोपियों द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों का निर्माण और तस्करी की जा रही थी, जिनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया गया है।

पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागरी ने संदेश जारी करते हुए कहा कि जिले में अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कुछ अवैध हथियार तस्कर पुलिस की कार्रवाई के दौरान लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जिससे भीड़ पुलिस कार्रवाई में बाधा डाले। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो इस प्रकार की गतिविधि में लिप्त पाए जाएंगे। इस कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक जाधव (थाना खकनार), निरीक्षक ज्ञानू जायसवाल (थाना नेपानगर), उनि कलीराम मौर्य, प्र.आर.346 गजेंद्र रावत, प्र.आर. 272 सतीश सूर्यवंशी, आर.311 सुनील धुर्वे, और आर.289 नीरज दांगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    user_Raju Singh Rathod
    Raju Singh Rathod
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • माननीय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कुंवर दिव्यादित शाह के जन्मदिन को लेकर खारमंडल क्षेत्र में जगह-जगह व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जहाँ गांव-गांव में खुशियों का माहौल बना हुआ है। प्रेम से लोग उन्हें 'छोटे बॉस' या 'बाबा सा' कहकर संबोधित करते हैं, जिससे उनकी गरिमा बनी रहती है। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर हर जगह बैनर और फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर खारमंडल के सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने घरों पर दो-दो पौधे लगाएं, ताकि यह बच्चों और परिवार को याद रहे कि ये पौधे 'बाबा साहब' के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लगाए गए हैं। खारमंडल के देवली खुर्द, देवली कला, चिकतलाई सरमेश्वर, गधड़िया, तालियाधर जामुनिया कला, जामनिया खुर्द, मानपुरा और दूधकुंडिया जैसे सभी गांवों में हर्षोल्लास देखा जा रहा है। श्रीमान पिंटू भैया ने बताया कि वे जब गांवों का दौरा कर रहे हैं, तो उन्हें हर तरफ लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा, मानो वे बेहद हर्षोल्लास में हों। यह उत्साह श्री कुंवर दिव्यादित शाह द्वारा करवाए गए अनगिनत कार्यों का परिणाम है। देवली खुर्द के श्री आत्माराम यादव के अनुसार, इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य नहर के पानी की व्यवस्था है, जिसे लोग 100 में से 100 अंक देते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि वे इस काम को कभी भूल नहीं सकते, क्योंकि जिन खेतों में पानी के लिए तरसते थे, वहाँ अब पानी पहुँच गया है, जिससे किसानों की खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। 'छोटे बॉस' के बैनर हर जगह उनकी बढ़ती आस्था और जनसंपर्क को दर्शा रहे हैं। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी गांवों की ओर से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दी गई है।
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    माननीय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कुंवर दिव्यादित शाह के जन्मदिन को लेकर खारमंडल क्षेत्र में जगह-जगह व्यापक तैयारियां चल रही हैं, जहाँ गांव-गांव में खुशियों का माहौल बना हुआ है। प्रेम से लोग उन्हें 'छोटे बॉस' या 'बाबा सा' कहकर संबोधित करते हैं, जिससे उनकी गरिमा बनी रहती है। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर हर जगह बैनर और फ्लेक्स लगाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर खारमंडल के सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने घरों पर दो-दो पौधे लगाएं, ताकि यह बच्चों और परिवार को याद रहे कि ये पौधे 'बाबा साहब' के जन्मदिन के उपलक्ष्य में लगाए गए हैं। खारमंडल के देवली खुर्द, देवली कला, चिकतलाई सरमेश्वर, गधड़िया, तालियाधर जामुनिया कला, जामनिया खुर्द, मानपुरा और दूधकुंडिया जैसे सभी गांवों में हर्षोल्लास देखा जा रहा है।

श्रीमान पिंटू भैया ने बताया कि वे जब गांवों का दौरा कर रहे हैं, तो उन्हें हर तरफ लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा, मानो वे बेहद हर्षोल्लास में हों। यह उत्साह श्री कुंवर दिव्यादित शाह द्वारा करवाए गए अनगिनत कार्यों का परिणाम है। देवली खुर्द के श्री आत्माराम यादव के अनुसार, इनमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य नहर के पानी की व्यवस्था है, जिसे लोग 100 में से 100 अंक देते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि वे इस काम को कभी भूल नहीं सकते, क्योंकि जिन खेतों में पानी के लिए तरसते थे, वहाँ अब पानी पहुँच गया है, जिससे किसानों की खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

'छोटे बॉस' के बैनर हर जगह उनकी बढ़ती आस्था और जनसंपर्क को दर्शा रहे हैं। उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर सभी गांवों की ओर से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई दी गई है।
    user_Atmaram Yadav
    Atmaram Yadav
    Farmer खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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