सद्भावना चौक में महिला की नृशंस हत्या के मामले में फरार आरोपी ‘पांडा’ उर्फ मिथुन पर IG ने घोषित किया 30 हजार का इनाम… अंबिकापुर। जिला मुख्यालय के रिंग रोड स्थित सद्भावना चौक के पास पिछले दिनों हुई महिला की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी है। घटना के बाद से ही पुलिस की विभिन्न टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी कर रही हैं। इसी क्रम में मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) दीपक झा ने आरोपी की सूचना देने वाले के लिए 30,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। विदित हो कि दिनांक 03 अप्रैल 2026 की सुबह कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि सद्भावना चौक के निकट एक मटन दुकान के शेड (झाला) में एक अज्ञात महिला का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम और साइबर सेल ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। मृतिका के शरीर पर चोट के निशान और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना और थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 217/2026 के तहत बीएनएस की धारा 64(2) एवं 103(1) के अंतर्गत केस दर्ज किया गया। CCTV फुटेज से हुई मुख्य संदिग्ध की पहचान विवेचना के दौरान पुलिस ने शहर के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिसमें एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। फुटेज में 3 अप्रैल की दरम्यानी रात मृतिका और आरोपी एक साथ घटनास्थल की ओर जाते दिखे थे। जांच में आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी और मृतिका दोनों ही अंबिकापुर में कबाड़ बीनने का काम करते थे और खानाबदोश की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। वारदात के बाद आरोपी का भागने का रास्ता सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण से पुलिस ने आरोपी के भागने के रूट का पता लगा लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तड़के 05:30 बजे समलाया मंदिर की ओर देखा गया। इसके बाद वह गांधी चौक और प्रतापपुर चौक होते हुए विशुनपुर के रास्ते रेलवे स्टेशन पहुँचा। आखिरी बार उसे 3 अप्रैल की सुबह 11:03 बजे अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास देखा गया, जहाँ से वह पैदल ही पिलखा पहाड़ और विश्रामपुर की ओर निकल गया। इनाम की घोषणा और पुलिस की अपील आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसके चलते पुलिस ने उसका हुलिया सार्वजनिक कर दिया है। संदिग्ध आरोपी पांडा उर्फ मिथुन सांवले रंग का है, उसका कद लगभग 5 फीट 4 इंच है और वह लंबे घुंघराले बाल व काली दाढ़ी-मूंछ रखता है। फरार होते समय उसने हल्के बैंगनी रंग की टी-शर्ट और काले रंग का पैंट पहना हुआ था। IG दीपक झा ने कहा है कि जो भी व्यक्ति इस हत्यारे को पकड़वाने में पुलिस की मदद करेगा, उसे 30,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि यह संदिग्ध व्यक्ति कहीं भी दिखाई दे, तो तत्काल निम्नलिखित नंबरों पर सूचना दें: पुलिस अधीक्षक, सरगुजा: 94791-93501 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: 94791-93502 कंट्रोल रूम: 94791-93599 थाना प्रभारी, कोतवाली 94791-93508
सद्भावना चौक में महिला की नृशंस हत्या के मामले में फरार आरोपी ‘पांडा’ उर्फ मिथुन पर IG ने घोषित किया 30 हजार का इनाम… अंबिकापुर। जिला मुख्यालय के रिंग रोड स्थित सद्भावना चौक के पास पिछले दिनों हुई महिला की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी है। घटना के बाद से ही पुलिस की विभिन्न टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी कर रही हैं। इसी क्रम में मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) दीपक झा ने आरोपी की सूचना देने वाले के लिए 30,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। विदित हो कि दिनांक 03 अप्रैल 2026 की सुबह कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि सद्भावना चौक के निकट एक मटन दुकान के शेड (झाला) में एक अज्ञात महिला का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में फॉरेंसिक टीम और साइबर सेल ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। मृतिका के शरीर पर चोट के निशान और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना और थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 217/2026 के तहत बीएनएस की धारा 64(2) एवं 103(1) के अंतर्गत केस दर्ज किया गया। CCTV फुटेज से हुई मुख्य संदिग्ध की पहचान विवेचना के दौरान पुलिस ने शहर के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिसमें एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा। फुटेज में 3 अप्रैल की दरम्यानी रात मृतिका और आरोपी एक साथ घटनास्थल की ओर जाते दिखे थे। जांच में आरोपी की पहचान पांडा उर्फ मिथुन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी और मृतिका दोनों ही अंबिकापुर में कबाड़ बीनने का काम करते थे और खानाबदोश की तरह जीवन व्यतीत कर रहे थे। वारदात के बाद आरोपी का भागने का रास्ता सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण से पुलिस ने आरोपी के भागने के रूट का पता लगा लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तड़के 05:30 बजे समलाया मंदिर की ओर देखा गया। इसके बाद वह गांधी चौक और प्रतापपुर चौक होते हुए विशुनपुर के रास्ते रेलवे स्टेशन पहुँचा। आखिरी बार उसे 3 अप्रैल की सुबह 11:03 बजे अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के पास देखा गया, जहाँ से वह पैदल ही पिलखा पहाड़ और विश्रामपुर की ओर निकल गया। इनाम की घोषणा और पुलिस की अपील आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसके चलते पुलिस ने उसका हुलिया सार्वजनिक कर दिया है। संदिग्ध आरोपी पांडा उर्फ मिथुन सांवले रंग का है, उसका कद लगभग 5 फीट 4 इंच है और वह लंबे घुंघराले बाल व काली दाढ़ी-मूंछ रखता है। फरार होते समय उसने हल्के बैंगनी रंग की टी-शर्ट और काले रंग का पैंट पहना हुआ था। IG दीपक झा ने कहा है कि जो भी व्यक्ति इस हत्यारे को पकड़वाने में पुलिस की मदद करेगा, उसे 30,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा और उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि यह संदिग्ध व्यक्ति कहीं भी दिखाई दे, तो तत्काल निम्नलिखित नंबरों पर सूचना दें: पुलिस अधीक्षक, सरगुजा: 94791-93501 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: 94791-93502 कंट्रोल रूम: 94791-93599 थाना प्रभारी, कोतवाली 94791-93508
- Post by Ratan Choudhry1
- बलरामपुर। जिले में एक किसान ने न्याय मिलने की खुशी अनोखे तरीके से मनाई। हाई कोर्ट के आदेश के बाद किसान राजदेव मिंज रविवार को बैंड-बाजे और ग्रामीणों के साथ नाचते-गाते धान बेचने खरीदी केंद्र पहुंचे। किसान का धान प्रशासनिक प्रक्रिया में फंस गया था और समय पर टोकन नहीं कटने के कारण उसकी फसल सरकारी खरीदी में नहीं बिक पाई थी। बाद में किसान ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उसे राहत मिली। जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर चित विश्रामपुर पंचायत निवासी किसान राजदेव मिंज का करीब 524 बोरा धान ऑनलाइन टोकन नहीं कट पाने के कारण निर्धारित समय में सरकारी खरीदी केंद्र में नहीं बिक पाया था। किसान का आरोप है कि वह कई बार अपने भाइयों के साथ धान खरीदी केंद्र टोकन कटवाने पहुंचा, लेकिन उनका टोकन नहीं काटा गया। यहां तक कि उनका आवेदन भी नहीं लिया गया और यह कहकर लौटा दिया गया कि खरीदी की लिमिट खत्म हो चुकी है। किसान ने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन वहां से सिर्फ आश्वासन ही मिला। अंततः परेशान होकर किसान ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद माननीय हाई कोर्ट ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को धान खरीदी कराने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को किसान राजदेव मिंज अपने गांव के लोगों के साथ ट्रैक्टर में धान लोड कर बैंड-बाजे के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। न्याय मिलने की खुशी में किसान और ग्रामीण बैंड की धुन पर नाचते-गाते हुए खरीदी केंद्र तक पहुंचे और वहां धान की तौल कराकर समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेची। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और किसान का समर्थन किया। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे किसान विरोधी सरकार बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का यह फैसला प्रदेश के किसानों की जीत है। धान खरीदी केंद्र में किसान के जश्न को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। न्याय मिलने की खुशी में किसान और उसके समर्थकों ने बैंड-बाजे के साथ जश्न मनाया और अपनी फसल की तौल कराई।1
- बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत ग्राम इदरीकला के ग्रामीण आज भी मूलभूत योजना जैसे हक के लिए वांछित है चुनाव के दौरान नेता मंत्री आते हैं और आश्वासन के पुल बांधते हैं लेकिन चुनाव खत्म होते ही सारे आश्वासन ठंडा बस्ते में चला जाता है आखिर कौन है इसका इदरीकला के ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन शॉप कर न्याय गुहार लगा रहे हैं1
- Post by Shoaib Siddiqui1
- एमसीबी जिले के खड़गवा के जड़हरी ग्राम पंचायत में बन रहे प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सड़क की हाल बदहाल की दिनों में सड़क उखाड़ने लगी ग्रामीणों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर लगाया आरोप1
- चिरमिरी पानी की लगातार हो रही किल्लत से परेशान वार्ड वासी उतरे सड़क पर किया चक्का जाम हजारों की संख्या में वार्ड वासी लग रहे नारा1
- Post by Anjit Ekka Vlogs1
- .लोकतंत्र में चुनाव विकास के वादे लेकर आता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक गांव ऐसा भी है जहाँ आज भी 'विकास कच्ची सड़क की शक्ल नहीं देख पाया है। हम बात कर रहे हैं बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत इदरीकला के जगह का नाम नावापारा है जहाँ ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं। बीओ01.....बलरामपुर कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे ये लोग नावापारा के ग्रामीण हैं। इनका आरोप है कि बरसात के दिनों में इनका संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता है। स्थिति इतनी ख़राब है कि किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि खाट' का सहारा लेना पड़ता है। अपनों की गांव मे किसी की मैयत' हो जाने पर भी शव को ले जाना किसी जंग जीतने जैसा होता है बरसात में संपर्क पूरी तरह बंद होजाता बारिश शुरू होते ही सड़क की जगह सिर्फ कीचड़ बचता है।इलाज का अभाव एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, मरीजों को खाट पर ढोना मजबूरी खेतों की मेढ़ का सहारा मुख्य रास्ता बंद होने पर ग्रामीण खेतों की मेढ़ से जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर।नेताओं की वादाखिलाफी चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे, लेकिन जीत के बाद सब 'ठंडे बस्ते चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर आते हैं, रोड बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई शक्ल तक नहीं दिखाता। गर्मी में तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, पर बरसात में हम कैद हो जाते हैं। हमने आज कलेक्टर साहब को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सड़क के साथ-साथ पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की भी जांच हो। बाइट1
- Post by Manoj shrivastav1