शाजापुर में ढाई साल की एक बच्ची के गले में फंसा पाँच रुपये का सिक्का दूरबीन ऑपरेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। बच्ची की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। यह घटना शाजापुर के ज्योति नगर निवासी आईजा अंसारी नामक ढाई साल की बच्ची के साथ हुई। परिजनों ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह परिवार के सदस्य छत पर थे, जबकि बच्ची नीचे खेल रही थी। खेलते समय ही उसने गलती से पाँच रुपये का सिक्का मुँह में डाल लिया, जिससे वह उसके गले में अटक गया। सिक्का गले में फँसने के बाद बच्ची को साँस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में की गई एक्स-रे जाँच में बच्ची के गले में सिक्का फँसा हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अस्पताल में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. तेजपाल सिंह जादौन ने बताया कि चूँकि बच्ची ने सुबह खाना खाया था, इसलिए तत्काल बेहोश कर ऑपरेशन करना संभव नहीं था। शाम करीब 6 बजे दूरबीन विधि का उपयोग कर सफल ऑपरेशन किया गया और सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और उसे आगे के उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। डॉ. जादौन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे छोटे बच्चों को सिक्के या अन्य कोई भी छोटी वस्तुएँ खेलने के लिए न दें, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
शाजापुर में ढाई साल की एक बच्ची के गले में फंसा पाँच रुपये का सिक्का दूरबीन ऑपरेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। बच्ची की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। यह घटना शाजापुर के ज्योति नगर निवासी आईजा अंसारी नामक ढाई साल की बच्ची के साथ हुई। परिजनों ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह परिवार के सदस्य छत पर थे, जबकि बच्ची नीचे खेल रही थी। खेलते समय ही उसने गलती से पाँच रुपये का सिक्का मुँह में डाल लिया, जिससे वह उसके गले में अटक गया। सिक्का गले में फँसने के बाद बच्ची को साँस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में की गई एक्स-रे जाँच में बच्ची के गले में सिक्का फँसा हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अस्पताल में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. तेजपाल सिंह जादौन ने बताया कि चूँकि बच्ची ने सुबह खाना खाया था, इसलिए तत्काल बेहोश कर ऑपरेशन करना संभव नहीं था। शाम करीब 6 बजे दूरबीन विधि का उपयोग कर सफल ऑपरेशन किया गया और सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और उसे आगे के उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। डॉ. जादौन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे छोटे बच्चों को सिक्के या अन्य कोई भी छोटी वस्तुएँ खेलने के लिए न दें, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- शाजापुर में ढाई साल की एक बच्ची के गले में फंसा पाँच रुपये का सिक्का दूरबीन ऑपरेशन के माध्यम से सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है। बच्ची की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। यह घटना शाजापुर के ज्योति नगर निवासी आईजा अंसारी नामक ढाई साल की बच्ची के साथ हुई। परिजनों ने जानकारी दी कि सोमवार सुबह परिवार के सदस्य छत पर थे, जबकि बच्ची नीचे खेल रही थी। खेलते समय ही उसने गलती से पाँच रुपये का सिक्का मुँह में डाल लिया, जिससे वह उसके गले में अटक गया। सिक्का गले में फँसने के बाद बच्ची को साँस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में की गई एक्स-रे जाँच में बच्ची के गले में सिक्का फँसा हुआ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अस्पताल में तैनात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. तेजपाल सिंह जादौन ने बताया कि चूँकि बच्ची ने सुबह खाना खाया था, इसलिए तत्काल बेहोश कर ऑपरेशन करना संभव नहीं था। शाम करीब 6 बजे दूरबीन विधि का उपयोग कर सफल ऑपरेशन किया गया और सिक्का सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और उसे आगे के उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया है। डॉ. जादौन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे छोटे बच्चों को सिक्के या अन्य कोई भी छोटी वस्तुएँ खेलने के लिए न दें, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- शाजापुर जिले के मक्सी नगर में गंभीर जल संकट को लेकर सोमवार को जनता का गुस्सा फूट पड़ा। पानी की भारी किल्लत से परेशान नागरिकों की आवाज़ उठाते हुए, ब्लॉक कांग्रेस ने नगर परिषद कार्यालय के सामने एक विशाल धरना प्रदर्शन किया और उसका घेराव किया। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने सिर पर खाली मटके रखकर नगर परिषद और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित प्रदर्शनकारी और महिलाएं नारेबाजी करते हुए सीधे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुँच गईं। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज़ महिलाओं ने परिषद के मुख्य द्वार पर ही अपने खाली मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद के गेट पर ताला लगाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस के दावों की भी पोल खुलती नज़र आई, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस के जवान मुस्तैदी दिखाने के बजाय केवल 'झांकीबाजी' करते दिखे। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली और निष्क्रियता के कारण प्रदर्शनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया, जिससे काफी देर तक मौके पर भारी हंगामा और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बाद में, मौके पर पहुँचे तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।1
- देवास शहर में शादी के नाम पर ठगी का एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है, जहाँ क्लब ग्राउंड पर 42 से ज़्यादा दूल्हे अपनी बारातें लेकर पहुँचे, लेकिन देर रात तक एक भी दुल्हन मौके पर नहीं आई। इस घटना के बाद सभी दूल्हों में भारी गुस्सा देखा गया। बताया जा रहा है कि विदिशा निवासी एक युवक ने कई लोगों से संपर्क कर शादी कराने का दावा किया था। उसने वादा किया था कि इंदौर के एक अनाथ आश्रम से लड़कियाँ लाकर सभी की शादी करवाई जाएगी। इस दावे के बदले आरोपी ने दूल्हों और उनके परिवारों से हजारों से लेकर लाखों रुपए तक की ठगी की। तय तारीख पर, सभी दूल्हे सेहरा बांधकर और अपने रिश्तेदारों के साथ क्लब ग्राउंड पहुँचे। मंडप सजाया गया और बारातें तैयार थीं, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी दुल्हनों का कोई अता-पता नहीं चला। धीरे-धीरे लोगों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद मौके पर ज़ोरदार हंगामा हुआ। पीड़ितों ने आरोपी पर शादी के नाम पर लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई और पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें एक साथ इतने सारे दूल्हों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है। इस घटना को लेकर कहा गया, “बारात तैयार थी, सेहरे सज चुके थे… लेकिन देवास में 42 दूल्हों की जिंदगी का सबसे बड़ा सपना उस वक्त टूट गया, जब शादी कराने का दावा करने वाला शख्स दुल्हनों समेत गायब हो गया।”1
- दतिया में कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के संचालन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपियों की पहचान अनुभव शर्मा और कप्तान वाल्मीकि के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन, 27 सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की गई है। इन आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 281/2026 के अंतर्गत विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये का लेनदेन कर सट्टे का संचालन कर रहे थे। फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ जारी है और ऑनलाइन लेनदेन के साथ-साथ इस मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है।1
- गंगा दशमी के अवसर पर आगर मालवा में जल संरक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, मंत्री इंदरसिंह परमार ने भी श्रमदान कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।1
- देवास में गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मीठा तालाब पर हुआ, जिसमें प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मीठा तालाब पर गंगा आरती भी की गई। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को सभी का दायित्व बताया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनके भरने से भूमिगत जल बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और यहाँ 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है। मंत्री सिलावट ने सभी से अनुरोध किया कि यह अभियान एक जन आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश इस महाअभियान के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने 'केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना', संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना की जानकारी देते हुए इन परियोजनाओं से होने वाले लाभों, जैसे सिंचाई का रकबा बढ़ना और पीने के पानी की उपलब्धता, पर प्रकाश डाला। अंत में, उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा हेतु नदियों, तालाबों के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले हर छोटे-बड़े अतिक्रमण को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर बल दिया।1
- मध्यप्रदेश के कालापीपल में बढ़ती महंगाई, लगातार बिजली कटौती और पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रही वृद्धि के विरोध में एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इन प्रमुख जन-मुद्दों पर अपना गहरा आक्रोश व्यक्त किया, सवाल उठाया कि जनता आखिर कब तक ऐसी समस्याओं का सामना करती रहेगी।1
- शाजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, जिससे परेशान होकर ग्रामीणों का सब्र आज टूट गया। भीषण गर्मी और बार-बार कटती बिजली से आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर सलसलाई विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब वे अपनी शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं था। अधिकारियों की इस लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने कार्यालय के भीतर ही धरना दे दिया और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घेराव और हंगामे की सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद कनिष्ठ यंत्री प्रवीण कुशवाह कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही अघोषित और मनमानी बिजली कटौती को तुरंत बंद किया जाए और सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली की इस गंभीर समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत मंडल और प्रशासन की होगी।1