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मध्यप्रदेश के आष्टा में रीवा में दिगंबर जैन आर्यिका संघ के साथ हुई दर्दनाक घटना के विरोध में सोमवार को व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। “जब संत सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा” जैसे सशक्त संदेशों के साथ एक विशाल मौन रैली निकाली गई, जिसमें जैन समाज के साथ-साथ अन्य सभी समाजों के हजारों महिला, पुरुष, युवा और बच्चों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से सहभागिता की। इस दौरान दिवंगत आर्यिका माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और संत सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की मांग उठाई गई। जैन धर्मावलंबियों और हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित यह मौन रैली पुरानी सब्जी मंडी चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में शामिल समाजजन अपने हाथों में संत सुरक्षा, न्याय और अहिंसा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लिए हुए थे, जिस पर “संतों की सुरक्षा देश की सुरक्षा”, “संत सुरक्षा नीति लागू करो” और “संत सुरक्षित नहीं तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा” जैसे नारे लिखे थे। पूरे मार्ग में अनुशासन, शांति और भावनात्मक वातावरण बना रहा। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों रीवा में जंगल मार्ग से पदविहार कर रहे दिगंबर जैन आर्यिका संघ पर तेज गति से कार चढ़ा देने की घटना में आर्यिका श्री श्रुतमति जी एवं आर्यिका श्री उपशममति जी का निधन हो गया था, जबकि कई अन्य आर्यिकाएं और श्रावक घायल हुए थे। तहसील कार्यालय पहुंचकर भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन एसडीओ नितिन कुमार टाले को सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन श्वेताम्बर जैन श्रीसंघ अध्यक्ष पवन सुराणा ने किया, जिन्होंने रीवा की घटना को अत्यंत दुखद और समाज को झकझोर देने वाला बताया। ज्ञापन में इस घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा देशभर में विहाररत जैन संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए विशेष 'संत सुरक्षा नीति' लागू करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, समाजजनों ने 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस समन्वय बढ़ाने और प्रशासनिक स्तर पर 'Sant Security Coordination Cell' गठित करने की भी मांग उठाई। यह ज्ञापन सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण “भूरु” मुकाती सहित कई समाजजनों और महिलाओं - शकुंतला छाजेड़, श्रद्धा गंगवाल, ज्योति पोरवाल, संगीता सेठी, ममता गंगवाल, अंजू जैन, रंजना जैन और डॉ. मीना विनीत सिंगी द्वारा सौंपा गया। मौन रैली के दौरान महिलाओं ने भी संत समाज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की, यह कहते हुए कि संत समाज भारतीय संस्कृति, अहिंसा और आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है, और उनके साथ हुई ऐसी घटना ने पूरे देश के श्रद्धालुओं को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। इस रैली में पूर्व नपाध्यक्ष द्वय कैलाश परमार, डॉ. मीना विनीत सिंगी और नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा सहित अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल थे। घटना के विरोध में देशभर में जैन समाज द्वारा मौन रैलियां एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

13 hrs ago
user_Rajendra Gangwal
Rajendra Gangwal
Ashta, Sehore•
13 hrs ago

मध्यप्रदेश के आष्टा में रीवा में दिगंबर जैन आर्यिका संघ के साथ हुई दर्दनाक घटना के विरोध में सोमवार को व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। “जब संत सुरक्षित नहीं रहेगा, तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा” जैसे सशक्त संदेशों के साथ एक विशाल मौन रैली निकाली गई, जिसमें जैन समाज के साथ-साथ अन्य सभी समाजों के हजारों महिला, पुरुष, युवा और बच्चों ने भी शांतिपूर्ण तरीके से सहभागिता की। इस दौरान दिवंगत आर्यिका माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और संत सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की मांग उठाई गई। जैन धर्मावलंबियों और हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित यह मौन रैली पुरानी सब्जी मंडी चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में शामिल समाजजन अपने हाथों में संत सुरक्षा, न्याय और अहिंसा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लिए हुए थे, जिस पर “संतों की सुरक्षा देश की सुरक्षा”, “संत सुरक्षा नीति लागू करो” और “संत सुरक्षित नहीं तो समाज कैसे सुरक्षित रहेगा” जैसे

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नारे लिखे थे। पूरे मार्ग में अनुशासन, शांति और भावनात्मक वातावरण बना रहा। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों रीवा में जंगल मार्ग से पदविहार कर रहे दिगंबर जैन आर्यिका संघ पर तेज गति से कार चढ़ा देने की घटना में आर्यिका श्री श्रुतमति जी एवं आर्यिका श्री उपशममति जी का निधन हो गया था, जबकि कई अन्य आर्यिकाएं और श्रावक घायल हुए थे। तहसील कार्यालय पहुंचकर भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन एसडीओ नितिन कुमार टाले को सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन श्वेताम्बर जैन श्रीसंघ अध्यक्ष पवन सुराणा ने किया, जिन्होंने रीवा की घटना को अत्यंत दुखद और समाज को झकझोर देने वाला बताया। ज्ञापन में इस घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा देशभर में विहाररत जैन संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए विशेष 'संत सुरक्षा नीति' लागू करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, समाजजनों ने 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने, संवेदनशील

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क्षेत्रों में पुलिस समन्वय बढ़ाने और प्रशासनिक स्तर पर 'Sant Security Coordination Cell' गठित करने की भी मांग उठाई। यह ज्ञापन सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण “भूरु” मुकाती सहित कई समाजजनों और महिलाओं - शकुंतला छाजेड़, श्रद्धा गंगवाल, ज्योति पोरवाल, संगीता सेठी, ममता गंगवाल, अंजू जैन, रंजना जैन और डॉ. मीना विनीत सिंगी द्वारा सौंपा गया। मौन रैली के दौरान महिलाओं ने भी संत समाज की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की, यह कहते हुए कि संत समाज भारतीय संस्कृति, अहिंसा और आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है, और उनके साथ हुई ऐसी घटना ने पूरे देश के श्रद्धालुओं को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। इस रैली में पूर्व नपाध्यक्ष द्वय कैलाश परमार, डॉ. मीना विनीत सिंगी और नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा सहित अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल थे। घटना के विरोध में देशभर में जैन समाज द्वारा मौन रैलियां एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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  • सादनखेड़ी-चारखेड़ी मार्ग पर वर्षों से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान अब शुरू हो गया है। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के अथक प्रयासों से इस 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य जारी है, जिससे अब ग्रामीणों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरा हर्ष है, क्योंकि उन्हें जल्द ही सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के ये प्रयास रंग लाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पहले श्रमदान से बनी इस सड़क पर अब डामरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है।
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    सादनखेड़ी-चारखेड़ी मार्ग पर वर्षों से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान अब शुरू हो गया है। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के अथक प्रयासों से इस 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य जारी है, जिससे अब ग्रामीणों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरा हर्ष है, क्योंकि उन्हें जल्द ही सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के ये प्रयास रंग लाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पहले श्रमदान से बनी इस सड़क पर अब डामरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है।
    user_Anil Sharma
    Anil Sharma
    Social Media Manager कालापीपल, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • देवास जिले के खातेगांव में जैन समाज ने रीवा में हुए हादसे के विरोध में मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
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    देवास जिले के खातेगांव में जैन समाज ने रीवा में हुए हादसे के विरोध में मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
    user_Rajput
    Rajput
    Voice of people खातेगांव, देवास, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • शाजापुर में ढाई साल की एक बच्ची के गले में फंसा पाँच रुपये का सिक्का दूरबीन ऑपरेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। बच्ची की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। यह घटना शाजापुर के ज्योति नगर निवासी आईजा अंसारी नामक ढाई साल की बच्ची के साथ हुई। परिजनों ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह परिवार के सदस्य छत पर थे, जबकि बच्ची नीचे खेल रही थी। खेलते समय ही उसने गलती से पाँच रुपये का सिक्का मुँह में डाल लिया, जिससे वह उसके गले में अटक गया। सिक्का गले में फँसने के बाद बच्ची को साँस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में की गई एक्स-रे जाँच में बच्ची के गले में सिक्का फँसा हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अस्पताल में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. तेजपाल सिंह जादौन ने बताया कि चूँकि बच्ची ने सुबह खाना खाया था, इसलिए तत्काल बेहोश कर ऑपरेशन करना संभव नहीं था। शाम करीब 6 बजे दूरबीन विधि का उपयोग कर सफल ऑपरेशन किया गया और सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और उसे आगे के उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। डॉ. जादौन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे छोटे बच्चों को सिक्के या अन्य कोई भी छोटी वस्तुएँ खेलने के लिए न दें, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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    शाजापुर में ढाई साल की एक बच्ची के गले में फंसा पाँच रुपये का सिक्का दूरबीन ऑपरेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। बच्ची की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

यह घटना शाजापुर के ज्योति नगर निवासी आईजा अंसारी नामक ढाई साल की बच्ची के साथ हुई। परिजनों ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह परिवार के सदस्य छत पर थे, जबकि बच्ची नीचे खेल रही थी। खेलते समय ही उसने गलती से पाँच रुपये का सिक्का मुँह में डाल लिया, जिससे वह उसके गले में अटक गया। सिक्का गले में फँसने के बाद बच्ची को साँस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में की गई एक्स-रे जाँच में बच्ची के गले में सिक्का फँसा हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

अस्पताल में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. तेजपाल सिंह जादौन ने बताया कि चूँकि बच्ची ने सुबह खाना खाया था, इसलिए तत्काल बेहोश कर ऑपरेशन करना संभव नहीं था। शाम करीब 6 बजे दूरबीन विधि का उपयोग कर सफल ऑपरेशन किया गया और सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और उसे आगे के उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। डॉ. जादौन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे छोटे बच्चों को सिक्के या अन्य कोई भी छोटी वस्तुएँ खेलने के लिए न दें, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    user_Govind kumbhkar
    Govind kumbhkar
    पत्रकार शाजापुर, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश की राजधानी इंदौर के नगर निगम पर गंभीर आरोप लगे हैं, जहाँ जनता को पीने का पानी उपलब्ध कराने में विफल रहने के बावजूद, विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। यह घटना इंदौर के पालदा क्षेत्र की है, जहाँ पानी के भीषण संकट से परेशान होकर स्थानीय रहवासी और पार्षद कुणाल सोलंकी सड़क पर उतर आए थे। आरोप है कि प्रशासन ने लोगों की समस्या हल करने के लिए पानी के टैंकर भेजने के बजाय, प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें करने वाली गाड़ियाँ तैनात कर दीं। इस कार्रवाई पर प्रशासन से सीधा सवाल किया गया है कि यदि उनके पास वाटर कैनन में भरने के लिए हजारों लीटर पानी उपलब्ध है, तो वही पानी पालदा की प्यासी जनता के घरों तक क्यों नहीं पहुँचाया जा रहा है। प्रशासन को जनता को डराना बंद करने और अगर उनमें दम है तो उनके खाली नलों में पानी लाकर दिखाने की चुनौती दी गई है।
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    मध्य प्रदेश की राजधानी इंदौर के नगर निगम पर गंभीर आरोप लगे हैं, जहाँ जनता को पीने का पानी उपलब्ध कराने में विफल रहने के बावजूद, विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

यह घटना इंदौर के पालदा क्षेत्र की है, जहाँ पानी के भीषण संकट से परेशान होकर स्थानीय रहवासी और पार्षद कुणाल सोलंकी सड़क पर उतर आए थे। आरोप है कि प्रशासन ने लोगों की समस्या हल करने के लिए पानी के टैंकर भेजने के बजाय, प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें करने वाली गाड़ियाँ तैनात कर दीं। इस कार्रवाई पर प्रशासन से सीधा सवाल किया गया है कि यदि उनके पास वाटर कैनन में भरने के लिए हजारों लीटर पानी उपलब्ध है, तो वही पानी पालदा की प्यासी जनता के घरों तक क्यों नहीं पहुँचाया जा रहा है। प्रशासन को जनता को डराना बंद करने और अगर उनमें दम है तो उनके खाली नलों में पानी लाकर दिखाने की चुनौती दी गई है।
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शाजापुर जिले के मक्सी नगर में गंभीर जल संकट को लेकर सोमवार को जनता का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की भारी किल्लत से परेशान नागरिकों की आवाज़ उठाते हुए, ब्लॉक कांग्रेस ने नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया और उसका घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सिर पर खाली मटके रखकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित प्रदर्शनकारी और महिलाएं नारेबाजी करते हुए सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुँच गईं। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़ महिलाओं ने परिषद के मुख्य द्वार पर ही अपने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के दावों की भी पोल खुलती नज़र आई, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस के जवान मुस्तैदी दिखाने के बजाय केवल 'झांकीबाजी' करते दिखे। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिससे काफी देर तक मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में, मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
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    शाजापुर जिले के मक्सी नगर में गंभीर जल संकट को लेकर सोमवार को जनता का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की भारी किल्लत से परेशान नागरिकों की आवाज़ उठाते हुए, ब्लॉक कांग्रेस ने नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया और उसका घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सिर पर खाली मटके रखकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आक्रोशित प्रदर्शनकारी और महिलाएं नारेबाजी करते हुए सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुँच गईं। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़ महिलाओं ने परिषद के मुख्य द्वार पर ही अपने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के दावों की भी पोल खुलती नज़र आई, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस के जवान मुस्तैदी दिखाने के बजाय केवल 'झांकीबाजी' करते दिखे। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिससे काफी देर तक मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

बाद में, मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
    user_Rajguru News
    Rajguru News
    Social Media Manager शाजापुर, शाजापुर, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भोपाल के रचना टॉवर में भीषण आग लग गई, जिससे पूरी बिल्डिंग में दहशत फैल गई। यह आग टॉवर की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी थी, जिसके कारण कई कारें और बाइकें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। आग लगने के बाद घटनास्थल से कई फीट ऊपर तक काला धुआं उठता देखा गया। इस भीषण अग्निकांड के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
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    भोपाल के रचना टॉवर में भीषण आग लग गई, जिससे पूरी बिल्डिंग में दहशत फैल गई। यह आग टॉवर की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में लगी थी, जिसके कारण कई कारें और बाइकें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। आग लगने के बाद घटनास्थल से कई फीट ऊपर तक काला धुआं उठता देखा गया। इस भीषण अग्निकांड के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
    user_K K D NEWS MP/CG
    K K D NEWS MP/CG
    TV News Anchor हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • तीन दिन पहले ग्राम पंचायत छिपानेर के चिचोट कुटी क्षेत्र में एक भालू के दिखाई देने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। आज, वन विभाग की टीम ने गोंदागांव खुर्द में घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद इस भालू का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए भालू का अब स्वास्थ्य चेकअप किया जाएगा, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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    तीन दिन पहले ग्राम पंचायत छिपानेर के चिचोट कुटी क्षेत्र में एक भालू के दिखाई देने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। आज, वन विभाग की टीम ने गोंदागांव खुर्द में घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद इस भालू का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए भालू का अब स्वास्थ्य चेकअप किया जाएगा, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
    user_Rajput
    Rajput
    Voice of people खातेगांव, देवास, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ बैटरी ऑटो यमदूत का रूप ले रहे हैं। लगातार ऐसी घटनाएँ देखी जा रही हैं कि बैटरी ऑटो में बैटरी और शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग रही है। बताया गया है कि गर्मी का तापमान इतना अधिक बढ़ गया है कि इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों में चलते-चलते ही आग पकड़ ले रही है। इन घटनाओं के मद्देनजर लोगों को सावधान और सतर्क रहने की अपील की गई है।
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    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ बैटरी ऑटो यमदूत का रूप ले रहे हैं। लगातार ऐसी घटनाएँ देखी जा रही हैं कि बैटरी ऑटो में बैटरी और शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग रही है। बताया गया है कि गर्मी का तापमान इतना अधिक बढ़ गया है कि इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों में चलते-चलते ही आग पकड़ ले रही है। इन घटनाओं के मद्देनजर लोगों को सावधान और सतर्क रहने की अपील की गई है।
    user_Naved khan
    Naved khan
    हुजूर, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • देवास में गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मीठा तालाब पर हुआ, जिसमें प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मीठा तालाब पर गंगा आरती भी की गई। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को सभी का दायित्व बताया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनके भरने से भूमिगत जल बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और यहाँ 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है। मंत्री सिलावट ने सभी से अनुरोध किया कि यह अभियान एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस महाअभियान के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने 'केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना', संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना की जानकारी देते हुए इन परियोजनाओं से होने वाले लाभों, जैसे सिंचाई का रकबा बढ़ना और पीने के पानी की उपलब्धता, पर प्रकाश डाला। अंत में, उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा हेतु नदियों, तालाबों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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    देवास में गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मीठा तालाब पर हुआ, जिसमें प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मीठा तालाब पर गंगा आरती भी की गई।

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को सभी का दायित्व बताया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनके भरने से भूमिगत जल बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और यहाँ 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है।

मंत्री सिलावट ने सभी से अनुरोध किया कि यह अभियान एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस महाअभियान के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने 'केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना', संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना की जानकारी देते हुए इन परियोजनाओं से होने वाले लाभों, जैसे सिंचाई का रकबा बढ़ना और पीने के पानी की उपलब्धता, पर प्रकाश डाला। अंत में, उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा हेतु नदियों, तालाबों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर बल दिया।
    user_Gourav Vyas
    Gourav Vyas
    Media and information sciences faculty देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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