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मऊ-आजमगढ़ मार्ग पर सड़क किनारे बना खुला नाला राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। मार्ग पर कई स्थानों पर नाले को ढकने वाली पटिया या तो लगाई ही नहीं गई है, या फिर टूट चुकी है। इसके चलते पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए दुर्घटना का अंदेशा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति को सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते खुले नाले को मजबूत पटियों से ढका नहीं गया, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द नई पटिया लगवाने और नाले को सुरक्षित करने की मांग की है।
नवोदय वार्ता
मऊ-आजमगढ़ मार्ग पर सड़क किनारे बना खुला नाला राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। मार्ग पर कई स्थानों पर नाले को ढकने वाली पटिया या तो लगाई ही नहीं गई है, या फिर टूट चुकी है। इसके चलते पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए दुर्घटना का अंदेशा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति को सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते खुले नाले को मजबूत पटियों से ढका नहीं गया, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द नई पटिया लगवाने और नाले को सुरक्षित करने की मांग की है।
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- मऊ-आजमगढ़ मार्ग पर सड़क किनारे बना खुला नाला राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। मार्ग पर कई स्थानों पर नाले को ढकने वाली पटिया या तो लगाई ही नहीं गई है, या फिर टूट चुकी है। इसके चलते पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के लिए दुर्घटना का अंदेशा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति को सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते खुले नाले को मजबूत पटियों से ढका नहीं गया, तो कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द नई पटिया लगवाने और नाले को सुरक्षित करने की मांग की है।1
- आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में हकीकतपुरा स्थित जिला कार्यालय से डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा तक एक कैंडल मार्च निकाला। यह आयोजन NEET पेपर लीक प्रकरण में जान गंवाने वाले 22 छात्रों को श्रद्धांजलि देने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। मार्च के बाद अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर एक सभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ हुए इस गंभीर खिलवाड़ ने पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की मेहनत, विश्वास और सपनों के साथ अन्याय करार दिया। आम आदमी पार्टी ने दिवंगत छात्रों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई और न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।4
- नीट-यूजी परीक्षा गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों पर भीम आर्मी तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रव्यापी आंदोलन और चौतरफा राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से लेकर राजधानी दिल्ली तक भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेराव और अनिश्चितकालीन धरने आयोजित किए थे। लगातार बढ़ते जनाक्रोश और छात्रों के व्यापक आंदोलन को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि युवाओं का विश्वास और देश की शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए वे यह कदम उठा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा था। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे "छात्र शक्ति और जन-आंदोलन की बड़ी जीत" करार दिया। वहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि यह इस्तीफा आंदोलन की पहली सफलता है और जब तक देश के करोड़ों छात्रों व वंचित समाज के युवाओं को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता तथा पूरी परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।4
- Post by SONI DEVI1
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- बलिया के रसड़ा क्षेत्र में खड़सरा-सरायभारती PWD सड़क बेहद जर्जर स्थिति में पहुँच चुकी है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति से लगातार हो रही परेशानियों के विरोध में ग्रामीणों ने अब उपजिलाधिकारी (SDM) को पत्रक सौंपकर अपनी माँग दर्ज कराने का निर्णय लिया है।1
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