गैस सिलेंडर की लाइन में लगी 10 साल की बच्ची बेहोश संग्रामपुर । ब्लॉक मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर पहले स्थित मां कालिका मैरिज लॉन पर रसोई गैस लेने के लिए पर्ची कटवाने के लिए कतार में खड़ी 10 वर्षीय पारुल अग्रहरि अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। बताया जा रहा है कि पारुल सुबह से ही लाइन में खड़ी थी। तेज धूप, उमस और भीड़ के बीच वह घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रही। लंबे समय तक खड़े रहने और थकान के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी। बच्ची के गिरते ही मौके पर मौजूद पिता गल्लामंडी निवासी विनय अग्रहरि अपनी बेटी को लाइन से अगल कर पानी पिलाया और होश में लाने का प्रयास किया।पिता एक तरफ गैस लिए लाइन में लगे की बेटी को अस्पताल ले जाए काफी देर असमंजस में पड़े रहे। क्यों कि 366 सिलिंडर की पहली खेप 12:15 पर मैरिज लॉन पहुंची थी। जहां करीब 400 से 500 लोगों की भीड़ गैस लेने के लिए उमड़ी थी। पूर्ति निरीक्षक शुभम सिंह ने वितरण स्थल का निरीक्षण कर बताया कि गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डीएसी कोड देने पर यहां पर आए हुए सभी लोगों को गैस दी जा रही है।
गैस सिलेंडर की लाइन में लगी 10 साल की बच्ची बेहोश संग्रामपुर । ब्लॉक मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर पहले स्थित मां कालिका मैरिज लॉन पर रसोई गैस लेने के लिए पर्ची कटवाने के लिए कतार में खड़ी 10 वर्षीय पारुल अग्रहरि अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। बताया जा रहा है कि पारुल
सुबह से ही लाइन में खड़ी थी। तेज धूप, उमस और भीड़ के बीच वह घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रही। लंबे समय तक खड़े रहने और थकान के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी। बच्ची के गिरते ही मौके पर मौजूद पिता
गल्लामंडी निवासी विनय अग्रहरि अपनी बेटी को लाइन से अगल कर पानी पिलाया और होश में लाने का प्रयास किया।पिता एक तरफ गैस लिए लाइन में लगे की बेटी को अस्पताल ले जाए काफी देर असमंजस में पड़े रहे। क्यों कि 366 सिलिंडर की पहली खेप 12:15 पर मैरिज लॉन पहुंची
थी। जहां करीब 400 से 500 लोगों की भीड़ गैस लेने के लिए उमड़ी थी। पूर्ति निरीक्षक शुभम सिंह ने वितरण स्थल का निरीक्षण कर बताया कि गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डीएसी कोड देने पर यहां पर आए हुए सभी लोगों को गैस दी जा रही है।
- संग्रामपुर । ब्लॉक मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर पहले स्थित मां कालिका मैरिज लॉन पर रसोई गैस लेने के लिए पर्ची कटवाने के लिए कतार में खड़ी 10 वर्षीय पारुल अग्रहरि अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। बताया जा रहा है कि पारुल सुबह से ही लाइन में खड़ी थी। तेज धूप, उमस और भीड़ के बीच वह घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रही। लंबे समय तक खड़े रहने और थकान के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी। बच्ची के गिरते ही मौके पर मौजूद पिता गल्लामंडी निवासी विनय अग्रहरि अपनी बेटी को लाइन से अगल कर पानी पिलाया और होश में लाने का प्रयास किया।पिता एक तरफ गैस लिए लाइन में लगे की बेटी को अस्पताल ले जाए काफी देर असमंजस में पड़े रहे। क्यों कि 366 सिलिंडर की पहली खेप 12:15 पर मैरिज लॉन पहुंची थी। जहां करीब 400 से 500 लोगों की भीड़ गैस लेने के लिए उमड़ी थी। पूर्ति निरीक्षक शुभम सिंह ने वितरण स्थल का निरीक्षण कर बताया कि गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डीएसी कोड देने पर यहां पर आए हुए सभी लोगों को गैस दी जा रही है।4
- अमेठी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर ऐसा बवाल भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षित सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। शिकायत मिलते ही एसडीएम आशीष सिंह पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से बन रहा चबूतरा हटवा दिया। लेकिन प्रशासन के लौटते ही हालात पलट गए। ग्रामीणों ने दोबारा उसी जगह पर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलते ही जब पुलिस फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने अचानक मोर्चा खोल दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा बन गया। हालात बेकाबू होते देख पीपरपुर, संग्रामपुर और रामगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर उतार दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया, लेकिन गांव में अब भी तनाव चरम पर है। इस हिंसक बवाल में पुलिस ने 6 नामजद समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी खंगाली जा रही है। आरोपियों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं। सबसे बड़ी बात — डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले भड़की इस घटना ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। क्या ये महज जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश? क्या जयंती से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश? फिलहाल अमेठी में हालात बेहद संवेदनशील हैं, पुलिस हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।4
- अमेठी। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। मौके पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे और सार्वजनिक भूमि से प्रतिमा हटवाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उग्र होकर पुलिस और राजस्व टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव में प्रभारी निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। अचानक बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। मामले में लेखपाल की तहरीर पर थाना रामगंज में 19 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रव में शामिल 9 आरोपियों—रमेश यादव, ब्रजेश यादव, विजयशंकर यादव, विजय कुमार उर्फ मुन्ना, अखिलेश कुमार कोरी, सूरज कुमार (पुत्र कल्लूराम), सूरज कुमार (पुत्र कमलेश कुमार, निवासी प्रतापगढ़), जगन्नाथ और उमेश कुमार—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।1
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- थाना नवाबगंज में पंजीकृत हत्या के अभियोग से संबंधित 50000/- रुपये के ईनामिया 01 अभियुक्त परमेश कुमार पटेल को किया गया गिरफ्तार-इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कुण्डा अमरनाथ गुप्ता ने क्या कुछ कहा देखें।1
- लोकेशन - कौशाम्बी यूपी रिपोर्टर - राकेश साहू Slug - रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में मूट कोर्ट हुई आयोजित Anchor - कौशाम्बी करारी में रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में विधि के छात्रों के लिए मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई।कॉलेज में एलएलबी के छठवें सेमेस्टर और बीए एलएलबी के दसवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने इस मूट कोर्ट में भाग लिया। इस दौरान छात्रों ने एससी-एसटी एक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बहस कर अपनी कानूनी समझ का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को वकालत के नियम, कोर्ट की प्रक्रिया और पेशे से जुड़ी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।वहीं कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद ज़फ़र ने भी छात्रों को कानून की गहराई और उसके सही उपयोग को लेकर मार्गदर्शन दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे ने कहा मूट कोर्ट छात्रों के लिए बहुत जरूरी है। इससे उन्हें कोर्ट की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का मौका मिलता है और उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है।” प्राचार्य मोहम्मद ज़फर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल करें ताकि वे भविष्य में एक सफल अधिवक्ता बन सकें। इस अवसर पर दीपक चतुर्वेदी, एजाज़ अहमद, अजय कुमार, डॉ. अतुल कुमार पाल, महविश तलत, आरिफ सैयद, संगीता कपाड़िया, ज़किया सुल्ताना, मनोज पाण्डेय और आलोक श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई,शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।3